“तमिलानाडु आना सदैव अच्छा लगता है। यह भूमि विशिष्ट है। राज्य के लोग, संस्कृति और भाषा असाधारण हैं”
“तमिल भाषा शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है”
“भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये आधुनिकीकरण और विकास किया जा रहा है। साथ ही, यह स्थानीय कला और संस्कृति में घुल-मिल जायेगा”
“भारत सरकार सर्वश्रेष्ठ और सतत अवसंरचना निर्माण पर पूरा ध्यान दे रही है”
“प्रमुख योजनाओं के संदर्भ में सरकार उन्हें परिपूर्णता तक ले जाने के लिये काम कर रही है”
“हमारा लक्ष्य गरीब कल्याण की उपलब्धि है”
“करीबी मित्र और पड़ोसी होने के नाते भारत, श्रीलंका की हर संभव सहायता कर रहा है”
“भारत सरकार तमिल भाषा और संस्कृति को और लोकप्रिय बनाने के लिये पूरी तरह संकल्पित है”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चेन्नई में 31,500 करोड़ रुपये से अधिक की 11 परियोजनाओं का लोकार्पण किया और आधारशिला रखी। ये परियोजनायें क्षेत्र में अवंसरचना विकास में तेजी लायेंगी, संपर्कता बढ़ायेंगी और जीवन सुगमता को गति देंगी। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आरएन रवि, मुख्यमंत्री श्री एमके स्टालिन, केंद्रीय मंत्री श्री एल. मुरुगन और अन्य लोग उपस्थित थे।

उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु फिर से आने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने शुरूआत में ही कहा, “तमिलानाडु आना सदैव अच्छा लगता है। यह भूमि विशिष्ट है। राज्य के लोग, संस्कृति और भाषा असाधारण हैं।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु से हमेशा कोई न कोई सर्वश्रेष्ठ काम करता रहता है। उन्होंने डेफलिम्पिक्स में भारतीय दल का अपने द्वारा किये गये आथित्य को याद करते हुये कहा, “इस बार टूर्नामेंट में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। हमने जो 16 पदक जीते, उनमें से छह पदक जीतने में तमिलनाडु के युवाओं की भूमिका रही है।”

तमिल संस्कृति का आगे उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा, “तमिल भाषा शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है। चेन्नई से कनाडा तक, मदुरै से मलेशिया तक, नामाक्कल से न्यू यॉर्क तक, सलेम से दक्षिण अफ्रीका तक पोंगल और पुथांडु जैसे त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।” उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में कान फिल्मोत्सव में तमिलनाडु की महान धरती के पुत्र और केंद्रीय मंत्री थिरु एल. मुरुगन पारंपरिक तमिल पोशाक में लाल कालीन पर चलते हुये पहुंचे थे, जिसने पूरी दुनिया में रहने वाले तमिल लोगों को बहुत गौरवान्वित किया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास हो रहा है, उनमें सड़क संपर्कता पर जोर स्पष्ट नजर आ रहा है। ऐसा इसलिये क्योंकि यह सीधे आर्थिक समृद्धि से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस-वे दो प्रमुख केंद्रों को जोड़ेगा तथा चेन्नई बंदरगाह से मदुरावोयाल को जोड़ने वाली डबल-डेकर एलीवेटेड सड़क से चेन्नई बंदरगाह की कार्यक्षमता बढ़ेगी और शहर में भीड़-भाड़ कम होगी। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये आधुनिकीकरण और विकास किया जा रहा है। साथ ही, यह स्थानीय कला और संस्कृति में घुल-मिल जायेगा। उन्होंने कहा कि मदुरै-टेनी रेलवे आमान परिवर्तन परियोजना से किसानों को सहायता मिलेगी, क्योंकि तब उन्हें नये बाजार मिलेंगे।

प्रधानमंत्री ने उन सभी लोगों को बधाई दी, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऐतिहासिक चेन्नई लाइट हाउस परियोजना के हिस्से के तौर पर मकान मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत संतोषजनक परियोजना रही है कि इसे हमने वैश्विक बदलाव के तौर पर शुरू किया था....और पहली योजना रिकॉर्ड समय में पूरी हुई और मुझे खुशी है कि यह चेन्नई में पूरी हुई।”

