विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त अभ्यर्थियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए
"रोजगार मेले की यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची"
"हमारी सरकार युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मिशन मोड में काम कर रही है"
"हम न केवल रोजगार प्रदान कर रहे हैं बल्कि एक पारदर्शी व्यवस्था भी कायम कर रहे हैं"
"रोजगार की अधिसूचना से लेकर रोजगार पत्र तक के बीच का कुल समय काफी कम कर दिया गया है"
"आज, भारत का प्रगति पथ और उन्‍नति की गति सभी क्षेत्रों में रोजगार की नवीन संभावनाएं उत्‍पन्‍न कर रही है"
"सरकार नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष, ऑटोमेशन और रक्षा निर्यात जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए पारंपरिक क्षेत्रों को सुदृढ कर रही है"
आज, भारत उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपने युवाओं को कौशल और शिक्षा, दोनों विधाओं में समर्थ कर रहा है
"युवाओं के लिए रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करना राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय रोजगार मेले को संबोधित किया और विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त अभ्यर्थियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। देश भर से चुने हुए नवनियुक्‍त युवा रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग और शिक्षा मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में सरकार में शामिल होंगे। रोजगार मेले में प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान के दौरान देशभर के 37 स्थान मेले से जुड़े रहे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रोजगार मेलों की यह विकास यात्रा एक महत्वपूर्ण पडाव पर पहुंच गई है, रोजगार मेले पिछले वर्ष अक्टूबर में शुरू हुए थे और केंद्र और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में विभिन्न रोजगार मेलों में लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। आज भी 50 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी है। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्तों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित रोजगार मेले युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के संकेत हैं, जहां मिशन मोड में काम चल रहा है। श्री मोदी ने भर्ती प्रक्रियाओं में युवाओं के बढ़ते भरोसे पर बल देते हुए कहा, "हम न केवल रोजगार प्रदान कर रहे हैं बल्कि एक पारदर्शी प्रणाली भी कायम रख रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार न केवल प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने का प्रयास कर रही है बल्कि परीक्षा प्रक्रिया का पुनर्गठन भी कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन प्रणाली के तहत भर्ती में लगने वाला समय भी घटाकर आधा कर दिया गया है। श्री मोदी ने बताया, "रोजगार की अधिसूचना से लेकर रोजगार-पत्र मिलने तक का अंतराल काफी कम हो गया है।" कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के तहत कुछ परीक्षाओं के बारे में उन्‍होंने बताया कि परीक्षाएं अब हिंदी और अंग्रेजी के अतिरिक्‍त 13 विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं, जिससे उन उम्मीदवारों के लिए भाषा की बाधा को तोड़ना आसान हो गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विकास की वो गति है जो प्रत्‍येक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। उन्होंने धोरडो गांव का उल्लेख किया जिसे संयुक्त राष्ट्र ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के पुरस्कार से सम्‍मानित किया है और होयसला मंदिर परिसर और शांति निकेतन को विश्व धरोहर स्थल की मान्यता दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे युवाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा, इसी तरह, खेलों में भी प्रगति के नए मार्ग सृजित किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले पारंपरिक क्षेत्रों को सुदृढ़ कर रही है और साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष, ऑटोमेशन और रक्षा निर्यात जैसे नए क्षेत्रों को भी बढ़ावा दे रही है।" उन्होंने ड्रोन प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नए रास्ते खोलने का भी जिक्र किया और इसकी मदद से किए जा रहे फसल मूल्यांकन और पोषक तत्वों के छिड़काव का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत भूमि मानचित्रण के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ड्रोन का उल्‍लेख करते हुए बताया कि ड्रोन के माध्‍यम से ही हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पिति क्षेत्र में दवाएं पहुंचाई जा रही है और इससे अनुमानित समय 2 घंटे से घटकर 20-30 मिनट से भी कम हो गया। श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स को भी ड्रोन से बहुत लाभ पहुंचा है और नए डिजाइन और उन्‍नत तकनीक में मदद मिली है।

