देश के हर हिस्से से एकत्र मिट्टी से तैयार अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक की आधारशिला रखी 'मेरा युवा भारत' - माय भारत प्लेटफॉर्म की शुरुआत
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 राज्यों या केन्‍द्र शासित प्रदेशों को आजादी का अमृत महोत्सव पुरस्कार प्रदान किया - 1. जम्मू और कश्मीर, 2. गुजरात और 3. हरियाणा और राजस्थान
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 मंत्रालयों को आज़ादी का अमृत महोत्सव पुरस्कार प्रदान किया - 1. विदेश मंत्रालय, 2. रक्षा मंत्रालय; और संयुक्त रूप से तीसरे स्थान के लिए रेल मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय
"माय भारत 21वीं सदी में राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगा"
"मेरी माटी मेरा देश अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण है कि भारत का युवा संगठित होकर कैसे हर लक्ष्य हासिल कर सकता है"
" बड़ी-बड़ी महान सभ्यताएं समाप्त हो गईं लेकिन भारत की मिट्टी में वो चेतना है जिसने इस राष्ट्र को अनादिकाल से आज तक बचा कर रखा है"
"ये वो माटी है जो देश के कोने-कोने से, आत्‍मीयता और आध्‍यात्‍म, हर प्रकार से हमारी आत्‍मा को जोड़ती है"
"अमृत वाटिका आने वाली पीढ़ी को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की जानकारी देगी"
"अमृत महोत्सव ने एक प्रकार से इतिहास के छूटे हुए पन्नों को आने वाली पीढ़ियों के लिए जोड़ दिया है"
"आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान देश ने राजपथ से कर्तव्य पथ तक का सफर पूरा किया"
"माय भारत भारत की युवा शक्ति का उद्घोष है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के साथ आजादी का अमृत महोत्सव समारोह का भी समापन हो गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक की आधारशिला रखी और देश के युवाओं के लिए 'मेरा युवा भारत'-माय भारत प्लेटफॉर्म की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री ने शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 राज्यों या केन्‍द्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ मंत्रालयों या विभागों को आजादी का अमृत महोत्सव पुरस्कार भी प्रदान किए। शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 राज्य या केन्‍द्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, गुजरात तथा संयुक्‍त रूप से हरियाणा और राजस्‍थान तीसरे स्थान के लिए हैं, जबकि शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 3 मंत्रालय विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और तीसरे स्‍थान पर संयुक्‍त रूप से रेल मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय हैं।

 

जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्तव्य पथ सरदार साहब की जयंती के अवसर पर महायज्ञ का गवाह बना है। महात्मा गांधी की दांडी यात्रा से प्रेरित आजादी का अमृत महोत्सव की 12 मार्च 2021 को शुरुआत को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर 2023 को सरदार पटेल की जयंती पर आजादी का अमृत महोत्सव का समापन किया। दांडी मार्च यात्रा की तुलना करते हुए जिसमें हर भारतीय की भागीदारी देखी गई, प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव पर लोगों की भागीदारी का एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर ध्यान आकर्षित किया। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "दांडी मार्च ने आजादी की लौ को फिर से प्रज्वलित किया, जबकि अमृत काल भारत की 75 साल पुरानी विकास यात्रा का संकल्प बन रहा है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव का 2 साल लंबा उत्सव 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान के साथ संपन्न हो रहा है। उन्होंने स्मारक की आधारशिला रखने का भी उल्लेख किया जो आने वाली पीढ़ियों को आज के ऐतिहासिक संगठन की याद दिलाएगा। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पुरस्कार प्राप्त करने वाले राज्यों, केन्‍द्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों को भी बधाई दी।

उन्होंने बताया कि ऐसे में जब हम हम एक भव्य उत्सव को अलविदा कह रहे हैं, हम माय भारत के साथ एक नए संकल्प की शुरुआत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''21वीं सदी में माय भारत संगठन राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगा।''

प्रधानमंत्री ने भारतीय युवाओं की सामूहिक शक्ति की ओर इशारा करते हुए कहा, "मेरी माटी मेरा देश अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण है कि भारत का युवा संगठित होकर कैसे हर लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।" प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कोने-कोने से अनगिनत युवाओं की भागीदारी पर प्रकाश डाला और कहा कि पूरे देश से 8500 अमृत कलश कर्तव्य पथ पर पहुंचे और करोड़ों भारतीयों ने पंच प्राण प्रतिज्ञा ली है और अभियान की वेबसाइट पर सेल्फी अपलोड की है।

