तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया,
छह नए स्टेशन भवनों के साथ-साथ सनतनगर-मौला अली रेल लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया
घाटकेसर-लिंगमपल्ली वाया मौला अली-सनतनगर के बीच एमएमटीएस रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई,
इंडियन ऑयल पारादीप-हैदराबाद उत्पाद पाइपलाइन का उद्घाटन किया
हैदराबाद में नागरिक उड्डयन अनुसंधान संगठन (सीएआरओ) केंद्र का उद्घाटन किया
"मैं राज्यों के विकास के माध्यम से राष्ट्र विकास के मंत्र में विश्वास करता हूं"
"आज की परियोजनाएं विकसित तेलंगाना के माध्यम से विकसित भारत को अर्जित करने में सहायता प्रदान करेंगी"
"हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर नागरिक उड्डयन अनुसंधान संगठन (सीएआरओ) केंद्र अपने किस्म का पहला केन्द्र है, जो आधुनिक मानकों पर आधारित है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज तेलंगाना के संगारेड्डी में 6,800 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में सड़क, रेल, पेट्रोलियम, विमानन और प्राकृतिक गैस जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तेलंगाना के विकास में सहायता प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है। आज राज्य की उनकी यात्रा का दूसरा दिन है। उन्होंने कल आदिलाबाद में ऊर्जा, जलवायु और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में लगभग 56,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण को स्मरण करते हुए आज के अवसर का उल्लेख किया, जहां लगभग 7,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का अनावरण और शिलान्यास किया जा रहा है, जिनमें राजमार्ग, रेलवे, वायुमार्ग और पेट्रोलियम क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं राज्यों के विकास के माध्यम से राष्ट्र विकास के मंत्र में विश्वास करता हूं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसी भावना के साथ तेलंगाना की सेवा के लिए काम कर रही है और उन्होंने आज के विकास कार्यों के लिए नागरिकों को बधाई दी

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में बेगमपेट हवाई अड्डे पर नागरिक उड्डयन अनुसंधान संगठन (सीएआरओ) केंद्र के उद्घाटन को विमानन क्षेत्र में तेलंगाना के लिए एक बड़ा उपहार बताया। यह अपनी तरह का पहला केंद्र है, जो इस क्षेत्र में तेलंगाना को नई पहचान देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे देश में विमानन स्टार्टअप को एक अनुसंधान और विकास का मंच उपलब्ध होगा।

विकसित भारत के संकल्प में आधुनिक बुनियादी ढांचे की केंद्रीयता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल के बजट में 11 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का उल्लेख किया। तेलंगाना को इसका अधिकतम लाभ प्रदान करने के प्रयास में, प्रधानमंत्री ने कहा कि एनएच -161 के कांडी से रामसनपल्ले खंड और एनएच-167 के मिर्यालगुडा से कोडाद खंड से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच परिवहन सुविधाओं में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना को दक्षिण भारत के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने तेज गति से हो रहे विद्युतीकरण और रेल लाइनों के दोहरीकरण के साथ राज्य में रेल कनेक्टिविटी और सेवाओं में सुधार करने के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने आज छह नए स्टेशन भवनों के साथ-साथ सनतनगर-मौला अली मार्ग के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का भी उल्लेख किया। घाटकेसर-लिंगमपल्ली वाया मौला अली-सनतनगर तक एमएमटीएस रेल सेवा को आज हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हैदराबाद और सिकंदराबाद क्षेत्र के कई इलाके परस्‍पर जुड़ जाएंगे, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी।

प्रधानमंत्री ने आज इंडियन ऑयल पारादीप-हैदराबाद उत्पाद पाइपलाइन का उद्घाटन किया, जो पेट्रोलियम उत्पादों को सस्ते और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ तरीके से ले जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे विकसित तेलंगाना के माध्यम से विकसित भारत को प्रोत्साहन मिलेगा।

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा तेलंगाना के राज्यपाल डॉ. तमिलिसै सौंदरराजन और केंद्रीय मंत्री श्री जी.किशन रेड्डी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने जिन दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें एनएच-161 के 40 किलोमीटर लंबे कंडी से रामसनपल्ले खंड को चार लेन बनाना शामिल है। यह परियोजना इंदौर-हैदराबाद आर्थिक गलियारे का एक हिस्सा है और यह तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच बाधारहित यात्रा और माल ढुलाई की सुविधा प्रदान करेगी। यह खंड हैदराबाद और नांदेड़ के बीच यात्रा के समय को लगभग 3 घंटे तक कम कर देगा। प्रधानमंत्री ने एनएच-167 के 47 किलोमीटर लंबे मिर्यालागुडा से कोडाद खंड को पेव्ड सोल्डर के साथ दो लेन में अपग्रेड करने का भी उद्घाटन किया। इससे इस क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी होगी, जिससे पर्यटन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने एनएच-65 के 29 किलोमीटर लंबे पुणे-हैदराबाद खंड को छह लेन बनाने की आधारशिला रखी। यह परियोजना तेलंगाना के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों जैसे पाटनचेरू के निकट पशमिलारम औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगी

प्रधानमंत्री ने छह नए स्टेशन भवनों के साथ-साथ सनतनगर-मौला अली रेल लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। इस परियोजना के पूरे 22 किलोमीटर रूट को स्वचालित सिग्नलिंग के साथ चालू किया गया है और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सर्विस (एमएमटीएस) चरण - II परियोजना के हिस्से के रूप में पूरा किया गया है। इसके हिस्से के रूप में, छह नए स्टेशन भवन-फ़िरोज़गुडा, सुचित्रा सेंटर, भूदेवी नगर, अम्मुगुडा, नेरेडमेट और मौला अली हाउसिंग बोर्ड स्टेशनों पर बनाए गए हैं। दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य से इस खंड पर पहली बार यात्री ट्रेनों की शुरूआत का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे अन्य अत्यधिक परिपूर्ण वर्गों पर बोझ को कम करके क्षेत्र में ट्रेनों के समय-पालन और समग्र गति में सुधार करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने घाटकेसर - लिंगमपल्ली वाया मौला अली – सनतनगर के बीच एमएमटीएस रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई। यह रेल सेवा पहली बार हैदराबाद-सिकंदराबाद जुड़वां शहर क्षेत्रों में लोकप्रिय उपनगरीय ट्रेन सेवा को नए क्षेत्रों तक विस्तारित करती है। यह शहर के पूर्वी भाग में चेरलापल्ली और मौला अली जैसे नए क्षेत्रों को जुड़वां शहर क्षेत्र के पश्चिमी भाग से जोड़ता है। ट्विन सिटी क्षेत्र के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने वाला परिवहन का यह सुरक्षित, तेज़ और किफायती तरीका यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने इंडियन ऑयल पारादीप-हैदराबाद उत्पाद पाइपलाइन का उद्घाटन किया। यह 4.5 एमएमटीपीए की क्षमता वाली 1212 किलोमीटर लंबी उत्पाद पाइपलाइन ओडिशा (329 किलोमीटर), आंध्र प्रदेश (723 किलोमीटर) और तेलंगाना (160 किलोमीटर) राज्यों से होकर गुजरती है। यह पाइपलाइन पारादीप रिफाइनरी से विशाखापत्तनम, अचुतापुरम, विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश में) और हैदराबाद के पास मलकापुर (तेलंगाना में) के डिलीवरी स्टेशनों तक पेट्रोलियम उत्पादों का सुरक्षित और किफायती परिवहन सुनिश्चित करेगी।

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में नागरिक उड्डयन अनुसंधान संगठन केंद्र (सीएआरओ) का उद्घाटन किया। इसे नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) गतिविधियों को उन्नत करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर स्थापित किया गया है। इसमें स्वदेशी और नवीन समाधान प्रदान करने के लिए घरेलू और सहयोगी अनुसंधान के माध्यम से विमानन समुदाय के लिए एक वैश्विक अनुसंधान मंच प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित, यह अत्याधुनिक सुविधा 5-स्टार-गृह रेटिंग और ऊर्जा संरक्षण भवन कोड (ईसीबीसी) मानदंडों का अनुपालन करती है। सीएआरओ भविष्य के अनुसंधान और विकास पहलों का समर्थन करने के लिए व्यापक प्रयोगशाला क्षमताओं के एक सेट का उपयोग करेगा। यह परिचालन विश्लेषण और प्रदर्शन माप के लिए डेटा विश्लेषण क्षमताओं का भी लाभ उठाएगा। सीएआरओ में प्राथमिक अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे से संबंधित सुरक्षा, क्षमता और दक्षता सुधार कार्यक्रम, प्रमुख हवाई क्षेत्र चुनौतियों का समाधान करना, प्रमुख हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे की चुनौतियों पर ध्यान देना और भविष्य के हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे की जरूरतों के लिए पहचान किए गए क्षेत्रों में प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को विकसित करना शामिल हैं।

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।