ओडिशा सैकड़ों वर्षों से भारतीय सभ्यता, हमारी संस्कृति को समृद्ध कर रहा है: प्रधानमंत्री
आज जब विकास और विरासत का मंत्र भारत की प्रगति का आधार बन गया है, तो ओडिशा की भूमिका और भी बड़ी हो गई है: प्रधानमंत्री
बीते वर्षों में हमने आदिवासी समाज को हिंसा से बाहर निकालकर विकास के नए पथ पर अग्रसर करने का काम किया है: प्रधानमंत्री
21वीं सदी के भारत के विकास को पूर्वी भारत से गति मिलेगी: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार का एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता की। ओडिशा के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने पेयजल, सिंचाई, कृषि अवसंरचना, स्वास्थ्य अवसंरचना, ग्रामीण सड़कें और पुल, राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ भाग और एक नई रेल लाइन सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि 20 जून एक बहुत ही खास दिन है, क्योंकि इस दिन ओडिशा की पहली भाजपा सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह वर्षगांठ केवल एक सरकार की नहीं, बल्कि जनसेवा और जनविश्वास के लिए समर्पित सुशासन की स्थापना की है।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार ने ओडिशा के करोड़ों मतदाताओं की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए हैं। श्री मोदी ने ओडिशा के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके समर्थन और विश्वास का सम्मान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी और उनकी पूरी टीम को उनके सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि उनके प्रयासों ने ओडिशा के विकास को नई गति दी है।

श्री मोदी ने कहा, "ओडिशा केवल एक राज्य नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत का चमकता सितारा है।" उन्होंने इस बात पर की जानकारी दी कि सदियों से ओडिशा ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में, जब विकास और विरासत का मंत्र भारत की प्रगति का आधार बन गया है, ओडिशा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में ओडिशा ने अपनी विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ विकास के मंत्र को पूरे दिल से अपनाया है और इस मार्ग पर राज्य तेजी से आगे बढ़ा है।

ओडिशा में भाजपा सरकार का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर, लोगों द्वारा भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा की तैयारियों में लगे होने के शुभ संयोग को ध्यान में रखते हुए, श्री मोदी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ न केवल पूजनीय हैं, बल्कि वे असीम प्रेरणा के स्रोत भी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के आशीर्वाद से श्री मंदिर से संबंधित मुद्दों का भी समाधान हो गया है। प्रधानमंत्री ने करोड़ों भक्तों की भावनाओं का सम्मान करने के लिए श्री मोहन माझी और उनकी सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के तुरंत बाद श्री मंदिर के सभी चार द्वार खोल दिए गए। श्री मोदी ने यह भी कहा कि मंदिर का रत्न भंडार भी खोल दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक विजय का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था को स्वीकार करने का सम्मानजनक कार्य है। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन के बाद अमरीका यात्रा के राष्ट्रपति के निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया, क्योंकि उन्होंने आज ही भगवान जगन्नाथ की पवित्र भूमि पर जाने की योजना बना ली थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक देश के लोगों ने पिछली सरकार के शासन के मॉडल को देखा, जिसमें सुशासन का अभाव था और लोगों का जीवन आसान नहीं था। उन्होंने विकास परियोजनाओं में देरी, बाधा और व्यापक भ्रष्टाचार के लिए पिछली सरकार के मॉडल की आलोचना की। वर्तमान विकास मॉडल की पहचान बताते हुए, श्री मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में देश ने हमारे विकास मॉडल को व्यापक रूप से देखा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में कई राज्यों में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि इन राज्यों ने न केवल सरकार में बदलाव देखा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के नए युग में प्रवेश किया। पूर्वी भारत का उदाहरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि एक दशक पहले, असम अस्थिरता, अलगाववाद और हिंसा से ग्रस्त था। उन्होंने कहा कि आज, असम नए विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। श्री मोदी ने कहा कि दशकों से चल रही उग्रवादी गतिविधियाँ अब बंद हो गई हैं। प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा कि असम अब कई मापदंडों पर देश के कई अन्य राज्यों से आगे निकल गया है। त्रिपुरा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों के वामपंथी शासन के बाद लोगों ने उनकी पार्टी को मौका दिया है। उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि त्रिपुरा विकास के हर संकेतक पर पिछड़ा हुआ था, बुनियादी ढांचे की हालत खस्ता थी और सरकारी व्यवस्था जनता की चिंताओं के प्रति उदासीन थी। हिंसा और भ्रष्टाचार से परेशान लोगों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि आज त्रिपुरा शांति और प्रगति के प्रतीक के रूप में उभर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा भी दशकों से कई चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि न तो गरीबों और न ही किसानों को उनका हक मिला है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लालफीताशाही हावी थी और राज्य भर में बुनियादी ढांचे की हालत खस्ता थी। उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा के कई क्षेत्र विकास की प्रक्रिया में पीछे छूट गए थे। श्री मोदी ने कहा कि ऐसी चुनौतियां ओडिशा की दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता बन गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में उनकी सरकार ने इन मुद्दों को हल करने के लिए पूरे संकल्प के साथ काम किया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकास के केंद्र और राज्य सरकार के मॉडल के संयोजन ने स्पष्ट परिणाम दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उद्घाटन और लॉन्च की गई हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं केंद्र और राज्य सरकार के दृष्टिकोण के संयोजन के प्रभाव को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि इस मॉडल से ओडिशा के लोगों को दोहरा लाभ हुआ है। एक उदाहरण देते हुए श्री मोदी ने याद दिलाया कि लंबे समय तक ओडिशा में लाखों गरीब परिवार आयुष्मान भारत योजना के दायरे से बाहर रहे। उन्होंने कहा कि आज आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और गोपबंधु जन आरोग्य योजना दोनों मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे ओडिशा में करीब 3 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लाभ न केवल ओडिशा के अस्पतालों में बल्कि देश भर के अन्य राज्यों में काम करने वालों के लिए भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक ओडिशा के 2 लाख लोगों ने इलाज करवाया है, जिनमें से कई ने बारह से अधिक अन्य राज्यों में मुफ्त इलाज करवाया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक वर्ष पहले तक ऐसी चिकित्सा सुविधा की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। श्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के मॉडल के इस संयोजन ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से और अधिक परिणाम प्राप्त करने में सहायता की है। उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि ओडिशा में 70 वर्ष से अधिक उम्र के 23 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक अब इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के लिए पात्र हैं, जिससे सामान्य परिवारों पर स्वास्थ्य सेवा का बोझ काफी कम हो गया है। इसी तरह, प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले ओडिशा के किसानों को पीएम-किसान योजना का पूरा लाभ नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि अब किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से दोहरा लाभ मिल रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि सरकार ने धान के लिए उच्च खरीद मूल्य का वादा पूरा किया, जिससे ओडिशा के लाखों धान किसानों को लाभ हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाएं थीं, जिनका ओडिशा को पहले पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि आज लोगों को केंद्र और राज्य सरकार दोनों की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, किसानों और युवाओं को चुनाव के दौरान दी गई सभी गारंटी को तेजी से व्यावहारिक धरातल पर लागू किया गया है।

