'सीएजी बनाम सरकार' की मानसिकता बदल गई है; आज लेखा-परीक्षण को मूल्य संवर्धन का अहम हिस्सा माना जा रहा है”
“हमने पूरी ईमानदारी के साथ पिछली सरकारों का सच देश के सामने रखा; हम समस्याओं को पहचानेंगे तभी तो समाधान तलाश कर पाएंगे”
“संपर्क रहित सीमा शुल्क, स्वचालित नवीनीकरण, व्यक्ति की उपस्थिति के बिना (फेसलेस) मूल्यांकन, सेवाओं की प्राप्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन; इन सभी सुधारों ने सरकार के गैर-जरूरी दखल को ख़त्म कर दिया है”
“आधुनिक प्रक्रियाओं को अपनाने से सीएजी में तेजी से बदलाव हुआ है; आज आप उन्नत विश्लेषण उपकरण, भू-स्थानिक डेटा और उपग्रह चित्र का उपयोग कर रहे हैं”
“21वीं सदी में आंकड़े ही सूचना है, और आने वाले समय में हमारा इतिहास भी आंकड़ों के जरिये ही देखा और समझा जायेगा; भविष्य में, आंकड़े ही इतिहास को दिशा दिखायेंगे”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पहले लेखा-परीक्षण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस कार्यक्रम में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक श्री गिरीश चंद्र मुर्मू भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सीएजी न केवल राष्ट्र के लेखा-खातों पर नज़र रखता है, बल्कि उत्पादकता और दक्षता में मूल्यवर्धन भी करता है, इसलिए लेखा-परीक्षण दिवस पर विचार-विमर्श और संबंधित कार्यक्रम हमारे सुधार व आवश्यक बदलाव का हिस्सा हैं। सीएजी एक ऐसी संस्था है, जिसका महत्व बढ़ गया है और इसने समय बीतने के साथ एक विरासत को विकसित किया है।

प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी, सरदार पटेल और बाबासाहेब अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन महान नेताओं ने हमें बड़े लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करना सिखाया था।.

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था, जब देश में लेखा-परीक्षण को आशंका और भय के साथ देखा जाता था। ‘सीएजी बनाम सरकार,’ यह हमारी व्यवस्था की सामान्य सोच बन गई थी। लेकिन, आज इस मानसिकता को बदला गया है। आज लेखा-परीक्षण को मूल्य संवर्धन का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश में बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता की कमी के चलते तरह-तरह के गलत कामकाज होते थे। इसके परिणामस्वरूप बैंकों के फंसे कर्जे बढ़ते गये। उन्होंने कहा, “आपको अच्छी तरह पता है कि अतीत में फंसे हुए कर्जों को दरी के नीचे कवर करने का कार्य किया जाता था। बहरहाल, हमने पूरी ईमानदारी के साथ पिछली सरकारों का सच देश के सामने रखा। हम समस्याओं को पहचानेंगे, तभी तो समाधान तलाश कर पायेंगे।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज हम ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं, जिसमें ‘सरकार सर्वम्’ की सोच, यानी सरकार का दखल भी कम हो रहा है और आपका काम भी आसान हो रहा है।” उन्होंने लेखा-परीक्षकों को बताया, “यह मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के अनुसार किया जा रहा। संपर्क रहित प्रक्रिया, स्वचालित नवीनीकरण, व्यक्ति की उपस्थिति के बिना मूल्यांकन, सेवाओं के लिये ऑनलाइन आवेदन – इन सभी सुधारों ने सरकार की अनावश्यक दखलंदाजी को खत्म कर दिया है।”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि सीएजी ने सरकारी फाइलों और बहीखातों के बीच माथापच्ची करने वाली संस्था की छवि से मुक्ति पा ली है। उन्होंने कहा, “सीएजी आधुनिक प्रक्रियाओं को अपनाकर तेजी से बदल रही है। आज, आप उन्नत विश्लेषण उपकरण, जियो-स्पेशल आंकड़ों और सेटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

सदी की सबसे बड़ी महामारी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई भी असाधारण रही है। आज हम दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ सप्ताह पहले ही देश ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज का पड़ाव पार किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस बड़ी लड़ाई के दौरान जिस तरह काम किया गया, सीएजी को उसका अध्ययन करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने समय में सूचनायें, कहानियों के जरिये प्रसारित होती थीं। कहानियों के जरिये ही इतिहास लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि आज 21वीं सदी में आंकड़े ही सूचना हैं और आने वाले समय में हमारा इतिहास भी आंकड़ों के जरिये ही देखा और समझा जायेगा। प्रधानमंत्री ने आखिर में कहा कि भविष्य में आंकड़े ही इतिहास को दिशा दिखायेंगे।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
GIFT City scales new heights as India's 1st international finance and IT hub

Media Coverage

GIFT City scales new heights as India's 1st international finance and IT hub
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
सोशल मीडिया कॉर्नर 30 मार्च 2026
March 30, 2026

Mann Ki Baat to Mission Mode: How PM Modi's Initiatives Spark Hope in Health, Innovation, Security & Nature