प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम के तहत बिहार के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद किया। कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र के महापर्व में विकास और समृद्धि का नया अध्याय लिखने जा रहा है। बिहार की जनता-जनार्दन ने जंगलराज के दौरान इतनी मुश्किलें और अत्याचार झेले हैं कि किसी भी सूरत में उसकी वापसी नहीं चाहती। पीएम ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य और मतदाता के एक वोट की ताकत के चलते आज राम मंदिर बन गया। ऑपरेशन सिंदूर भी सफलतापूर्वक हो गया। अब देश नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मैं मानता हूं कि हिंदुस्तान में वोट की ताकत की समझ सबसे ज्यादा अगर किसी में है तो बिहार के मेरे भाई-बहनों में है। इसलिए आज राज्य का हर नौजवान पूरे उत्साह से कह रहा है- रफ्तार पकड़ चुका बिहार, फिर से एनडीए सरकार।
पीएम मोदी ने बेतिया के राजन पासवान, किशनगंज के दीपम सरकार, पटना की अनन्या कश्यप, भागलपुर के मनीष शाह और मधुबनी के सरपंच अमलेश कुमार चौधरी से बातचीत की। इसको बिहार समेत देशभर में लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुना। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिहार में जंगलराज के दौर का जिक्र करते हुए बताया कि यह वो समय था, जब शाम 4 बजे के बाद बच्चे और माताएं घर में बंद हो जाते थे। जब तक गृहस्वामी घर नहीं लौटते थे, तब तक उनके दिल की धड़कन बढ़ी रहती थी। बिहार के लोग अपने बच्चों को अपहरण और हत्या के डर से राज्य के दूसरे शहरों पढ़ने नहीं भेजते थे। इससे पढ़ाई-लिखाई और उद्योग-धंधे सब चौपट हो गए थे।
पीएम मोदी ने गठबंधन का असली चेहरा उजागर करते हुए कहा कि बिहार की जनता-जनार्दन इनको लठबंधन कहती है। ये सिर्फ लठ्ठ चलाना जानते हैं। झगड़ा करना जानते हैं। लठबंधन वालों के लिए अपना स्वार्थ ही सबसे बड़ा है। इन्हें बिहार के युवाओं की चिंता नहीं है। दशकों तक देश और बिहार के नौजवान नक्सलवाद, माओवादी आतंक से पीड़ित रहे। लेकिन ये लोग माओवादियों से मदद लेकर चुनाव भी जीतते रहे। बिहार को तबाह करने में नक्सलवाद और माओवादी आतंक ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। इसलिए बिहार में विकास पूरी तरह चौपट हो गया। इस लठबंधन ने बिहार की दो पीढ़ी का भविष्य बर्बाद किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने 2014 के बाद बिहार को जंगलराज से बाहर लाने के लिए बहुत मेहनत की है। एनडीए ने जंगलराज के अंधेरे से निकालकर बिहार को विकास की नई रोशनी में लाने का काम किया है। बिहार के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित करना हमारा कर्तव्य है और हम इसके लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लठबंधन के ये लोग कितना ही बहकाने की कोशिश करें, कितना ही अपने पापों को भुलाने की कोशिश करें, लेकिन यहां के लोग जंगलराज को कभी भी भूलने वाले नहीं हैं। ये तो चाणक्य की धरती है। एक बार अपनी शिखा खोल दी तो फिर लक्षित परिणाम मिलने के बाद ही उसे बांधते है। राज्य के लोग जंगलराज वालों को कभी माफ नहीं कर सकते।
चुनाव में पहले मतदान, फिर जलपान का आह्वान करते हुए पीएम ने युवा कार्यकर्ताओं से कहा कि आप मतदाता सूची लेकर एक-एक घर जाकर देखिए कौन है और कौन अभी नहीं है। कौन शादी ब्याह में व्यस्त होने वाले हैं या फिर छुट्टी पर जाने वाले हैं। उन सभी से आग्रह करें कि पहले वोट करें फिर कोई दूसरा काम। क्योंकि उनका एक वोट लोकतंत्र को मजबूत करने के साथ ही देशहित के फैसलों में अहम भूमिका निभाने वाला है। पीएम ने कहा कि आज बिहार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। साइंस से टेक्नोलॉजी तक, एविएशन से स्पेस तक, फैशन टेक्नोलॉजी से फिनटेक इंडस्ट्री तक और मेडिकल एजुकेशन से मीडिया जैसे सेक्टर्स तक बिहार के बेटे-बेटियों ने हर जगह अपना परचम लहराया है। सीएम महिला रोजगार योजना में 1 करोड़ 20 लाख से ज्यादा बहनों को अपना रोजगार शुरू करने लिए बैंक खाते में ₹10,000 भेजे गए हैं। 14 नवंबर को यहां एनडीए सरकार की वापसी के बाद महिला सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू होगा।
बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे संविधान की कृपा है कि हम जैसे सामान्य परिवार से आए लोग, पिछड़ों से निकले लोग, गरीबी से निकले लोग यहां तक पहुंचे हैं। इसकी जड़ें हमारे लोकतंत्र में हैं और लोकतंत्र की जड़ें बिहार से शुरू होती हैं। सदियों से बिहार ने लोकतंत्र का रास्ता दुनिया को दिखाने का मार्ग प्रशस्त किया है। बिहार की धरती अब लोकतंत्र का महापर्व मना रही है। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि भाजपा के कार्यक्रमों की छोटी-छोटी वीडियो अपने मोबाइल में रखनी चाहिए। यदि आप किसान के घर में जाएं तो किसानों से जुड़ी योजना की एक-दो वीडियो उनको दिखाइए। अगर कोई बुजुर्ग है तो उनको आयुष्मान वाली वीडियो दिखाएं। अगर कोई महिला है, जिनको दस-दस हजार मिले हैं तो उनको वो वीडियो दिखा के बातें करनी चाहिए। जनता को बताना चाहिए कि आज बिहार में जंगलराज नहीं, बल्कि जन विश्वास का राज है। आज बिहार का बच्चा-बच्चा गर्व से कहता है कि मैं बिहारी हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संवाद के अंत में कहा कि अब बिहार में डर नहीं विकास बोलता है। बिहार में पलायन की नहीं, प्रगति की बात होती है। आज बिहार में नई सड़कों से लेकर एक्सप्रेसवे तक, गंगा पर पुलों से लेकर आधुनिक रेलवे स्टेशनों तक और मेट्रो से लेकर एयरपोर्ट तक, हर दिशा में नई संभावनाएं बन रही है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। मखाना बोर्ड का निर्णय लेकर हमारी सरकार मखाने का प्रचार कर रही है। उसे सुपर फूड के तौर पर विश्व के कोने-कोने में ले जा रही है। पीएम ने कहा कि मेरा आग्रह है कि आप सब फर्स्ट टाइम वोटर्स से जरूर जुड़ें। इन वोटर्स के लिए खास सम्मान समारोह किया जाए। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती है। इस अवसर पर रन फॉर यूनिटी का आयोजन हो रहा है। एकता की इस दौड़ से ज्यादा से ज्यादा बेटे-बेटियों को जोड़ना चाहिए। जिस तरह चंपारण के बिना भारत की स्वतंत्रता की बात अधूरी रह है, वैसे ही सरदार वल्लभ भाई पटेल के बिना देश की एकता की बात अधूरी है। इसलिए हमें सरदार साहब को श्रद्धांजलि देने के लिए 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता का पर्व पूरी ऊर्जा से मनाना चाहिए।


