"भारत देश में ओलंपिक की मेजबानी के प्रति आशान्वित है, भारत 2036 में ओलंपिक के सफल आयोजन की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ेगा, यह 140 करोड़ भारतीयों का सपना है"
"भारत वर्ष 2029 में आयोजित होने वाले यूथ ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी उत्सुक है"
''भारतीय सिर्फ खेल प्रेमी ही नहीं हैं, बल्कि खेल भावना को भी आत्मसात करते हैं''
''भारत की खेल विरासत संपूर्ण विश्व की है''
खेलों में कोई हारता नहीं, केवल विजेता और सीखने वाले होते हैं''
"हम भारत में खेलों में समावेशिता और विविधता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं"
"आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने की सिफारिश की है और हमें शीघ्र ही सकारात्मक खबर मिलने की आशा है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज मुंबई में 141वें अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) सत्र का उद्घाटन किया। यह सत्र खेल से संबंधित विभिन्न हितधारकों के बीच वार्तालाप और ज्ञान साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 40 वर्षों के बाद भारत में हो रहे इस सत्र के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने अहमदाबाद में विश्व के सबसे बड़े स्टेडियम में दर्शकों के उत्साहपूर्ण जयघोष के बीच क्रिकेट विश्व कप में भारत की जीत पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैं भारतीय टीम और प्रत्येक भारतीय को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई देता हूं।"

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि खेल भारत की संस्कृति और जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम भारत के गांवों की यात्रा करते हैं तो देखते हैं कि कोई भी त्योहार खेल के बिना अधूरा रहता है। श्री मोदी ने कहा कि भारतीय न सिर्फ खेल प्रेमी हैं, बल्कि इसे आत्मसात भी करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति भारत के हजारों वर्ष पुराने इतिहास में परिलक्षित होती है। चाहे सिंधु घाटी सभ्यता हो, वैदिक काल हो या उसके बाद का युग, प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि भारत की खेल विरासत बहुत समृद्ध रही है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि हजारों वर्ष पहले लिखे गए ग्रंथों में घुड़सवारी, तैराकी, तीरंदाजी कुश्ती आदि खेलों सहित 64 विधाओं में पारंगत होने का उल्लेख किया गया है और उनमें पारंगत होने पर बल भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी के खेल को सीखने के लिए एक 'धनुर वेद संहिता' यानी तीरंदाजी के लिए एक संहिता प्रकाशित की गई थी, जिसमें धनुषवाण, चक्र, भाला, तलवारबाजी, खंजर, गदा और कुश्ती जैसे 7 अनिवार्य कौशलों का उल्लेख किया गया है।

प्रधानमंत्री ने भारत की इस प्राचीन खेल विरासत का वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किया। उन्होंने धोलावीरा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का उल्लेख किया और 5000 वर्ष पुराने इस नगर की शहरी योजना में खेल के बुनियादी ढांचे के संदर्भ में भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि खुदाई में दो स्टेडियम मिले हैं, उनमें से एक उस समय का दुनिया का सबसे पुराना और बड़ा स्टेडियम था। इसी तरह राखीगढ़ी में खेल-कूद से जुड़ी संरचनाएं मिली हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत की यह खेल विरासत संपूर्ण दुनिया की है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि खेल में किसी की हार नहीं होती है, केवल विजेता और सीखने वाले होते हैं। खेल की भाषा और भावना सार्वभौमिक है। खेल महज प्रतिस्पर्धा नहीं है। खेल मानवता को विस्तार करने का अवसर प्रदान करता है। यही कारण है कि रिकॉर्ड विश्व स्तर पर बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल 'वसुधैव कुटुंबकम्'- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' की भावना को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री ने भारत में खेलों के विकास के लिए हाल के उपायों को भी सूचीबद्ध किया। उन्होंने खेलो इंडिया गेम्स, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, खेलो इंडिया विंटर गेम्स, संसद सदस्य खेल प्रतियोगिताओं और आगामी खेलो इंडिया पैरा गेम्स का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हम भारत में खेलों में समावेशिता और विविधता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने खेल की दुनिया में भारत के शानदार प्रदर्शन के लिए सरकार के प्रयासों को इसका श्रेय दिया। उन्होंने ओलंपिक के पिछले संस्करण में कई एथलीटों के शानदार प्रदर्शन का भी स्मरण किया और हाल ही में संपन्न एशियाई खेलों में भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में भारत के युवा एथलीटों द्वारा बनाए गए नए रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बदलाव भारत में खेलों के तेजी से बदलते परिदृश्य का संकेत हैं।

