"आप इस 'अमृत काल' के 'अमृत रक्षक' हैं’’
पिछले कुछ वर्षों में, हमने अर्धसैनिक बलों की भर्ती प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए हैं
"कानून के शासन द्वारा एक सुरक्षित माहौल विकास की गति को तेज कर देता है"
"पिछले नौ वर्षों में परिवर्तन का एक नया दौर देखा जा सकता है"
नौ साल पहले आज ही के दिन शुरू की गई ‘जनधन योजना’ ने 'गांव और गरीब' के आर्थिक सशक्तिकरण में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है
"जन धन योजना ने देश में सामाजिक और आर्थिक बदलाव को गति प्रदान करने में जो भूमिका निभाई है, वह वास्तव में अध्ययन का विषय है"
"आप सभी युवा सरकार और शासन में बदलाव लाने के मिशन में मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 51,000 से अधिक नए भर्ती किए गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। देश के 45 स्थानों पर रोजगार मेला आयोजित किया गया। इस रोजगार मेले के आयोजन के माध्यम से, गृह मंत्रालय विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) जैसे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), असम राइफल्स, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के साथ-साथ दिल्ली पुलिस में कर्मियों की भर्ती कर रहा है। पूरे देश से चुने गए नए रंगरूट गृह मंत्रालय के तहत विभिन्न पुलिस बलों में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी), सब-इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) और नॉन-जनरल ड्यूटी कैडर जैसे विभिन्न पदों पर भर्ती होंगे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अमृत काल के दौरान 'अमृत रक्षक' के रूप में नव नियुक्त अभ्यर्थियों को उनके चयन के लिए बधाई दी। उन्होंने इन्हें 'अमृत रक्षक' कहा क्योंकि नव नियुक्त अभ्यर्थी न केवल देश की सेवा करेंगे, बल्कि देश और देशवासियों की रक्षा भी करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "आप इस 'अमृत काल' के 'अमृत रक्षक' हैं।

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि रोजगार मेले का यह संस्करण ऐसे समय में हो रहा है जब राष्ट्र गर्व और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान 3 और प्रज्ञान रोवर लगातार चंद्रमा के नवीनतम फोटो प्रसारित कर रहे हैं। इस प्रतिष्ठित क्षण में, प्रधानमंत्री ने कहा कि नए रंगरूट अपने जीवन काल की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने सभी नई नियुक्त अभ्यार्थियों और उनके परिवारों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने रक्षा या सुरक्षा और पुलिस बलों में चयन के साथ-साथ आने वाली जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकार सुरक्षा बलों की जरूरतों के बारे में बहुत गंभीर रही है। उन्होंने अर्धसैनिक बलों की भर्ती में बड़े बदलावों का उल्लेख किया। आवेदन से लेकर अंतिम चयन तक भर्ती की प्रक्रिया में तेजी आई है। पहले परीक्षाएं अंग्रेजी या हिंदी में होती थी, अब उनके स्थान पर 13 स्थानीय भाषाओं में भी परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मानदण्डों में ढील देकर सैकड़ों आदिवासी युवाओं की भर्ती का उल्लेख किया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के लिए विशेष कोटा के बारे में भी जानकारी दी।

राष्ट्र के विकास को सुनिश्चित करने में नए भर्ती किए गए अभ्यर्थियों की जिम्मेदारियों के बारे में प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून के शासन द्वारा एक सुरक्षित माहौल विकास की गति को तेज कर देता है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य कभी विकास में पिछड़ गया था और अपराध के मामले में भी अग्रणी राज्यों में शामिल था। उन्होंने आगे यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन शुरू होने से यह राज्य अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने में सक्षम हो गया है, यहां एक भय मुक्त नए समाज की स्थापना हो रही है। उन्होंने कहा, "कानून और व्यवस्था की ऐसी व्यवस्था लोगों में विश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि अपराध दर में गिरावट के साथ राज्य में निवेश बढ़ रहा है। जिन राज्यों में अपराध दर अधिक है, उनमें बहुत कम निवेश देखा जा रहा है और वहीं रोजगार के सभी अवसर भी रुक गए हैं।

सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह दोहराया कि भारत इस दशक के दौरान दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी पूरी जिम्मेदारी के साथ ऐसी गारंटी देता है। आम नागरिक पर बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के प्रभाव के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि अर्थव्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए हर क्षेत्र का विकास हो। उन्होंने महामारी के दौरान फार्मा उद्योग की भूमिका के बारे में बात की। आज, भारत का फार्मा उद्योग लगभग चार लाख करोड़ रुपये मूल्य का है और अनुमान है कि 2030 तक यह उद्योग लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वृद्धि का मतलब है कि फार्मा उद्योग को आने वाले वर्षों में अधिक युवाओं की आवश्यकता होगी जिससे रोजगार के अनेक अवसर पैदा होंगे।

ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने बताया कि दोनों उद्योग 12 लाख करोड़ रुपये मूल्य से अधिक के हैं और आने वाले वर्षों में इसके और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस विकास दर को बनाए रखने के लिए ऑटोमोबाइल उद्योग को अधिक युवाओं की आवश्यकता होगी, जिससे देश में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का भी उल् लेख किया जो पिछले वर्ष लगभग 26 लाख करोड़ रुपये का था और अगले साढ़े तीन वर्षों में इसके बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपये मूल्य का हो जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि विस्तार के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

अवसंरचना के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में केंद्र सरकार ने अवसंरचना पर 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए हैं। इससे कनेक्टिविटी के साथ-साथ पर्यटन और आतिथ्य को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे नए रोज़गार सृजित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2030 तक पर्यटन क्षेत्र अर्थव्यवस्था में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा और अनुमानित 13-14 करोड़ रोज़गार पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ संख्याएं भर नहीं हैं, ये घटनाक्रम रोज़गार पैदा करने, जीवन यापन में सुगमता लाने और आय में वृद्धि करने के जरिए आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में सरकार के प्रयासों के कारण रूपांतरण का एक नया युग देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत का पिछले साल रिकॉर्ड निर्यात करना वैश्विक बाजार में भारत निर्मित वस्तुओं की बढ़ती मांग का संकेत है। श्री मोदी ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप उत्पादन बढ़ा है, रोजगार में वृद्धि हुई है और इस प्रकार परिवार की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माता देश बन गया है और भारत में मोबाइल फोन की मांग भी बढ़ी है। उन्होंने मोबाइल विनिर्माण में कई गुना वृद्धि के लिए सरकार के प्रयासों को श्रेय दिया। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि देश अब अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है और विश्वास व्यक्त किया कि भारत आईटी और हार्डवेयर विनिर्माण क्षेत्र में मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र की सफलता को दोहराएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब मेड इन इंडिया लैपटॉप और पर्सनल कंप्यूटर हमें गौरवान्वित करेंगे। 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार भारत में बने लैपटॉप और कंप्यूटर खरीदने पर जोर दे रही है और इसके परिणामस्वरूप उत्पादन और रोजगार बढ़ा है। उन्होंने राष्ट्र में हो रहे आर्थिक विकास के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए नए भर्ती किए गए लोगों के कंधों पर सौंपे गए उत्तरदायित्व को दोहराया।

प्रधानमंत्री ने 9 वर्ष पहले आज ही के दिन प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरूआत का स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "इस योजना ने गांवों और गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ रोजगार सृजित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पिछले 9 वर्षों के दौरान 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। इस योजना ने गरीबों और वंचितों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने में मदद की है और साथ ही इससे जनजातीय, महिलाओं, दलितों और अन्य वंचित वर्गों के रोजगार और स्वरोजगार में मदद मिली है। कई युवाओं को बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट, बैंक मित्र के रूप में रोज़गार प्राप्त हुआ। 21 लाख से अधिक युवा बैंक मित्र या बैंक सखियों के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जन धन योजना ने मुद्रा योजना को भी मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के तहत अब तक 24 लाख करोड़ रूपये से अधिक के संपार्श्विक-मुक्त ऋण वितरित किए जा चुके हैं। लाभार्थियों में 8 करोड़ पहली बार के उद्यमी हैं। पीएम स्वनिधि के तहत, लगभग 45 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को पहली बार संपार्श्विक-मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया था। इन योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी संख्या में महिलाएं, दलित, पिछड़े और जनजातीय युवा हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जन धन खातों से गांवों में महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि जन धन योजना ने देश में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को गति देने में जो भूमिका निभाई है, वह वास्तव में अध्ययन का विषय है।

