हमारे अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन हमारे आदर्श नहीं। नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा वही रहती है: भाजपा मुख्यालय में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि नितिन नबीन जी में युवा ऊर्जा और संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है, यह हर पार्टी कार्यकर्ता के काम आएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी नितिन नबीन जी के हाथों में होगी, जो उस पीढ़ी का हिस्सा हैं जिसने भारत को आर्थिक और तकनीकी रूप से बदलते देखा है।
भाजपा ने सामाजिक न्याय और कल्याणकारी योजनाओं को आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने पर ध्यान दिया है, ताकि उनका लाभ समाज के सबसे गरीब और वंचित वर्गों तक पहुंचे: पीएम
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में, लोगों ने मेयर चुनाव में 45 साल बाद लेफ्ट से सत्ता छीनी और भाजपा पर भरोसा किया: पीएम

नितिन नबीन ने मंगलवार को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल, भारतीय जनता पार्टी को उसका नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में देशभर से आए कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में उन्होंने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि बीते कई महीनों से चल रहा संगठन पर्व, जिसमें पार्टी की सबसे छोटी इकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन तक की प्रक्रिया शामिल थी। यह भारतीय जनता पार्टी की लोकतांत्रिक परंपराओं, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता-केंद्रित सोच का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बताया की यह पूरी प्रक्रिया भाजपा के संविधान की भावना के अनुरूप, लोकतांत्रिक ढंग से संपन्न हुई। संगठन पर्व का विधि-पूर्वक समापन इस बात का प्रमाण है कि भाजपा केवल सत्ता की पार्टी नहीं, बल्कि मूल्यों और प्रक्रियाओं से चलने वाला संगठन है

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बीते वर्षों के प्रेरणादायी अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जन्म-जयंती और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष जैसे महापर्वों ने संगठन के संकल्प को और मजबूत किया है। भाजपा का नेतृत्व अनुभव, परंपरा और राष्ट्रसेवा की भावना से निरंतर समृद्ध होता रहा है।

भाजपा की संगठनात्मक यात्रा का स्मरण करते हुए पीएम ने कहा कि अटल जी, लालकृष्ण आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी के नेतृत्व में पार्टी ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया। वेंकैया नायडू जी, नितिन गडकरी जी, राजनाथ सिंह जी, अमित शाह जी और जे.पी. नड्डा जी के नेतृत्व में संगठन का अभूतपूर्व विस्तार हुआ। आज भाजपा पंचायत से लेकर संसद तक सशक्त रूप से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। लगातार तीसरी बार केंद्र में एनडीए सरकार का गठन इसका प्रमाण है।

पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भाजपा के लिए संगठन विस्तार के साथ-साथ कार्यकर्ता निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्वयं को एक कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता होना उनके जीवन का सबसे बड़ा गर्व है। उन्होंने कहा, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन न केवल भाजपा का नेतृत्व करेंगे, बल्कि एनडीए के सभी सहयोगी दलों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाएंगे।

नितिन नबीन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरलता, सहजता और संगठनात्मक क्षमता सर्वविदित है। भाजपा युवा मोर्चा से लेकर विभिन्न राज्यों में प्रभारी की भूमिका और बिहार सरकार में उनके कार्य अनुभव ने यह सिद्ध किया है कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उन्होंने उसे पूरी निष्ठा और सफलता के साथ निभाया।

इक्कीसवीं सदी के इस महत्वपूर्ण कालखंड पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 25 वर्ष ‘विकसित भारत’ के निर्माण के निर्णायक वर्ष हैं। इस दौर में नितिन नबीन जैसे युवा ऊर्जा और अनुभव से समृद्ध नेतृत्व का मिलना संगठन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीएम ने उन असंख्य कार्यकर्ताओं और परिवारों को नमन किया, जिन्होंने पीढ़ियों तक त्याग, तपस्या और बलिदान देकर इस विचारधारा को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक संस्कार, एक परिवार और एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें पद बदलते हैं, लेकिन आदर्श और दिशा नहीं बदलती।

भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों का उल्लेख करते हुए पीएम ने कहा कि पार्टी ने सत्ता को सेवा का माध्यम बनाया है। जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, पीएम जनमन योजना, आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसे उदाहरण बताते हैं कि भाजपा की संवेदनशीलता समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंची है। बीते एक दशक में 25 करोड़ से अधिक लोगों का गरीबी से बाहर निकलना इसी नीति का परिणाम है।

पीएम ने कहा कि भाजपा का विकास मॉडल स्थिरता, सुशासन और संवेदनशीलता पर आधारित है। यही कारण है कि पार्टी ने कई राज्यों में लगातार कई कार्यकालों के बावजूद पहले से बड़ा जनादेश प्राप्त किया है। स्थानीय निकायों से लेकर विधानसभा और संसद तक भाजपा जनता की पहली पसंद बनी है।

साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के सामने मौजूद चुनौतियों, घुसपैठ, अर्बन नक्सलवाद और परिवारवादी राजनीति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इनसे निपटने के लिए संगठनात्मक और वैचारिक मजबूती आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की रक्षा करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर आगे बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की असली ताकत कार्यकर्ता हैं, जो बूथ स्तर पर समर्पित भाव से कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में संगठन और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने नितिन नबीन को फिर से शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भाजपा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर और तेजी से आगे बढ़ेगी।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!