प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पोलैंड के वारसॉ में जाम साहब ऑफ नवानगर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि पोलैंड के वारसॉ में जाम साहब ऑफ नवानगर मेमोरियल जाम साहब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा के मानवीय योगदान को दर्शाता है। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के कारण बेघर हुए पोलैंड के बच्चों को आश्रय देने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की। श्री मोदी ने पोलैंड के वारसॉ में जाम साहब ऑफ नवानगर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित करने की झलकियां भी साझा की हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर जारी एक पोस्ट कहा:

'मानवता और करुणा एक न्यायपूर्ण एवं शांतिपूर्ण विश्व की महत्वपूर्ण बुनियाद हैं। वारसॉ के जाम साहब ऑफ नवानगर मेमोरियल में जाम साहब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा के मानवीय योगदान को दर्शाया गया है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के कारण बेघर हुए पोलैंड के बच्चों को आश्रय देने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की थी। जाम साहब को पोलैंड में डोबरी महाराजा के नाम से याद किया जाता है

स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उसकी कुछ झलकियां इस प्रकार हैं।'

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान और संथाल संस्कृति के अनादर की निंदा की
March 07, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति के साथ किए गए लापरवाही भरे व्यवहार की कड़ी निंदा की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो इस घटना से बहुत निराश है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, और उन्होंने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है उसने भारत के लोगों को बहुत दुःखी किया है।

श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतना लापरवाही भरा व्यवहार कर रही है।

राष्ट्रपति के कार्यालय को राजनीति से ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

“यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो निराश है।

राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, उन्होंने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोग बहुत दुःखी हैं।

पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है।

यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से पेश आती है।

राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और इस कार्यालय की पवित्रता का सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।”