जब युवा राष्ट्र निर्माण में प्रमुखता से योगदान देता है, तो देश तेज विकास करता है और विश्व में अपनी पहचान भी बनाता है: पीएम
भारत के युवा अपने समर्पण और नवाचार से आज दुनिया को दिखा रहे हैं कि हममें कितना सामर्थ्य है: पीएम
बजट में सरकार ने 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देने और युवाओं को विश्व स्तर पर मानकीकृत उत्पाद बनाने का अवसर प्रदान करने के लक्ष्य के साथ विनिर्माण मिशन की घोषणा की है: पीएम
विनिर्माण मिशन से देश भर में न केवल लाखों एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को मदद मिलेगी, बल्कि देश भर में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा: पीएम
मुंबई जल्द ही विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 की मेजबानी करेगा, यह आयोजन युवाओं को अपने केंद्र में रखते हुए युवा रचनाकारों को पहली बार ऐसा मंच प्रदान करेगा: पीएम
मीडिया, गेमिंग और मनोरंजन के क्षेत्र में वेव्स अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अभूतपूर्व अवसर है: पीएम
नौकरशाही से लेकर अंतरिक्ष और विज्ञान तक के क्षेत्रों में भारत की महिला शक्ति नई ऊंचाइयों को छू रही है, सरकार भी ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दे रही है: पीएम

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार मेले को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों एवं संगठनों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सरकार के विभिन्न विभागों में इन युवाओं के लिए आज नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि उनके कर्तव्यों में देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करना, आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना, आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में योगदान देना और श्रमिकों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जिस ईमानदारी के साथ वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करते हैं, उसका भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ये युवा अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।

श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “किसी भी राष्ट्र की प्रगति और सफलता की नींव उसके युवाओं में निहित है। युवा राष्ट्र निर्माण में भागीदार होते हैं, तो देश तेजी से विकास करता है और विश्व भर में अपनी पहचान भी बनाता है।” उन्होंने यह भी कहा, “भारत के युवा अपनी कड़ी मेहनत और नवाचार के जरिए दुनिया को अपनी अपार क्षमता दिखा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर यह सुनिश्चित कर रही है कि देश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते रहें। उन्होंने बताया कि स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। इन अभियानों के माध्यम से सरकार भारत के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक खुला मंच प्रदान कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, इस दशक में भारत के युवाओं ने देश को प्रौद्योगिकी, डेटा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने यूपीआई, ओएनडीसी और जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की सफलता पर प्रकाश डाला, जो दर्शाता है कि कैसे युवा डिजिटल अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलावों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत अब वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन में दुनिया में अग्रणी है और इस उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा युवाओं को जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “इस बजट में घोषित विनिर्माण मिशन का उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देना और भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर मानकीकृत उत्पाद बनाने के अवसर प्रदान करना है। इस पहल से न केवल देश भर में लाखों एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को मदद मिलेगी, बल्कि देश भर में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।” उन्होंने कहा कि यह भारत के युवाओं के लिए अवसरों का एक अभूतपूर्व समय है। उन्होंने बताया कि आईएमएफ ने हाल ही में कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस वृद्धि के कई पहलू हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण आने वाले दिनों में सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के दिनों में ऑटोमोबाइल और फुटवियर उद्योगों ने उत्पादन और निर्यात में नए रिकॉर्ड हासिल किए हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पहली बार खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों ने 1.70 लाख करोड़ रुपये के कारोबार को पार कर लिया है, जिससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों नए रोजगार पैदा हुए हैं। अंतर्देशीय जल परिवहन में हाल की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले अंतर्देशीय जल परिवहन के माध्यम से सालाना केवल 18 मिलियन टन माल की आवाजाही होती थी। इस वर्ष, माल की आवाजाही 145 मिलियन टन से अधिक हो गई है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय इस दिशा में लगातार नीति-निर्माण और निर्णय लेने को दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश में राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या केवल 5 से बढ़कर 110 से अधिक हो गई है और इन जलमार्गों की परिचालन लंबाई लगभग 2,700 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 5,000 किलोमीटर हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये उपलब्धियां पूरे देश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं।

