प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितंबर, 2024 को न्यूयॉर्क में यूएनजीए में भविष्य के शिखर सम्मेलन के मौके पर वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एवं वियतनाम के समाजवादी गणराज्य के राज्य अध्यक्ष महामहिम श्री टो लैम से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री ने राज्य अध्यक्ष टो लैम को नेतृत्व की बढ़ी हुई जिम्मेदारियां संभालने के लिए बधाई दी और भारत एवं वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में निरंतर सहयोग की उम्मीद जताई।

प्रधानमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में आए तूफान यागी से हुई हानि और क्षति के लिए वियतनाम के साथ अपनी सहानुभूति और एकजुटता दोहराई। राज्य अध्यक्ष एवं महासचिव टो लैम ने ऑपरेशन सद्भाव के तहत भारत द्वारा समय पर आपातकालीन मानवीय सहायता और आपदा राहत की आपूर्ति के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच अटूट आपसी विश्वास, समझ तथा साझा हितों द्वारा चिन्हित गहरे सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक संबंधों और बढ़ते रणनीतिक संबंधों के महत्व की पुष्टि की। वियतनाम के प्रधानमंत्री महामहिम श्री फाम मिन्ह चिन्ह की पिछले महीने की भारत यात्रा को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने तथा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने हिन्द-प्रशांत समेत महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की सामूहिक भूमिका को रेखांकित किया।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
EU Firms Generate 186 Billion Euros In India, Support 6 Million Jobs: Report

Media Coverage

EU Firms Generate 186 Billion Euros In India, Support 6 Million Jobs: Report
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 08, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की रक्षा में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य से प्रत्येक नागरिक गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि भारत माता के लिए सब कुछ बलिदान करने का उनका जज्बा सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

"स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकंपितुमर्हसि |

धर्म्याधि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियौ न विद्यते ||"

इस श्लोक में यह बताया गया है कि जब व्यक्ति अपने कर्तव्य के प्रति सजग हो जाता है, तो उसके मन में किसी भी प्रकार की झिझक या भय नहीं होना चाहिए, क्योंकि न्याय की वेदी पर धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष एक योद्धा के लिए आत्म-कल्याण का सबसे उत्कृष्ट और गौरवशाली मार्ग है।