अहमदाबाद और भुज के बीच नमो भारत रैपिड रेल का उद्घाटन किया
कई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई
पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के सिंगल विंडो आईटी सिस्टम (SWITS) को लॉन्च किया
"हमारे तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में सभी का प्रभावशाली विकास किया गया है "
"70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को 5 लाख रुपये का मुफ्त इलाज देकर गरीबों और मध्यम वर्ग के स्वास्थ्य को लेकर लिया गया बड़ा फैसला"
"नमो भारत रैपिड रेल से मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत सुविधा मिलेगी"
"इन 100 दिनों में वंदे भारत नेटवर्क का विस्तार अभूतपूर्व है"
"यह भारत का समय है, यह भारत का स्वर्णिम काल है, यह भारत का अमृत काल है"
"भारत के पास अब खोने के लिए समय नहीं है, हमें भारत की साख और बढ़ानी है और हर भारतीय को सम्मानजनक जिंदगी भी देनी है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के अहमदाबाद में 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे, सड़क, बिजली, आवास और वित्त क्षेत्रों की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इससे पहले दिन में, श्री मोदी ने अहमदाबाद और भुज के बीच भारत की पहली नमो भारत रैपिड रेल का उद्घाटन किया। उन्होंने कई रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई, जिनमें नागपुर से सिकंदराबाद, कोल्हापुर से पुणे, आगरा कैंट से बनारस, दुर्ग से विशाखापत्तनम, पुणे से हुबली और वाराणसी से दिल्ली के लिए 20 कोच वाली पहली वंदे भारत ट्रेन शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के सिंगल विंडो आईटी सिस्टम (SWITS) को भी लॉन्च किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने गणपति महोत्सव और मिलाद-उन-नबी के शुभ अवसरों और देश भर में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा कि उत्सवों के इस समय में, भारत के विकास का उत्सव भी चल रहा है, जिसमें रेल, सड़क और मेट्रो के क्षेत्रों में करीब 8,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री ने नमो भारत रेपिड रेल के उद्घाटन को गुजरात के सम्मान में एक नया तारा बताते हुए कहा कि यह भारत की शहरी कनेक्टिविटी में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। श्री मोदी ने कहा कि आज हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि हजारों अन्य परिवारों के लिए पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब ये परिवार भी आने वाले त्यौहारों के मौसम में नवरात्रि, दशहरा, दुर्गा पूजा, धनतेरस और दीवाली को अपने नए घरों में उत्साह के साथ मनाएंगे। पीएम मोदी ने कहा, ''मैं आपके शुभ गृह प्रवेश की कामना करता हूं।'' उन्होंने आज की विकास परियोजनाओं के लिए गुजरात और भारत के लोगों को बधाई दी, खासकर महिलाओं को जो अब गृहस्वामी बन गई हैं।

श्री मोदी ने दुख जताते हुए कहा कि त्योहारों के उत्साह के बीच, गुजरात के विभिन्न हिस्सों को लगातार बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब गुजरात के हर हिस्से में इतने कम समय में लगातार बारिश हुई है। उन्होंने बाढ़ के चलते जान गंवाने वाले नागरिकों के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें, प्रभावितों के समर्थन और पुनर्वास को सुनिश्चित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।

पीएम मोदी ने कहा, "तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह मेरी गुजरात की पहली यात्रा है"। उन्होंने बताया कि गुजरात उनका जन्म स्थान है, जहां उन्होंने जीवन के सारे सबक सीखे। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने उन पर अपना प्यार बरसाया है और यह भावना उस बेटे के समान है, जो नई ऊर्जा और उत्साह के साथ घर लौट रहा हो। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग उन्हें आशीर्वाद देने आए हैं।