प्रधानमंत्री ने खादी के पुनरुत्थान का जिक्र किया, उन्‍होंने बताया कि 10 साल पहले खादी उत्‍पादों की बिक्री 30 हजार करोड रुपए के आस-पास थी जो अब बढकर 1.25 लाख करोड़ से अधिक दर्ज की गई है। इससे खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में कई नौकरियाँ सृजित हुई है और विशेषकर महिलाएं लाभांवित हुई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश के प्रतिस्पर्धी लाभ के लिए युवाओं की ताकत का पूरा अहसास होना जरूरी है। उन्‍होंने कौशल और शिक्षा की पहल का उल्‍लेख किया जिससे युवाओं को नए अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के लिए तैयार किया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई गई है, नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम और आईआईआईटी खोले गए हैं और पीएम कौशल विकास योजना के तहत करोड़ों युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। विश्वकर्मा कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। रिस्किलिंग और अपस्किलिंग आज के दौर की आवश्‍यकता है प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना, विश्वकर्माओं को आधुनिक तकनीक और उपकरणों से जोड़ रही है।

युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन, राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में प्रतिस्‍थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि नवनियुक्‍त भर्तियों में शामिल युवा सरकारी योजनाओं को आगे ले जाएंगे और उन्हें जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि "आज, आप सभी राष्ट्र-निर्माण की हमारी यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोगी बन रहे हैं", प्रधानमंत्री ने नवनियुक्‍तों से आग्रह किया की वे भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूर्ण योगदान दें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि युवाओं को अपनी सीखने की प्रक्रिया जारी रखनी चाहिए और आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, "आपका हर कदम देश को विकास के पथ पर तेजी से आगे ले जाने में मददगार साबित होगा।" संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर का उल्लेख किया और नवनियुक्‍तों से वोकल फॉर लोकल के संदेश का प्रसार करने का आग्रह किया, जो देश के भीतर रोजगार सृजन का एक माध्यम भी है।

पृष्ठभूमि

रोजगार मेला देश भर में 37 स्थानों पर आयोजित किया गया। इस पहल के तहत केंद्र सरकार के विभागों और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों में भर्तियां हो रही हैं। देश भर से चुने गए नए कर्मचारी रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में सरकार में शामिल होंगे।

रोजगार मेला, रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि रोजगार मेला आगे रोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा।

नवनियुक्त कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर ऑनलाइन मॉड्यूल कर्मयोगी प्रधान के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिलेगा। इस पोर्टल पर 'कहीं भी किसी भी डिवाइस पर' प्रशिक्षण के लिए 750 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं।

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विकसित बिहार मेरा संकल्प और मिशन: पीएम मोदी
March 02, 2024
लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये की कई तेल और गैस परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और शिलान्यास किया
बिहार में 13,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी
बरौनी में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन किया
लगभग 3917 करोड़ रुपये की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
देश में पशुधन के लिए डिजिटल डेटाबेस - 'भारत पशुधन' राष्ट्र को समर्पित किया
'1962 किसान ऐप' लॉन्च किया
"डबल इंजन सरकार की ताकत से बिहार उत्साह और आत्मविश्वास से भरा है"
"अगर बिहार विकसित होगा तो भारत भी विकसित होगा"
"इतिहास गवाह है कि जब बिहार और पूर्वी भारत समृद्ध रहा, तब भारत भी सशक्त रहा है"
“सच्चा सामाजिक न्याय 'संतुष्टिकरण' से मिलता है, 'तुष्टिकरण' से नहीं
"डबल इंजन सरकार के दोहरे प्रयास से बिहार का विकास होना तय है"

बिहार के राज्यपाल श्रीमान राजेंद्र अर्लेकर जी, मुख्यमंत्री श्रीमान नीतीश कुमार जी, मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी गिरिराज सिंह जी, हरदीप सिंह पुरी जी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जी, सम्राट चौधरी जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी महानुभाव और बेगुसराय से पधारे हुए उत्साही मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

जयमंगला गढ़ मंदिर और नौलखा मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं को मैं प्रणाम करता हूं। मैं आज विकसित भारत के लिए विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प के साथ बेगुसराय आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है कि इतनी विशाल संख्या में आप जनता-जनार्दन, आपके दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला है।