वंचितों को सशक्त बनाने को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि ओडिशा में बड़ी संख्या में आदिवासी रहते हैं। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि अतीत में आदिवासी समुदाय को पिछड़ेपन, गरीबी और अभाव के कारण लगातार उपेक्षा का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस पार्टी ने लंबे समय तक देश पर शासन किया, उसने राजनीतिक लाभ के लिए आदिवासी आबादी का शोषण किया, क्योंकि इस समूह ने न तो आदिवासी समाज के लिए विकास की पेशकश की और न ही आदिवासी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश के बड़े क्षेत्रों को नक्सलवाद, हिंसा और उत्पीड़न की आग में धकेल दिया।

श्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश भर में 125 से अधिक आदिवासी बहुल जिले नक्सली हिंसा से प्रभावित थे। उन्होंने कहा कि इन आदिवासी क्षेत्रों को "लाल गलियारे" के नाम पर गलत तरीके से कलंकित किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इनमें से अधिकांश जिलों को पिछड़ा घोषित कर दिया गया और बाद में पिछली सरकारों ने उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में उनकी सरकार ने आदिवासी समाज को हिंसा के माहौल से बाहर निकालकर विकास के नए रास्ते पर लाने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा कि उनकी सरकार ने हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई लहर आई है, जिसके परिणामस्वरूप नक्सली हिंसा की पहुंच अब देश के 20 से भी कम जिलों तक सिमट गई है। श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान कार्रवाई की गति से आदिवासी समुदाय जल्द ही हिंसा की छाया से मुक्त हो जाएंगे और यह आश्वासन दिया कि देश से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा।

श्री मोदी ने कहा, “आदिवासी समुदायों के सपनों को पूरा करना, उन्हें नए अवसर प्रदान करना और उनके जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि पहली बार, विशेष रूप से आदिवासी विकास के लिए दो प्रमुख राष्ट्रीय योजनाएँ शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दोनों योजनाओं पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहली योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का रूप है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत देश भर के 60,000 से अधिक आदिवासी गाँवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा में भी आदिवासी परिवारों के लिए मकान बनाए जा रहे हैं, सड़कें बनाई जा रही हैं और बिजली और पानी की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्री मोदी ने बताया कि ओडिशा के 11 जिलों में 40 आवासीय विद्यालय भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन योजनाओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