श्री मोदी ने कहा कि भारत ने वैश्विक खेल टूर्नामेंट आयोजित करने में अपनी क्षमता को सफलतापूर्वक सिद्ध किया है। उन्होंने हाल ही में आयोजित शतरंज ओलंपियाड टूर्नामेंट जो 186 देशों का साक्षी बना, फुटबॉल अंडर-17 महिला विश्व कप, हॉकी विश्व कप, महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप, शूटिंग विश्व कप और वर्तमान क्रिकेट विश्व कप जैसे वैश्विक टूर्नामेंटों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश हर वर्ष दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का आयोजन करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने की सिफारिश की है और विश्वास जताया कि इन सिफारिशों को स्वीकार कर लिया जाएगा।

वैश्विक कार्यक्रम को भारत के लिए दुनिया के स्वागत करने का एक अवसर बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और बेहतर तरीके से विकसित बुनियादी ढांचे के कारण वैश्विक कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए तैयार हैं। उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके अंतर्गत देश के 60 से अधिक शहरों में कार्यक्रम आयोजित किये गये और यह हर क्षेत्र में भारत की आयोजन क्षमता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का विश्वास ही इनका आधार बना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत देश में ओलंपिक की मेजबानी करने के प्रति आशान्वित है। भारत 2036 में ओलंपिक के सफल आयोजन की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ेगा और यह 140 करोड़ भारतीयों का सपना है। उन्होंने कहा कि देश सभी हितधारकों के सहयोग से इस सपने को पूरा करना चाहता है। श्री मोदी ने कहा कि भारत वर्ष 2029 में होने वाले युवा ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी उत्सुक है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईओसी भारत को अपना समर्थन देना जारी रखेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'खेल सिर्फ मेडल जीतने का ही नहीं, बल्कि दिल जीतने का माध्यम है। खेल सभी के लिए है। यह न केवल चैंपियन तैयार करता है बल्कि शांति, प्रगति और कल्याण को भी बढ़ावा देता है। इसलिए, खेल दुनिया को एकजुट करने का एक और माध्यम है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सत्र के शुभारंभ की घोषणा की।

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष श्री थॉमस बाख और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की सदस्य श्रीमती नीता अंबानी उपस्थित थीं।

पृष्ठभूमि

आईओसी सत्र अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक के रूप में कार्य करता है। ओलंपिक खेलों के भविष्य के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय आईओसी सत्र में लिए जाते हैं। भारत लगभग 40 वर्षों के अंतराल के बाद दूसरी बार आईओसी सत्र की मेजबानी कर रहा है। आईओसी का 86वाँ सत्र 1983 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

भारत में आयोजित होने वाला 141वां आईओसी सत्र वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने, खेल उत्कृष्टता का उत्सव मनाने और मित्रता, सम्मान और उत्कृष्टता के ओलंपिक आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए देश के समर्पण का प्रतीक है। यह खेल से संबंधित विभिन्न हितधारकों के बीच वार्तालाप और ज्ञान साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

सत्र में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष श्री थॉमस बाख और आईओसी के अन्य सदस्यों के साथ-साथ प्रमुख भारतीय खेल हस्तियों और भारतीय ओलंपिक संघ सहित विभिन्न खेल महासंघों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

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आज भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है, इसका उद्देश्य जीवन और कारोबार दोनों को आसान बनाना है: 18वें रोजगार मेले में पीएम मोदी
January 24, 2026
बीते वर्षों में, रोजगार मेला एक संस्था बन गया है और इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं: प्रधानमंत्री
आज, भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है; हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें: प्रधानमंत्री
आज, भारत सरकार कई देशों के साथ व्यापार और आवागमन समझौते कर रही है जो देश के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं: प्रधानमंत्री
आज, देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है, इसका उद्देश्य देश में जीवन और कारोबार दोनों को आसान बनाने का है: प्रधानमंत्री

