कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति को हार्दिक शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत और कोरिया गणराज्य के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति श्री यूं सुक येओल को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पारस्‍परिक सम्मान, मूल्‍य सहभागिता और विकसित साझेदारी की यात्रा को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री विशेष कूटनीतिक साझेदारी को गहन और विस्तारित करने के लिए श्री यूं सुक येओल के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

“हम आज भारत और कोरिया गणराज्य के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने का उत्‍सव मना रहे हैं। यह पारस्‍परिक सम्मान, मूल्‍य सहभागिता और विकसित साझेदारी की यात्रा रही है। मैं, कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति श्री यूं सुक येओल को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और हमारी विशेष कूटनीतिक साझेदारी को गहरा और विस्तारित करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।

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प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
June 17, 2026

प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-

“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌ ।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”

यह सुभाषित संदेश देता है कि जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान किसी व्यक्ति के भीतर उसके स्वयं के गुणों के प्रति आत्मविश्वास को गहराई से जगाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।

त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”