Your Excellency, Prime Minister एल्बनीसी,
दोनों देशों के delegates,
मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

मेलबन में मेरे और मेरे delegation के शानदार स्वागत और आतिथ्य के लिए मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री एल्बनीसी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

उनके व्यक्तिगत प्रयासों ने उनके कमिटमेंट ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाई और व्यापकता दी है। उनके इस बहुमूल्य योगदान के लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूँ।

Friends,

भारत और ऑस्ट्रेलिया

दो vibrant democracies हैं,

दो multi-cultural societies हैं,

और दो महत्वपूर्ण ocean powers हैं।

हमारी ये समानताएं, और हमारा common world view, हमें गहरे आपसी विश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। हमारी Comprehensive Strategic Partnership ने पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। और आज तीसरी Annual Summit से हमारे सहयोग में कई नए आयाम जुड़े हैं।

2022 में किए गए Economic Cooperation and Trade Agreement से हमारे व्यापार और निवेश का दायरा लगातार बढ़ा है। अब हमने Comprehensive Economic Cooperation Agreement यानी सीका पर तेजी से काम करने का निर्णय लिया है, जो दोनों देशों के लिए balanced, ambitious और win-win होगा। हम Bilateral Investment Treaty पर भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।

हमारी Renewable Energy Partnership, Clean energy और climate action में हमारे प्रयासों को साकार रूप दे रही है। इसके तहत हम इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और इंडस्ट्री-टू-इंडस्ट्री collaboration पर विशेष बल दे रहे हैं।

PM सूर्य घर योजना को support करने के लिए हमने मिलकर गुजरात में Rooftop Solar Training Academy बनाई है। यह academy अनेक महिलाओं और युवाओं की capacity building में योगदान देगी।

न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में आज हमने एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को Uranium supply का मार्ग खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी के उद्देश्यों को नई ताकत मिलेगी।

Critical minerals में हमारा सहयोग हमारी स्ट्रैटेजिक सिक्योरिटी और क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन के लिए महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ आज हमने Australia-India Partnership on Cyber, Critical Technologies, and Supply Chains यानि AI-पैक्ट्स, की पहल ली है। हम मिलकर Critical Minerals Corridor पर भी काम करेंगे।

साथियों,

इंडो-पैसिफिक केवल दो महासागरों का संगम नहीं है। यह भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे like-minded democracies के shared aspirations का भी प्रतीक है।

रक्षा और सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए आज हमने एक महत्वपूर्ण Joint Declaration जारी की है। भारत-ऑस्ट्रेलिया Defence Innovation Corridor से हम defence startups और industries को जोड़ने पर काम करेंगे।

हमारे Maritime Security Collaboration Roadmap से इंडो-पैसिफिक में हमारे साझा प्रयासों को नई ताकत मिलेगी। हम शिप बिल्डिंग, ship repair और maintenance में भी मिलकर आगे बढ़ेंगे।

Friends,

आज हमने कई क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की।

भारत और ऑस्ट्रेलिया मानते हैं कि आतंकवाद केवल किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। इसलिए आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई भी साझा है, हमारा संकल्प भी अटूट है, और हमारा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है।

हमारा यह भी मानना है कि विश्व के अनेक भागों में चल रहे तनावों और युद्धों का समाधान dialogue और diplomacy से ही संभव है। पूरे इंडो पेसिफिक क्षेत्र में हम मिलकर Peace, स्टेबिलिटी, फ्रीडम ऑफ नेविगेशन और रूल्स-बेस्ड ऑर्डर को और मजबूत करेंगे।

Friends,

हमारे संबंधों की सबसे विशिष्ट ताकत हमारे people-to-people ties हैं। भारतीय मूल के लोग ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक और सामाजिक जीवन में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा destination रहा है। भारत में Australian universities के campus खुलने से हमारी knowledge partnership में नया अध्याय जुड़ा है। हम दोनों देशों के बीच students, professionals और tourists के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए प्रयास करते रहेंगे।

साथियों,

आज जब हम दुनिया की sporting capital, मेलबन में हैं, तो sports कि बात न करना वैसा ही होगा, जैसे क्रिकेट में toss के बाद मैच ही शुरू न करना!