प्रधानमंत्री ने गुजरात के लोगों की इच्छा व्यक्त की, जो चाहते थे कि तीसरी बार शपथ लेने के बाद वे जल्द से जल्द राज्य का दौरा करें। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह स्वाभाविक है, क्योंकि भारत के लोगों ने साठ वर्षों के बाद, रिकॉर्ड तीसरी बार एक सरकार को सेवा करने का अवसर देकर इतिहास रचा है"। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बताया। उन्होंने आगे कहा कि, "यह गुजरात के वही लोग हैं, जिन्होंने राष्ट्र प्रथम का संकल्प लेकर मुझे दिल्ली भेजा।" लोकसभा चुनाव के दौरान भारत की जनता को सरकार के पहले सौ दिनों में अहम फैसले लेने की गारंटी को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, कि चाहे भारत हो या विदेश, उन्होंने कोई कमी नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले 100 दिन नीतियां बनाने और जन कल्याण और राष्ट्रहित के लिए निर्णय लेने के लिए ही समर्पित किये हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 100 दिनों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। चुनाव के दौरान देश से 3 करोड़ नए घर बनाने के किए गए वादे को याद करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताते हुए कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित गुजरात के हजारों परिवारों को उनके पक्के घर मिले हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी हजारों परिवार, नये पक्के मकानों के लाभार्थी बने हैं। श्री मोदी ने ज़ोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार लगातार सभी को बेहतर वातावरण प्रदान करने में लगी है, चाहे वह गाँव में हो या शहर में। उन्होंने कहा कि चाहे शहरी मध्यम वर्ग के घरों के लिए वित्तीय मदद हो, या श्रमिकों को उचित किराए पर अच्छे घर उपलब्ध कराने का अभियान हो, कारखानों में काम करने वालों के लिए विशेष आवास का निर्माण हो या फिर कामकाजी महिलाओं के लिए देश में नए हॉस्टल बनाने की बात हो, सरकार इन सभी सुविधाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

कुछ दिन पहले गरीबों और मध्यम वर्ग के स्वास्थ्य को लेकर लिए गए बड़े फैसले को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने 70 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को 5 लाख रुपये का मुफ्त इलाज देने का अपना वादा याद दिलाया। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग के बेटे-बेटियों को अब अपने माता-पिता के इलाज की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

पिछले 100 दिनों में युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार के साथ-साथ उनके कौशल विकास के लिए लिए गए अहम फैसलों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री ने 2 लाख करोड़ रुपये के विशेष पीएम पैकेज की घोषणा का भी उल्लेख किया, जिससे 4 करोड़ से अधिक युवाओं को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर कंपनियां युवाओं को नौकरी पर रखती हैं, तो पहली नौकरी के लिए पहला वेतन भी सरकार देगी। उन्होंने मुद्रा ऋण की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का भी जिक्र किया।

महिला सशक्तिकरण के लिए की गई पहलों की बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने की गारंटी को भी याद किया। उन्होंने बेहद संतोष के साथ बताया कि पिछले कुछ सालों में इनकी संख्या एक करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि सरकार के पहले सौ दिनों में देश में 11 लाख नई लखपति दीदियां बनाईं गईं हैं। उन्होंने तिलहन किसानों के हित में सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए फैसलों का भी जिक्र किया, ताकि उन्हें बढ़ी हुई एमएसपी से अधिक कीमत मिले। उन्होंने बताया कि सोयाबीन और सूरजमुखी जैसी फसलें उगाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने और खाद्य तेल उत्पादन में 'आत्मनिर्भर' बनने के मिशन को गति देने के लिए विदेशी तेल के आयात पर शुल्क बढ़ाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने बासमती चावल और प्याज के निर्यात से प्रतिबंध हटा दिया है, जिससे विदेशों में भारतीय चावल और प्याज की मांग बढ़ गई है।

श्री मोदी ने जोर देते हुए बताया कि पिछले 100 दिनों में रेल, सड़क, बंदरगाह, हवाई अड्डे और मेट्रो से जुड़ी दर्जनों परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इसकी झलक आज के कार्यक्रम में भी देखने को मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गुजरात में कनेक्टिविटी से जुड़ी कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम से पहले उन्होंने मेट्रो से गिफ्ट सिटी स्टेशन तक का सफर किया। उन्होंने ये भी बताया कि मेट्रो में सफर के दौरान कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और सभी ने अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार को लेकर खुशी जताई। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 100 दिनों के अंदर, देशभर के कई शहरों में मेट्रो के विस्तार से जुड़े फैसले लिए गए हैं.

