प्रधानमंत्री ने 8140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
आज उत्तराखंड जिस ऊंचाई पर पहुंचा है, उसे देखकर इस खूबसूरत राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले हर व्यक्ति का प्रसन्न होना स्वाभाविक है: प्रधानमंत्री
यह वास्तव में उत्तराखंड के उत्‍कर्ष और प्रगति का निर्णायक युग है: प्रधानमंत्री
देवभूमि उत्तराखंड भारत के आध्यात्मिक जीवन की धड़कन है: प्रधानमंत्री
उत्तराखंड का वास्‍तविक परिचय इसकी आध्यात्मिक शक्ति में निहित है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज देहरादून में उत्तराखंड की स्‍थापना के रजत जयंती समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने 8140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में, श्री मोदी ने देवभूमि उत्तराखंड के लोगों को अपनी शुभकामनाएं दीं और सभी के प्रति अपना हार्दिक अभिनंदन व्‍यक्‍त करते हुए सम्मान और सेवा का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर एक लंबे और समर्पित संघर्ष का परिणाम है और यह दिन हम सभी में गर्व की गहरी भावना जगाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने एक स्वप्न देखा था जो 25 वर्ष पूर्व श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार के नेतृत्व में पूरा हुआ। पिछले 25 वर्षों की यात्रा पर विचार करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि आज उत्तराखंड जिस ऊंचाई पर पहुंचा है, उसे देखकर इस सुंदर राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का प्रसन्न होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहाड़ों से प्रेम करते हैं, उत्तराखंड की संस्कृति, इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोते हैं और देवभूमि के लोगों से स्नेह रखते हैं, वे आज आनंद और उल्लास से भर गए हैं।

उत्तराखंड के सामर्थ्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की प्रतिबद्धता पर संतोष व्यक्त करते हुए, श्री मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर सभी को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर, उन्होंने आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उस समय के सभी आंदोलनकारियों को नमन किया।

उत्तराखंड के साथ अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को साझा करते हुए, श्री मोदी ने याद किया कि इस क्षेत्र की अपनी आध्यात्मिक यात्राओं के दौरान, पहाड़ों में रहने वाले अपने भाई-बहनों के संघर्ष, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बिताए दिनों ने उन्हें राज्य की अपार क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव कराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी दृढ़ विश्वास के कारण उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के बाद घोषणा की कि यह दशक उत्तराखंड का है। राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने कहा कि यह वास्तव में उत्तराखंड के उत्थान और प्रगति का निर्णायक युग है।

25 वर्ष पहले, उत्तराखंड के नव-गठन के समय की अपार चुनौतियों को याद करते हुए श्री मोदी ने कहा कि संसाधन सीमित थे, राज्य का बजट छोटा था, आय के स्रोत कम थे और अधिकांश जरूरतें केंद्रीय सहायता से पूरी होती थीं। उन्होंने कहा कि अब तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कार्यक्रम में पहुंचने से पहले, उन्होंने रजत जयंती समारोह पर आयोजित एक अद्भुत प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड की यात्रा की झलकियां प्रदर्शित की गईं। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, बिजली और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सफलता की कहानियां वास्‍तव में प्रेरणादायक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्ष पहले उत्तराखंड का बजट केवल 4,000 करोड़ रुपये था, जो अब 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। इस अवधि में, राज्य में बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ा है और सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले, छह महीने में केवल 4,000 हवाई यात्री यहां आते थे, जबकि आज, एक दिन में 4,000 से ज़्यादा यात्री हवाई यात्रा करते हैं।

श्री मोदी ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड में इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या दस गुना से भी ज़्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पहले यहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज दस हैं। उन्होंने कहा कि 25 साल पहले टीकाकरण कवरेज 25 प्रतिशत से भी कम था, लेकिन अब उत्तराखंड का लगभग हर गांव टीकाकरण कवरेज के दायरे में आता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने जीवन के सभी आयामों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विकास की इस यात्रा को उल्लेखनीय बताया और इस बदलाव का श्रेय समावेशी विकास की नीति और उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक के सामूहिक संकल्प को दिया। उन्होंने कहा कि पहले पहाड़ों की खड़ी चढ़ाई विकास की राह में बाधा बनती थी, लेकिन अब नए रास्ते खुलने लगे हैं।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के युवाओं और उद्यमियों के साथ अपने पिछले वार्तालाप के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि राज्य के विकास को लेकर सभी बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं को गढ़वाली में इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है: ‘‘2047 तक, जब भारत विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, तब तक मेरा उत्तराखंड, मेरी देवभूमि, पूरी तरह से तैयार हो चुकी होगी।’’