क्रिकेट, भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों की अपनी diplomatic language है। इसलिए हमारी मीटिंग्स भी cricket जैसी लगती हैं:

अजेन्डा - वन-डे जैसा focused,

Decisions - T20 जितने तेज़,

और partnership - Test match जितनी लंबी और गहरी।

आने वाले वर्षों में दोनों देशों में ओलिंपिक्स और Commonwealth Games जैसे बड़े sporting events आयोजित किए जाएंगे। इससे हमारा खेल सहयोग तो बढ़ेगा ही, स्पोर्ट्स infrastructure में निवेश की भी अनेक संभावनाएं बनेंगी।

Friends,

आज की हमारी चर्चा का भाव स्पष्ट रहा है: भारत और ऑस्ट्रेलिया की partnership केवल वर्तमान की नहीं, भविष्य की partnership भी है। हम हमारे साझा विज़न पर मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।

Prime Minister एल्बनीसी,

आपकी मित्रता, आपकी प्रतिबद्धता और आज की सार्थक चर्चा के लिए मैं एक बार फिर आपका आभार व्यक्त करता हूँ।

मुझे और 140 करोड़ भारतवासियों को जल्द से जल्द भारत में एक बार फिर आपका स्वागत करने में खुशी होगी।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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दुनिया अब भारत के स्टार्टअप्स को खोजती होगी: स्पेस स्टार्टअप के CEO के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी
August 23, 2026
Prime Minister highlights policy consistency, global opportunities and India’s growing strengths in the space sector
We should create an aura that makes people across the world look to India to build their future: PM
We can establish ourselves very fast as we are highly competitive in terms of cost; our talent and the risk-taking capacity of our people is also very high: PM

प्रधानमंत्री - आपने एक नए क्षेत्र में साहस दिखाया है, सबसे बड़ी बात है कि आपने सरकार की बात पर भरोसा किया। मेरा एक मत रहा कि जो भी हम निर्णय करें, हम उसमें कंसिस्टेंट रहें, हम बार-बार उसमें बदलाव ना करें, ताकि कोई भी रिस्क लेना चाहता है, तो उसको भरोसा रहे कि भाई ठीक है मेरी गलती के कारण कुछ गड़बड़ होगा तो ठीक है, लेकिन कोई मेरा हाथ नहीं छोड़ देगा। और ये विश्वास पैदा करने का हमारा प्रयास था।

CEO –We are India’s first Space Tech Unicorn. अभी July, 18 को हम भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट सक्सेसफुली सैटेलाइट्स को इजेक्ट करके लॉन्च किया था। And, this is just the beginning. Generally, we say that just warm up for Skyroot, अभी शुरुआत है। एंड नेक्स्ट ईयर मिड तक हम एक लॉन्च per month हम कर रहे हैं। And also like thanks to you sir for opening up the sector. तीन फैक्ट्री बन चुका है। एक रॉकेट per month का कैपेसिटी है ऑलरेडी। And, this is just the beginning. अभी फ्यूचर ड्रीम है कि एक लॉन्च per week करना है और several launches per day.

CEO – एक ऐसा इंजन बनाया जो दुनिया का सबसे आधुनिक इंजनों में से आता है। सर इसको अभी हमने तैयार किया है, इसकी टेस्टिंग जारी है।

प्रधानमंत्री - उनका कॉन्फिडेंस है, इन्वेस्टर्स का?

CEO – सर,स्काई रूट का जो लॉन्च हुआ है फर्स्ट, उसके बाद से बढ़ गया है।

प्रधानमंत्री –अच्छा। वो रूट आपको काम आ रहा है?

