प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन्नथु पद्मनाभन को आज उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मन्नथु पद्मनाभन दूरदर्शी थे जिनका मानना ​​था कि वास्तविक प्रगति गरिमा, समानता और सामाजिक सुधार में निहित है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में पद्मनाभन के उल्लेखनीय प्रयासों पर प्रकाश डाला और कहा कि ये प्रयास राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि मन्नथु पद्मनाभन के आदर्श हमें ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं जो न्यायपूर्ण, दयालु और सद्भावपूर्ण हो।

श्री मोदी ने ‘एक्स’ पर अलग-अलग पोस्ट में लिखा:

“मन्नथु पद्मनाभन की जयंती पर हम आज उन्हें गहरी श्रद्धा के साथ याद कर रहे हैं। उनका सारा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। वे दूरदर्शी थे। उनका मानना ​​था कि सच्ची प्रगति गरिमा, समानता और सामाजिक सुधार में निहित है। स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उनके आदर्श हमें एक न्यायपूर्ण, करुणामय और सद्भावपूर्ण समाज की दिशा में प्रेरित करते रहेंगे।”

“മന്നത്ത് പത്മനാഭന്റെ ജന്മവാർഷിക ദിനത്തിൽ, സാമൂഹ്യ സേവനത്തിനായി ജീവിതം സമർപ്പിച്ച ഒരു മഹദ് വ്യക്തിത്വത്തെ അങ്ങേയറ്റം ആദരവോടെ നാം സ്മരിക്കുകയാണ്. ആത്മാഭിമാനം, സമത്വം, സാമൂഹിക പരിഷ്കരണം എന്നിവയിൽ വേരൂന്നിയതാണ് യഥാർത്ഥ പുരോഗതി എന്ന് വിശ്വസിച്ച ക്രാന്തദർശിയായിരുന്നു അദ്ദേഹം. ആരോഗ്യം, വിദ്യാഭ്യാസം, സ്ത്രീ ശാക്തീകരണം തുടങ്ങിയ മേഖലകളിലെ അദ്ദേഹത്തിന്റെ അതുല്യമായ സംഭാവനകൾ പ്രചോദനാത്മകമാണ്. നീതിയും അനുകമ്പയും ഐക്യവും നിറഞ്ഞ ഒരു സമൂഹത്തിന്റെ സൃഷ്ടിക്കായുള്ള പ്രയാണത്തിൽ അദ്ദേഹത്തിന്റെ ദർശനങ്ങൾ നമ്മെ എക്കാലവും നയിക്കുന്നു.”

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया, नवाचार में प्रतिभा और कड़े परिश्रम के तालमेल पर प्रकाश डाला
February 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में सुभाषितम साझा किया है जिसमें इस बात पर बल दिया गया है कि नवाचार में सफलता प्रतिभा और निरंतर प्रयास दोनों के परिणामस्वरूप मिलती है।

प्रधानमंत्री ने इस कालातीत ज्ञान का भी उल्लेख किया है कि समुचित परिणाम प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि व्यक्ति अपनी क्षमता के साथ कार्य भी करे। प्रधानमंत्री की ओर से साझा किया गया संदेश इस प्रकार है:

यथाकेन न हस्तेन घाट सम्प्रपद्यते।

तथोग्यमपरित्यक्तं न फलं कर्मण: स्मृतम्।।

"जिस प्रकार एक हाथ से ताली नहीं बज सकती, उसी प्रकार नवाचार में सफलता बिना प्रयास के संभव नहीं है। प्रतिभा तभी फल देती है जब कड़े परिश्रम के साथ निरंतर प्रयास भी किया जाए।"

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

यथाकेन न हस्तेन घाट सम्प्रपद्यते।

तथोद्यमपरित्यक्तं न फलं कर्मणः स्मृतम्॥