विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त अभ्यर्थियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए
"रोजगार मेले की यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची"
"हमारी सरकार युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मिशन मोड में काम कर रही है"
"हम न केवल रोजगार प्रदान कर रहे हैं बल्कि एक पारदर्शी व्यवस्था भी कायम कर रहे हैं"
"रोजगार की अधिसूचना से लेकर रोजगार पत्र तक के बीच का कुल समय काफी कम कर दिया गया है"
"आज, भारत का प्रगति पथ और उन्‍नति की गति सभी क्षेत्रों में रोजगार की नवीन संभावनाएं उत्‍पन्‍न कर रही है"
"सरकार नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष, ऑटोमेशन और रक्षा निर्यात जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए पारंपरिक क्षेत्रों को सुदृढ कर रही है"
आज, भारत उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपने युवाओं को कौशल और शिक्षा, दोनों विधाओं में समर्थ कर रहा है
"युवाओं के लिए रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करना राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय रोजगार मेले को संबोधित किया और विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त अभ्यर्थियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। देश भर से चुने हुए नवनियुक्‍त युवा रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग और शिक्षा मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में सरकार में शामिल होंगे। रोजगार मेले में प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान के दौरान देशभर के 37 स्थान मेले से जुड़े रहे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रोजगार मेलों की यह विकास यात्रा एक महत्वपूर्ण पडाव पर पहुंच गई है, रोजगार मेले पिछले वर्ष अक्टूबर में शुरू हुए थे और केंद्र और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में विभिन्न रोजगार मेलों में लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। आज भी 50 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी है। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्तों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित रोजगार मेले युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के संकेत हैं, जहां मिशन मोड में काम चल रहा है। श्री मोदी ने भर्ती प्रक्रियाओं में युवाओं के बढ़ते भरोसे पर बल देते हुए कहा, "हम न केवल रोजगार प्रदान कर रहे हैं बल्कि एक पारदर्शी प्रणाली भी कायम रख रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार न केवल प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने का प्रयास कर रही है बल्कि परीक्षा प्रक्रिया का पुनर्गठन भी कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन प्रणाली के तहत भर्ती में लगने वाला समय भी घटाकर आधा कर दिया गया है। श्री मोदी ने बताया, "रोजगार की अधिसूचना से लेकर रोजगार-पत्र मिलने तक का अंतराल काफी कम हो गया है।" कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के तहत कुछ परीक्षाओं के बारे में उन्‍होंने बताया कि परीक्षाएं अब हिंदी और अंग्रेजी के अतिरिक्‍त 13 विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं, जिससे उन उम्मीदवारों के लिए भाषा की बाधा को तोड़ना आसान हो गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विकास की वो गति है जो प्रत्‍येक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। उन्होंने धोरडो गांव का उल्लेख किया जिसे संयुक्त राष्ट्र ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के पुरस्कार से सम्‍मानित किया है और होयसला मंदिर परिसर और शांति निकेतन को विश्व धरोहर स्थल की मान्यता दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे युवाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा, इसी तरह, खेलों में भी प्रगति के नए मार्ग सृजित किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले पारंपरिक क्षेत्रों को सुदृढ़ कर रही है और साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष, ऑटोमेशन और रक्षा निर्यात जैसे नए क्षेत्रों को भी बढ़ावा दे रही है।" उन्होंने ड्रोन प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नए रास्ते खोलने का भी जिक्र किया और इसकी मदद से किए जा रहे फसल मूल्यांकन और पोषक तत्वों के छिड़काव का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत भूमि मानचित्रण के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ड्रोन का उल्‍लेख करते हुए बताया कि ड्रोन के माध्‍यम से ही हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पिति क्षेत्र में दवाएं पहुंचाई जा रही है और इससे अनुमानित समय 2 घंटे से घटकर 20-30 मिनट से भी कम हो गया। श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स को भी ड्रोन से बहुत लाभ पहुंचा है और नए डिजाइन और उन्‍नत तकनीक में मदद मिली है।

प्रधानमंत्री ने खादी के पुनरुत्थान का जिक्र किया, उन्‍होंने बताया कि 10 साल पहले खादी उत्‍पादों की बिक्री 30 हजार करोड रुपए के आस-पास थी जो अब बढकर 1.25 लाख करोड़ से अधिक दर्ज की गई है। इससे खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में कई नौकरियाँ सृजित हुई है और विशेषकर महिलाएं लाभांवित हुई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश के प्रतिस्पर्धी लाभ के लिए युवाओं की ताकत का पूरा अहसास होना जरूरी है। उन्‍होंने कौशल और शिक्षा की पहल का उल्‍लेख किया जिससे युवाओं को नए अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के लिए तैयार किया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई गई है, नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम और आईआईआईटी खोले गए हैं और पीएम कौशल विकास योजना के तहत करोड़ों युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। विश्वकर्मा कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। रिस्किलिंग और अपस्किलिंग आज के दौर की आवश्‍यकता है प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना, विश्वकर्माओं को आधुनिक तकनीक और उपकरणों से जोड़ रही है।

युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन, राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में प्रतिस्‍थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि नवनियुक्‍त भर्तियों में शामिल युवा सरकारी योजनाओं को आगे ले जाएंगे और उन्हें जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि "आज, आप सभी राष्ट्र-निर्माण की हमारी यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोगी बन रहे हैं", प्रधानमंत्री ने नवनियुक्‍तों से आग्रह किया की वे भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूर्ण योगदान दें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि युवाओं को अपनी सीखने की प्रक्रिया जारी रखनी चाहिए और आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, "आपका हर कदम देश को विकास के पथ पर तेजी से आगे ले जाने में मददगार साबित होगा।" संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर का उल्लेख किया और नवनियुक्‍तों से वोकल फॉर लोकल के संदेश का प्रसार करने का आग्रह किया, जो देश के भीतर रोजगार सृजन का एक माध्यम भी है।

पृष्ठभूमि

रोजगार मेला देश भर में 37 स्थानों पर आयोजित किया गया। इस पहल के तहत केंद्र सरकार के विभागों और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों में भर्तियां हो रही हैं। देश भर से चुने गए नए कर्मचारी रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में सरकार में शामिल होंगे।

रोजगार मेला, रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि रोजगार मेला आगे रोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा।

नवनियुक्त कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर ऑनलाइन मॉड्यूल कर्मयोगी प्रधान के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिलेगा। इस पोर्टल पर 'कहीं भी किसी भी डिवाइस पर' प्रशिक्षण के लिए 750 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं।

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Prime Minister Shri Narendra Modi speaks with the President of Iran
March 12, 2026
President Pezeshkian shares his perspective on the situation in Iran and the region.
PM reiterates India’s consistent position on resolving all issues through dialogue and diplomacy.
PM highlights India’s priority regarding safety and well-being of Indian nationals and unhindered transit of energy and goods.

Prime Minister Shri Narendra Modi had a telephone conversation today with the President of the Islamic Republic of Iran, H.E. Dr. Masoud Pezeshkian.

President Pezeshkian briefed the Prime Minister on the current situation in Iran and shared his perspective on recent developments in the region.

The Prime Minister expressed deep concern about the evolving security situation in the region and reiterated India’s consistent position that all issues must be resolved through dialogue and diplomacy.

The Prime Minister highlighted India’s priority regarding the safety and well-being of Indian nationals in the region, including in Iran, as also the importance of unhindered transit of energy and goods.

The two leaders agreed to remain in touch.