सभी युवा साथियों, आप सबको मेरा नमस्कार! साल 2026 का आरंभ, आपके जीवन में नई खुशियों का आरंभ कर रहा है। इसके साथ ही जब वसंत पंचमी कल ही गई है, तो आपके जीवन में भी ये नई वसंत का आरंभ हो रहा है। आपको ये समय, संविधान के प्रति अपने दायित्वों से भी जोड़ रहा है। संयोग से इस समय देश में गणतंत्र का महापर्व चल रहा है। कल 23 जनवरी को हमने नेताजी सुभाष की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया, और अब कल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस है, फिर उसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। आज का दिन भी विशेष है। आज के ही दिन हमारे संविधान ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रीय गान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया था। आज के इस महत्वपूर्ण दिन, देश के इकसठ हज़ार से ज्यादा नौजवान जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। आज आप सबको सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं, ये एक तरह से Nation Building का Invitation Letter है। ये विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प पत्र है। आप में बहुत सारे साथी, देश की सुरक्षा को मज़बूत करेंगे, हमारे एजुकेशन और हेल्थकेयर इकोसिस्टम को और सशक्त करेंगे, कई साथी वित्तीय सेवाओं और एनर्जी सिक्योरिटी को मज़बूती देंगे, तो कई युवा हमारी सरकारी कंपनियों की ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मैं आप सभी युवाओं को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार-स्वरोजगार के अवसर देना, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकारी भर्तियों को भी कैसे मिशन मोड पर किया जाए, इसके लिए रोज़गार मेले की शुरुआत की गई थी। बीते वर्षों में रोज़गार मेला एक इंस्टीट्यूशन बन गया है। इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। इसी मिशन का और विस्तार करते हुए, आज देश के चालीस से अधिक स्थानों पर ये रोजगार मेला चल रहा है। इन सभी स्थानों पर मौजूद युवाओं का मैं विशेष तौर पर अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें। आज भारत सरकार, अनेक देशों से ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है। ये ट्रेड एग्रीमेंट भारत के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं।

साथियों,

बीते समय में भारत ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। इससे कंस्ट्रक्शन से जुड़े हर सेक्टर में रोजगार बहुत बढ़े हैं। भारत के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम का दायरा भी तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। आज देश में करीब दो लाख रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप हैं। इनमें इक्कीस लाख से ज्यादा युवा काम कर रहे हैं। इसी प्रकार, डिजिटल इंडिया ने, एक नई इकॉनॉमी को विस्तार दिया है। एनिमेशन, डिजिटल मीडिया, ऐसे अनेक क्षेत्रों में भारत एक ग्लोबल हब बनता जा रहा है। भारत की क्रिएटर इकॉनॉमी बहुत तेज़ गति से ग्रो कर रही है, इसमें भी युवाओं को नई-नई अपॉरचुनिटीज मिल रही हैं।

मेरे युवा साथियों,

आज भारत पर जिस तरह दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है, वो भी युवाओं के लिए अनेक नई संभावनाएं बना रहा है। भारत दुनिया की एकमात्र बड़ी इकॉनॉमी है, जिसने एक दशक में GDP को डबल किया है। आज दुनिया के सौ से अधिक देश, भारत में FDI के जरिए निवेश कर रहे हैं। वर्ष 2014 से पहले के दस वर्षों की तुलना में भारत में ढाई गुना से अधिक FDI आया है। और ज्यादा विदेशी निवेश का अर्थ है, भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर।

साथियों,

आज भारत एक बड़ी मैन्युफेक्चरिंग पावर बनता जा रहा है। Electronics, दवाएं और वैक्सीन, डिफेंस, ऑटो, ऐसे अनेक सेक्टर्स में भारत के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट, दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। 2014 के बाद से भारत की electronics manufacturing में छह गुना वृद्धि हुई है, छह गुना। आज ये 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक की इंडस्ट्री है। हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी चार लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। भारत की ऑटो इंडस्ट्री भी सबसे तेजी से ग्रो करने वाले सेक्टर्स में से एक बन गई है। वर्ष 2025 में टू-व्हीलर की बिक्री दो करोड़ के पार पहुंच चुकी है। ये दिखाता है कि देश के लोगों की खरीद शक्ति बढ़ी है, इनकम टैक्स और GST कम होने से उन्हें अनेक लाभ हुए हैं, ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो बताते हैं कि देश में बड़ी संख्या में रोजगार का निर्माण हो रहा है।