यह बताते हुए कि आजादी का अमृत महोत्सव के समापन के लिए मिट्टी को एक तत्व के रूप में क्यों इस्तेमाल किया गया, प्रधानमंत्री ने एक कवि के शब्दों का हवाला दिया और कहा कि यह उस भूमि की मिट्टी है जहां सभ्यताएं फली-फूली हैं, मानव ने प्रगति की और यह उस युग की छाप रखती है। श्री मोदी ने कहा, “भारत की मिट्टी में चेतना है। इसमें एक जीवन रूप है जिसने सभ्यता के पतन को रोका है”, कैसे अनेक सभ्यताएं नष्ट हो गईं, जबकि भारत अभी भी मजबूत खड़ा है। उन्होंने कहा, "भारत की मिट्टी देश के कोने-कोने से, आत्‍मीयता और आध्‍यात्‍म, हर प्रकार से हमारी आत्‍मा को जोड़ती है", उन्होंने भारत की वीरता की कई गाथाओं पर प्रकाश डाला और शहीद भगत सिंह के योगदान की चर्चा की। इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि कैसे प्रत्येक नागरिक मातृभूमि की मिट्टी से गहराई से जुड़ा हुआ है, प्रधानमंत्री ने कहा, "जीवन क्‍या है अगर वह भारत की मिट्टी का ऋण नहीं चुका रहा है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली पहुंचे हजारों अमृत कलशों की मिट्टी सभी को कर्तव्य की भावना की याद दिलाएगी और प्रत्येक को विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने सभी से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर से आए पौधों को लेकर स्थापित की जाने वाली अमृत वाटिका आने वाली पीढ़ी को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की जानकारी देगी। प्रधानमंत्री ने दर्शकों को नए संसद भवन में जन, जननी, जन्मभूमि कला के बारे में बताया जिसे देश के सभी राज्यों की 75 महिला कलाकारों ने बनाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 1000 दिनों तक चले आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) का सबसे सकारात्मक प्रभाव भारत की युवा पीढ़ी पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी ने गुलामी नहीं देखी है और वह स्‍वयं आजाद भारत में पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि एकेएएम ने लोगों को याद दिलाया है कि विदेशी शासन के दौरान एक भी क्षण ऐसा नहीं था जब आजादी के लिए कोई आंदोलन नहीं हुआ हो और कोई भी वर्ग या क्षेत्र इन आंदोलनों से अछूता रहा हो।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''अमृत महोत्सव ने एक प्रकार से इतिहास के छूटे हुए पन्नों को आने वाली पीढ़ियों के लिए जोड़ा है।'' उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने अमृत महोत्सव को जन आंदोलन बनाया। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा की सफलता हर भारतीय की सफलता है। लोगों को स्वतंत्रता संग्राम में अपने परिवारों और गांवों के योगदान के बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का जिलावार डेटाबेस बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने एकेएएम के दौरान भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में भारत के उदय, चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग, जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन, एशियाई खेलों और एशियाई पैरा खेलों में 100 से अधिक पदक जीतने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड, नए संसद भवन का उद्घाटन, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना, निर्यात, कृषि उपज में नए रिकॉर्ड, वंदे भारत ट्रेन नेटवर्क का विस्तार, अमृत भारत स्टेशन अभियान की शुरुआत, देश की पहली क्षेत्रीय रैपिड ट्रेन नमो भारत, 65,000 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण, मेड इन इंडिया 5जी की शुरूआत और विस्तार, और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए पीएम गतिशक्ति मास्टरप्लान की शुरूआत का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “आज़ादी का अमृत महोत्सव के दौरान, देश ने राजपथ से कर्तव्य पथ तक की यात्रा पूरी की। हमने गुलामी के कई प्रतीकों को भी हटा दिया।” उन्होंने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष बोस की प्रतिमा, नौसेना के नए प्रतीक चिन्ह, अंडमान और निकोबार के द्वीपों के प्रेरक नाम, जनजातीय गौरव दिवस की घोषणा, साहिबजादे की स्मृति में वीर बाल दिवस और हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाने के निर्णय का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत के एक श्लोक की व्याख्या करते हुए कहा, "किसी चीज का अंत हमेशा कुछ नए की शुरुआत का प्रतीक होता है।" उन्होंने अमृत महोत्सव के समापन के साथ माय भारत के शुभारंभ का उल्लेख किया और कहा, “माय भारत भारत की युवा शक्ति का उद्घोष है।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह देश के प्रत्येक युवा को एक मंच पर लाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का एक बड़ा माध्यम बनेगा। उन्होंने माय भारत वेबसाइट की शुरूआत की जानकारी दी और कहा कि युवाओं के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों को इस प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे ज्यादा से ज्यादा इससे जुड़ें, भारत को नई ऊर्जा से भरें और देश को आगे बढ़ाएं।

संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी प्रत्येक नागरिक के सामान्य संकल्पों की पूर्ति है और एकता के साथ इसकी रक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के 100 साल पूरे होने पर देश इस खास दिन को याद रखेगा। प्रधानमंत्री ने प्रयासों को तेज करने का आग्रह करते हुए कहा, ''हमने जो संकल्प लिया, आने वाली पीढ़ी से जो वादे किये, उन्हें पूरा करना होगा।'' उन्होंने अंत में कहा, “विकसित देश बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक भारतीय का योगदान महत्वपूर्ण है। आइए, हम अमृत महोत्सव के माध्यम से विकसित भारत के अमृत काल की एक नई यात्रा शुरू करें”।

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा केन्‍द्रीय गृह मंत्री, श्री अमित शाह, केन्‍द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, श्री अनुराग सिंह ठाकुर और केन्‍द्रीय संस्कृति मंत्री, श्री जी किशन रेड्डी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

मेरी माटी मेरा देश

मेरी माटी मेरा देश अभियान उन वीरों और वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। जन भागीदारी की भावना से, इस अभियान में देश भर के पंचायत/गांव, ब्लॉक, शहरी स्थानीय निकाय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अनेक कार्यक्रम और समारोह शामिल हैं। कार्यक्रमों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुरों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने के लिए शिलाफलकम (स्मारक) का निर्माण शामिल था; शिलाफलकम में लोगों द्वारा 'पंच प्राण' प्रतिज्ञा लेना; स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाना और 'अमृत वाटिका' (वसुधा वंदन) विकसित करना और स्वतंत्रता सेनानियों और दिवंगत स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों (वीरों का वंदन) के सम्मान के लिए अभिनंदन समारोह शामिल थे।

36 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में 2.3 लाख से अधिक शिलाफलकमों के निर्माण के साथ यह अभियान भारी सफल रहा; लगभग 4 करोड़ पंच प्राण प्रतिज्ञा सेल्फी अपलोड की गईं; देश भर में 2 लाख से अधिक 'वीरों का वंदन' कार्यक्रम; 2.36 करोड़ से अधिक स्वदेशी पौधे लगाए गए; और देशभर में वसुधा वंदन थीम के तहत 2.63 लाख अमृत वाटिकाएं बनाई गईं।

'मेरी माटी मेरा देश' अभियान में अमृत कलश यात्रा भी शामिल है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 6 लाख से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों से मिट्टी (मिट्टी) और चावल के दानों का संग्रह शामिल है, जिसे ब्लॉक स्तर (जहां ब्लॉक के सभी गांवों की मिट्टी को मिलाया गया) और फिर राज्य की राजधानी तक भेजा गया। राज्य स्तर से हजारों अमृत कलश यात्रियों के साथ मिट्टी राष्ट्रीय राजधानी भेजी गई।

कल, अमृत कलश यात्रा में सभी राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने अपने संबंधित ब्लॉकों और शहरी स्थानीय निकायों का प्रतिनिधित्व करते हुए 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना में अपने कलश से मिट्टी को एक विशाल अमृत कलश में डाला। अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया था, देश के हर हिस्से से एकत्र की गई मिट्टी से बनाया जाएगा।

मेरी माटी मेरा देश अभियान की परिकल्पना 'आजादी का अमृत महोत्सव' के समापन कार्यक्रम के रूप में की गई। भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए 12 मार्च 2021 को आजादी का अमृत महोत्सव शुरू हुआ। तब से पूरे देश में उत्साहपूर्ण सार्वजनिक भागीदारी के साथ दो लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

माय भारत

'मेरा युवा भारत' - माय भारत देश के युवाओं के लिए एक ही स्‍थान पर संपूर्ण-सरकारी मंच के रूप में सेवा करने के लिए एक स्वायत्त निकाय के रूप में स्थापित किया जा रहा है। देश के प्रत्येक युवा को समान अवसर प्रदान करने की प्रधानमंत्री की कल्‍पना के अनुरूप, माय भारत सरकार के पूरे स्पेक्ट्रम में एक सक्षम तंत्र प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाएगा ताकि वे अपनी आकांक्षाओं को साकार कर सकें और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान दे सकें। माई भारत का उद्देश्य युवाओं को सामुदायिक परिवर्तन एजेंट और राष्ट्र निर्माता बनने के लिए प्रेरित करना और उन्हें सरकार और नागरिकों के बीच 'युवा सेतु' के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाना है। इस अर्थ में, 'मेरा भारत' देश में 'युवा नेतृत्व विकास' को एक प्रोत्‍साहन देगा।