दूसरी बड़ी योजना, पीएम जनमन योजना की चर्चा करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि इस योजना की प्रेरणा ओडिशा की धरती से मिली है। उन्होंने इस पहल को आकार देने में देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति और ओडिशा की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मार्गदर्शन को स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने इस बात की जानकारी दी कि यह योजना व्यापक आदिवासी समुदाय के भीतर विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) को समर्थन देने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कई छोटी आदिवासी बस्तियों में सैकड़ों करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं।

ओडिशा में बड़ी संख्या में मछुआरों के रहने की जानकारी देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बार, उनके कल्याण के लिए बड़ी राष्ट्रव्यापी योजना-पीएम मत्स्य संपदा योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि मछुआरों को अब किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा का भी लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार 25,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष स्थापित कर रही है, जिससे ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में रहने वालों को बहुत लाभ होगा और युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध होंगे।

श्री मोदी ने कहा, "21वीं सदी के भारत का विकास पूर्वी भारत से संचालित होगा। यह पूर्वोदय का युग है।" उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ सरकार ओडिशा के साथ-साथ पूरे पूर्वी क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वर्ष पहले उनकी सरकार बनने के बाद इस अभियान को और गति मिली है। पारादीप से झारसुगुड़ा तक औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि इससे ओडिशा की खनिज और बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ओडिशा में सड़क, रेल और हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि पारादीप में मेगा ड्यूल-फीड क्रैकर और डाउनस्ट्रीम इकाई की स्थापना, चांदीखोल में कच्चे तेल भंडारण की सुविधा और गोपालपुर में एलएनजी टर्मिनल जैसी परियोजनाएं ओडिशा को प्रमुख औद्योगिक राज्य के रूप में स्थापित करेंगी। श्री मोदी ने कहा कि इन विकास कार्यक्रमों से पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल्स, कपड़ा और प्लास्टिक से संबंधित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे छोटे और मध्यम उद्यमों का विशाल नेटवर्क तैयार होगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इससे युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। प्रधानमंत्री ने इस बात की जानकारी दी कि हाल के वर्षों में ओडिशा के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में लगभग ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश किया गया है। उन्होंने कहा, “ओडिशा भारत का पेट्रोकेमिकल्स हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि महान लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दूरदर्शिता और दीर्घकालिक दृष्टि की आवश्यकता होती है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार एक वर्ष की उपलब्धियों या पांच वर्ष के लक्ष्यों तक सीमित नहीं है। हम आने वाले दशकों के लिए रूपरेखा बना रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार ने राज्य के शताब्दी वर्ष 2036 के लिए एक विशेष योजना का मसौदा तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा भाजपा सरकार के पास भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 2047 के लिए भी एक रोडमैप है। विजन 2036 की समीक्षा करने के बाद उन्होंने इसे अत्यधिक महत्वाकांक्षी बताया और प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ओडिशा के युवाओं की प्रतिभा और समर्पण पर पूरा भरोसा प्रकट किया। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर ओडिशा को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”

इस कार्यक्रम में ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति, ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम और श्री धर्मेंद्र प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

जिले के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क के साथ एकीकरण के ऐतिहासिक क्षण को चिह्नित करते हुए, प्रधानमंत्री ने बौध जिले में पहली बार रेल संपर्क बढ़ाने वाली नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई।

स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री ने राजधानी क्षेत्र शहरी परिवहन (सीआरयूटी) प्रणाली के तहत 100 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, जो आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल शहरी गतिशीलता नेटवर्क का समर्थन करती हैं।

प्रधानमंत्री ने ओडिशा विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। 2036 (जब ओडिशा भारत के पहले भाषाई राज्य के रूप में 100 वर्ष पूरे करेगा) और 2047 (जब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष का उत्सव मनाएगा) के ऐतिहासिक वर्षों के आसपास, विजन समावेशी विकास के लिए महत्वाकांक्षी और भविष्य के लिए रूपरेखा तैयार करेगा।

प्रख्यात ओडिया लोगों के योगदान के लिए श्रद्धांजलि के रूप में, प्रधानमंत्री ने ‘बारापुत्र ऐतिहासिक ग्राम योजना’ पहल आरंभ की। इसका उद्देश्य ओडिशा की विरासत का सम्मान करते हुए संग्रहालयों, व्याख्या केंद्रों, मूर्तियों, पुस्तकालयों और सार्वजनिक स्थानों के माध्यम से ऐसे लोगों के जन्मस्थानों को जीवित स्मारकों में बदलना है, जबकि सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

राज्य में समृद्धि और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में 16.50 लाख से अधिक लखपति दीदियों का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य भर की सफल महिलाओं को सम्मानित किया।

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Campaigning for the upcoming Assembly elections, Prime Minister Narendra Modi addressed a massive public gathering in Gogamukh, marking his first rally in Assam after the announcement of polls. The event witnessed an overwhelming turnout, with enthusiastic participation from youth, women and local communities, signaling strong momentum for the BJP-led NDA.

