प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज डीएमडीके के संस्थापक और प्रसिद्ध अभिनेता श्री विजयकांत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने श्री विजयकांत को उनके द्वारा की गई जनसेवा के लिए याद किया जिसने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

"थिरू विजयकांत जी के निधन से बहुत दु:खी हूं। वे तमिल फिल्म जगत के एक दिग्गज अभिनेता थे जिनके करिश्माई प्रदर्शन ने लाखों लोगों का दिल जीता है। एक राजनीतिक नेता के रूप में, वह जनसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित रहे और उन्होंने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्‍य पर अमिट छाप छोड़ी है। उनके निधन से जो स्‍थान खाली हुआ है उसे भरना बहुत मुश्किल होगा। वे मेरे करीबी दोस्त थे और मैं वर्षों से उनके साथ हुई बातचीत का सप्रेम स्‍मरण करता हूं। इस दु:ख की घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, प्रशंसकों और असंख्य अनुयायियों के साथ हैं। ओम शांति।"

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए शुभ विचारों, वाणी और कर्मों को अपनाने के महत्व को रेखांकित किया
July 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें इस बात पर बल दिया गया कि विचार, वाणी और कर्म में निरंतर अभ्यास किस प्रकार व्यक्ति के चरित्र और जीवन की दिशा को आकार देता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा:

"कर्मणा मनसा वाचा यदभीक्ष्णं निषेवते।

तदेवापहरत्येनं तस्मात् कल्याणमाचरेत्॥"

मनुष्य अपने कर्मों, विचारों और वाणी के माध्यम से निरंतर जिसका अभ्यास करता है, अंततः वही उसके व्यक्तित्व को आकार देता है और उसे उसी दिशा में ले जाता है, इसलिए, व्यक्ति को अपने विचारों और संवाद में सदैव केवल कल्याणकारी विषयों को ही स्थान देना चाहिए।