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Text of PM Modi's speech at public rally in Udhampur, Jammu & Kashmir
April 12, 2024
कई दशकों के बाद, यह पहली बार है कि जम्मू-कश्मीर में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए आतंकवाद, बंद, पथराव, सीमा पर झड़पें इत्यादि मुद्दे नहीं हैं।
विकसित भारत के लिए, विकसित जम्मू-कश्मीर बेहद जरूरी है। कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसी परिवारवादी पार्टियां जम्मू-कश्मीर को फिर से अस्थिरता के दौर में ले जाना चाहती हैं।
आर्टिकल-370 की समाप्ति ने जम्मू-कश्मीर में सभी के लिए समान संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित किया है, पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है तथा गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसरों के लिए IIM और IIT जैसे संस्थान स्थापित हुए हैं।
इंडी गठबंधन ने भारत की संस्कृति के साथ-साथ विकास की भी अवहेलना की और इसका प्रत्यक्ष उदाहरण श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का विरोध और बहिष्कार है।
अपनी तुष्टिकरण की राजनीति जारी रखने के लिए, इंडी गठबंधन के नेता बड़े बंगलों में रहते थे लेकिन रामलला को एक टेंट में रहने के लिए विवश किया।

भारत माता की जय...भारत माता की जय...भारत माता की जय...सारे डुग्गरदेस दे लोकें गी मेरा नमस्कार! ज़ोर कन्ने बोलो...जय माता दी! जोर से बोलो...जय माता दी ! सारे बोलो…जय माता दी !

मैं उधमपुर, पिछले कई दशकों से आ रहा हूं। जम्मू कश्मीर की धरती पर आना-जाना पीछले पांच दशक से चल रहा है। मुझे याद है 1992 में एकता यात्रा के दौरान यहां जो आपने भव्य स्वागत किया था। जो सम्मान किया था। एक प्रकार से पूरा क्षेत्र रोड पर आ गया था। और आप भी जानते हैं। तब हमारा मिशन, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का था। तब यहां माताओं-बहनों ने बहुत आशीर्वाद दिया था।

2014 में माता वैष्णों देवी के दर्शन करके आया था। इसी मैदान पर मैंने आपको गारंटी दी थी कि जम्मू कश्मीर की अनेक पीढ़ियों ने जो कुछ सहा है, उससे मुक्ति दिलाऊंगा। आज आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी की है। दशकों बाद ये पहला चुनाव है, जब आतंकवाद, अलगाववाद, पत्थरबाज़ी, बंद-हड़ताल, सीमापार से गोलीबारी, ये चुनाव के मुद्दे ही नहीं हैं। तब माता वैष्णो देवी यात्रा हो या अमरनाथ यात्रा, ये सुरक्षित तरीके से कैसे हों, इसको लेकर ही चिंताएं होती थीं। अगर एक दिन शांति से गया तो अखबार में बड़ी खबर बन जाती थी। आज स्थिति एकदम बदल गई है। आज जम्मू- कश्मीर में विकास भी हो रहा है और विश्वास भी बढ़ रहा है। इसलिए, आज जम्मू-कश्मीर के चप्पे-चप्पे में भी एक ही गूंज सुनाई दे रही है-फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