उत्तराखंड की विकास यात्रा को गति देने के लिए आज कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इसकी घोषणा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और खेल से जुड़ी ये परियोजनाएं क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेंगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जमरानी और सोंग बांध परियोजनाएं देहरादून और हल्द्वानी की पेयजल समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन योजनाओं पर 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। उन्होंने इन पहलों के लिए उत्तराखंड के लोगों को बधाई दी।

उत्तराखंड सरकार द्वारा सेब और कीवी किसानों को डिजिटल मुद्रा में सब्सिडी प्रदान करने की शुरुआत का उल्लेख करते हुए, श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से अब प्रदान की जा रही वित्तीय सहायता पर पूरी तरह से नज़र रखना संभव है। प्रधानमंत्री ने इस पहल में शामिल राज्य सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना की।

श्री मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड भारत के आध्यात्मिक जीवन की धड़कन है। उन्होंने गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर और आदि कैलाश को हमारी आस्था के प्रतीक पवित्र तीर्थस्थलों के रूप में सूचीबद्ध किया। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इन पवित्र तीर्थस्थलों की यात्रा करते हैं, यह न केवल भक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

उत्तराखंड के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी के अभूतपूर्व योगदान पर बल देते हुए, श्री मोदी ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 2 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की परियोजनाएं जारी हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना प्रगति पर है और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे का शिलान्यास हो चुका है। ये परियोजनाएं उत्तराखंड में विकास को गति दे रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले 25 वर्षों में प्रगति की एक लंबी यात्रा तय की है। उन्होंने पूछा कि अगले 25 वर्षों में हम उत्तराखंड के लिए किन ऊंचाइयों का सपना देखना चाहते हैं। ‘जहां चाह, वहां राह’ कहावत का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार जब हम अपने लक्ष्य जान लेते हैं, तो उन्हें प्राप्त करने का रोडमैप तेजी से सामने आ जाता है। उन्होंने कहा कि इन भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा शुरू करने के लिए 9 नवंबर से बेहतर कोई दिन नहीं हो सकता।

उत्तराखंड की वास्‍तविक पहचान उसकी आध्यात्मिक शक्ति में निहित है, इस बात पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा कि अगर उत्तराखंड ऐसा करने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में वह स्‍वयं को ‘विश्व की आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के मंदिरों, आश्रमों और ध्यान एवं योग केंद्रों को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश-विदेश से लोग स्वास्थ्य के लिए उत्तराखंड आते हैं और यहां की जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक औषधियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बल दिया कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड ने सुगंधित पौधों, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, योग और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि उत्तराखंड के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, आयुर्वेद केंद्र और प्राकृतिक चिकित्सा संस्थानों का एक संपूर्ण पैकेज होना चाहिए और यह विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

इस बात का उल्‍लेख करते हुए कि भारत सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवंत गांव कार्यक्रम पर बहुत जोर दे रही है, प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के हर जीवंत गांव को एक छोटा पर्यटन केंद्र बनाने का अपना दृष्टिकोण व्यक्त किया, जहां होमस्टे, स्थानीय व्यंजनों और संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके। श्री मोदी ने सभी को आमंत्रित किया कि वे कल्पना करें कि पर्यटकों को घर जैसा माहौल मिलता है और वे डुबकी, चुड़कानी, रोट-अरसा, रस-भात और झंगोरे की खीर जैसे पारंपरिक व्यंजनों का रसास्‍वादन लेते हुए कितना आनंदित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि यह आनंद उन्हें बार-बार उत्तराखंड वापस लाएगा।