प्रधानमंत्री ने कई रोजगार मेलों में लाखों युवाओं को संबोधित करने का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें सार्वजनिक सेवा या अन्य क्षेत्रों में रोजगार मिला। प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार और शासन में बदलाव लाने के मिशन में आप सभी युवा मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं। यह उल्लेख करते हुए कि आज के युवा एक ऐसी पीढ़ी के हैं, जहां सब कुछ बस एक क्लिक की दूरी पर है, प्रधानमंत्री ने तेजी से वितरण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि आज की पीढ़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की तलाश में है, खंडित समाधानों की नहीं। उन्होंने रेखांकित किया कि लोक सेवक के रूप में, नवनियुक्तों को ऐसे निर्णय लेने होंगे जो दीर्घकालिक रूप से लोगों के लिए लाभप्रद हों। उन्होंने कहा, "आप जिस पीढ़ी से संबंध रखते हैं, वह कुछ अर्जित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पीढ़ी किसी की कृपा नहीं चाहती, वह सिर्फ इतना चाहती है कि कोई भी उनकी राह में बाधा न बने। प्रधानमंत्री ने लोक सेवक के रूप में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अगर वे इस समझ के साथ काम करते हैं तो कानून और व्यवस्था बनाए रखने में बहुत मदद मिलेगी।

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने अर्धसैनिक बलों के रूप में सीखने के दृष्टिकोण को बनाए रखने पर बल दिया और आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध 600 से अधिक पाठ्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''20 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। मैं आग्रह करता हूं कि आप सभी भी इस पोर्टल से जुड़ें और इसका लाभ उठाएं। अंत में, प्रधानमंत्री ने शारीरिक फिटनेस की आवश्यकता और नए रंगरूटों के जीवन में दैनिक अभ्यास के रूप में योग को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पृष्ठभूमि

सीएपीएफ के साथ-साथ दिल्ली पुलिस को सुदृढ़ बनाने से इन बलों को आंतरिक सुरक्षा में सहायता करने, आतंकवाद, उग्रवाद, वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने और राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने में मदद करने जैसी अपनी बहुआयामी भूमिका को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी।

रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। रोजगार मेले के रोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने और युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने की उम्मीद है।

नवनियुक्त अभ्यर्थियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल कर्मयोगी आरंभ के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिल रहा है, जहां 673 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम 'कहीं भी किसी भी डिवाइस' सीखने के प्रारूप के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।

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March 02, 2024
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"अगर बिहार विकसित होगा तो भारत भी विकसित होगा"
"इतिहास गवाह है कि जब बिहार और पूर्वी भारत समृद्ध रहा, तब भारत भी सशक्त रहा है"
“सच्चा सामाजिक न्याय 'संतुष्टिकरण' से मिलता है, 'तुष्टिकरण' से नहीं
"डबल इंजन सरकार के दोहरे प्रयास से बिहार का विकास होना तय है"

बिहार के राज्यपाल श्रीमान राजेंद्र अर्लेकर जी, मुख्यमंत्री श्रीमान नीतीश कुमार जी, मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी गिरिराज सिंह जी, हरदीप सिंह पुरी जी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जी, सम्राट चौधरी जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी महानुभाव और बेगुसराय से पधारे हुए उत्साही मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

जयमंगला गढ़ मंदिर और नौलखा मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं को मैं प्रणाम करता हूं। मैं आज विकसित भारत के लिए विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प के साथ बेगुसराय आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है कि इतनी विशाल संख्या में आप जनता-जनार्दन, आपके दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला है।

