कोलकाता जैसे शहर भारत के इतिहास और भविष्य दोनों की समृद्ध पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं: प्रधानमंत्री
जैसे-जैसे भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, दमदम और कोलकाता जैसे शहर इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे: प्रधानमंत्री मोद
21वीं सदी के भारत को 21वीं सदी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की जरूरत है। इसलिए, आज देश में मॉडर्न ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज को डेवलप और इंटीग्रेट किया जा रहा है ताकि बाधारहित कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके: पीएम

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें एक बार फिर पश्चिम बंगाल के विकास को गति देने का अवसर मिला है। श्री मोदी ने नोआपाड़ा से जय हिंद हवाई अड्डे तक कोलकाता मेट्रो की यात्रा का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस यात्रा के दौरान, उन्होंने कई सहयोगियों से बातचीत की और पाया कि सभी ने कोलकाता की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के आधुनिकीकरण पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने छह लेन वाले एलिवेटेड कोना एक्सप्रेसवे की आधारशिला भी रखी। उन्होंने हज़ारों करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं के लिए कोलकाता और पश्चिम बंगाल के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई दी।

श्री मोदी ने कहा, "कोलकाता जैसे शहर भारत के इतिहास और भविष्य, दोनों के समृद्ध प्रतीक हैं। जैसे-जैसे भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, दमदम और कोलकाता जैसे शहर इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।" उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम का संदेश मेट्रो के उद्घाटन और राजमार्ग के शिलान्यास से कहीं आगे तक जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक भारत अपने शहरी परिदृश्य को कैसे बदल रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारतीय शहरों में हरित गतिशीलता को प्रोत्साहन देने के प्रयास चल रहे हैं, साथ ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 'वेस्ट टू वेल्थ' यानी कचरे से कंचन पहल के अंतर्गत, शहर अब शहरी कचरे से बिजली पैदा कर रहे हैं। श्री मोदी ने मेट्रो सेवाओं के विस्तार और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि भारत में अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले, देश में केवल 250 किलोमीटर मेट्रो का रूट था, जबकि आज, भारत में मेट्रो नेटवर्क 1,000 किलोमीटर से अधिक तक फैल गया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता में भी मेट्रो प्रणाली का निरंतर विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि कोलकाता के मेट्रो रेल नेटवर्क में लगभग 14 किलोमीटर नई लाइनें जोड़ी जा रही हैं, जबकि सात नए स्टेशनों को कोलकाता मेट्रो में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सभी विकास कार्य कोलकाता के लोगों के लिए जीवन और यात्रा को और अधिक सुगम बनाएंगे।
श्री मोदी ने बल देकर कहा, "21वीं सदी के भारत को 21वीं सदी की परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता है। इसलिए, आज पूरे देश में रेलवे से लेकर सड़कों, मेट्रो से लेकर हवाई अड्डों तक, आधुनिक परिवहन सुविधाओं का विकास और आपस में जुड़ाव हो रहा है।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार का प्रयास न केवल एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ना है, बल्कि लोगों के घरों के पास निर्बाध परिवहन पहुँच सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण की एक झलक कोलकाता की मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी में देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के दो सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन, हावड़ा और सियालदह, अब मेट्रो से जुड़ गए हैं। उन्होंने बताया कि इन स्टेशनों के बीच यात्रा का समय, जो पहले लगभग डेढ़ घंटे का होता था, अब मेट्रो से कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हावड़ा स्टेशन सबवे भी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले यात्रियों को पूर्वी रेलवे या दक्षिण पूर्वी रेलवे से रेलगाडी पकड़ने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन इस सबवे के निर्माण से इंटरचेंज का समय काफी कम हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि कोलकाता हवाई अड्डा अब मेट्रो नेटवर्क से जुड़ गया है, जिससे शहर के दूरदराज के इलाकों से लोगों के लिए हवाई अड्डे तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

श्री मोदी ने भारत सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाने की पुष्टि करते हुए उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल अब उन राज्यों में शामिल है जहाँ 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने पुरुलिया और हावड़ा के बीच एक मेमू रेलगाडी की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार किया और पुष्टि की कि भारत सरकार ने इस जन-मांग को पूरा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विभिन्न मार्गों पर नौ वंदे भारत रेलगाडियां चल रही हैं, साथ ही राज्य के लोगों के लिए दो अतिरिक्त अमृत भारत रेलगाडियां भी चल रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत सरकार ने इस क्षेत्र में कई प्रमुख राजमार्ग परियोजनाएँ पूरी की हैं और कई अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर भी काम जारी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि छह लेन वाले कोना एक्सप्रेसवे के पूरा होने से बंदरगाहों की कनेक्टिविटी में काफ़ी सुधार आएगा। उन्होंने अंत में कहा कि यह बेहतर कनेक्टिविटी कोलकाता और पश्चिम बंगाल के बेहतर भविष्य की नींव को मज़बूत करेगी।

इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री श्री शांतनु ठाकुर, श्री रवनीत सिंह बिट्टू और डॉ. सुकांत मजूमदार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे और विकसित शहरी संपर्क के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, कोलकाता में मेट्रो रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया। 13.61 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित मेट्रो नेटवर्क का उद्घाटन किया जाएगा और इन मार्गों पर मेट्रो सेवाओं का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने जेसोर रोड मेट्रो स्टेशन का दौरा किया, जहाँ वे जेसोर रोड से नोआपाड़ा-जय हिंद विमानबंदर मेट्रो सेवा को झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से, प्रधानमंत्री सियालदह-एस्प्लेनेड मेट्रो सेवा और बेलेघाटा-हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो सेवा को भी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने जेसोर रोड मेट्रो स्टेशन से जय हिंद विमानबंदर तक और वापस मेट्रो की सवारी भी की।

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक समारोह में इन मेट्रो खंडों और हावड़ा मेट्रो स्टेशन पर एक नवनिर्मित सबवे का उद्घाटन किया। नोआपाड़ा-जय हिंद विमानबंदर मेट्रो सेवा हवाई अड्डे तक पहुँच को काफ़ी बेहतर बनाएगी। सियालदह-एस्प्लेनेड मेट्रो दोनों बिंदुओं के बीच यात्रा के समय को लगभग 40 मिनट से घटाकर केवल 11 मिनट कर देगी। बेलेघाटा-हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो खंड आईटी हब के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये मेट्रो मार्ग कोलकाता के कुछ सबसे व्यस्त इलाकों को जोड़ेंगे, यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी लाएँगे और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगे, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देते हुए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले 7.2 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले एलिवेटेड कोना एक्सप्रेसवे की आधारशिला भी रखी। इससे हावड़ा, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और कोलकाता के बीच संपर्क बढ़ेगा, यात्रा में लगने वाले समय की बचत होगी और क्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलेगा।

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