साथियों,

आज के इस आयोजन में 8 हजार से ज्यादा बेटियों को भी नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में, देश की वर्कफोर्स में वीमेन पार्टिसिपेशन में करीब-करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। सरकार की मुद्रा और स्टार्ट अप इंडिया जैसी योजनाओं का, बहुत बड़ा फायदा हमारी बेटियों को हुआ है। महिला स्व-रोजगार की दर में करीब 15 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। अगर मैं स्टार्ट अप्स और MSMEs की बात करूं, तो आज बहुत बड़ी संख्या में वीमेन डायरेक्टर, वीमेन फाउंडर्स हैं। हमारा जो को-ऑपरेटिव सेक्टर है, जो हमारे सेल्फ हेल्प ग्रुप्स गांवों में काम कर रहे हैं, उनमें बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।

साथियों,

आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है। इसका उद्देश्य, देश में जीवन और कारोबार, दोनों को आसान बनाने का है। GST में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स का सभी को फायदा हुआ है। इससे, हमारे युवा आंत्रप्रन्योर्स को लाभ हो रहा है, हमारे MSMEs को फायदा हो रहा है। हाल में देश ने ऐतिहासिक लेबर रिफॉर्म्स लागू किए हैं। इससे, श्रमिकों, कर्मचारियों और बिजनेस, सबको फायदा होगा। नए लेबर कोड्स ने, श्रमिकों के लिए, कर्मचारियों के लिए, सामाजिक सुरक्षा का दायरा और सशक्त किया है।

साथियों,

आज जब रिफॉर्म एक्सप्रेस की चर्चा हर तरफ हो रही है, तो मैं आपको भी इसी विषय में एक काम सौंपना चाहता हूं। आप याद कीजिए, बीते पांच-सात साल में कब-कब आपका सरकार से किसी न किसी रूप में संपर्क हुआ है? कहीं किसी सरकारी दफ्तर में काम पड़ा हो, किसी और माध्यम से संवाद हुआ हो और आपको इसमें परेशानी हुई हो, कुछ कमी महसूस हुई हो, आपको कुछ न कुछ खटका हो, जरा ऐसी बातों को याद करिए। अब आपको तय करना है, कि जिन बातों ने आपको परेशान किया, कभी आपके माता पिता को परेशान किया, कभी आपके यार दोस्तों को परेशान किया, और वो जो आपको अखरता था, बुरा लगता था, गुस्सा आता था, अब वो कठिनाइयां, आपके अपने कार्यकाल में आप दूसरे नागरिकों को नहीं होने देंगे। आपको भी सरकार का हिस्सा होने के नाते, अपने स्तर पर छोटे-छोटे रिफॉर्म करने होंगे। इस अप्रोच को लेकर के आपको आगे बढ़ना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का भला हो। Ease of living, Ease of doing business, इसको ताकत देने का काम, जितनी नीति से होता है, उससे ज्यादा स्थानीय स्तर पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारी की नीयत से होता है। आपको एक और बात याद रखनी है। तेज़ी से बदलती टेक्नॉलॉजी के इस दौर में, देश की ज़रूरतें और प्राथमिकताएं भी तेज़ी से बदल रही हैं। इस तेज़ बदलाव के साथ आपको खुद को भी अपग्रेड करते रहना है। आप iGOT कर्मयोगी जैसे प्लेटफॉर्म का जरूर सदुपयोग करें। मुझे खुशी है कि इतने कम समय में, करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी iGOT के इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर खुद को नए सिरे से ट्रेन कर रहे हैं, Empower कर रहे हैं।

साथियों,

चाहे प्रधानमंत्री हो, या सरकार का छोटा सा सेवक, हम सब सेवक हैं और हम सबका एक मंत्र समान है, उसमें न कोई ऊपर है, न कोई दाएं बाएं है, और हम सबके लिए, मेरे लिए भी और आपके लिए भी मंत्र कौन सा है- ‘’नागरिक देवो भव’’ ‘’नागरिक देवो भव’’ के मंत्र के साथ हमें काम करना है, आप भी करते रहिए, एक बार फिर आपके जीवन में ये जो नई वसंत आई है, ये नया जीवन का युग शुरू हो रहा है और आप ही के माध्यम से 2047 में विकसित भारत बनने वाला है। आपको मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।