चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री पेट्र फियाला वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2024 में हिस्सा लेने के लिए 9-11 जनवरी, 2024 को भारत के दौरे पर हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री श्री फियाला से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने विशेष रूप से ज्ञान, प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई चेक कंपनियों ने मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत रक्षा, रेलवे और विमानन क्षेत्रों में भारतीय निर्माताओं के साथ साझेदारी की है। उन्होंने इस बात पर भी महत्व दिया कि भारत की ग्रोथ स्टोरी और चेक गणराज्य का मजबूत औद्योगिक आधार मिलकर इन्हें वैश्विक आपूर्ति शृंखला के लिहाज से दो आदर्श भागीदार बनाते हैं।

दोनों नेताओं ने भारत-चेक द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में नवाचार को लेकर भारत-चेक रणनीतिक साझेदारी पर संयुक्त वक्तव्य का भी स्वागत किया। इस संयुक्त वक्तव्य का उद्देश्य स्टार्ट-अप और नवाचार, साइबर-सुरक्षा, डिजिटल डोमेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, परमाणु ऊर्जा और सर्कुलर अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की सहयोग भरी विशेषज्ञता का लाभ उठाना है।

प्रधानमंत्री श्री फियाला का जयपुर जाने का कार्यक्रम है जहां निम्स यूनिवर्सिटी उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित करेगी।

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प्रधानमंत्री ने ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसे गुण जीवन में सफलता का आधार हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि इन गुणों से संपन्न व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने और अंततः विजयी होने में सक्षम होता है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-

“शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी।

कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु॥”

यह सुभाषित यह संदेश देता है कि किसी विषय का प्रामाणिक ज्ञान, स्वाभाविक विवेक, निर्भय आत्म-विश्वास, अभ्यास से निखरी हुई प्रभावशाली वाणी, समय की मांग को पहचानने की दूरदर्शिता और निरंतर नई सूझ-बूझ—ये छह गुण मनुष्य के हर कार्य में 'कामधेनु' के समान सिद्ध होते हैं, जो प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसे सद्गुण जीवन में सफलता का प्रमुख आधार हैं। इनसे समृद्ध व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौतियों में भी विजयी होता है।


शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी।

कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु॥”