ये चुनाव सिर्फ सांसद चुनने भर का नहीं है, बल्कि ये देश में एक मजबूत सरकार बनाने का चुनाव है। सरकार मजबूत होती है तो जमीन पर चुनौतियों के बीच भी चुनौतियों को चुनौती देते हुए काम करके दिखाती है। दिखता है कि नहीं दिखता है...दिखता है कि नहीं दिखता है। यहां जो पुराने लोग हैं, उनको 10 साल पहले का मेरा भाषण याद होगा। यहीं मैंने आपसे कहा था कि आप मुझपर भरोसा कीजिए, याद है ना मैंने कहा था कि मुझ पर भरोसा कीजिए। मैं 60 वर्षों की समस्याओं का समाधान करके दिखाउंगा। तब मैंने यहां माताओं-बहनों के सम्मान देने की गारंटी दी थी। गरीब को 2 वक्त के खाने की चिंता न करनी पड़े, इसकी गारंटी दी थी। आज जम्मू-कश्मीर के लाखों परिवारों के पास अगले 5 साल तक मुफ्त राशन की गारंटी है। आज जम्मू कश्मीर के लाखों परिवारों के पास 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की गारंटी है। 10 वर्ष पहले तक जम्मू कश्मीर के कितने ही गांव थे, जहां बिजली-पानी और सड़क तक नहीं थी। आज गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है। आज जम्मू-कश्मीर के 75 प्रतिशत से ज्यादा घरों को पाइप से पानी की सुविधा मिल रही है। इतना ही नहीं ये डिजिटल का जमाना है, डिजिटल कनेक्टिविटी चाहिए, मोबाइल टावर दूर-सुदूर पहाड़ों में लगाने का अभियान चलाया है। 

भाइयों और बहनों,

मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। आप याद कीजिए, कांग्रेस की कमज़ोर सरकारों ने शाहपुर कंडी डैम को कैसे दशकों तक लटकाए रखा था। जम्मू के किसानों के खेत सूखे थे, गांव अंधेरे में थे, लेकिन हमारे हक का रावी का पानी पाकिस्तान जा रहा था। मोदी ने किसानों को गारंटी दी थी और इसे पूरा भी कर दिखाया है। इससे कठुआ और सांबा के हजारों किसानों को फायदा हुआ है। यही नहीं, इस डैम से जो बिजली पैदा होगी, वो जम्मू कश्मीर के घरों को रोशन करेगी।

भाइयों और बहनों,

मोदी विकसित भारत के लिए विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण की गारंटी दे रहा है। लेकिन कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी और बाकी सारे दल जम्मू-कश्मीर को फिर उन पुराने दिनों की तरफ ले जाना चाहते हैं। इन ‘परिवार-चलित’ पार्टियों ने, परिवार के द्वारा ही चलने वाली पार्टियों ने जम्मू कश्मीर का जितना नुकसान किया, उतना किसी ने नहीं किया है। यहां तो पॉलिटिकल पार्टी मतलब ऑफ द फैमिली, बाई द फैमिली, फॉर द फैमिली। सत्ता के लिए इन्होंने जम्मू कश्मीर में 370 की दीवार बना दी थी। जम्मू-कश्मीर के लोग बाहर नहीं झांक सकते थे और बाहर वाले जम्मू-कश्मीर की तरफ नहीं झांक सकते थे। ऐसा भ्रम बनाकर रखा था कि उनकी जिंदगी 370 है तभी बचेगी। ऐसा झूठ चलाया। ऐसा झूठ चलाया। आपके आशीर्वाद से मोदी ने 370 की दीवार गिरा दी। दीवार गिरा दी इतना ही नहीं, उसके मलबे को भी जमीन में गाड़ दिया है मैंने। 

मैं चुनौती देता हूं हिंदुस्तान की कोई पॉलीटिकल पार्टी हिम्मत करके आ जाए। विशेष कर मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं। वह घोषणा करें कि 370 को वापस लाएंगे। यह देश उनका मुंह तक देखने को तैयार नहीं होगा। यह कैसे-कैसे भ्रम फैलाते हैँ। कैसे-कैसे लोगों को डरा कर रखते हैं। यह कहते थे, 370 हटी तो आग लग जाएगी। जम्मू-कश्मीर हमें छोड़ कर चला जाएगा। लेकिन जम्मू कश्मीर के नौजवानों ने इनको आइना दिखा दिया। अब देखिए, जब यहां उनकी नहीं चली जम्मू-कश्मीर को लोग उनकी असलीयत को जान गए। अब जम्मू-कश्मीर में उनके झूठे वादे भ्रम का मायाजाल नहीं चल पा रही है। तो ये लोग जम्मू-कश्मीर के बाहर देश के लोगों के बीच भ्रम फैलाने का खेल-खेल रहे हैं। यह कहते हैं कि 370 हटने से देश का कोई लाभ नहीं हुआ। जिस राज्य में जाते हैं, वहां भी बोलते हैं। तुम्हारे राज्य को क्या लाभ हुआ, तुम्हारे राज्य को क्या लाभ हुआ? 