साथियों,

बेगूसराय की ये धरती प्रतिभावान युवाओं की धरती है। इस धरती ने हमेशा देश के किसान और देश के मज़दूर, दोनों को मजबूत किया है। आज इस धरती का पुराना गौरव फिर लौट रहा है। आज यहां से बिहार सहित, पूरे देश के लिए 1 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपए उससे भी अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, डेढ़ लाख करोड़ से भी ज्यादा। पहले ऐसे कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में होते थे, लेकिन आज मोदी दिल्ली को बेगुसराय ले आया है। और इन योजनाओं में करीब-करीब 30 हज़ार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स सिर्फ और सिर्फ ये मेरे बिहार के हैं। एक ही कार्यक्रम में सरकार का इतना बड़ा निवेश ये दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितना बढ़ रहा है। इससे बिहार के नौजवानों को यहीं पर नौकरी के, रोजगार के अनेकों नए अवसर बनेंगे। आज के ये प्रोजेक्ट, भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का माध्यम बनेंगे। आप रूकिए भैया बहुत हो गया आपका प्यार मुझे मंजूर है, आप रूकिए, आप बैठिए, आप चेयर पर से नीचे आ जाइए, प्लीज, मेरी आपसे प्रार्थना है, आप बैठिए...हां। आप बैठ जाइए, वो कुर्सी पर बैठ जाइए आराम से, थक जाएंगे। आज की ये परियोजनाएं, बिहार में सुविधा और समृद्धि का रास्ता बनाएंगी। आज बिहार को नई ट्रेन सेवाएं मिली हैं। ऐसे ही काम है, जिसके कारण आज देश पूरे विश्वास से कह रहा है, बच्चा-बच्चा कह रहा है, गांव भी कह रहा है, शहर भी कह रहा है- अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार! NDA सरकार...400 पार!

साथियों,

2014 में जब आपने NDA को सेवा का अवसर दिया, तब मैं कहता था कि पूर्वी भारत का तेज़ विकास ये हमारी प्राथमिकता है। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब बिहार और ये पूर्वी भारत, समृद्ध रहा है, तब-तब भारत भी सशक्त रहा है। जब बिहार में स्थितियां खराब हुईं, तो देश पर भी इसका बहुत बुरा असर बड़ा। इसलिए मैं बेगुसराय से पूरे बिहार की जनता को कहता हूं- बिहार विकसित होगा, तो देश भी विकसित होगा। बिहार के मेरे भाई-बहन, आप मुझे बहुत अच्छी तरह जानते हैं, और जब आपके बीच आया हूं तो मैं दोहराना चाहता हूं- ये वादा नहीं है- ये संकल्प है, ये मिशन है। आज जो ये प्रोजेक्ट बिहार को मिले हैं, देश को मिले हैं, वो इसी दिशा में बहुत बड़ा कदम हैं। इनमें से अधिकतर पेट्रोलियम से जुड़े हैं, फर्टिलाइज़र से जुड़े हैं, रेलवे से जुड़े हैं। ऊर्जा, उर्वरक और कनेक्टिविटी, यही तो विकास का आधार हैं। खेती हो या फिर उद्योग, सब कुछ इन्हीं पर निर्भर करता है। और जब इन पर तेजी से काम चलता है, तब स्वाभाविक है रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं, रोजगार भी मिलता है। आप याद कीजिए, बरौनी का जो खाद कारखाना बंद पड़ चुका था, मैंने उसे फिर से चालू करने की गारंटी दी थी। आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी कर दी। ये बिहार सहित पूरे देश के किसानों के लिए बहुत बड़ा काम हुआ है। पुरानी सरकारों की बेरुखी के कारण, बरौनी, सिंदरी, गोरखपुर, रामागुंडम, वहां जो कारखाने थे, वो बंद पड़े थे, मशीन सड़ रहे थे। आज ये सारे कारखाने, यूरिया में भारत की आत्मनिर्भरता की शान बन रहे हैं। इसलिए तो देश कहता है- मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी यानि गारंटी जे पूरा होय छय !

साथियों,

आज बरौनी रिफाइनरी की क्षमता के विस्तार का काम शुरु हो रहा है। इसके निर्माण के दौरान ही, हजारों श्रमिकों को महीनों तक लगातार रोजगार मिला। ये रिफाइनरी, बिहार में औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देगी और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि बीते 10 साल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े 65 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स बिहार को मिले हैं, जिनमें से अनेक पूरे भी हो चुके हैं। बिहार के कोने-कोने में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच रहा है, इससे बहनों को सस्ती गैस देने में मदद मिल रही है। इससे यहां उद्योग लगाना आसान हो रहा है।

साथियों,

आज हम यहां आत्मनिर्भर भारत से जुड़े एक और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हैं। कर्नाटक में केजी बेसिन के तेल कुओं से तेल का उत्पादन शुरु हो चुका है। इससे विदेशों से कच्चे तेल के आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी।