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि मल्टी-नोडल लॉजिस्टिक पार्क हमारे देश के माल आवागमन के इको-सिस्टम में बड़ा बदलाव लायेंगे। विभिन्न सेक्टरों में फैली इनमें से हर परियोजना रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी और हमारे आत्मनिर्भर होने के संकल्प को पूरा करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास ने हमें सिखाया है कि जो राष्ट्र अवसंरचना को सर्वोच्च महत्त्व देते हैं, वे राष्ट्र निश्चित रूप से विकासशील देश से विकसित देश की श्रेणी में पहुंच जाते हैं। उन्होंने भौतिक और तटीय अवसंरचना, दोनों का उल्लेख करते हुये कहा कि भारत सरकार सर्वश्रेष्ठ और सतत अवसंरचना निर्माण पर पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य गरीब कल्याण की उपलब्धि है। सामाजिक अवसंरचना पर हमारे जोर देने से ‘सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर हमारी आस्था स्पष्ट होती है। प्रधानमंत्री ने कहा उनकी सरकार प्रमुख योजनाओं के संदर्भ में उन्हें परिपूर्णता तक ले जाने के लिये काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी सेक्टर ले लीजिये – शौचालय, आवास, वित्तीय समावेश.....हम परिपूर्णता के लिये काम कर रहे हैं। जब यह पूरा हो जायेगा, तब इसके दायरे से किसी के बाहर रह जाने की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पारंपरिक रूप से अवसंचरना से जो समझा जाता था, उनकी सरकार उससे आगे बढ़कर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों पहले अवसंरचना का अर्थ सड़कें, बिजली और पानी होता था। आज हम भारत के गैस पाइपलाइन नेटवर्क को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। आई-वेज़ पर काम चल रहा है। हर गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना हमारी परिकल्पना है।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुये कहा कि भारत सरकार तमिल भाषा और संस्कृति को और लोकप्रिय बनाने के लिये पूरी तरह संकल्पित है। इस वर्ष जनवरी में, चेन्नई में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल के नये परिसर का उद्घाटन हुआ। यह नया परिसर पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन के संदर्भ में ‘सुब्रमण्य भारती पीठ’ की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि चूंकि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय उनके निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसलिये इस बात की विशेष खुशी हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री लंका संकट के दौर से गुजर रहा है। मैं जानता हूं कि आप वहां की परिस्थितियों से चिंतित होंगे। करीबी मित्र और पड़ोसी होने के नाते भारत, श्रीलंका की हर संभव सहायता कर रहा है। प्रधानमंत्री ने स्मरण करते हुये कहा कि जाफना का दौरा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। श्री लंका में तमिल लोगों की सहायता के लिये भारत सरकार अनेक परियोजनाओं पर काम कर रही है। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य-सुविधा, यातायात, आवास और संस्कृति शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान हमारे स्वंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिये देश के सामूहिक संकल्प को दोहराते हुये अपनी बात पूरी की।

प्रधानमंत्री ने 2960 करोड़ रुपये से अधिक की पांच परियोजनाओं का लोकार्पण किया। पचहत्तर किलोमीटर लंबी मदुरै-टेनी (रेल आमान परिवर्तन) परियोजना 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी है, जो क्षेत्र में आवागमन को सहज बनायेगी और पर्यटन को बढ़ावा देगी। इसी तरह 590 करोड़ रुपये से अधिक परियोजना-लागत से तैयार तंबरम-चेंगलपट्टू के बीच 30 किमी लंबी तीसरी रेलवे लाइन से और अधिक उपनगरीय रेल सेवायें चलाने में सहायता मिलेगी। इस तरह यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। ईटीबी पीएनएमटी प्राकृतिक गैस पाइपलान के 115 किमी लंबे एन्नोर-चेंगलपट्टू सेक्शन और 271 किमी लंबे तिरुवल्लुर-बेंगलुरु सेक्शन को क्रमशः लगभग 850 करोड़ रुपये और 910 करोड़ रुपये की परियोजना-लागत से तैयार किया गया है। इससे उपभोक्ताओं सहित तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के उद्योगों को भी प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम में 1152 मकानों का उद्घाटन भी किया गया, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 116 करोड़ रुपये की लागत से लाइट हाउस परियोजना-चेन्नई के अंग के रूप में निर्मित किया गया है।

 

प्रधानमंत्री ने छह परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिन्हें 28,540 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जाना है। इसके तहत 262 किमी लंबा बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस-वे 14,870 करोड़ रुपये से अधिक लागत से बनाया जायेगा। यह एक्सप्रेस-वे कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरेगा तथा बेंगलुरु और चेन्नई के बीच सफर का समय 2-3 घंटे कम हो जायेगा। चार लेन वाली डबल-डेकर एलीवेटेड सड़क चेन्नई बंदरगाह से मदुरावोयाल (एनएच-4) को जोड़ेगी। इसकी लंबाई लगभग 21 किमी है। इसे 5850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जायेगा। इसके जरिये वाहनों को चौबीसों घंटे चेन्नई बंदरगाह तक पहुंचने में सुविधा होगी। इसी तरह एनएच-844 के 94 किमी लंबे और चार लेन वाले नेरालुरु से धरमपुरी सेक्शन तथा एनएच-227 पर वाहनों के रुकने की सुविधा से लैस दो लेन वाले मीनसुरुत्ती से चिदंबरम सेक्शन का निर्माण क्रमशः लगभग 3870 करोड़ रुपये और 720 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इनके निर्माण से क्षेत्र में निर्बाध कनेक्टीविटी मिलने में सहायता होगी।

कार्यक्रम के दौरान पांच रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिये आधारशिला भी रखी गई, जिनमें चेन्नई एगमोर, रामेश्वरम, मदुरै, कटपाडी और कन्याकुमारी शामिल हैं। यह परियोजना 188 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरी की जायेगी। इस परियोजना का उद्देश्य है कि आधुनिक सुविधायें प्रदान की जायें, ताकि यात्रियों को यात्रा में कोई कठिनाई न हो और उनकी यात्रा आराम से पूरी हो।

प्रधानमंत्री ने चेन्नई में लगभग 1430 करोड़ रुपये के मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक पार्क की भी आधारशिला रखी। इसके जरिये निर्बाध और सरल बहु-विध माल आवागमन सहित कई तरह की अन्य सुविधायें मिलेंगी।

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