देश के हर हिस्से से एकत्र मिट्टी से तैयार अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक की आधारशिला रखी 'मेरा युवा भारत' - माय भारत प्लेटफॉर्म की शुरुआत
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 राज्यों या केन्‍द्र शासित प्रदेशों को आजादी का अमृत महोत्सव पुरस्कार प्रदान किया - 1. जम्मू और कश्मीर, 2. गुजरात और 3. हरियाणा और राजस्थान
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 मंत्रालयों को आज़ादी का अमृत महोत्सव पुरस्कार प्रदान किया - 1. विदेश मंत्रालय, 2. रक्षा मंत्रालय; और संयुक्त रूप से तीसरे स्थान के लिए रेल मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय
"माय भारत 21वीं सदी में राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगा"
"मेरी माटी मेरा देश अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण है कि भारत का युवा संगठित होकर कैसे हर लक्ष्य हासिल कर सकता है"
" बड़ी-बड़ी महान सभ्यताएं समाप्त हो गईं लेकिन भारत की मिट्टी में वो चेतना है जिसने इस राष्ट्र को अनादिकाल से आज तक बचा कर रखा है"
"ये वो माटी है जो देश के कोने-कोने से, आत्‍मीयता और आध्‍यात्‍म, हर प्रकार से हमारी आत्‍मा को जोड़ती है"
"अमृत वाटिका आने वाली पीढ़ी को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की जानकारी देगी"
"अमृत महोत्सव ने एक प्रकार से इतिहास के छूटे हुए पन्नों को आने वाली पीढ़ियों के लिए जोड़ दिया है"
"आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान देश ने राजपथ से कर्तव्य पथ तक का सफर पूरा किया"
"माय भारत भारत की युवा शक्ति का उद्घोष है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के साथ आजादी का अमृत महोत्सव समारोह का भी समापन हो गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक की आधारशिला रखी और देश के युवाओं के लिए 'मेरा युवा भारत'-माय भारत प्लेटफॉर्म की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री ने शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 राज्यों या केन्‍द्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ मंत्रालयों या विभागों को आजादी का अमृत महोत्सव पुरस्कार भी प्रदान किए। शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 राज्य या केन्‍द्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, गुजरात तथा संयुक्‍त रूप से हरियाणा और राजस्‍थान तीसरे स्थान के लिए हैं, जबकि शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 मंत्रालय विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और तीसरे स्‍थान पर संयुक्‍त रूप से रेल मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय हैं।

 

जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्तव्य पथ सरदार साहब की जयंती के अवसर पर महायज्ञ का गवाह बना है। महात्मा गांधी की दांडी यात्रा से प्रेरित आजादी का अमृत महोत्सव की 12 मार्च 2021 को शुरुआत को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर 2023 को सरदार पटेल की जयंती पर आजादी का अमृत महोत्सव का समापन किया। दांडी मार्च यात्रा की तुलना करते हुए जिसमें हर भारतीय की भागीदारी देखी गई, प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव पर लोगों की भागीदारी का एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर ध्यान आकर्षित किया। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "दांडी मार्च ने आजादी की लौ को फिर से प्रज्वलित किया, जबकि अमृत काल भारत की 75 साल पुरानी विकास यात्रा का संकल्प बन रहा है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव का 2 साल लंबा उत्सव 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान के साथ संपन्न हो रहा है। उन्होंने स्मारक की आधारशिला रखने का भी उल्लेख किया जो आने वाली पीढ़ियों को आज के ऐतिहासिक संगठन की याद दिलाएगा। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पुरस्कार प्राप्त करने वाले राज्यों, केन्‍द्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों को भी बधाई दी।

उन्होंने बताया कि ऐसे में जब हम हम एक भव्य उत्सव को अलविदा कह रहे हैं, हम माय भारत के साथ एक नए संकल्प की शुरुआत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''21वीं सदी में माय भारत संगठन राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगा।''

प्रधानमंत्री ने भारतीय युवाओं की सामूहिक शक्ति की ओर इशारा करते हुए कहा, "मेरी माटी मेरा देश अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण है कि भारत का युवा संगठित होकर कैसे हर लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।" प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कोने-कोने से अनगिनत युवाओं की भागीदारी पर प्रकाश डाला और कहा कि पूरे देश से 8500 अमृत कलश कर्तव्य पथ पर पहुंचे और करोड़ों भारतीयों ने पंच प्राण प्रतिज्ञा ली है और अभियान की वेबसाइट पर सेल्फी अपलोड की है।

