प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज श्री युमनाम खेमचंद सिंह जी को मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने श्रीमती नेमचा किपगेन जी और श्री लोसी दिखो जी को राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर अपनी शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने श्री कोंथौजम गोविंदास सिंह जी और श्री खुराइजम लोकेन सिंह जी को मणिपुर सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी।

नए नेतृत्व में विश्वास व्यक्त करते हुए, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वे मणिपुर के भाइयों और बहनों के लिए विकास और समृद्धि को आगे बढ़ाने की दिशा में पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

“श्री युमनाम खेमचंद सिंह जी को मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बहुत-बहुत बधाई।

मैं श्रीमती नेमचा किपगेन जी और श्री लोसी दिखो जी को राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर, तथा श्री कोंथौजम गोविंदास सिंह जी और श्री खुराइजम लोकेन सिंह जी को मणिपुर सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई देना चाहता हूँ।

मुझे पूरा विश्वास है कि वे मणिपुर के मेरे भाइयों और बहनों के लिए विकास और समृद्धि को आगे बढ़ाने की दिशा में पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे।”

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प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ सेवा और करुणा की भावना को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 06, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही सच्ची मानवता है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसे कार्य न सिर्फ आत्मिक खुशी प्रदान करते हैं, बल्कि समाज के कल्याण में भी योगदान देते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“अद्रोहः सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा।

अनुग्रहश्च दानं च शीलमेतत्प्रशस्यते॥”

सुभाषितम् यह संदेश देता है कि किसी भी जीव के प्रति मन, वचन और कर्म से द्वेष न रखना, सभी के प्रति करुणा भाव रखना और उदारतापूर्वक दान करना—इन्हें आचरण का सर्वोच्च रूप माना गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही सच्ची मानवता है। इससे आत्मिक खुशी तो मिलती ही है, समाज का भी कल्याण होता है।

अद्रोहः सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा।

अनुग्रहश्च दानं च शीलमेतत्प्रशस्यते॥”