केंद्र की भाजपा सरकार बंगाल के विकास में निरंतर सहयोग कर रही है: कोलकाता में पीएम मोदी
TMC और कांग्रेस तुष्टिकरण के आगे झुक गई हैं और वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को बढ़ावा दे रही हैं: पीएम मोदी का बंगाल में विपक्ष पर प्रहार
केंद्रीय योजनाओं का लाभ बंगाल तक पहुँचाने के लिए, राज्य में भाजपा सरकार जरूरी: पीएम का बंगाल में डबल इंजन सरकार का वादा
TMC का मिशन लोगों की मदद करना नहीं, बल्कि सिर्फ भाजपा को रोकना है: बंगाल रैली में पीएम मोदी
आज बंगाल का जन-जन कह रहा है, TMC जाएगी तभी असली बदलाव आएगा: कोलकाता में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों से देश भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। इसी दिशा में हमने एक और बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा में भाजपा सरकार एक एंटी करप्शन बिल लेकर आई है। लेकिन टीएमसी के लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्यवाही पर भड़क गए हैं। उन्होंने संसद में विरोध करते हुए जिस प्रकार इस बिल को फाड़ने की कोशिश की है, वो दिखाता है कि टीएमसी की राजनीति भ्रष्टाचार के पहाड़ पर टिकी है। इसलिए ये लोग डरे हुए हैं और भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि देश के औद्योगिक विकास के जनक रहे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से प्रेरणा लेकर हमें पश्चिम बंगाल का गौरवशाली अतीत फिर से लौटाना है। हमें एक ऐसा परिवर्तन लाना है, जो उद्योग लगाए और बेटे-बेटी को बंगाल में ही नौकरी दे। बेटियों को सुरक्षा, किसान को सुविधा, गरीब को सम्मान और भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाए।

पश्चिम बंगाल के विकास का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक यहां का सामर्थ्य नहीं बढ़ेगा, तब तक विकसित भारत की यात्रा सफल नहीं हो पाएगी। इसलिए बीते 11 वर्षों में केंद्र की बीजेपी सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए लगातार हर प्रकार की मदद दी है। बंगाल में नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए जितना पैसा कांग्रेस की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल में दिया था, उससे तीन गुना ज्यादा पैसा भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल को दिया। रेलवे के लिए भी बंगाल का बजट, पहले की तुलना में तीन गुणा बढ़ाया है। लेकिन बंगाल में विकास कार्यों के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती भी है। हम बंगाल के लिए जो पैसा राज्य सरकार को सीधे भेजते हैं, उसका ज्यादातर हिस्सा यहां लूट लिया जाता है और वो पैसा TMC कैडर पर खर्च होता है। इसलिए गरीब कल्याण की अनेक योजनाओं में बंगाल देश के दूसरे राज्यों से पिछड़ा हुआ है। पहले यही स्थिति असम और त्रिपुरा की थी। लेकिन जब से इन दोनों राज्यों में भाजपा सरकारें बनी हैं, गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ वहां जनता को मिलने लगा है।

पश्चिम बंगाल की महान विभूतियों को याद करते हुए पीएम ने कहा कि इस धरती ने देश को समय-समय पर नई चेतना दी है। लेकिन आज पश्चिम बंगाल को सच में नई रोशनी और परिवर्तन की जरूरत है। 15 साल पहले पश्चिम बंगाल के लोगों ने परिवर्तन करने का फैसला कर मां-माटी-मानुष के नारे पर भरोसा किया था। लेकिन हालात पहले से भी ज्यादा बदतर हो गए हैं। राज्य में हुई भर्तियों में घोटालों से हजारों नौजवानों के भविष्य खराब हो गए। बहनों-बेटियों पर अत्याचार बढ़ गए। क्राइम और करप्शन टीएमसी सरकार की पहचान बन गए। ये पक्का है कि जब तक बंगाल में TMC की सरकार रहेगी, तब तक बंगाल का विकास अवरुद्ध रहेगा। इसलिए आज बंगाल का जन-जन कह रहा है- टीएमसी जाएगी तभी असली बदलाव आएगा।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि उनकी प्रेरणा से हमें पश्चिम बंगाल का गौरवशाली अतीत फिर से लौटाना है। अगर उनकी नीति पर चले होते तो देश की तस्वीर कुछ और होती। लेकिन उन नीतियों को भुला दिया गया। फिर ऐसा भटकाव आया कि हम विदेशों पर निर्भर होते चले गए। जो सपने डॉ. मुखर्जी ने देखे, उनके लिए एक सैनिक की तरह हम अपना जीवन खपा रहे हैं। बंगाल की प्रबुद्ध जनता जानती है कि दूसरों पर निर्भरता यानि आत्मसम्मान पर चोट। इस स्थिति से हमें देश को बाहर निकालना है। इसलिए आज देश ने आत्मनिर्भरता का मूलमंत्र लेकर के नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का फैसला लिया है।

ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता का श्रेय सेना को देते हुए पीएम ने कहा कि वह जो संकल्प लेती है, वो सिद्ध करके दिखाती है। हमारी सेना ने सीमापार आतंकियों और आतंक के आकाओं के अड्डों को खंडहर में बदल दिया। हमारी सेनाओं ने आतंकियों को ऐसा सबक सिखाया कि पाकिस्तान की आज भी नींद उड़ी हुई है। भारत की इस सफलता के पीछे बहुत बड़ी शक्ति, मेड इन इंडिया अस्त्र-शस्त्र की रही है। मुझे गर्व है कि भारत की सेना को ताकत देने में बंगाल की भी बड़ी भूमिका है। भाजपा सरकार ने भारत की डिफेंस इंडस्ट्री को नई ऊर्जा दी है। इसका लाभ यहां की इच्छापुर डिफेंस फैक्ट्री को भी मिला है। आज ये फैक्ट्री आधुनिक राइफल और अन्य हथियार बना रही है। इससे यहां छोटे-छोटे उद्यमियों के लिए भी नए अवसर बने हैं। इन कारखानों के कारण दमदम–बैरकपुर क्षेत्र में हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है।

पश्चिम बंगाल की संस्कृति को अनमोल धरोहर बताते हुए पीएम ने कहा कि ये बांग्ला विरासत, विकसित बंगाल बनाने के अभियान को प्रेरणा देगी। बीजेपी सरकार पूरे गर्व के साथ बांग्ला भाषा और बंगाल की संस्कृति को सशक्त करने में जुटी है। हमें बांग्ला भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज यानि शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का सौभाग्य भी मिला। यहां बनने वाली भाजपा सरकार हैरिटेज टूरिज्म पर भी बल देगी। हम गंगा जी पर जो इनलैंड वॉटरवे बना रहे हैं या फिर जो हमारा समंदर है, इसमें क्रूज टूरिज्म के लिए बहुत संभावनाएं हैं।

देश में घुसपैठियों पर चिंता व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने इसे राष्ट्रीय चुनौती बताया। जो घुसपैठिए, हमारे नौजवानों का रोजगार छीन रहे हैं, जो हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भार बन रहे हैं, ऐसे घुसपैठियों को हम भारत में नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों से बंगाल को मुक्त कराना ही होगा। आपका एक वोट यह कमाल कर सकता है। भारत सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। लेकिन हैरानी इस बात की है कि TMC-कांग्रेस समेत कुछ इंडी अलायंस के राजनीतिक दल तुष्टिकरण के आगे घुटने टेक चुके हैं। हमने घुसपैठ के खिलाफ विशेष डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की है। जो लोग फर्जी तरीके से कागज बनाकर रुक गए हैं, उनको यहां से जाना ही होगा। ये काम ईमानदारी से पूरा हो सके, इसके लिए टीएमसी सरकार को भी यहां से जाना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए कहा कि एक छोटा मुलाजिम दो दिन अगर जेल में रहे तो उसकी जिंदगी तबाह करने के कानून है। लेकिन कोई मुख्यमंत्री, मंत्री और प्रधानमंत्री अगर जेल चला जाए तो उसके लिए कोई कानून नहीं है। पश्चिम बंगाल ने ये साक्षात देखा है। टीएमसी के एक मंत्री टीचर्स भर्ती घोटाले में आज तक जेल में हैं। घर से नोटों का पहाड़ मिला फिर भी वो मंत्री कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं था। ये संविधान और लोकतंत्र का सरासर अपमान है। मोदी संविधान का ये अपमान होते नहीं देख सकता। इसलिए हमने तय किया कि अगर कोई मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री 30 दिनों तक जेल में रहें और उन्हें जमानत ना मिले तो अगले दिन उनकी कुर्सी चली जाएगी।

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आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।