प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत के सुभाषितम् को साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि देश के युवा ज्ञान को आत्मसात कर, नए कौशल विकसित करके और स्वस्थ जीवन को प्राथमिकता देते हुए भारत के भविष्य को आकार देने में एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभर रहे हैं। ये गुण न केवल व्यक्तियों को सशक्त बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-
“धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्।
लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।।”
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से हर संकल्प को सिद्धि मिलती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर देश की पहचान को और सशक्त बना रहे हैं।
धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्।
लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।।
विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से हर संकल्प को सिद्धि मिलती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर देश की पहचान को और सशक्त बना रहे हैं।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 15, 2026
धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्।
लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।। pic.twitter.com/PAdc1EH63L


