प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया।

श्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा:

‘‘दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना में हुई जनहानि से बहुत दुःख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण दार्जिलिंग एवं आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

“দার্জিলিংয়ে সেতু দুর্ঘটনায় প্রাণহানির ঘটনায় গভীরভাবে মর্মাহত। যাঁরা তাঁদের প্রিয়জনদের হারিয়েছেন, তাঁদের প্রতি গভীর সমবেদনা। আহতরা দ্রুত সুস্থ হয়ে উঠুন—এই কামনা করি। প্রবল বৃষ্টিপাত ও ভূমিধসের প্রেক্ষিতে দার্জিলিং ও আশেপাশের এলাকার পরিস্থিতি নিবিড়ভাবে পর্যবেক্ষণ করা হচ্ছে। ক্ষতিগ্রস্তদের জন্য সমস্ত সম্ভাব্য সহায়তা প্রদান করতে আমরা প্রতিশ্রুতিবদ্ধ।“

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए चुनौतियों को पार करने में आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व पर बल दिया
March 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम का पाठ किया, जिसमें जीवन की सबसे कठिन बाधाओं को दूर करने में आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व का उल्‍लेख किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण व्यक्ति के लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि हम इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के बल पर सर्वाधिक कठिन चुनौतियों पर भी विजय प्राप्त कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट में लिखा;

"जो व्यक्ति साहस और संकल्प से भरा हो, उसके लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के बल पर हम कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर सकते हैं।

एकोऽपि सिंहः साहस्रं यूथं मथ्नाति दन्तिनाम् ।
तस्मात् सिंहमिवोदारमात्मानं वीक्ष्य सम्पतेत्॥"

जिस प्रकार एक शेर में हजार हाथियों को हराने की शक्ति होती है, उसी प्रकार एक व्यक्ति को शेर की तरह निडरता, साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के साथ नेक कार्यों में संलग्न होना चाहिए।