370 के हटने से क्या लाभ हुआ है, वो जम्मू-कश्मीर की मेरी बहनों-बेटियों से पूछो, जो अपने हकों के लिए तरस रही थी। यह उनका भाई, यह उनका बेटा, उन्होंने उनके हक वापस दिए हैं। जरा कांग्रेस के लोगों जरा देश भर के दलित नेताओं से मैं कहना चाहता हूं। यहां के हमारे दलित भाई-बहन हमारे बाल्मीकि भाई-बहन देश आजाद हुआ, तब से परेशानी झेल रहे थे। जरा जाकर उन बाल्मीकि भाई-बहनों से पूछो और गड्डा ब्राह्मण, कोहली से पूछो और पहाड़ी परिवार हों, मचैल माता की भूमि में रहने वाले मेरे पाड्डरी साथी हों, अब हर किसी को संविधान में मिले अधिकार मिलने लगे हैं।

अब हमारे फौजियों की वीर माताओं को चिंता नहीं करनी पड़ती, क्योंकि पत्थरबाज़ी नहीं होती। इतना ही नहीं घाटी की माताएं मुझे आशीर्वाद देती हैं, उनको चिंता रहती थी कि बेटा अगर दो चार दिन दिखाई ना दे। तो उनको लगता था कि कहीं गलत हाथों में तो नहीं फंस गया है। आज कश्मीर घाटी की हर माता चैन की नींद सोती है क्योंकि अब उनका बच्चा बर्बाद होने से बच रहा है। 

साथियो, 

अब स्कूल नहीं जलाए जाते, बल्कि स्कूल सजाए जाते हैं। अब यहां एम्स बन रहे हैं, IIT बन रहे हैं, IIM बन रहे हैं। अब आधुनिक टनल, आधुनिक और चौड़ी सड़कें, शानदार रेल का सफर जम्मू-कश्मीर की तकदीर बन रही है। जम्मू हो या कश्मीर, अब रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आने लगे हैं। ये सपना यहां की अनेक पीढ़ियों ने देखा है और मैं आपको गारंटी देता हूं कि आपका सपना, मोदी का संकल्प है। आपके सपनों को पूरा करने के लिए हर पल आपके नाम, आपके सपनों को पूरा करने के लिए हर पल देश के नाम, विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए 24/7, 24/74 फॉर 2047, यह मोदी के गारंटी है। 10 सालों में हमने आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों पर घेरा बहुत ही कसा है। अब आने वाले 5 सालों में इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाना है।

साथियों,

सड़क, बिजली, पानी, यात्रा, प्रवास वो तो है। सबसे बड़ी बात है कि जम्मू-कश्मीर का मन बदला है। निराशा में से आशा की और बढ़े हैं। जीवन पूरी तरीके से विश्वास से भरा हुआ है, इतना विकास यहां हुआ है। चारों तरफ विकास हो रहा। लोग कहेंगे, मोदी जी अभी इतना कर लिया। चिंता मत कीजिए, हम आपके साथ हैं। आपका साथ उसके प्रति तो मेरा अपार विश्वास है। मैं यहां ना आता तो भी मुझे पता था कि जम्मू कश्मीर का मेरा नाता इतना गहरा है कि आप मेरे लिए मुझे भी ज्यादा करेंगे। लेकिन मैं तो आया हूं। मां वैष्णो देवी के चरणों में बैठे हुए आप लोगों के बीच दर्शन करने के लिए। मां वैष्णो देवी की छत्रछाया में जीने वाले भी मेरे लिए दर्शन की योग्य होते हैं और जब लोग कहते हैं, कितना कर लिया, इतना हो गया, इतना हो गया और इससे ज्यादा क्या कर सकते हैं। मेरे जम्मू कश्मीर के भाई-बहन अपने पहले इतने बुरे दिन देखे हैं कि आपको यह सब बहुत लग रहा है। बहुत अच्छा लग रहा है लेकिन जो विकास जैसा लग रहा है लेकिन मोदी है ना वह तो बहुत बड़ा सोचता है। यह मोदी दूर का सोचता है। और इसलिए अब तक जो हुआ है वह तो ट्रेलर है ट्रेलर। मुझे तो नए जम्मू कश्मीर की नई और शानदार तस्वीर बनाने के लिए जुट जाना है। 

वो समय दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा के चुनाव होंगे। जम्मू कश्मीर को वापस राज्य का दर्जा मिलेगा। आप अपने विधायक, अपने मंत्रियों से अपने सपने साझा कर पाएंगे। हर वर्ग की समस्याओं का तेज़ी से समाधान होगा। यहां जो सड़कों और रेल का काम चल रहा है, वो तेज़ी से पूरा होगा। देश-विदेश से बड़ी-बड़ी कंपनियां, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां औऱ ज्यादा संख्या में आएंगी। जम्मू कश्मीर, टूरिज्म के साथ ही sports और start-ups के लिए जाना जाएगा, इस संकल्प को लेकर मुझे जम्मू कश्मीर को आगे बढ़ाना है। 

