Excellencies,

नमस्कार!

सबसे पहले मैं राष्ट्रपति रामाफोसा को G20 समिट के शानदार आयोजन और सफल अध्यक्षता के लिए बधाई देता हूँ।

साउथ अफ्रीका की अध्यक्षता में, स्किल्ड माइग्रेशन, टूरिज्म, फूड सिक्योरिटी, AI, डिजिटल इकॉनॉमी, इनोवेशन और women empowerment जैसे विषयों पर प्रशंसनीय काम हुआ है।

नई दिल्ली G-20 समिट में जो ऐतिहासिक initiatives लिए गए थे, उनको यहां आगे बढ़ाया गया है।

Friends,

पिछले कई दशकों में, G20 ने global finance और Global economic growth को दिशा दी है। लेकिन ग्रोथ के जिन पैरामीटर्स पर अबतक काम हुआ है, उनके कारण बहुत बड़ी आबादी resources से वंचित रह गई है। साथ ही, nature के over-exploitation को भी बढ़ावा मिला है। अफ्रीका इसका बहुत बड़ा भुक्तभोगी है। आज जब अफ्रीका पहली बार G20 समिट की मेजबानी कर रहा है, तो यहां हमें विकास के पैरामीटर्स पर फिर से विचार करना चाहिए।

इसका एक रास्ता भारत की civilizational values में है। और वो रास्ता Integral Humanism का है। यानि हमें human, society और nature को एक integrated whole के रूप में देखना होगा। तभी प्रगति और प्रकृति के बीच, हार्मनी संभव हो पाएगी।

Friends,

दुनिया में ऐसी कई communities हैं, जिन्होंने अपने traditional और eco-balanced lifestyle को संभाल कर रखा है। इन परंपराओं में sustainability तो दिखती ही है, साथ ही इनमें, सांस्कृतिक ज्ञान, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति गहरे सम्मान के भी दर्शन होते हैं।

भारत का प्रस्ताव है, कि G20 के तहत एक Global Traditional Knowledge Repository बनाई जाए। भारत का जो, Indian Knowledge Systems initiative है, वो इसका आधार बन सकता है। यह global platform, मानवता के collective wisdom को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेगा।

Friends,

अफ्रीका के विकास और अफ्रीका के यंग टैलेंट को सक्षम बनाना, ये पूरी दुनिया के हित में है। इसलिए भारत, G20-Africa Skills Multiplier initiative का प्रस्ताव रखता है। ये अलग-अलग सेक्टर्स के लिए, "ट्रेन-द-ट्रेनर्स” मॉडल के तहत चल सकता है। और G20 के सभी पार्टनर इसको फाइनांस कर सकते हैं, सपोर्ट कर सकते हैं।

हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि अगले एक दशक में, अफ़्रीका में वन मिलियन सर्टिफाइड ट्रेनर तैयार हों। ये ट्रेनर, आगे चलकर करोड़ों स्किल्ड युवा तैयार करेंगे। यह एक ऐसी पहल होगी जिसका मलटीप्लाइअर इफेक्ट होगा। इससे लोकल कैपेसिटी का निर्माण होगा, और अफ़्रीका की longterm development को बल मिलेगा।

Friends,

Health emergencies और नैचुरल डिज़ास्टर्स के संकट से निपटना भी हमारा सामूहिक दायित्व है। इसलिए, भारत का प्रस्ताव है कि G20 Global Healthcare Response टीम का गठन हो। इसमें G20 देशों के प्रशिक्षित मेडिकल विशेषज्ञ हों। ये टीम, किसी भी global health crisis या प्राकृतिक आपदा के समय तेज़ी से तैनाती के लिए तैयार रहे।

Friends,

एक और बड़ा विषय Drug trafficking का है। विशेषकर फेंटेनिल जैसे अत्यंत घातक ड्रग्स, तेजी से फैल रहे हैं। ये पब्लिक हेल्थ, सोशल स्टेबिलिटी और ग्लोबल सिक्योरिटी के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। ये टैररिज्म को फाइनांस करने का भी एक बड़ा माध्यम है।

इस वैश्विक खतरे का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए भारत, G20 Initiative on Countering the Drug–Terror Nexus का प्रस्ताव रखता है। इसके तहत हम- फाइनांस, गवर्नेंस और सिक्योरिटी से जुड़े अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स को एक साथ ला सकते हैं। तभी ड्रग-टैरर इकोनॉमी को कमज़ोर किया जा सकता है।

Friends,

भारत-अफ्रीका solidarity हमेशा से मज़बूत रही है। नई दिल्ली समिट के दौरान अफ्रीकन यूनियन का, इस ग्रुप का स्थाई सदस्य बनना एक बहुत बड़ा initiative था। अब ये आवश्यक है कि इस स्पिरिट का विस्तार G20 से भी आगे हो। सभी वैश्विक संस्थाओं में ग्लोबल साउथ की आवाज और बुलंद हो, इसके लिए हमें मिलकर प्रयास करना चाहिए।

बहुत- बहुत धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में आत्मनिर्भरता और नवाचार के बल पर भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए परिवर्तन का उल्लेख किया
June 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले एक दशक में भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन को रेखांकित किया है।

श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित भारत की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा परिवर्तन आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति आत्मनिर्भरता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर भारत का प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा;

"आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित, भारत की रक्षा क्षमताओं में पिछले दशक में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला है।"

यह श्रृंखला पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति की एक झलक प्रस्तुत करता है।

#12YearsOfSurakshitBharat

"यह श्रृंखला बताती है कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को कैसे मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को कैसे आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार कैसे बनाया है।"

#12YearsOfSurakshitBharat