आज का दिन गुजरात के लिए खास बताते हुए श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नमो भारत रैपिड रेल ने अहमदाबाद और भुज के बीच अपना परिचालन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नमो भारत रैपिड रेल उन मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बहुत सुविधाजनक होगी, जो हर दिन देश के एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करते हैं और इससे नौकरी, व्यवसाय और शिक्षा से जुड़े लोगों को भी बहुत फायदा होगा। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में नमो भारत रैपिड रेल, देश के कई शहरों को जोड़ते हुए कई लोगों को फायदा पहुंचाएगी।

15 से अधिक नए वंदे भारत ट्रेन मार्गों के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "इन 100 दिनों में वंदे भारत नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है"। उन्होंने झारखंड से कई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने का उल्लेख करते हुए कहा कि नागपुर-सिकंदराबाद, कोल्हापुर-पुणे, आगरा कैंट-बनारस, दुर्ग-विशाखापत्तनम और पुणे-हुबली वंदे भारत को आज हरी झंडी दिखाई जा रही है। उन्होंने दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत ट्रेन के बारे में भी बात की, जिसमें अब 20 डिब्बे हैं। उन्होंने बताया कि देश में 125 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें हर दिन हजारों लोगों की यात्रा को बेहतर बना रही हैं।

इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि गुजरात के लोग समय के मूल्य को समझते हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वक्त, भारत का स्वर्ण काल ​​या अमृत काल है। उन्होंने लोगों से अगले 25 सालों में भारत को विकसित बनाने का आह्वान किया और कहा कि इसमें गुजरात की बहुत बड़ी भूमिका है। श्री मोदी ने प्रसन्नता जताई कि गुजरात आज विनिर्माण का एक बहुत बड़ा केंद्र बन रहा है और भारत के सबसे अच्छी तरह से जुड़े राज्यों में से एक है। श्री मोदी उम्मीद जताते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब भारत को अपना पहला मेड-इन-इंडिया ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-295 गुजरात से मिलेगा। उन्होंने सेमीकंडक्टर मिशन में गुजरात के प्रयासों को अभूतपूर्व बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गुजरात में पेट्रोलियम, फोरेंसिक से लेकर वेलनेस विषयों में, कई विश्वविद्यालय हैं और हर आधुनिक विषय के अध्ययन के लिए गुजरात में बेहतर अवसर हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालय गुजरात में अपने परिसर खोल रहे हैं। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि गुजरात, संस्कृति से लेकर कृषि तक पूरी दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात अब विदेशों में फसलें और अनाज निर्यात कर रहा है, जिसके बारे में कोई कभी सोच भी नहीं सकता था। यह सब गुजरात के लोगों की दृढ़ता और मेहनती स्वभाव के कारण ही मुमकिन हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी एक पीढ़ी ने खुद को राज्य के विकास के लिए समर्पित कर दिया है और उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य आगे भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। भारत में निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता पर, लाल किले से दिए अपने संबोधन की याद दिलाते हुए, प्रधानमंत्री ने लोगों से इस मानसिकता से बाहर निकलने का अनुरोध किया कि निर्यात नहीं किए जाने वाले उत्पाद निम्न गुणवत्ता के होते हैं। उन्होंने गुजरात के भारत और विदेशों में उच्च गुणवत्ता वाले निर्मित उत्पादों का प्रतीक बनने की इच्छा जताई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह भारत, नए संकल्पों के साथ काम कर रहा है, वह दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। श्री मोदी ने कहा कि कई देशों में कई बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के दौरान भारत को जितना सम्मान मिलता है, उससे हमारी अहमियत पता चलती है। “दुनिया में हर कोई भारत और भारतीयों का खुली बांहों से स्वागत करता है। सभी भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं। दुनिया के लोग, संकट के वक्त, समाधान के लिए भारत की ओर देखते हैं”। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि जिस तरह भारत के लोगों ने लगातार तीसरी बार स्थिर सरकार को अपना समर्थन दिया है, दुनिया की उम्मीदें भारत से और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि कुशल युवाओं की मांग बढ़ने से किसानों और युवाओं को इस विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिला है। उन्होंने आगे कहा कि, विश्वास बढ़ने से निर्यात बढ़ता है और विदेशी निवेशकों के लिए अवसर पैदा होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर देश का हर नागरिक अपने देश की शक्ति को बढ़ावा देकर पूरी दुनिया में भारत का ब्रांड एंबेसडर बनना चाहता है, वहीं देश में कुछ लोग नकारात्मकता रखते हैं और इसके ठीक विपरीत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि ऐसे लोग देश की एकता पर हमला कर रहे हैं। श्री मोदी ने याद करते हुए कहा कि कैसे सरदार पटेल ने 500 से अधिक रियासतों का विलय करके भारत को एकीकृत किया था। उन्होंने आगे कहा कि सत्ता के भूखे लोगों का एक खास वर्ग, भारत को टुकड़ों में बांटना चाहता है। श्री मोदी ने गुजरात के लोगों से ऐसे विभाजनकारी तत्वों से सावधान रहने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत विकास की राह पर है और ऐसी नकारात्मक ताकतों का साहसपूर्वक सामना करने में सक्षम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, “भारत के पास अब खोने के लिए वक्त नहीं है। हमें भारत की विश्वसनीयता बढ़ानी है और प्रत्येक भारतीय को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है”, और गुजरात इसमें भी अग्रणी बनकर उभरेगा। श्री मोदी ने अंत में कहा कि हम सभी के प्रयासों से ही हमारा हर संकल्प पूरा होगा, "सबके प्रयास से हमारे सभी संकल्प पूरे होंगे।"

