आज पूर्वोत्तर भारत, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है; यह भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाला एक सेतु बन रहा है: प्रधानमंत्री
बराक वैली के किसानों और चाय बागान श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है; डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है: प्रधानमंत्री
हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं; कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था, इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज असम के सिलचर में अनेक विकास परियोजनाओं की नींव रखी और उनका उद्घाटन किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संस्कृति और जीवंतता से परिपूर्ण बराक घाटी का दौरा करना उनके लिए हमेशा एक विशेष अनुभव होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिलचर इस घाटी का प्रवेश द्वार है, जहां इतिहास और भाषा का मेल एक अनूठी क्षेत्रीय पहचान का निर्माण करते हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र की शक्ति इसकी विविधता में निहित है, जहां बंगाली, असमिया और आदिवासी परंपराएं सद्भाव से फल-फूल रही हैं। श्री मोदी ने कहा, "बराक घाटी की विविधता ही इसकी सबसे बड़ी संपत्ति है, जो यहां के नागरिकों के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ावा देती है।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के उपजाऊ मैदान और चाय बागान लंबे समय से इसकी स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापार मार्गों के आधार रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन बराक घाटी को पूरे पूर्वोत्तर के लिए एक प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा। श्री मोदी ने कहा कि रेल, सड़क और शिक्षा के क्षेत्र में ये पहलें स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा करने के लिए बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब इस क्षेत्र को न केवल राज्य बल्कि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के पड़ोसी क्षेत्रों से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, "बराक घाटी पूर्वोत्तर के लिए एक प्रमुख लॉजिस्टिक और व्यापार केंद्र बनने जा रही है।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार इस क्षेत्र को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा प्रशासन इस क्षेत्र की औद्योगिक प्रतिष्ठा को पुन:स्‍थापित करने के लिए काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 24,000 करोड़ रुपये की लागत के शिलॉग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह के साथ आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि यह एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर पूर्वोत्तर में अपनी तरह का पहला कॉरिडोर है और लोगों के दशकों पुराने इंतजार को खत्म करता है। श्री मोदी ने कहा कि यह कॉरिडोर सिलचर को मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा से जोड़ेगा और अंततः दक्षिण-पूर्व एशिया के विशाल बाजारों से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संपर्क से स्थानीय उद्योग, कृषि और पर्यटन को अत्‍यधिक बढ़ावा मिलेगा। श्री मोदी ने कहा, "बराक घाटी एक उज्ज्वल भविष्य से जुड़ने जा रही है।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि नया सिलचर फ्लाईओवर शहर के निवासियों को लंबे समय से परेशान कर रहे यातायात जाम से काफी राहत प्रदान करेगा। यह बुनियादी ढांचा सिलचर मेडिकल कॉलेज, एनआईटी और असम विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान है। इससे उनका बहुमूल्य समय बचेगा। श्री मोदी ने कहा कि असम के 2,500 किलोमीटर से अधिक रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण से यात्रा तेज होगी। उन्होंने आगे कहा, "तेज गति और स्वच्छ रेल परिवहन से बराक घाटी के स्वच्छ पर्यावरण को काफी लाभ होगा।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि घाटी के चाय बागान श्रमिकों और किसानों ने असम के विकास में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि के तहत अब तक असम के किसानों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। श्री मोदी ने आगे कहा कि कल ही बराक घाटी के हजारों किसानों को उनके बैंक खातों में धनराशि प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सहायता किसानों को कृषि से संबंधित उनकी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि पाथरकंडी में क्षेत्र के पहले कृषि महाविद्यालय की स्थापना से घाटी कृषि अनुसंधान का केंद्र बनेगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह संस्थान स्थानीय युवाओं को सफल कृषि स्टार्टअप शुरू करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। श्री मोदी ने कहा, "अब बराक घाटी कृषि अध्ययन और अनुसंधान के लिए जानी जाएगी।" 

श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास की दौड़ में पिछड़े हुए लोगों को प्राथमिकता देने के सिद्धांत का पालन करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां सीमावर्ती गांवों को कभी "अंतिम" गांव माना जाता था, वहीं उनकी सरकार उन्हें राष्ट्र के "पहले" गांवों के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि काछर जिले से विस्तारित जीवंत ग्राम कार्यक्रम सीमावर्ती बस्तियों में स्पष्ट सुधार ला रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन क्षेत्रों की ऐतिहासिक उपेक्षा को अब सक्रिय विकास और रणनीतिक दृष्टिकोण से दूर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने दृढ़ता से कहा, "हम सीमावर्ती गांवों को देश के प्रथम गांवों के रूप में मानते हैं।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम सरकार ने हजारों चाय बागान परिवारों को भूमि के अधिकार प्रदान करके एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इन भूमि अधिकारों को प्रदान करना उन पीढ़ियों के भविष्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है जिन्होंने दो शताब्दियों तक सेवा की है। श्री मोदी ने आगे कहा कि यह कानूनी सुरक्षा गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करती है। "इन भूमि अधिकारों से अब परिवारों को स्थायी आवास, बिजली और पानी जैसी केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने चाय बागानों के युवाओं के लिए विशेष रूप से स्कूल, छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन प्रयासों से उन श्रमिकों के बच्चों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य के द्वार खुल रहे हैं, जिन्हें पहले उपेक्षित रखा गया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य वर्तमान सरकार की क्षेत्रीय रणनीति के प्रमुख स्तंभ हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि असम तेजी से एक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां एम्स और कैंसर अस्पतालों का एक मजबूत नेटवर्क है। श्री मोदी ने कहा, "चाय बागानों के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के युवाओं के लिए सेमीकंडक्टर और तकनीकी क्षेत्रों में विशाल अवसर है लेकिन शांति और प्रगति का यह वर्तमान दौर अथक बलिदानों के फलस्वरूप प्राप्त हुआ है और इसे प्रतिगामी शक्तियों से बचाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य को उसके अशांत अतीत में धकेलने का प्रयास करने वाली किसी भी शक्ति को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। श्री मोदी ने कहा, “असम अब भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी से संबंधित तंत्र और प्रतिभाएं यहां तैयार हो रही हैं।” 

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकटों और युद्धों के दौरान, वर्तमान सरकार भारतीय नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि समृद्ध भाषा और संस्कृति के सहयोग से इस क्षेत्र की प्रगति अब रुकने वाली नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज जिन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, वे घाटी के लिए एक नए युग की शुरुआत मात्र हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता का सामूहिक संकल्प पूरे राज्य के लिए एक उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करेगा। श्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, "वह दिन दूर नहीं जब बराक घाटी को विकास के एक नए केंद्र के रूप में मान्यता मिलेगी।" 

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