भाइयों और बहनों,

ये ‘परिवार-चलित’ परिवारवादी , परिवार के लिए जीने मरने वाली पार्टियां, विकास की भी विरोधी है और विरासत की भी विरोधी है। आपने देखा होगा कि कांग्रेस राम मंदिर से कितनी नफरत करती है। कांग्रेस और उनकी पूरा इको सिस्टम अगर मुंह से कहीं राम मंदिर निकल गया। तो चिल्लाने लग जाती है, रात-दिन चिल्लाती है कि राम मंदिर बीजेपी के लिए चुनावी मुद्दा है। राम मंदिर ना चुनाव का मुद्दा था, ना चुनाव का मुद्दा है और ना कभी चुनाव का मुद्दा बनेगा। अरे राम मंदिर का संघर्ष तो तब से हो रहा था, जब कि भाजपा का जन्म भी नहीं हुआ था। राम मंदिर का संघर्ष तो तब से हो रहा था जब यहां अंग्रेजी सल्तनत भी नहीं आई थी। राम मंदिर का संघर्ष 500 साल पुराना है। जब कोई चुनाव का नामोनिशान नहीं था। जब विदेशी आक्रांताओं ने हमारे मंदिर तोड़े, तो भारत के लोगों ने अपने धर्मस्थलों को बचाने की लड़ाई लड़ी थी। वर्षों तक, लोगों ने अपनी ही आस्था के लिए क्या-क्या नहीं झेला। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेता बड़े-बड़े बंगलों में रहते थे, लेकिन जब रामलला के टेंट बदलने की बात आती थी तो ये लोग मुंह फेर लेते थे, अदालतों की धमकियां देते थे। बारिश में रामलला का टेंट टपकता रहता था और रामलला के भक्त टेंट बदलवाने के लिए अदालतों के चक्कर काटते रहते थे। ये उन करोड़ों-अरबों लोगों की आस्था पर आघात था, जो राम को अपना आराध्य कहते हैं। हमने इन्हीं लोगों से कहा कि एक दिन आएगा, जब रामलला भव्य मंदिर में विराजेंगे। और तीन बातें कभी भूल नहीं सकते। एक 500 साल के अविरत संघर्ष के बाद ये हुआ। आप सहमत हैं। 500 साल के अविरत संघर्ष के बाद हुआ है, आप सहमत हैं। दूसरा, पूरी न्यायिक प्रक्रिया की कसौटी से कस करके, न्याय के तराजू से तौल करके अदालत के निर्णय से ये काम हुआ है, सहमत हैं। तीसरा, ये भव्य राम मंदिर सरकारी खजाने से नहीं, देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने पाई-पाई दान देकर बनाया है। सहमत हैं। 

जब उस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई तो पिछले 70 साल में कांग्रेस ने जो भी पाप किए थे, उनके साथियों ने जो रुकावटें डाली थी, सबको माफ करके, राम मंदिर के जो ट्रस्टी हैं, वो खुद कांग्रेस वालों के घर गए, इंडी गठबंधन वालों के घर गए, उनके पुराने पापों को माफ कर दिया। उन्होंने कहा राम आपके भी हैं, आप प्राण-प्रतिष्ठा में जरूर पधारिये। सम्मान के साथ बुलाया। लेकिन उन्होंने इस निमंत्रण को भी ठुकरा दिया। कोई बताए, वो कौन सा चुनावी कारनामा था, जिसके दबाव में आपने राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा दिया। वो कौन सा चुनावी खेल था कि आपने प्राण-प्रतिष्ठा के पवित्र कार्य को ठुकरा दिया। और ये कांग्रेस वाले, इंडी गठबंधन वाले इसे चुनाव का मुद्दा कहते हैं। उनके लिए ये चुनावी मुद्दा था, देश के लिए ये श्रद्धा का मुद्दा था। ये धैर्य की विजय का मुद्दा था। ये आस्था और विश्वास का मु्द्दा था। ये 500 वर्षों की तपस्या का मुद्दा था।

मैं कांग्रेस से पूछता हूं...आप ने अपनी सरकार के समय दिन-रात इसका विरोध किया, तब ये किस चुनाव का मुद्दा था? लेकिन आप राम भक्तों की आस्था देखिए। मंदिर बना तो ये लोग इंडी गठबंधन वालें के घर प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण देने खुद गए। जिस क्षण के लिए करोड़ों लोगों ने इंतजार किया, आप बुलाने पर भी उसे देखने नहीं गए। पूरी दुनिया के रामभक्तों ने आपके इस अहंकार को देखा है। ये किस चुनावी मंशा को देखा है। ये चुनावी मंशा थी कि आपने प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकरा दिया। आपके लिए चुनाव का खेल है। ये किस तरह की तुष्टिकरण की राजनीति थी। भगवान राम को काल्पनिक कहकर कांग्रेस किसे खुश करना चाहती थी?

साथियों, 

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगों को देश के ज्यादातर लोगों की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। इन्हें लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने में मजा आता है। ये लोग सावन में एक सजायाफ्ता, कोर्ट ने जिसे सजा की है, जो जमानत पर है, ऐसे मुजरिम के घर जाकर के सावन के महीने में मटन बनाने का मौज ले रहे हैं इतना ही नहीं उसका वीडियो बनाकर के देश के लोगों को चिढ़ाने का काम करते हैं। कानून किसी को कुछ खाने से नहीं रोकता। ना ही मोदी रोकता है। सभी को स्वतंत्रता है की जब मन करें वेज खायें या नॉन-वेज खाएं। लेकिन इन लोगों की मंशा दूसरी होती है। जब मुगल यहां आक्रमण करते थे ना तो उनको सत्ता यानि राजा को पराजित करने से संतोष नहीं होता था, जब तक मंदिर तोड़ते नहीं थे, जब तक श्रद्धास्थलों का कत्ल नहीं करते थे, उसको संतोष नहीं होता था, उनको उसी में मजा आता था वैसे ही सावन के महीने में वीडियो दिखाकर वो मुगल के लोगों के जमाने की जो मानसिकता है ना उसके द्वारा वो देश के लोगों को चिढ़ाना चाहते हैं, और अपनी वोट बैंक पक्की करना चाहते हैं। ये वोट बैंक के लिए चिढ़ाना चाहते हैं । आप किसे चिढ़ाना चाहते हैंनवरात्र के दिनों में आपका नॉनवेज खाना,  आप किस मंशा से वीडियो दिखा-दिखा कर के लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचा करके, किसको खुश करने का खेल कर रहे हो।  

मैं जानता हूं मैं  जब आज ये  बोल रहा हूं, उसके बाद ये लोग पूरा गोला-बारूद लेकर गालियों की बौछार मुझ पर चलाएंगे, मेरे पीछे पड़ जाएंगे। लेकिन जब बात  बर्दाश्त के बाहर हो जाती है, तो लोकतंत्र में मेरा दायित्व बनता है कि सही चीजों का सही पहलू बताऊं। और मैं वो अपना कर्तव्य पूरा कर रहा हूं। ये लोग ऐसा जानबूझकर इसलिए करते हैं ताकि इस देश की मान्यताओं पर हमला हो। ये इसलिए होता है, ताकि एक बड़ा वर्ग इनके वीडियो को देखकर चिढ़ता रहे, असहज होता रहे। समस्या इस अंदाज से है। तुष्टिकरण से आगे बढ़कर ये इनकी मुगलिया सोच है। लेकिन ये लोग नहीं जानते, जनता जब जवाब देती है तो बड़े-बड़े शाही खानदान के युवराजों को बेदखल होना पड़ता है।

साथियों, 

ये जो परिवार-चलित पार्टियां हैं, ये जो भ्रष्टाचारी हैं, अब इनको फिर मौका नहीं देना है। उधमपुर से डॉ. जितेंद्र सिंह और जम्मू से जुगल किशोर जी को नया रिकॉर्ड बनाकर सांसद भेजना है। जीत के बाद दोबारा जब उधमपुर आऊं तो, स्वादिष्ट कलाड़ी का आनंद ज़रूर लूंगा। आपको मेरा एक काम और करना है। इतना निकट आकर मैं माता वैष्णों देवी जा नहीं पा रहा हूं। तो माता वैष्णों देवी को क्षमा मांगिए और मेरी तरफ से मत्था टेकिए। दूसरा एक काम करोगे। एक और काम करोगे, मेरा एक और काम करोगे, पक्का करोगे। देखिए आपको घर-घर जाना है। कहना मोदी जी उधमपुर आए थे, मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है, राम-राम कहा है। जय माता दी कहा है, कहोगे। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय ! 

बहुत-बहुत धन्यवाद