मैं नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की पांच दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं।

महामहिम राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू के निमंत्रण पर, यह नाइजीरिया की मेरी पहली यात्रा होगी। यह पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्र में हमारा करीबी साझेदार है। मेरी यह यात्रा लोकतंत्र और बहुलवाद में साझा विश्वास पर आधारित हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का एक अवसर होगी। मैं नाइजीरिया के भारतीय समुदाय और मित्रों से भेंट होने की भी बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा हूं, उन्होंने मुझे हिंदी में हदयस्पर्शी स्वागत संदेश भेजे हैं।

ब्राजील में, मैं ट्रोइका सदस्य के रूप में 19वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। पिछले वर्ष, भारत की सफल अध्यक्षता ने जी-20 को लोगों के जी-20 में बदल दिया और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को अपने एजेंडे की मुख्यधारा में शामिल किया। इस वर्ष, ब्राजील ने भारत की विरासत को आगे बढ़ाया है। मैं "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" के हमारे दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए सार्थक चर्चाओं के प्रति आशान्वित हूं। मैं कई अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करने के अवसरों का भी सृजनात्मक उपयोग करने का इच्छुक हूँ।

महामहिम राष्ट्रपति मोहम्मद इरफ़ान अली के निमंत्रण पर गुयाना की मेरी यात्रा, 50 वर्षों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। हम अपने शानदार संबंधों को रणनीतिक दिशा देने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, यह हमारी साझा विरासत, संस्कृति और मूल्यों पर आधारित हैं। मैं 185 वर्ष से भी अधिक समय पहले प्रवास करने वाले सबसे पुराने भारतीय प्रवासियों के प्रति भी अपना सम्मान अर्पित करूंगा और उनकी संसद में अपने संबोधन के साथ इस साथी लोकतंत्र से भी जुड़ाव बनाऊंगा।

इस यात्रा के दौरान, मैं कैरेबियाई साझेदार देशों के नेताओं के साथ दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भी भाग लूंगा। हम हर कठिन समय में एक साथ खड़े रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन हमें अपने ऐतिहासिक संबंधों को नवीनीकृत करने और नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।