साथियों,

बेगूसराय की ये धरती प्रतिभावान युवाओं की धरती है। इस धरती ने हमेशा देश के किसान और देश के मज़दूर, दोनों को मजबूत किया है। आज इस धरती का पुराना गौरव फिर लौट रहा है। आज यहां से बिहार सहित, पूरे देश के लिए 1 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपए उससे भी अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, डेढ़ लाख करोड़ से भी ज्यादा। पहले ऐसे कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में होते थे, लेकिन आज मोदी दिल्ली को बेगुसराय ले आया है। और इन योजनाओं में करीब-करीब 30 हज़ार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स सिर्फ और सिर्फ ये मेरे बिहार के हैं। एक ही कार्यक्रम में सरकार का इतना बड़ा निवेश ये दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितना बढ़ रहा है। इससे बिहार के नौजवानों को यहीं पर नौकरी के, रोजगार के अनेकों नए अवसर बनेंगे। आज के ये प्रोजेक्ट, भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का माध्यम बनेंगे। आप रूकिए भैया बहुत हो गया आपका प्यार मुझे मंजूर है, आप रूकिए, आप बैठिए, आप चेयर पर से नीचे आ जाइए, प्लीज, मेरी आपसे प्रार्थना है, आप बैठिए...हां। आप बैठ जाइए, वो कुर्सी पर बैठ जाइए आराम से, थक जाएंगे। आज की ये परियोजनाएं, बिहार में सुविधा और समृद्धि का रास्ता बनाएंगी। आज बिहार को नई ट्रेन सेवाएं मिली हैं। ऐसे ही काम है, जिसके कारण आज देश पूरे विश्वास से कह रहा है, बच्चा-बच्चा कह रहा है, गांव भी कह रहा है, शहर भी कह रहा है- अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार! NDA सरकार...400 पार!

साथियों,

2014 में जब आपने NDA को सेवा का अवसर दिया, तब मैं कहता था कि पूर्वी भारत का तेज़ विकास ये हमारी प्राथमिकता है। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब बिहार और ये पूर्वी भारत, समृद्ध रहा है, तब-तब भारत भी सशक्त रहा है। जब बिहार में स्थितियां खराब हुईं, तो देश पर भी इसका बहुत बुरा असर बड़ा। इसलिए मैं बेगुसराय से पूरे बिहार की जनता को कहता हूं- बिहार विकसित होगा, तो देश भी विकसित होगा। बिहार के मेरे भाई-बहन, आप मुझे बहुत अच्छी तरह जानते हैं, और जब आपके बीच आया हूं तो मैं दोहराना चाहता हूं- ये वादा नहीं है- ये संकल्प है, ये मिशन है। आज जो ये प्रोजेक्ट बिहार को मिले हैं, देश को मिले हैं, वो इसी दिशा में बहुत बड़ा कदम हैं। इनमें से अधिकतर पेट्रोलियम से जुड़े हैं, फर्टिलाइज़र से जुड़े हैं, रेलवे से जुड़े हैं। ऊर्जा, उर्वरक और कनेक्टिविटी, यही तो विकास का आधार हैं। खेती हो या फिर उद्योग, सब कुछ इन्हीं पर निर्भर करता है। और जब इन पर तेजी से काम चलता है, तब स्वाभाविक है रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं, रोजगार भी मिलता है। आप याद कीजिए, बरौनी का जो खाद कारखाना बंद पड़ चुका था, मैंने उसे फिर से चालू करने की गारंटी दी थी। आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी कर दी। ये बिहार सहित पूरे देश के किसानों के लिए बहुत बड़ा काम हुआ है। पुरानी सरकारों की बेरुखी के कारण, बरौनी, सिंदरी, गोरखपुर, रामागुंडम, वहां जो कारखाने थे, वो बंद पड़े थे, मशीन सड़ रहे थे। आज ये सारे कारखाने, यूरिया में भारत की आत्मनिर्भरता की शान बन रहे हैं। इसलिए तो देश कहता है- मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी यानि गारंटी जे पूरा होय छय !

साथियों,

आज बरौनी रिफाइनरी की क्षमता के विस्तार का काम शुरु हो रहा है। इसके निर्माण के दौरान ही, हजारों श्रमिकों को महीनों तक लगातार रोजगार मिला। ये रिफाइनरी, बिहार में औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देगी और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि बीते 10 साल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े 65 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स बिहार को मिले हैं, जिनमें से अनेक पूरे भी हो चुके हैं। बिहार के कोने-कोने में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच रहा है, इससे बहनों को सस्ती गैस देने में मदद मिल रही है। इससे यहां उद्योग लगाना आसान हो रहा है।

साथियों,

आज हम यहां आत्मनिर्भर भारत से जुड़े एक और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हैं। कर्नाटक में केजी बेसिन के तेल कुओं से तेल का उत्पादन शुरु हो चुका है। इससे विदेशों से कच्चे तेल के आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी।

