ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए देश के प्रति उनके दृष्टिकोण की प्रशंसा की
देश गर्व के साथ ईसाई समुदाय के योगदान को स्वीकार करता है: प्रधानमंत्री
द होली पोप का गरीबी उन्मूलन के बारे में संदेश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र से मेल खाता है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचे और कोई भी अछूता न रहे: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने क्रिसमस के अवसर पर आज भारत के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली में ईसाई समुदाय के साथ बातचीत की। उन्होंने क्रिसमस के अवसर पर आयोजित समारोह के कार्यक्रम को भी संबोधित किया। स्कूली बच्चों ने गायन प्रस्तुति भी दी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सभी को, विशेष रूप से ईसाई समुदाय के लोगों को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए, इस विशेष और पवित्र अवसर पर उनके साथ सम्मिलित होने के लिए उपस्थित सभी लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने क्रिसमस को एक साथ मनाने के भारतीय अल्पसंख्यक फाउंडेशन के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर प्रसन्नता व्यक्त की और इस पहल के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने लंबे समय तक ईसाई समुदाय के साथ अपने घनिष्ठ और बेहद मधुर संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में ईसाई समुदाय और उनके नेताओं के साथ लगातार बैठकें करने का भी स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने कुछ वर्ष पहले होली पोप के साथ अपनी बातचीत को एक बहुत ही यादगार क्षण बताते हुए पृथ्वी को एक बेहतर स्थान बनाने के लिए सामाजिक सद्भाव, वैश्विक भाईचारे, जलवायु परिवर्तन और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा पर प्रकाश डाला।

इस बात को रेखांकित करते हुए की क्रिसमस न केवल यीशु मसीह के जन्म का उत्सव मनाने का दिन है, बल्कि उनके जीवन, संदेश और मूल्यों को स्मरण करने का भी दिन है, प्रधानमंत्री ने करुणा और सेवा के मूल्यों को रेखांकित किया, जिनके द्वारा यीशु जी रहे थे। उन्होंने कहा कि यीशु ने एक समावेशी समाज बनाने के लिए काम किया जहां सभी के लिए न्याय हो और यही मूल्य हैं जो भारत की विकास यात्रा में मार्गदर्शक रोशनी की तरह प्रकाश डाल रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सामाजिक जीवन की विभिन्न धाराओं के बीच मूल्यों की समानता पर प्रकाश डाला, जो हमें एकजुट करते हैं क्योंकि उन्होंने पवित्र बाइबिल का उदाहरण दिया जो दूसरों की सेवा पर बल देती है। प्रधानमंत्री ने कहा, “सेवा ही परम धर्म है।” पवित्र बाइबल में सत्य को बहुत महत्व दिया गया है और कहा गया है कि केवल सत्य ही हमें मुक्ति का मार्ग दिखाएगा।'' उन्होंने सभी पवित्र उपनिषदों का भी उल्लेख किया जो स्वयं को मुक्त करने के लिए अंतिम सत्य को जानने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने साझा मूल्यों और विरासत पर ध्यान केंद्रित करके आगे बढ़ने पर बल जोर दिया। श्री मोदी ने कहा, “21वीं सदी के आधुनिक भारत के लिए, यह सहयोग, सद्भाव और सबका प्रयास की भावना भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

प्रधानमंत्री ने द होली पोप के क्रिसमस संबोधनों में से एक का उल्लेख किया जहां उन्होंने उन लोगों के लिए आशीर्वाद की प्रार्थना की जो गरीबी उन्मूलन के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि द होली पोप इस धारणा में विश्वास करते हैं कि गरीबी व्यक्तियों की गरिमा को नुकसान पहुँचाती है। उन्होंने कहा कि द होली पोप की यह धारणा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को प्रतिबिंबित करती है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का लाभ सभी तक पहुंचे और कोई भी अछूता न रहे।" उन्होंने बताया कि ईसाई धर्म के कई लोग, विशेष रूप से गरीब वर्ग, सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''देश ईसाई समुदाय के योगदान को गर्व के साथ स्वीकार करता है।'' प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में ईसाई समुदाय के योगदान की प्रशंसा की और विभिन्न बौद्धिक विचारकों और नेताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि गांधी जी ने स्वयं कहा था कि असहयोग आंदोलन की कल्पना सेंट स्टीफंस कॉलेज के प्राचार्य सुशील कुमार रुद्र के संरक्षण में की गयी थी। उन्होंने समाज को दिशा देने में ईसाई समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और गरीबों और वंचितों के प्रति सामाजिक सेवा में सक्रिय भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनके योगदान को भी रेखांकित किया।

वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प और संकल्प यात्रा में युवाओं के महत्व को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने युवाओं की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक फिटनेस की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों से फिटनेस, मोटा अनाज, पोषण और मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान को लोकप्रिय बनाने के आंदोलनों के बारे में लोगों को जागरूक करने का अनुरोध किया।

प्रधानमंत्री ने क्रिसमस पर उपहार देने की परंपरा का उल्लेख करते हुए आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर ग्रह का उपहार देने पर बल दिया। पीएम मोदी ने “स्थिरता आज के समय की आवश्यकता है”, यह रेखांकित करते हुए कहा कि एक स्थायी जीवन शैली जीना मिशन लाइफ का केंद्रीय संदेश है, जो भारत के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय आंदोलन है। उन्होंने दोहराया कि यह अभियान ग्रह समर्थक लोगों को ग्रह समर्थक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण, बायोडिग्रेडेबल सामग्रियों का उपयोग करने, मोटा अनाज अपनाने और न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन वाले उत्पाद खरीदने का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामाजिक रूप से जागरूक ईसाई समुदाय इस मिशन में प्रमुख भूमिका निभा सकता है।

प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल यानी स्थानीय उत्पादों को खरीदने पर बल देने के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “जब हम स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देते हैं, जब हम भारत में बनी वस्तुओं के राजदूत बनते हैं, तो यह देश की सेवा का एक रूप है। मैं ईसाई समुदाय से भी स्थानीय लोगों के लिए अधिक मुखर होने का आग्रह करूंगा।”

प्रधानमंत्री ने कामना की कि त्योहारी मौसम देश को एकजुट करे और प्रत्येक नागरिक को एक साथ लाए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन पर कहा, “यह त्योहार उस बंधन को मजबूत करे जो हमें विविधता में भी एकजुट रखता है। क्रिसमस का यह अवसर हम सभी के जीवन को खुशियों से भर दे। आने वाला वर्ष हम सभी के लिए समृद्धि, खुशी और शांति लाए।''

इस संवाद में देश भर से ईसाई समुदाय के प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया। भारत के रोमन कैथोलिक चर्च के कार्डिनल और बंबई के आर्कबिशप कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस, जिन्होंने पोप के कार्डिनल सलाहकारों की परिषद के सदस्य के रूप में भी काम किया है, ने इस अवसर पर उनकी उपस्थिति के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती है, और उन्होंने दूसरों के विकास और प्रगति के लिए काम करने के बारे में यीशु मसीह की शिक्षाओं के साथ सादृश्य बनाते हुए सुशासन के प्रति उनके जुनून के बारे में बात की। कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस ने देश, ईसाई समुदाय और दुनिया के प्रति उनके प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद दिया।

प्रसिद्ध खेल हस्ती अंजू बॉबी जॉर्ज ने अपने लंबे खेल करियर के दौरान खेलों में आए बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने अपने समय की धीमी प्रतिक्रिया को याद किया और बताया कि कैसे देश और नेतृत्व आज के एथलीटों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि खेलो इंडिया और फिट इंडिया के माध्यम से खेलों के बारे में बात की जा रही है और भारतीय एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व को श्रेय दिया। उन्होंने यह भी बताया कि महिला सशक्तिकरण कैसे वास्तविकता बन रहा है। अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा “हर भारतीय लड़की सपने देखने के लिए तैयार है और वे जानती है कि उनके सपने एक दिन सच होंगे।” शीर्ष एथलीट ने वर्ष 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत के प्रस्ताव पर खुशी व्यक्त की

उत्तर भारत के चर्च, दिल्ली डायोसीज़ के बिशप रेव डॉ. पॉल स्वरूप ने क्रिसमस के अवसर पर उनकी गरिमामय उपस्थिति के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। इंजील की कहानी और यीशु मसीह के आगमन का स्मरण करते हुए, डॉ. स्वरूप ने लोगों के लिए यीशु मसीह द्वारा किए गए बलिदानों पर प्रकाश डाला और समाज और लोगों के प्रति प्रधानमंत्री के प्रयासों से उनकी तुलना की। उन्होंने क्रिसमस के अवसर पर प्रधानमंत्री को अपनी शुभकामनाएं दीं।