Opening his address with high energy, the Prime Minister said, “This is my first public meeting after the announcement of elections in Assam. The sea of people in front of me, the enthusiasm of the youth and the blessings of our mothers and sisters clearly show this time, a hat-trick is certain.” Echoing popular sentiment, he added, “Everyone is saying- ‘Aakou Ebaar… NDA Shorkar!’”

Invoking the spiritual and cultural heritage of Assam, PM Modi remarked, “I am fortunate to begin this campaign with the blessings of Lord Shiva at Ghughuli Dol and Donyi-Polo. I bow to Srimanta Sankardev and pay tribute to great sons of Assam like Lachit Borphukan and Bharat Ratna Bhupen Hazarika.”

Highlighting the development trajectory under BJP governments, PM Modi said, “Under the leadership of Sarbananda Sonowal and now Himanta Biswa Sarma, Assam has witnessed a new era of service and good governance over the past decade.” He emphasized that the election is not just about forming a government but about building a ‘Viksit Assam for a Viksit Bharat.’

Referring to the BJP’s recently released manifesto, he noted, “This ‘Sankalp Patra’ is truly a ‘Mangal Patra’- it brings prosperity for Assam. It lays out a clear roadmap for jobs, self-employment and ₹5 lakh crore investment in infrastructure.”

On women empowerment, he said, “Through the Lakhpati Didi initiative, nearly 3 lakh women in Assam have already become financially independent. Now, we aim to empower 40 lakh women.”

Emphasizing farmers’ welfare, PM Modi said that over ₹7,500 crore has been transferred to 20 lakh farmers under PM-KISAN. He added, “Small farmers will now receive an additional ₹11,000 annually. Our government is also committed to permanent solutions for Assam’s flood problem.”

Contrasting past and present, the PM reiterated, “The youth of today have only seen BJP’s governance. They have not witnessed the dark days of Congress rule when Assam was known for violence, curfews and unrest.”

He added that Assam is now defined by development, citing examples such as refinery expansion, bamboo-based bio-refinery projects, and upcoming semiconductor manufacturing. “Soon, Assam will be known not just for tea, but also for chips. ‘Chai bhi, Chip bhi’-this is our roadmap for a Viksit Assam.”

Targeting the opposition, PM Modi said, “For Congress, power and family come first. They ignored Assam’s development for decades.” He also warned against divisive politics, alleging that Congress is attempting to revive policies of appeasement.

Coming down heavily on Congress, PM Modi said, “The people of Assam have freed the state from Congress’s misgovernance, but must remain vigilant as the party is now attempting to push a ‘dangerous agenda’ for political gain.” He recalled that before 2014, the Congress-led government had tried to introduce a divisive communal violence law aimed at appeasement, which was stopped by the BJP-NDA. He alleged that Congress is once again proposing a similar approach in Assam, exposing its intent to divide society for votes.

The Prime Minister further accused Congress of supporting infiltration and previously allowing illegal encroachments on farmers’ and tribal lands. He asserted that while the BJP-NDA government is taking strict action against such encroachments, Congress is opposing these efforts. Warning that Congress seeks to alter Assam’s demographic balance, he assured that the BJP-NDA government will continue to protect the land, rights and identity of Assam’s people, calling it ‘Modi’s guarantee.’

Highlighting infrastructure growth, the PM pointed out that while only three bridges were built over the Brahmaputra in decades of Congress rule, the BJP government has completed five major bridges in just over a decade, with more underway.

Reaffirming commitment to tribal welfare, PM Modi said, “Our mantra is ‘Sabka Saath, Sabka Vikas’. Those left behind will be brought forward.” He highlighted initiatives for the Missing community, including education in native language and youth employment programs.

Concluding his address, PM Modi urged voters to ensure a record turnout. “On April 9, all voting records must be broken. Every BJP-NDA candidate is a soldier of Assam’s development. Make them victorious.” He ended with a strong assurance: “You form the BJP government again and Assam will progress at an even faster pace. This is Modi’s guarantee.”