प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज रानी वेलु नचियार की जन्म जयंती पर उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने रानी वेलु नचियार को वीरता और सैन्य कुशलता का प्रतीक बताते हुए भारत के सबसे वीर योद्धाओं में से एक के रूप में उन्हें याद किया।

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि रानी वेलु नचियार औपनिवेशिक दासता के विरुद्ध उठ खड़ी हुईं और उन्होंने भारतीयों के स्वशासन के अधिकार पर बल दिया। सुशासन के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव आज भी राष्ट्र को प्रेरित कर रहा है।

श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उनका बलिदान और दूरदर्शी नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा जो भारत की प्रगति की यात्रा में साहस और देशभक्ति के एक प्रकाश स्तंभ के रूप में कार्य करेगा।

प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर अलग-अलग पोस्ट साझा करते हुए लिखा:

“रानी वेलु नचियार की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उन्हें भारत की सबसे साहसी महिला योद्धाओं में से एक के रूप में याद किया जाता है, जो अदम्य साहस और रणनीतिक कुशलता की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने औपनिवेशिक दासता के खिलाफ आवाज उठाई और भारतीयों के स्वशासन के अधिकार पर बल दिया। सुशासन और सांस्कृतिक गौरव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी अत्यंत सराहनीय है। उनका बलिदान और दूरदर्शी नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।”

“ராணி வேலு நாச்சியாரின் பிறந்தநாளில் அவருக்கு மரியாதை செலுத்துகிறேன். துணிச்சலையும், வியூகத் திறமையையும் கொண்டிருந்த அவர், இந்தியாவின் துணிச்சல் மிக்க வீராங்கனைகளில் ஒருவராக நினைவுகூரப்படுகிறார். காலனித்துவ ஒடுக்குமுறைக்கு எதிராகக் கிளர்ந்தெழுந்த அவர், இந்தியாவை ஆள இந்தியர்களுக்கே உரிமை உண்டு என்பதை வலியுறுத்தினார். நல்லாட்சி மற்றும் கலாச்சார பெருமைக்கான அவரது உறுதிப்பாடும் போற்றத்தக்கது. அவரது தியாகமும் தொலைநோக்குத் தலைமையும் பல தலைமுறைகளை ஊக்கப்படுத்தும்.”

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Govt nod to 22 more firms under ECMS, investment worth Rs 42,000 crore

Media Coverage

Govt nod to 22 more firms under ECMS, investment worth Rs 42,000 crore
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
January 03, 2026

आज सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण किया, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

श्री मोदी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले समानता, न्याय और करुणा के सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः समर्पित थीं। उनका दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है, और उन्होंने ज्ञान एवं शिक्षा के माध्यम से लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

उनके उल्लेखनीय योगदानों को रेखांकित करते हुए, श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वंचितों और हाशिए पर रहने वाले वर्गों की सेवा एवं देखभाल करते हुए किया गया उनका कार्य सेवा एवं मानवता का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका विज़न समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण के लिए राष्ट्र के प्रयासों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करता है।

एक्स पर अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से श्री मोदी ने लिखा:

“सावित्रीबाई फुले की जयंती पर हम एक ऐसी अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वह समानता, न्याय और करुणा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है और उन्होंने ज्ञान एवं शिक्षा के माध्यम से जीवन को बदलने पर विशेष बल दिया। वंचित और कमजोर वर्गों की सेवा में उनका योगदान भी अत्यंत उल्लेखनीय है।”

““सावित्रीबाई फुले यांच्या जयंतीनिमित्त, सेवा आणि शिक्षणाच्या माध्यमातून समाजपरिवर्तनासाठी आपले जीवन अर्पण करणाऱ्या अग्रणी व्यक्तीचे आपण स्मरण करतो. समता, न्याय आणि करुणा या तत्त्वांप्रती त्या कटिबद्ध होत्या. शिक्षण हे सामाजिक बदलाचे सर्वात प्रभावी साधन आहे, असा त्यांचा ठाम विश्वास होता आणि ज्ञान व अध्ययनाच्या माध्यमातून जीवनपरिवर्तन घडवण्यावर त्यांनी भर दिला. दुर्बल घटकांची काळजी घेण्यासाठी त्यांनी केलेले कार्यही विशेष उल्लेखनीय आहे.”