CEO – वो बहुत काम आ रहा है।

प्रधानमंत्री –दुनिया अब भारत के स्टार्टअप को खोजती होगी, भई कौन है इसमें? क्योंकि एक जब ब्रेक थ्रू होता है, तो तुरंत लोगों का ध्यान जाता है।

CEO – I think, स्पेस इंडस्ट्री ओपन होने के बाद हमने एक बहुत अच्छी सी ट्रेंड देखी है। हमारे जितने सिटीजंस यूएस और यूरोप में हैं वे वापस आकर हमारे साथ काम करना चाह रहे हैं।

प्रधानमंत्री –बहुत लोगों को हमें जोड़ना है और जैसा मेहता ने कहा कि भई अब विदेश से लोग गए हुए वापस आ रहे हैं। मैं समझता हूं कि हमें ऐसा एक aura खड़ा कर देना चाहिए कि इस फील्ड में दुनियाभर के लोगों को लगे कि भई जिंदगी बनानी है, तो हिंदुस्तान जाओ। भारत की कोई स्टार्टअप से जुड़ जाओ। भारत की कोई स्पेस एजेंसी से जुड़ जाओ। मैं पक्का मानता हूं जी, पूरा टैलेंट पूल जो है, एक मैग्नेट की तरह आपके कारण हम खींच सकते हैं और वो हमारी एक बहुत बड़ी ताकत बन सकता है।

CEO –हमारा विज़न है कि नेक्स्ट 18 months में हम ग्लोबल ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क लगाना चाहते हैं।

CEO –हम जो सैटेलाइट्स का इंजन होता है, जो सैटेलाइट को एक जगह से दूसरा जगह ले जाता है स्पेस में। 5 साल या 15 साल तक ले जाता है सैटेलाइट्स को, वो इंजंस बनाते हैं सर। ग्लोबली बहुत अच्छा ट्रैक्शन मिला है एंड ये भी आपका एफर्ट भी इसमें बहुत है सर कि इंडिया का कंपनीज़ अभी एक्सपोर्ट करने के लिए गवर्नमेंट का सपोर्ट है।

प्रधानमंत्री –कॉस्ट में हम बहुत कॉम्पिटिटिव हैं, टैलेंट में तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है और रिस्क टेकिंग कैपेसिटी हमारे देश के लोगों की वैसे भी ज्यादा होती है। और उसके कारण हम बहुत तेजी से अपनी जगह बना सकते हैं।

CEO –This robotic spacecraft will go to space, physically capture the dead satellite and remove it from the orbit.

CEO –We are the first Indian company working on the docking under refueling technologies with the vision of establishing a fuel station in space.

CEO – मेरा नाम अंतरिक्ष है, my co-founder Monika is also here. सर हम इंडिया का फर्स्ट स्पेस फार्मा स्टार्टअप हैं। हम ऐसे सेटेलाइट्स बना रहे हैं, जो स्पेस में जाके Pharmaceuticals मैन्युफैक्चर कर सके और उसे वापस ले आ सके अंतरिक्ष से।

प्रधानमंत्री –आपका नाम अंतरिक्ष रखा है, आपके परिवार के लोग इसमें थे पहले से?

CEO – जी सर, नहीं मेरी मम्मी ने रखा था सर।

CEO – एक लॉन्च के बाद last one month में आठ लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट मिला।

प्रधानमंत्री – अच्छा, अच्छा।

CEO – और मोस्टली इंटरनेशनल हैं।

CEO – सर अभी तो 10 लाख फार्मर के साथ we are planned to launch this innovation.

CEO – सर ये आपके लिए ताकि एक याद बनी रहेगी।

प्रधानमंत्री – वाह।

CEO – ये ओपनिंग, जो आपने ओपन किया था प्राइवेट सेक्टर को, उससे जो private सैटेलाइट है, उससे भारत की ब्यूटी जो दिख रही है।