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल भी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने कई प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें समाखियाली-गांधीधाम और गांधीधाम-आदिपुर रेलवे लाइनों का चौगुना करना, अहमदाबाद के एएमसी में प्रतिष्ठित सड़कों का विकास और बकरोल, हाथीजन, रामोल और पंजरपोल जंक्शन पर फ्लाईओवर पुलों का निर्माण शामिल है।

प्रधानमंत्री ने कच्छ में कच्छ लिग्नाइट थर्मल पावर स्टेशन में 30 मेगावाट सौर प्रणाली, 35 मेगावाट बीईएसएस सोलर पीवी परियोजना और मोरबी और राजकोट में 220 किलोवोल्ट सबस्टेशन का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने वित्तीय सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए डिज़ाइन किए गए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के सिंगल विंडो आईटी सिस्टम (SWITS) का भी शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी दी और इन घरों के लिए पहली किस्त जारी की। उन्होंने पीएमएवाई योजना के तहत घरों के निर्माण का भी शुभारंभ किया और राज्य के लाभार्थियों को, पीएमएवाई के शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के तहत पूर्ण घर सौंपे।

इसके अलावा, उन्होंने अहमदाबाद और भुज के बीच भारत की पहली नमो भारत रैपिड रेल और नागपुर से सिकंदराबाद, कोल्हापुर से पुणे, आगरा कैंट से बनारस, दुर्ग से विशाखापत्तनम, पुणे से हुबली और वाराणसी से दिल्ली तक चलने वाली 20 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

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पीएम मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
August 18, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has shared a Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of living with self-respect, courage and dignity. He emphasised that true valour and strength lie in remaining steadfast in one’s principles and values, without compromising them under any circumstances.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।
अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥”

The Subhashitam conveys that a person should always live with self-respect, courage and dignity. True valor and strength lie in never compromising one's principles and values under any circumstances, but remaining steadfast in one's ideals with truth, patience and self-pride.

The Prime Minister wrote on X;

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।

अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥”