प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि पिछले दशक में बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड स्तर पर उन्नयन हुआ है। उन्होंने देश के लोगों के लिए अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है ताकि विकसित भारत के स्‍वप्‍न को साकार किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में‍ लिखा :

“पिछले दशक में बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड स्तर पर उन्नयन हुआ है। हम अपने देश के लोगों के लिए अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि विकसित भारत के हमारे स्‍वप्‍न को साकार किया जा सके।

#12YearsOfNayaBharatNirman”

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प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डाला
June 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया है—

“सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”

यह सुभाषित संदेश देता है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे प्रारंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण कार्य बड़ी आपदाओं को निमंत्रण देते हैं। इसके विपरीत, सफलता और समृद्धि स्वयं ऐसे व्यक्ति का चुनाव करती है जो प्रत्येक कार्य को सोच-विचार कर करता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।

सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”