श्री मोदी ने कहा, "मुंबई जल्द ही विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 की मेजबानी करेगा। युवाओं पर केंद्रित इसका आयोजन युवा रचनाकारों को पहली बार ऐसा मंच प्रदान करेगा। यह शिखर सम्मेलन मीडिया, गेमिंग और मनोरंजन के क्षेत्र में नवाचार करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करेगा।" उन्होंने कहा कि मनोरंजन स्टार्टअप को निवेशकों और उद्योग के दिग्गजों से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे यह दुनिया के सामने अपने विचारों को पेश करने का सबसे बड़ा मंच बन जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से एआई, एक्सआर और इमर्सिव मीडिया के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा, "वेव्स भारत के डिजिटल कंटेंट के भविष्य को ऊर्जा प्रदान करेगा।" उन्होंने भारत के युवाओं की समावेशिता की सराहना की और इस बात पर प्रकाश डाला कि समाज का हर वर्ग देश की उपलब्धियों में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने हाल ही में यूपीएससी के नतीजों का हवाला दिया, जहां शीर्ष दो स्थान महिलाओं ने हासिल किए और शीर्ष पांच में से तीन टॉपर महिलाएं हैं। श्री मोदी ने कहा, "नौकरशाही से लेकर अंतरिक्ष और विज्ञान तक के क्षेत्रों में महिलाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। हमारी सरकार स्वयं सहायता समूहों, बीमा सखियों, बैंक सखियों और कृषि सखियों जैसी पहलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे नए अवसर पैदा हुए हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि हजारों महिलाएं अब ड्रोन दीदी के रूप में काम कर रही हैं, जो अपने परिवारों और गांवों के लिए समृद्धि सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें 10 करोड़ से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इन समूहों को मजबूत करने के लिए सरकार ने उनके बजट को पांच गुना बढ़ाया है और 20 लाख रुपये तक के जमानत-मुक्त ऋण का प्रावधान किया है। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मुद्रा योजना की सबसे बड़ी लाभार्थी महिलाएं हैं और उन्होंने कहा कि देश में 50,000 से अधिक स्टार्टअप में महिलाएं निदेशक हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के परिवर्तनकारी बदलाव भारत के विकास के संकल्प को मजबूत कर रहे हैं और रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर पैदा कर रहे हैं।

आज रोजगार पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आपको मिला यह पद आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि अपने जीवन के अगले चरणों को न केवल खुद के लिए बल्कि राष्ट्र के लिए भी समर्पित करें। उन्होंने यह भी कहा कि जन सेवा की भावना सर्वोपरि होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी सेवा के प्रति सर्वोच्च सम्मान के साथ काम करता है, तो उसके प्रयासों को राष्ट्र को एक नई दिशा में ले जाने की ताकत मिलती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों के कर्तव्यों का पालन, नवाचार और प्रतिबद्धता भारत के प्रत्येक नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने में सीधे योगदान देगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब कोई व्यक्ति जिम्मेदारी के पदों पर पहुंचता है, तो नागरिक के रूप में उसके कर्तव्य और भूमिकाएं और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं। उन्होंन इस दिशा में जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान पर प्रकाश डाला और सभी को प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सेवा के भाव के रूप में अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने लोगों से अपने कार्यस्थलों पर इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने का आग्रह किया। यह देखते हुए कि जून में आने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक सफल करियर के साथ-साथ एक स्वस्थ जीवन शुरू करने का एक शानदार अवसर है, उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य न केवल व्यक्तियों के लिए आवश्यक है, बल्कि कार्य कुशलता और राष्ट्र की उत्पादकता के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने लोगों को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी पहल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका का उद्देश्य केवल पद धारण करना नहीं है, बल्कि भारत के प्रत्येक नागरिक की सेवा करना और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना है। श्री मोदी ने सिविल सेवा दिवस पर साझा किए गए 'नागरिक देवो भव' के मंत्र को याद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की सेवा करना ईश्वर की पूजा के समान है। श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ईमानदारी और समर्पण के साथ, भारत एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनेगा। उन्होंने युवाओं से 140 करोड़ भारतीयों के सपनों और आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए काम करने का आग्रह किया।

पृष्ठभूमि

रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता के अनुरूप, 15वां रोजगार मेला देश भर में 47 स्थानों पर आयोजित किया गया। यह युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय विकास में प्रभावी योगदान देने के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा।

देश भर से चयनित नए कर्मचारी राजस्व विभाग, कार्मिक एवं लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, रेल मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में केन्द्र सरकार में शामिल होंगे।

 

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प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा
July 03, 2026

इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी और मई 2018 में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किए जाने के बाद उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। जकार्ता में प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। इन विशेष संबंधों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के एक प्रमुख यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे।

इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई, 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथोनी अल्बानीज़ एमपी के निमंत्रण पर मेलबर्न की यात्रा करेंगे। मेलबर्न में प्रधानमंत्री अल्बानीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल माननीय सुश्री सैम मोस्टिन एसी से भी मुलाकात करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे जहां वे दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक मजबूत स्तंभ है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मेलबर्न से 10-11 जुलाई, 2026 को ऑकलैंड की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में, प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे जिनमें पिछले दो वर्षों में विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री प्रमुख व्यापार और खेल जगत की हस्तियों से भी बातचीत करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत जन-संबंधों को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासी भारतीयों की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे।