"आप इस 'अमृत काल' के 'अमृत रक्षक' हैं’’
पिछले कुछ वर्षों में, हमने अर्धसैनिक बलों की भर्ती प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए हैं
"कानून के शासन द्वारा एक सुरक्षित माहौल विकास की गति को तेज कर देता है"
"पिछले नौ वर्षों में परिवर्तन का एक नया दौर देखा जा सकता है"
नौ साल पहले आज ही के दिन शुरू की गई ‘जनधन योजना’ ने 'गांव और गरीब' के आर्थिक सशक्तिकरण में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है
"जन धन योजना ने देश में सामाजिक और आर्थिक बदलाव को गति प्रदान करने में जो भूमिका निभाई है, वह वास्तव में अध्ययन का विषय है"
"आप सभी युवा सरकार और शासन में बदलाव लाने के मिशन में मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 51,000 से अधिक नए भर्ती किए गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। देश के 45 स्थानों पर रोजगार मेला आयोजित किया गया। इस रोजगार मेले के आयोजन के माध्यम से, गृह मंत्रालय विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) जैसे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), असम राइफल्स, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के साथ-साथ दिल्ली पुलिस में कर्मियों की भर्ती कर रहा है। पूरे देश से चुने गए नए रंगरूट गृह मंत्रालय के तहत विभिन्न पुलिस बलों में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी), सब-इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) और नॉन-जनरल ड्यूटी कैडर जैसे विभिन्न पदों पर भर्ती होंगे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अमृत काल के दौरान 'अमृत रक्षक' के रूप में नव नियुक्त अभ्यर्थियों को उनके चयन के लिए बधाई दी। उन्होंने इन्हें 'अमृत रक्षक' कहा क्योंकि नव नियुक्त अभ्यर्थी न केवल देश की सेवा करेंगे, बल्कि देश और देशवासियों की रक्षा भी करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "आप इस 'अमृत काल' के 'अमृत रक्षक' हैं।

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि रोजगार मेले का यह संस्करण ऐसे समय में हो रहा है जब राष्ट्र गर्व और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान 3 और प्रज्ञान रोवर लगातार चंद्रमा के नवीनतम फोटो प्रसारित कर रहे हैं। इस प्रतिष्ठित क्षण में, प्रधानमंत्री ने कहा कि नए रंगरूट अपने जीवन काल की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने सभी नई नियुक्त अभ्यार्थियों और उनके परिवारों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने रक्षा या सुरक्षा और पुलिस बलों में चयन के साथ-साथ आने वाली जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकार सुरक्षा बलों की जरूरतों के बारे में बहुत गंभीर रही है। उन्होंने अर्धसैनिक बलों की भर्ती में बड़े बदलावों का उल्लेख किया। आवेदन से लेकर अंतिम चयन तक भर्ती की प्रक्रिया में तेजी आई है। पहले परीक्षाएं अंग्रेजी या हिंदी में होती थी, अब उनके स्थान पर 13 स्थानीय भाषाओं में भी परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मानदण्डों में ढील देकर सैकड़ों आदिवासी युवाओं की भर्ती का उल्लेख किया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के लिए विशेष कोटा के बारे में भी जानकारी दी।

राष्ट्र के विकास को सुनिश्चित करने में नए भर्ती किए गए अभ्यर्थियों की जिम्मेदारियों के बारे में प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून के शासन द्वारा एक सुरक्षित माहौल विकास की गति को तेज कर देता है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य कभी विकास में पिछड़ गया था और अपराध के मामले में भी अग्रणी राज्यों में शामिल था। उन्होंने आगे यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन शुरू होने से यह राज्य अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने में सक्षम हो गया है, यहां एक भय मुक्त नए समाज की स्थापना हो रही है। उन्होंने कहा, "कानून और व्यवस्था की ऐसी व्यवस्था लोगों में विश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि अपराध दर में गिरावट के साथ राज्य में निवेश बढ़ रहा है। जिन राज्यों में अपराध दर अधिक है, उनमें बहुत कम निवेश देखा जा रहा है और वहीं रोजगार के सभी अवसर भी रुक गए हैं।

सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह दोहराया कि भारत इस दशक के दौरान दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी पूरी जिम्मेदारी के साथ ऐसी गारंटी देता है। आम नागरिक पर बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के प्रभाव के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि अर्थव्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए हर क्षेत्र का विकास हो। उन्होंने महामारी के दौरान फार्मा उद्योग की भूमिका के बारे में बात की। आज, भारत का फार्मा उद्योग लगभग चार लाख करोड़ रुपये मूल्य का है और अनुमान है कि 2030 तक यह उद्योग लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वृद्धि का मतलब है कि फार्मा उद्योग को आने वाले वर्षों में अधिक युवाओं की आवश्यकता होगी जिससे रोजगार के अनेक अवसर पैदा होंगे।

ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने बताया कि दोनों उद्योग 12 लाख करोड़ रुपये मूल्य से अधिक के हैं और आने वाले वर्षों में इसके और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस विकास दर को बनाए रखने के लिए ऑटोमोबाइल उद्योग को अधिक युवाओं की आवश्यकता होगी, जिससे देश में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का भी उल् लेख किया जो पिछले वर्ष लगभग 26 लाख करोड़ रुपये का था और अगले साढ़े तीन वर्षों में इसके बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपये मूल्य का हो जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि विस्तार के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