यह बताते हुए कि आजादी का अमृत महोत्सव के समापन के लिए मिट्टी को एक तत्व के रूप में क्यों इस्तेमाल किया गया, प्रधानमंत्री ने एक कवि के शब्दों का हवाला दिया और कहा कि यह उस भूमि की मिट्टी है जहां सभ्यताएं फली-फूली हैं, मानव ने प्रगति की और यह उस युग की छाप रखती है। श्री मोदी ने कहा, “भारत की मिट्टी में चेतना है। इसमें एक जीवन रूप है जिसने सभ्यता के पतन को रोका है”, कैसे अनेक सभ्यताएं नष्ट हो गईं, जबकि भारत अभी भी मजबूत खड़ा है। उन्होंने कहा, "भारत की मिट्टी देश के कोने-कोने से, आत्‍मीयता और आध्‍यात्‍म, हर प्रकार से हमारी आत्‍मा को जोड़ती है", उन्होंने भारत की वीरता की कई गाथाओं पर प्रकाश डाला और शहीद भगत सिंह के योगदान की चर्चा की। इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि कैसे प्रत्येक नागरिक मातृभूमि की मिट्टी से गहराई से जुड़ा हुआ है, प्रधानमंत्री ने कहा, "जीवन क्‍या है अगर वह भारत की मिट्टी का ऋण नहीं चुका रहा है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली पहुंचे हजारों अमृत कलशों की मिट्टी सभी को कर्तव्य की भावना की याद दिलाएगी और प्रत्येक को विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने सभी से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर से आए पौधों को लेकर स्थापित की जाने वाली अमृत वाटिका आने वाली पीढ़ी को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की जानकारी देगी। प्रधानमंत्री ने दर्शकों को नए संसद भवन में जन, जननी, जन्मभूमि कला के बारे में बताया जिसे देश के सभी राज्यों की 75 महिला कलाकारों ने बनाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 1000 दिनों तक चले आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) का सबसे सकारात्मक प्रभाव भारत की युवा पीढ़ी पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी ने गुलामी नहीं देखी है और वह स्‍वयं आजाद भारत में पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि एकेएएम ने लोगों को याद दिलाया है कि विदेशी शासन के दौरान एक भी क्षण ऐसा नहीं था जब आजादी के लिए कोई आंदोलन नहीं हुआ हो और कोई भी वर्ग या क्षेत्र इन आंदोलनों से अछूता रहा हो।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''अमृत महोत्सव ने एक प्रकार से इतिहास के छूटे हुए पन्नों को आने वाली पीढ़ियों के लिए जोड़ा है।'' उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने अमृत महोत्सव को जन आंदोलन बनाया। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा की सफलता हर भारतीय की सफलता है। लोगों को स्वतंत्रता संग्राम में अपने परिवारों और गांवों के योगदान के बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का जिलावार डेटाबेस बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने एकेएएम के दौरान भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में भारत के उदय, चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग, जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन, एशियाई खेलों और एशियाई पैरा खेलों में 100 से अधिक पदक जीतने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड, नए संसद भवन का उद्घाटन, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना, निर्यात, कृषि उपज में नए रिकॉर्ड, वंदे भारत ट्रेन नेटवर्क का विस्तार, अमृत भारत स्टेशन अभियान की शुरुआत, देश की पहली क्षेत्रीय रैपिड ट्रेन नमो भारत, 65,000 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण, मेड इन इंडिया 5जी की शुरूआत और विस्तार, और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए पीएम गतिशक्ति मास्टरप्लान की शुरूआत का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “आज़ादी का अमृत महोत्सव के दौरान, देश ने राजपथ से कर्तव्य पथ तक की यात्रा पूरी की। हमने गुलामी के कई प्रतीकों को भी हटा दिया।” उन्होंने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष बोस की प्रतिमा, नौसेना के नए प्रतीक चिन्ह, अंडमान और निकोबार के द्वीपों के प्रेरक नाम, जनजातीय गौरव दिवस की घोषणा, साहिबजादे की स्मृति में वीर बाल दिवस और हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाने के निर्णय का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत के एक श्लोक की व्याख्या करते हुए कहा, "किसी चीज का अंत हमेशा कुछ नए की शुरुआत का प्रतीक होता है।" उन्होंने अमृत महोत्सव के समापन के साथ माय भारत के शुभारंभ का उल्लेख किया और कहा, “माय भारत भारत की युवा शक्ति का उद्घोष है।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह देश के प्रत्येक युवा को एक मंच पर लाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का एक बड़ा माध्यम बनेगा। उन्होंने माय भारत वेबसाइट की शुरूआत की जानकारी दी और कहा कि युवाओं के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों को इस प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे ज्यादा से ज्यादा इससे जुड़ें, भारत को नई ऊर्जा से भरें और देश को आगे बढ़ाएं।

संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी प्रत्येक नागरिक के सामान्य संकल्पों की पूर्ति है और एकता के साथ इसकी रक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के 100 साल पूरे होने पर देश इस खास दिन को याद रखेगा। प्रधानमंत्री ने प्रयासों को तेज करने का आग्रह करते हुए कहा, ''हमने जो संकल्प लिया, आने वाली पीढ़ी से जो वादे किये, उन्हें पूरा करना होगा।'' उन्होंने अंत में कहा, “विकसित देश बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक भारतीय का योगदान महत्वपूर्ण है। आइए, हम अमृत महोत्सव के माध्यम से विकसित भारत के अमृत काल की एक नई यात्रा शुरू करें”।

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा केन्‍द्रीय गृह मंत्री, श्री अमित शाह, केन्‍द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, श्री अनुराग सिंह ठाकुर और केन्‍द्रीय संस्कृति मंत्री, श्री जी किशन रेड्डी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

मेरी माटी मेरा देश

मेरी माटी मेरा देश अभियान उन वीरों और वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। जन भागीदारी की भावना से, इस अभियान में देश भर के पंचायत/गांव, ब्लॉक, शहरी स्थानीय निकाय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अनेक कार्यक्रम और समारोह शामिल हैं। कार्यक्रमों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुरों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने के लिए शिलाफलकम (स्मारक) का निर्माण शामिल था; शिलाफलकम में लोगों द्वारा 'पंच प्राण' प्रतिज्ञा लेना; स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाना और 'अमृत वाटिका' (वसुधा वंदन) विकसित करना और स्वतंत्रता सेनानियों और दिवंगत स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों (वीरों का वंदन) के सम्मान के लिए अभिनंदन समारोह शामिल थे।

36 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में 2.3 लाख से अधिक शिलाफलकमों के निर्माण के साथ यह अभियान भारी सफल रहा; लगभग 4 करोड़ पंच प्राण प्रतिज्ञा सेल्फी अपलोड की गईं; देश भर में 2 लाख से अधिक 'वीरों का वंदन' कार्यक्रम; 2.36 करोड़ से अधिक स्वदेशी पौधे लगाए गए; और देशभर में वसुधा वंदन थीम के तहत 2.63 लाख अमृत वाटिकाएं बनाई गईं।

'मेरी माटी मेरा देश' अभियान में अमृत कलश यात्रा भी शामिल है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 6 लाख से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों से मिट्टी (मिट्टी) और चावल के दानों का संग्रह शामिल है, जिसे ब्लॉक स्तर (जहां ब्लॉक के सभी गांवों की मिट्टी को मिलाया गया) और फिर राज्य की राजधानी तक भेजा गया। राज्य स्तर से हजारों अमृत कलश यात्रियों के साथ मिट्टी राष्ट्रीय राजधानी भेजी गई।

कल, अमृत कलश यात्रा में सभी राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने अपने संबंधित ब्लॉकों और शहरी स्थानीय निकायों का प्रतिनिधित्व करते हुए 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना में अपने कलश से मिट्टी को एक विशाल अमृत कलश में डाला। अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया था, देश के हर हिस्से से एकत्र की गई मिट्टी से बनाया जाएगा।

मेरी माटी मेरा देश अभियान की परिकल्पना 'आजादी का अमृत महोत्सव' के समापन कार्यक्रम के रूप में की गई। भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए 12 मार्च 2021 को आजादी का अमृत महोत्सव शुरू हुआ। तब से पूरे देश में उत्साहपूर्ण सार्वजनिक भागीदारी के साथ दो लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

माय भारत

'मेरा युवा भारत' - माय भारत देश के युवाओं के लिए एक ही स्‍थान पर संपूर्ण-सरकारी मंच के रूप में सेवा करने के लिए एक स्वायत्त निकाय के रूप में स्थापित किया जा रहा है। देश के प्रत्येक युवा को समान अवसर प्रदान करने की प्रधानमंत्री की कल्‍पना के अनुरूप, माय भारत सरकार के पूरे स्पेक्ट्रम में एक सक्षम तंत्र प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाएगा ताकि वे अपनी आकांक्षाओं को साकार कर सकें और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान दे सकें। माई भारत का उद्देश्य युवाओं को सामुदायिक परिवर्तन एजेंट और राष्ट्र निर्माता बनने के लिए प्रेरित करना और उन्हें सरकार और नागरिकों के बीच 'युवा सेतु' के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाना है। इस अर्थ में, 'मेरा भारत' देश में 'युवा नेतृत्व विकास' को एक प्रोत्‍साहन देगा।

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Prime Minister highlights transformative impact of Jan Dhan Yojana
August 28, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, has highlighted the unprecedented scale and transformative outcomes of the Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana in last 12 years. Shri Modi said that Jan Dhan Yojana has had an unparalleled impact, playing a significant role in advancing financial inclusion and empowering people across the country.

The Prime Minister posted on X:

Unprecedented scale and transformative outcomes!

Jan Dhan Yojana has had an unparalleled impact.

#12YearsOfJanDhan