प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देवमोगरा माता मंदिर का दौरा किया। यह दिवस भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।

इस दौरान श्री मोदी ने देवमोगरा माता की पूजा-अर्चना की और सभी नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा। प्रधानमंत्री ने इस अनुभव को पवित्र बताया और देश भर के लोगों से मंदिर में आकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया।

Shri Modi wrote on X;

“देवमोगरा माता की जय!

आज जनजातीय गौरव दिवस के दिन भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जन्म-जयंती के पवित्र अवसर पर देवमोगरा माता के मंदिर में दर्शन का सौभाग्य मिला। देवी माता से मैंने सभी देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और उन्नति की कामना की। मेरा आग्रह है कि आप भी इस मंदिर में आकर माता के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद लें।”

“દેવમોગરા માતાની જય!

આજના જનજાતિય ગૌરવ દિવસ અને ભગવાન બિરસા મુંડાની દોઢસોમી જન્મજયંતિના પવિત્ર અવસરે દેવમોગરા માતાના મંદિરે દર્શન કરવાનું સૌભાગ્ય પ્રાપ્ત થયું.

સૌ દેશવાસીઓના સ્વાસ્થ્ય, કલ્યાણ અને ઉન્નતિ માટે પ્રાર્થના કરી.”

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प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, गुरु सेवा को बताया ज्ञान प्राप्ति का मार्ग
May 12, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम को साझा किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि केवल गुरु की समर्पित सेवा से ही ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया-

"यथा खात्वा खनित्रेण भूतले वारि विन्दति।

तथा गुरुगतां विद्यां शुश्रूषुरधिगच्छति॥"

सुभाषितम् यह बताता है कि जिस प्रकार पानी प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और धैर्य से धरती को खोदना पड़ता है, उसी प्रकार ज्ञान भी केवल गुरु की निष्ठापूर्वक सेवा करने, विश्वास, समर्पण, अनुशासन और ईमानदारी के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

"यथा खात्वा खनित्रेण भूतले वारि विन्दति।

तथा गुरुगतां विद्यां शुश्रूषुरधिगच्छति॥"