शिक्षा समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में, दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज के प्राचार्य जॉन वर्गीस ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और अन्य नीतियों में भी प्रतिबिंबित प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण, दृढ़ संकल्प और बड़े दिल की प्रशंसा की। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दृष्टिकोण के स्थानीय और वैश्विक दोनों पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए, प्राचार्य जॉन वर्गीस ने स्कूली शिक्षा के बारे में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ध्यान देने की सराहना की। उन्होंने प्रगतिशील कदम के रूप में मातृभाषा को प्रोत्साहन देने और बोर्ड परीक्षाओं को 12वीं कक्षा तक सीमित रखने जैसे प्रावधानों का भी उल्लेख किया। उच्च शिक्षा के संबंध में, उन्होंने संसाधनों के बंटवारे और उच्च प्रदर्शन वाले संस्थानों के लिए स्वायत्तता के वादे की सराहना की। उन्होंने हाल के दिनों में नवाचार, स्वास्थ्य और खेल को प्र्तोसहन देने की सराहना की। श्री जॉन वर्गीस ने सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा यंग लीडर्स नेबरहुड फर्स्ट फेलोशिप कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि यह प्रधानमंत्री की पड़ोस प्रथम नीति के दृष्टिकोण के अनुरूप है। जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत के सफल नेतृत्व का जिक्र करते हुए श्री वर्गीज ने ग्लोबल साउथ की आवाज बनने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा “भारत एक महान सभ्यता है, आपके कदमों और नीतियों ने शानदार परिणाम दिखाए हैं। एक शिक्षक के रूप में, मैं देखता हूं कि डिजिटल इंडिया, राष्ट्रीय शिक्षा, नेबरहुड फर्स्ट नीति जैसे आपके द्वारा उठाए गए कदमों से हमारे युवाओं को लाभ मिलेगा, जिससे भारत विश्व स्तर पर शीर्ष स्थान पर है।” उन्होंने बताया कि कॉलेज चैपल में कल रात की सेवा में देश के नेता के रूप में प्रधानमंत्री के लिए प्रार्थना की गई। विश्व की सबसे पुरानी भाषा के प्रति प्रधानमंत्री के प्रेम को ध्यान में रखते हुए, प्राचार्य महोदय ने प्रधानमंत्री की अत्यंत प्रसन्नता के लिए अपनी टिप्पणी को तमिल में समाप्त किया।

दिल्ली के महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप अनिल कूटो ने अपने आवास पर क्रिसमस समारोह आयोजित करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया, जो दर्शाता है कि यह केवल ईसाई समुदाय का उत्सव नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय पर्व है। उन्होंने शांति, प्रेम और एकता के संदेश को आगे बढ़ाते हुए देश के सभी नागरिकों की भलाई और प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास' के संदेश की पूर्ति की कामना की। उन्होंने रेखांकित किया कि ईसाई समुदाय ने हमेशा देश के कल्याण के लिए काम किया है और प्रधानमंत्री को भारत के विकास, एकता और प्रगति के लिए निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को आशीर्वाद दिया ईश्वर की बुद्धिमत्ता, कृपा और शक्ति के साथ प्रधानमंत्री राष्ट्र और वैश्विक स्तर पर अपना अद्भुत नेतृत्व जारी रखेंगे। उन्होंने सभी को नए वर्ष की शुभकामनाएं और देश और उसके नागरिकों की निरंतर सफलता की कामना करते हुए अपने संबोधन का समापन किया।

 