अवसंरचना के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में केंद्र सरकार ने अवसंरचना पर 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए हैं। इससे कनेक्टिविटी के साथ-साथ पर्यटन और आतिथ्य को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे नए रोज़गार सृजित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2030 तक पर्यटन क्षेत्र अर्थव्यवस्था में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा और अनुमानित 13-14 करोड़ रोज़गार पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ संख्याएं भर नहीं हैं, ये घटनाक्रम रोज़गार पैदा करने, जीवन यापन में सुगमता लाने और आय में वृद्धि करने के जरिए आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में सरकार के प्रयासों के कारण रूपांतरण का एक नया युग देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत का पिछले साल रिकॉर्ड निर्यात करना वैश्विक बाजार में भारत निर्मित वस्तुओं की बढ़ती मांग का संकेत है। श्री मोदी ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप उत्पादन बढ़ा है, रोजगार में वृद्धि हुई है और इस प्रकार परिवार की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माता देश बन गया है और भारत में मोबाइल फोन की मांग भी बढ़ी है। उन्होंने मोबाइल विनिर्माण में कई गुना वृद्धि के लिए सरकार के प्रयासों को श्रेय दिया। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि देश अब अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है और विश्वास व्यक्त किया कि भारत आईटी और हार्डवेयर विनिर्माण क्षेत्र में मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र की सफलता को दोहराएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब मेड इन इंडिया लैपटॉप और पर्सनल कंप्यूटर हमें गौरवान्वित करेंगे। 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार भारत में बने लैपटॉप और कंप्यूटर खरीदने पर जोर दे रही है और इसके परिणामस्वरूप उत्पादन और रोजगार बढ़ा है। उन्होंने राष्ट्र में हो रहे आर्थिक विकास के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए नए भर्ती किए गए लोगों के कंधों पर सौंपे गए उत्तरदायित्व को दोहराया।

प्रधानमंत्री ने 9 वर्ष पहले आज ही के दिन प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरूआत का स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "इस योजना ने गांवों और गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ रोजगार सृजित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पिछले 9 वर्षों के दौरान 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। इस योजना ने गरीबों और वंचितों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने में मदद की है और साथ ही इससे जनजातीय, महिलाओं, दलितों और अन्य वंचित वर्गों के रोजगार और स्वरोजगार में मदद मिली है। कई युवाओं को बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट, बैंक मित्र के रूप में रोज़गार प्राप्त हुआ। 21 लाख से अधिक युवा बैंक मित्र या बैंक सखियों के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जन धन योजना ने मुद्रा योजना को भी मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के तहत अब तक 24 लाख करोड़ रूपये से अधिक के संपार्श्विक-मुक्त ऋण वितरित किए जा चुके हैं। लाभार्थियों में 8 करोड़ पहली बार के उद्यमी हैं। पीएम स्वनिधि के तहत, लगभग 45 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को पहली बार संपार्श्विक-मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया था। इन योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी संख्या में महिलाएं, दलित, पिछड़े और जनजातीय युवा हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जन धन खातों से गांवों में महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि जन धन योजना ने देश में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को गति देने में जो भूमिका निभाई है, वह वास्तव में अध्ययन का विषय है।

प्रधानमंत्री ने कई रोजगार मेलों में लाखों युवाओं को संबोधित करने का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें सार्वजनिक सेवा या अन्य क्षेत्रों में रोजगार मिला। प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार और शासन में बदलाव लाने के मिशन में आप सभी युवा मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं। यह उल्लेख करते हुए कि आज के युवा एक ऐसी पीढ़ी के हैं, जहां सब कुछ बस एक क्लिक की दूरी पर है, प्रधानमंत्री ने तेजी से वितरण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि आज की पीढ़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की तलाश में है, खंडित समाधानों की नहीं। उन्होंने रेखांकित किया कि लोक सेवक के रूप में, नवनियुक्तों को ऐसे निर्णय लेने होंगे जो दीर्घकालिक रूप से लोगों के लिए लाभप्रद हों। उन्होंने कहा, "आप जिस पीढ़ी से संबंध रखते हैं, वह कुछ अर्जित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पीढ़ी किसी की कृपा नहीं चाहती, वह सिर्फ इतना चाहती है कि कोई भी उनकी राह में बाधा न बने। प्रधानमंत्री ने लोक सेवक के रूप में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अगर वे इस समझ के साथ काम करते हैं तो कानून और व्यवस्था बनाए रखने में बहुत मदद मिलेगी।

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने अर्धसैनिक बलों के रूप में सीखने के दृष्टिकोण को बनाए रखने पर बल दिया और आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध 600 से अधिक पाठ्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''20 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। मैं आग्रह करता हूं कि आप सभी भी इस पोर्टल से जुड़ें और इसका लाभ उठाएं। अंत में, प्रधानमंत्री ने शारीरिक फिटनेस की आवश्यकता और नए रंगरूटों के जीवन में दैनिक अभ्यास के रूप में योग को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पृष्ठभूमि

सीएपीएफ के साथ-साथ दिल्ली पुलिस को सुदृढ़ बनाने से इन बलों को आंतरिक सुरक्षा में सहायता करने, आतंकवाद, उग्रवाद, वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने और राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने में मदद करने जैसी अपनी बहुआयामी भूमिका को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी।

रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। रोजगार मेले के रोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने और युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने की उम्मीद है।

नवनियुक्त अभ्यर्थियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल कर्मयोगी आरंभ के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिल रहा है, जहां 673 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम 'कहीं भी किसी भी डिवाइस' सीखने के प्रारूप के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।

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प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उनके परिवार से मुलाकात की
May 10, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi met the Chief Minister of Andhra Pradesh, Shri N. Chandrababu Naidu, and his family at his residence in Hyderabad today.

The Prime Minister said that it is always a delight to meet Shri Chandrababu Naidu and his family and exchange views on a wide range of subjects and diverse topics.

The Prime Minister wrote on X;

“In Hyderabad, went to Andhra Pradesh Chief Minister Shri Chandrababu Naidu Garu’s residence and met him along with his family. It’s always a delight to meet them and exchange views on so many diverse topics.

@ncbn”