साथियों,

राष्ट्रहित और जनहित के लिए समर्पित मजबूत सरकार ऐसे ही फैसले लेती है। जब परिवारहित और वोटबैंक से बंधी सरकारें होती हैं, तो वो क्या करती हैं, ये बिहार ने बहुत भुगता है। अगर 2005 से पहले के हालात होते तो बिहार में हज़ारों करोड़ की ऐसी परियोजनाओं के बारे में घोषणा करने से पहले सौ बार सोचना पड़ता। सड़क, बिजली, पानी, रेलवे की क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आप जानते हैं। 2014 से पहले के 10 वर्षों में रेलवे के नाम पर, रेल के संसाधनों को कैसे लूटा गया, ये पूरा बिहार जानता है। लेकिन आज देखिए, पूरी दुनिया में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की चर्चा हो रही है। भारतीय रेल का तेज़ी से बिजलीकरण हो रहा है। हमारे रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट की तरह सुविधाओँ वाले बन रहे हैं।

साथियों,

बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का नुकसान देखा है, परिवारवाद का दंश सहा है। परिवारवाद और सामाजिक न्याय, ये एक दूसरे के घोर विरोधी हैं। परिवारवाद, विशेष रूप से नौजवानों का, प्रतिभा का, सबसे बड़ा दुश्मन है। यही बिहार है, जिसके पास भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की एक समृद्ध विरासत है। नीतीश जी के नेतृत्व में NDA सरकार, यहां इसी विरासत को आगे बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ RJD-कांग्रेस की घोर परिवारवादी कुरीति है। RJD-कांग्रेस के लोग, अपने परिवारवाद और भ्रष्टाचार को उचित ठहराने के लिए, दलित, वंचित, पिछड़ों को ढाल बनाते हैं। ये सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि समाज के साथ विश्वासघात है। ये सामाजिक न्याय नय, समाज क साथ विश्वासघात छय। वरना क्या कारण है कि सिर्फ एक ही परिवार का सशक्तिकरण हुआ। और समाज के बाकी परिवार पीछे रह गए? किस तरह यहां एक परिवार के लिए, युवाओं को नौकरी के नाम पर उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया, ये भी देश ने देखा है।

साथियों,

सच्चा सामाजिक न्याय सैचुरेशन से आता है। सच्चा सामाजिक न्याय, तुष्टिकरण से नहीं संतुष्टिकरण से आता है। मोदी ऐसे ही सामाजिक न्याय, ऐसे ही सेकुलरिज्म को मानता है। जब मुफ्त राशन हर लाभार्थी तक पहुंचता है, जब हर गरीब लाभार्थी को पक्का घर मिलता है, जब हर बहन को गैस, पानी का नल, घर में टॉयलेट मिलता है, जब गरीब से गरीब को भी अच्छा और मुफ्त इलाज मिलता है, जब हर किसान लाभार्थी के बैंक खाते में सम्मान निधि आती है, तब सैचुरेशन होता है। और यही सच्चा, सामाजिक न्याय है। बीते 10 वर्षों में मोदी की ये गारंटी, जिन-जिन परिवारों तक पहुंची हैं, उनमें से सबसे अधिक दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े वही मेरे परिवार ही हैं।

साथियों,

हमारे लिए सामाजिक न्याय, नारीशक्ति को ताकत देने का है। बीते 10 सालों में 1 करोड़ बहनों को, मेरी माताएं-बहनें इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आई हैं, उसका कारण है। 1 करोड़ बहनों को हम लखपति दीदी बना चुके हैं। मुझे खुशी है इसमें बिहार की भी लाखों बहनें हैं, जो अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। और अब मोदी ने 3 करोड़ बहनों को, आंकड़ा सुनिए जरा याद रखना 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। हाल में हमने बिजली का बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने की भी योजना शुरु की है। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना। इससे बिहार के भी अनेक परिवारों को फायदा होने वाला है। बिहार की NDA सरकार भी बिहार के युवा, किसान, कामगार, महिला, सबके लिए निरंतर काम कर रही है। डबल इंजन के डबल प्रयासों से बिहार, विकसित होकर रहेगा। आज इतना बड़ा विकास का उत्सव हम मना रहे हैं, और आप इतनी बड़ी तादाद में विकास के रास्ते को मजबूत कर रहे हैं, मैं आपका आभारी हूं। एक बार फिर आप सभी को विकास की, हजारों करोड़ की इन परियोजनाओं के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहनें आई हैं, उनको विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय !

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।