कार्यक्रम से अलग बोलते हुए रेव डॉ. पॉल स्वरूप ने प्रधानमंत्री के साथ उनके आधिकारिक आवास पर क्रिसमस मनाने की खुशी दोहराई। बिशप थॉमस मार एंटोनियोस ने क्रिसमस के शुभ अवसर पर उनके साथ संवाद और चर्चा में शामिल होने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद दिया। कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार हर भारतीय तक पहुंच रहे हैं और हमारा देश दुनिया का अग्रणी देश बन सकता है। आर्चबिशप अनिल कूटो ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ हमारे देश को वैश्विक मंच पर नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। सेंट स्टीफंस कॉलेज के प्राचार्य जॉन वर्गीस ने एक बार फिर हर क्षेत्र में बेंचमार्क को ऊंचा रखने की मौजूदा नीति की सराहना की और कहा कि 'अगर भारत जीतता है, तो दुनिया जीतती है'। मुथूट ग्रुप के संयुक्त प्रबंध निदेशक अलेक्जेंडर जॉर्ज ने राष्ट्र के परिवर्तन में प्रधानमंत्री श्री मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जैसा कि न केवल ईसाई समुदाय बल्कि भारत के प्रत्येक समुदाय ने देखा है, और बेहतर भविष्य का वादा किया है। जोयालुक्कास समूह के अध्यक्ष अलुक्कास जॉय वर्गीस ने प्रधानमंत्री के व्यावहारिक, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व की प्रशंसा की। बहरीन के एक प्रवासी भारतीय व्यवसायी कुरियन वर्गीस ने न केवल खाड़ी देशों में बल्कि पूरे विश्व में भारत के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने के प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री को एक महान नेता बताते हुए एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि निकट भविष्य में हम शीर्ष पर होंगे।" अभिनेता डिनो मोरिया ने भारत के विकास में प्रधानमंत्री के योगदान की सराहना की और कहा कि देश अपने लोगों के साथ सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स में अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक अश्विन जेरोम फर्नांडीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व दुनिया भर में शानदार रहा है और इसने भारत के लिए एक बड़ी अपील पैदा की है। द होली सी वेटिकन के दूतावास के दूसरे सचिव केविन जे. किमटिस ने भारतीय लोगों के प्रति प्रधानमंत्री के समर्पण को रेखांकित किया जहां उनके प्रति सेवा सरकार की प्राथमिकता है। बिशप साइमन जॉन ने इस बात पर बेहद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने ईसाई समुदाय को अपने आवास पर क्रिसमस मनाने के लिए आमंत्रित किया है। अपोलो 24*7 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंथनी जैकब ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को एक दयालु इंसान के रूप में देखते हैं और बातचीत के अवसर के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के प्रशासक सनी जोसेफ ने इस अवसर पर बहुत प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि भविष्य के लिए उनके दृष्टिकोण और उनके संदेश ने सभी का उत्साह बढ़ाया है। वेल्स फारगो बैंक, दिल्ली के प्रबंध निदेशक याकूब मैथ्यू, ने प्रधानमंत्री की नेतृत्व शैली की सराहना की जहां वह बदलाव की मांग करते हैं।

 

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भारत-न्यूजीलैंड की मित्रता को नयी गति और नयी दिशा मिली: गाला लंच में पीएम मोदी
July 11, 2026

Your Excellency, Prime Minister क्रिस्टोफर लक्सन,

दोनों देशों के delegates,

नमस्कार!

किया ओरा!

मेरे और मेरे delegation के ऊष्मा भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए मैं मेरे मित्र प्रधानमंत्री लक्सन का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने स्वागत में इतनी गर्मजोशी दिखाई है, कि ऑकलैंड की सर्दी भी आज कुछ कम लग रही है। इस यात्रा के दौरान न्यूजीलैंड के लोगों से जो स्नेह और अपनापन मिला है, वह हमारे हृदय में हमेशा रहेगा।

पिछले वर्ष प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा से हमारे संबंधों के हर क्षेत्र में नई ऊर्जा आई है। उनके नेतृत्व, स्पष्ट विजन, और मजबूत प्रतिबद्धता से, भारत और New Zealand की मित्रता को नयी गति और नयी दिशा मिली है। आज चालीस वर्षों के बाद भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा हो रही है। और मैं हमेशा कहता हूँ, कि बहुत सारे अच्छे काम है, जो मेरे पहले वाले लोग मेरे लिए छोड़ के गए हैं, जो मैं पूरा कर रहा हूँ। साथियों, यह हमारे संबंधों के एक नए अध्याय का शुभारंभ है।

Friends,

भारत और न्यूजीलैंड का लोकतान्त्रिक मूल्यों में दृढ़ विश्वास हमें मिलकर आगे बढ़ने के लिए natural comfort प्रदान करता है। पिछले कुछ वर्षों में हमने हमारे सबंधों को अभूतपूर्व गति प्रदान की है।

आज आज की बैठक में हमने हमारे सहयोग को नई गहराई और व्यापकता देने पर विस्तार से चर्चा की। हमने भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को Strategic Partnership के स्तर पर ले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत हम हर क्षेत्र में स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस परिणामों के साथ आगे बढ़ेंगे।

इस वर्ष हमने रिकॉर्ड समय में Free Trade Agreement किया। इस उपलब्धि से दोनों देशों के उद्योगों, किसानों और युवाओं के लिए नए द्वार खुलेंगे। हम trade के साथ साथ trust, technology और talent का blue print तैयार कर रहे हैं।

पिछले तीन वर्षों में हमारे व्यापार में 50 पर्सेन्ट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। हमें विश्वास है कि FTA अगले पाँच वर्षों में हमारे व्यापार को दोगुना करने का मजबूत आधार बनेगा।

न्यूजीलैंड द्वारा भारत में बीस बिलियन डॉलर के investment commitment का भी हम विशेष स्वागत करते हैं। यह न्यूज़ीलैंड की companies को भारत की growth story में long-term partner बनने का अवसर देगा।

Friends,

हमारी Strategic Partnership को सार्थक बनाने के लिए हम दोनों देशों की strengths को practical cooperation में बदल रहे हैं। Fin Tech के क्षेत्र में हम भारत के UPI और न्यूजीलैंड के payment systems को जोड़ने पर आगे बढ़ रहे हैं।

Agriculture, dairy और food processing में हमने सहयोग का एक मजबूत खाका बनाया है। इसका लाभ हमारे किसानों और पशु-पालकों को मिलेगा।

Traditional medicine में न्यूज़ीलैंड और भारत दोनों की समृद्ध और जीवंत परंपराएं हैं। आज हमने हमारे स्वास्थ्य सहयोग में traditional medicines की भूमिका बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

रक्षा और सुरक्षा में हमारा बढ़ता सहयोग हमारे गहरे strategic trust का प्रतीक है। पिछले वर्ष किए गए Defence Cooperation Agreement से हमारे सहयोग का मजबूत ढांचा तैयार हुआ है। आज हमने इंडो-पैसिफिक में maritime cooperation के लिए एक फ्रैम्वर्क पर सहमति बनाई है। Bilateral naval exercises, Logistics support और hydrography में सहयोग से हमारा आपसी तालमेल बढ़ेगा।

Friends,

हमारे संबंधों की सबसे मजबूत ताकत हमारे people-to-people ties हैं। भारतीय समुदाय के लोगों ने अपने परिश्रम और talent से न्यूजीलैंड में विशेष स्थान बनाया है। उनकी देखरेख के लिए मैं प्रधानमंत्री लक्सन और न्यूजीलैंड सरकार और न्यूजीलैंड के लोगों का आभार व्यक्त करता हूँ।

आज हुआ Cultural Cooperation MOU दोनों देशों के art, culture, heritage तथा creative industries में exchanges को गति देगा। न्यूजीलैंड भारतीय students के लिए एक महत्वपूर्ण destination रहा है। हम न्यूजीलैंड की universities को भारत में campus खोलने के लिए आमंत्रित करते हैं।

इस वर्ष हम दोनों देशों के बीच खेल संबंधों की सौवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। सौ साल पहले मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में हॉकी टीम ने यहाँ आकर जो इतिहास रचा था, वह हमारी खेल साझेदारी को आज भी प्रेरित कर रहा है। इस उपलक्ष्य पर हम दोनों देशों में कई स्पोर्ट्स इवेंट्स आयोजित कर रहे हैं। क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाने के लिए हम Sports Joint Action Plan बनाया है। हाल ही में भुवनेश्वर में न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के कोचिंग प्रोग्राम से अच्छी शुरुवात हुवी है।

Friends,

वैश्विक मंच पर भी भारत और न्यूज़ीलैंड भरोसेमंद साझेदार और करीबी मित्र हैं। हमारा मानना है कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए UN सहित अन्य वैश्विक संस्थानों में reform आवश्यक है।

आतंकवाद के विषय पर कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ाने के लिए आज हमने Joint Working Group का गठन किया है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच सहयोग इंडो-पेसिफिक में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Friends, मैं आप सभी को माओरी नव वर्ष “मातरिकी” की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। जिस तारा-समूह को यहाँ “मातरिकी” नाम दिया गया है, जैसे आपने भी बताया, उसे भारत में प्राचीन काल से “कृत्तिका नक्षत्र” के रूप में जाना जाता है। मुझे विश्वास है कि “मातरिकी” का यह पर्व, हमारे संबंधों को इन्हीं सितारों की तरह जगमगाने की प्रेरणा देगा।

Prime Minister लक्सन,

आपकी मित्रता, आपकी प्रतिबद्धता और मेरी न्यूज़ीलैंड यात्रा को यादगार बनाने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूँ। जैसे रग्बी में टीमवर्क और भरोसा ज़रूरी होता है, वैसे ही हम भी आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। हम एक ही टीम में है, इसलिए टैकल केवल चुनौतियों को करेंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद।