कच्छ ने पूरे देश को दिखाया है कि अपने संसाधनों पर, अपने सामर्थ्य पर भरोसा करते हुए किस तरह आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ा जा सकता है : पीएम मोदी
किसान भाई-बहनों की हर शंका के समाधान के लिए सरकार 24 घंटे तैयार है : प्रधानमंत्री मोदी
21वीं सदी के भारत के लिए जिस तरह एनर्जी सिक्योरिटी जरूरी है, उसी तरह वाटर सिक्योरिटी भी महत्वपूर्ण है : पीएम मोदी
सिर्फ सवा साल के भीतर जल जीवन मिशन अभियान के तहत करीब 3 करोड़ घरों तक पानी का पाइप पहुंचाया गया है : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में एक विलवणीकरण संयंत्र, एक हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क और एक पूरी तरह से स्वचालित दूध प्रसंस्करण और पैकिंग संयंत्र शामिल हैं। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हर किसी को बदलते समय के साथ चलना होगा और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना होगा। उन्होंने इस संबंध में कच्छ के किसानों की सराहना की जो आजकल विदेशों में फल निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे किसानों के अभिनव उत्साह को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार के न्यूनतम हस्तक्षेप के कारण पिछले दो दशकों में गुजरात में कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र समृद्ध हुए हैं। गुजरात सरकार ने किसानों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने का काम किया है।

श्री मोदी ने कहा कि किसानों को कृषि सुधारों के बारे में गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन कृषि सुधारों को लागू किया गया है उनकी मांग खुद किसान संगठन और विपक्षी दल वर्षों से करते आए थे। उन्होंने यह बात दोहराई कि केन्द्र सरकार हमेशा से किसानों के प्रति प्रतिबद्ध है और उनकी चिंताओं का समाधान करने के प्रति उन्हें आश्वस्त करती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कच्छ ने आधुनिक दौर की प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था दोनों मामले में बड़ी छलांग लगाई है। खरेरा में अक्षय ऊर्जा पार्क, मांडवी में विलवणीकरण संयंत्र और अंजार में नई सरहद देहरी परिसर में नये स्वचालित संयंत्र के लिए किया गया शिलान्यास कच्छ की विकास यात्रा में नए मील के पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का लाभ क्षेत्र के आदिवासियों, किसानों, पशुपालकों और आम लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा की आज, कच्छ देश के सबसे तेजी से विकसित क्षेत्रों में से एक है। देश के अन्य क्षेत्रों के साथ इसका संपर्क लगातार बेहतर होता जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने उस समय को याद किया जब गुजरात के लोगों की बड़ी छोटी सी मांग थी कि रात के भोजन के समय बिजली मिले। उन्होंने कहा कि अब गुजरात में चीजें बहुत बदल गई हैं। गुजरात के युवाओं को आज पहले की असुविधाओं की जानकारी तक नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कच्छ में जनसंख्या काफी कम होने लगी थी। अब लोगों ने यहां से बाहर जाना बंद कर दिया और क्षेत्र के लोगों के वापस लौटने से आबादी भी बढ़ने लगी है। उन्होंने कच्छ में भूकंप के बाद के समय में हुए चार गुना विकास पर अध्ययन करने के लिए शोधकर्ताओं और विश्वविद्यालयों का आह्वान किया।

श्री मोदी ने पिछले बीस वर्षों में कई किसान हितैषी योजनाओं को शुरू करने के लिए गुजरात सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के मामले में गुजरात अग्रणी रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के दौर में ऊर्जा और जल सुरक्षा काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शुरुआती समय में उन लोगों का मजाक उड़ाया गया जिन्होंने पानी की समस्या को दूर करने के लिए नर्मदा का पानी कच्छ तक लाने की बात कही थी। अब, नर्मदा का पानी कच्छ तक पहुंच गया है और कच्छ प्रगति कर रहा है।

 

 

