आज सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण किया, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

श्री मोदी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले समानता, न्याय और करुणा के सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः समर्पित थीं। उनका दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है, और उन्होंने ज्ञान एवं शिक्षा के माध्यम से लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

उनके उल्लेखनीय योगदानों को रेखांकित करते हुए, श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वंचितों और हाशिए पर रहने वाले वर्गों की सेवा एवं देखभाल करते हुए किया गया उनका कार्य सेवा एवं मानवता का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका विज़न समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण के लिए राष्ट्र के प्रयासों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करता है।

एक्स पर अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से श्री मोदी ने लिखा:

“सावित्रीबाई फुले की जयंती पर हम एक ऐसी अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वह समानता, न्याय और करुणा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है और उन्होंने ज्ञान एवं शिक्षा के माध्यम से जीवन को बदलने पर विशेष बल दिया। वंचित और कमजोर वर्गों की सेवा में उनका योगदान भी अत्यंत उल्लेखनीय है।”

““सावित्रीबाई फुले यांच्या जयंतीनिमित्त, सेवा आणि शिक्षणाच्या माध्यमातून समाजपरिवर्तनासाठी आपले जीवन अर्पण करणाऱ्या अग्रणी व्यक्तीचे आपण स्मरण करतो. समता, न्याय आणि करुणा या तत्त्वांप्रती त्या कटिबद्ध होत्या. शिक्षण हे सामाजिक बदलाचे सर्वात प्रभावी साधन आहे, असा त्यांचा ठाम विश्वास होता आणि ज्ञान व अध्ययनाच्या माध्यमातून जीवनपरिवर्तन घडवण्यावर त्यांनी भर दिला. दुर्बल घटकांची काळजी घेण्यासाठी त्यांनी केलेले कार्यही विशेष उल्लेखनीय आहे.”

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India is rewriting rules of AI governance, giving it open sky while keeping command in human hands

Media Coverage

India is rewriting rules of AI governance, giving it open sky while keeping command in human hands
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया, नवाचार में प्रतिभा और कड़े परिश्रम के तालमेल पर प्रकाश डाला
February 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में सुभाषितम साझा किया है जिसमें इस बात पर बल दिया गया है कि नवाचार में सफलता प्रतिभा और निरंतर प्रयास दोनों के परिणामस्वरूप मिलती है।

प्रधानमंत्री ने इस कालातीत ज्ञान का भी उल्लेख किया है कि समुचित परिणाम प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि व्यक्ति अपनी क्षमता के साथ कार्य भी करे। प्रधानमंत्री की ओर से साझा किया गया संदेश इस प्रकार है:

यथाकेन न हस्तेन घाट सम्प्रपद्यते।

तथोग्यमपरित्यक्तं न फलं कर्मण: स्मृतम्।।

"जिस प्रकार एक हाथ से ताली नहीं बज सकती, उसी प्रकार नवाचार में सफलता बिना प्रयास के संभव नहीं है। प्रतिभा तभी फल देती है जब कड़े परिश्रम के साथ निरंतर प्रयास भी किया जाए।"

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

यथाकेन न हस्तेन घाट सम्प्रपद्यते।

तथोद्यमपरित्यक्तं न फलं कर्मणः स्मृतम्॥