साथियों,

राष्ट्रहित और जनहित के लिए समर्पित मजबूत सरकार ऐसे ही फैसले लेती है। जब परिवारहित और वोटबैंक से बंधी सरकारें होती हैं, तो वो क्या करती हैं, ये बिहार ने बहुत भुगता है। अगर 2005 से पहले के हालात होते तो बिहार में हज़ारों करोड़ की ऐसी परियोजनाओं के बारे में घोषणा करने से पहले सौ बार सोचना पड़ता। सड़क, बिजली, पानी, रेलवे की क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आप जानते हैं। 2014 से पहले के 10 वर्षों में रेलवे के नाम पर, रेल के संसाधनों को कैसे लूटा गया, ये पूरा बिहार जानता है। लेकिन आज देखिए, पूरी दुनिया में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की चर्चा हो रही है। भारतीय रेल का तेज़ी से बिजलीकरण हो रहा है। हमारे रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट की तरह सुविधाओँ वाले बन रहे हैं।

साथियों,

बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का नुकसान देखा है, परिवारवाद का दंश सहा है। परिवारवाद और सामाजिक न्याय, ये एक दूसरे के घोर विरोधी हैं। परिवारवाद, विशेष रूप से नौजवानों का, प्रतिभा का, सबसे बड़ा दुश्मन है। यही बिहार है, जिसके पास भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की एक समृद्ध विरासत है। नीतीश जी के नेतृत्व में NDA सरकार, यहां इसी विरासत को आगे बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ RJD-कांग्रेस की घोर परिवारवादी कुरीति है। RJD-कांग्रेस के लोग, अपने परिवारवाद और भ्रष्टाचार को उचित ठहराने के लिए, दलित, वंचित, पिछड़ों को ढाल बनाते हैं। ये सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि समाज के साथ विश्वासघात है। ये सामाजिक न्याय नय, समाज क साथ विश्वासघात छय। वरना क्या कारण है कि सिर्फ एक ही परिवार का सशक्तिकरण हुआ। और समाज के बाकी परिवार पीछे रह गए? किस तरह यहां एक परिवार के लिए, युवाओं को नौकरी के नाम पर उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया, ये भी देश ने देखा है।

साथियों,

सच्चा सामाजिक न्याय सैचुरेशन से आता है। सच्चा सामाजिक न्याय, तुष्टिकरण से नहीं संतुष्टिकरण से आता है। मोदी ऐसे ही सामाजिक न्याय, ऐसे ही सेकुलरिज्म को मानता है। जब मुफ्त राशन हर लाभार्थी तक पहुंचता है, जब हर गरीब लाभार्थी को पक्का घर मिलता है, जब हर बहन को गैस, पानी का नल, घर में टॉयलेट मिलता है, जब गरीब से गरीब को भी अच्छा और मुफ्त इलाज मिलता है, जब हर किसान लाभार्थी के बैंक खाते में सम्मान निधि आती है, तब सैचुरेशन होता है। और यही सच्चा, सामाजिक न्याय है। बीते 10 वर्षों में मोदी की ये गारंटी, जिन-जिन परिवारों तक पहुंची हैं, उनमें से सबसे अधिक दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े वही मेरे परिवार ही हैं।

साथियों,

हमारे लिए सामाजिक न्याय, नारीशक्ति को ताकत देने का है। बीते 10 सालों में 1 करोड़ बहनों को, मेरी माताएं-बहनें इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आई हैं, उसका कारण है। 1 करोड़ बहनों को हम लखपति दीदी बना चुके हैं। मुझे खुशी है इसमें बिहार की भी लाखों बहनें हैं, जो अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। और अब मोदी ने 3 करोड़ बहनों को, आंकड़ा सुनिए जरा याद रखना 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। हाल में हमने बिजली का बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने की भी योजना शुरु की है। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना। इससे बिहार के भी अनेक परिवारों को फायदा होने वाला है। बिहार की NDA सरकार भी बिहार के युवा, किसान, कामगार, महिला, सबके लिए निरंतर काम कर रही है। डबल इंजन के डबल प्रयासों से बिहार, विकसित होकर रहेगा। आज इतना बड़ा विकास का उत्सव हम मना रहे हैं, और आप इतनी बड़ी तादाद में विकास के रास्ते को मजबूत कर रहे हैं, मैं आपका आभारी हूं। एक बार फिर आप सभी को विकास की, हजारों करोड़ की इन परियोजनाओं के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहनें आई हैं, उनको विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय !

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।