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कैबिनेट ने SARTHAK-PDS के तहत दो योजनाओं के इंटीग्रेशन और कंटिन्यूएशन को दी मंजूरी
May 27, 2026
केंद्र सरकार अगले 5 वर्षों में सार्थक पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के लिए 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी
खाद्यान्न का अंतिम दूरी तक वितरण सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं को जारी रखा जाएगा और डीलरों का कमीशन बढ़ाया जाएगा
सरकार पीडीएस संचालन में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पीडीएस संचालन को बुद्धिमानी से अनुकूलित करने का प्रयास करेगी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने 16वें वित्त आयोग की आबंटन अवधि में "राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता - सार्वजनिक वितरण में स्वचालन के साथ आय" (सार्थक पीडीएस) योजना को एक व्यापक योजना के रूप में जारी रखने की मंजूरी दे दी है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 25,530 करोड़ रुपये का परिव्यय किया जा रहा है।

सीसीईए ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा खाद्यान्नों की अंतरराज्यीय आवाजाही और हैंडलिंग तथा एफपीएस डीलरों के मार्जिन पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए केंद्रीय सहायता के मानदंडों को संशोधित करने और केंद्रीय सहायता के मौजूदा वित्तपोषण पैटर्न को जारी रखने का भी निर्णय लिया है।

इस योजना की परिकल्पना एक व्यापक योजना के रूप में की गई है, जो निम्नलिखित मौजूदा योजनाओं: (i) "एनएफएसए के तहत खाद्यान्नों के अंतर-राज्यीय आवागमन और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता" और (ii) "सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार की योजना (स्मार्ट पीडीएस)" को एकीकृत करती है, ताकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के कार्यान्वयन को व्यापक रूप से मजबूत किया जा सके।

सार्थक-पीडीएस योजना का उद्देश्य (ए) अंतरराज्यीय आवागमन, हैंडलिंग और एफपीएस डीलर के मार्जिन के लिए सुनिश्चित वित्तीय सहायता प्रदान करना, और (बी) एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित, बुद्धिमान और अंतरसंचालनीय पीडीएस संरचना प्रदान करना है, जो अंतिम दूरी तक वितरण सुनिश्चित करती है, लीकेज को कम करती है और एनएफएसए के तहत खाद्य सुरक्षा के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। यह एकीकृत योजना 31 मार्च, 2031 तक संचालित रहेगी।

सार्थक-पीडीएस योजना का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), स्‍वाभाविक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पीडीएस संचालन को आधुनिक बनाना, एकीकृत करना और बुद्धिमत्तापूर्वक अनुकूलित करना है। इसके लिए तत्‍क्षण निगरानी के लिए मानकीकृत संरचनाएं और एकीकृत डेटाबेस, एआई-संचालित शिकायत और विश्लेषण प्रणाली, डेटा-संचालित निरीक्षण के लिए राज्य कमांड नियंत्रण केंद्र और पीडीएस संचालन में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आईएसओ-प्रमाणित प्रसंस्‍करण संरचनाएं तैयार की गई हैं।

गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्नों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराकर उन्हें भोजन और पोषण सुरक्षा प्रदान करना भारत सरकार की देशवासियों के प्रति सामाजिक और कानूनी प्रतिबद्धता है, ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित कर सकें। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सहायता (एनएफएस) के अंतर्गत आने वाले 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में कार्य करेगी। वैधानिक और नीतिगत ढांचे पर आधारित, सार्थक-पीडीएस योजना वित्तीय सहायता घटक को बनाए रखते हुए उसे सुव्यवस्थित करती है और साथ ही इसे आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित पीडीएस प्रणाली में समाहित भी करती है।

सरकार ने पिछले एक दशक में टीपीडीएस के संपूर्ण कम्प्यूटरीकरण, पीडीएस के एकीकृत प्रबंधन (आईएम-पीडीएस) और स्मार्ट पीडीएस जैसी कई डिजिटलीकरण पहलों को लागू क‍रने के साथ ही मेरा राशन, अन्न मित्र, राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे नागरिक-केंद्रित पहलों को भी लागू किया है। 1 अप्रैल, 2023 से, स्मार्ट पीडीएस योजना ने 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्डों के पूर्ण डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस के माध्यम से एफपीएस स्वचालन, ऑनलाइन आबंटन और कम्प्यूटरीकृत आपूर्ति-श्रृंखला प्रबंधन को सक्षम बनाकर प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों की आधारशिला के रूप में कार्य किया है।