उत्तराखंड की छिपी हुई संभावनाओं को सामने लाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हरेला, फूलदेई और भिटौली जैसे त्यौहार, इनमें भाग लेने वाले पर्यटकों पर एक अमिट छाप छोड़ते हैं। उन्होंने नंदा देवी मेला, जौलजीवी मेला, बागेश्वर का उत्तरायणी मेला, देवीधुरा मेला, श्रावणी मेला और मक्खन महोत्सव जैसे स्थानीय मेलों की जीवंतता का उल्‍लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की आत्मा इन उत्सवों में बसती है। इन स्थानीय त्यौहारों और परंपराओं को विश्व मानचित्र पर लाने के लिए, उन्होंने ‘एक ज़िला, एक महोत्सव’ जैसे अभियान का प्रस्ताव रखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सभी पहाड़ी जिलों में फलों की खेती की अपार संभावनाएं हैं और इन्हें बागवानी केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने ब्लूबेरी, कीवी, हर्बल और औषधीय पौधों को खेती का भविष्य बताया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों जैसे क्षेत्रों में एमएसएमई को नए सिरे से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हमेशा से वर्ष भर पर्यटन की संभावना रही है। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ, उन्होंने पहले भी सभी मौसमों में पर्यटन की ओर बढ़ने का सुझाव दिया था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तराखंड अब शीतकालीन पर्यटन को एक नया आयाम दे रहा है। श्री मोदी ने कहा कि नवीनतम अपडेट उत्साहजनक हैं, क्योंकि सर्दियों के दौरान आने वाले पर्यटकों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। उन्होंने पिथौरागढ़ में 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर आयोजित एक उच्च-ऊंचाई वाले मैराथन के सफल आयोजन का भी उल्‍लेख करते हुए कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। तीन वर्ष पहले, आदि कैलाश यात्रा में 2,000 से भी कम तीर्थयात्री शामिल होते थे, आज यह संख्या 30,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि कुछ ही दिन पहले, केदारनाथ मंदिर के कपाट इस मौसम के लिए बंद हुए थे और इस वर्ष लगभग 17 लाख श्रद्धालु केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए आए। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीर्थयात्रा और वर्ष भर चलने वाला पर्यटन उत्तराखंड की शक्ति है जो इसे विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि इको-पर्यटन और साहसिक पर्यटन की संभावनाएं भारत के युवाओं को आकर्षित करने के लिए बेहतरीन अवसर हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब एक फिल्म गंतव्य के रूप में उभर रहा है, और राज्य की नई फिल्म नीति ने शूटिंग को और भी आसान बना दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड एक ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में भी लोकप्रियता हासिल कर रहा है। ‘वेड इन इंडिया’ पहल के लिए, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को व्‍यापक स्‍तर पर सुविधाएं विकसित करनी चाहिए और इस उद्देश्य के लिए 5 से 7 प्रमुख स्थलों की पहचान और विकास का सुझाव दिया।

श्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए राष्ट्र के संकल्प को दोहराया और कहा कि आत्मनिर्भरता का मार्ग वोकल फॉर लोकल से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हमेशा इस दृष्टिकोण को अपनाया है, स्थानीय उत्पादों के प्रति गहरा लगाव, उनका उपयोग और दैनिक जीवन में उनका समावेश इसकी परंपरा का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तराखंड सरकार ने वोकल फॉर लोकल अभियान को गति दी है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के 15 कृषि उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बेडू फल और बद्री गाय के घी को हाल ही में जीआई टैग मिलने को गर्व की बात बताया। उन्होंने बद्री गाय के घी को हर पहाड़ी घर का गौरव बताया और कहा कि बेडू अब गांवों से आगे के बाजारों तक पहुंच रहा है। इससे बने उत्पाद अब जीआई टैग के साथ आएंगे और वे जहां भी जाएंगे, उत्तराखंड की पहचान लेकर जाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि ऐसे जीआई-टैग वाले उत्पादों को देश भर के घरों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि ‘हिमालय का घर’ एक ऐसे ब्रांड के रूप में उभर रहा है जो उत्तराखंड की स्थानीय पहचान को एक मंच पर एकीकृत करता है। उन्होंने कहा कि इस ब्रांड के अंतर्गत, राज्य के विभिन्न उत्पादों को एक सामूहिक पहचान दी गई है ताकि वे वैश्विक बाज़ारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने कहा कि इनमें से कई उत्पाद अब डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहकों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित हो रही है और किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए नए बाजार खुल रहे हैं। श्री मोदी ने ब्रांडिंग प्रयासों में नई ऊर्जा लाने का आग्रह किया और इन ब्रांडेड उत्पादों के वितरण तंत्र में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री मोदी ने स्वीकार किया कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में अनेक बाधाएं आई हैं, लेकिन उनकी सशक्त सरकार ने इन चुनौतियों पर लगातार विजय प्राप्त की है और विकास की गति को निर्बाध बनाए रखा है। उन्होंने समान नागरिक संहिता के गंभीर कार्यान्वयन के लिए श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की सराहना की और इसे अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श बताया। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा नियंत्रण कानून जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर राज्य सरकार की साहसिक नीतियों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने तीव्र भूमि अतिक्रमण और जनसांख्यिकीय परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार के दृढ़ कदमों का भी उल्लेख किया। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में, उन्होंने उत्तराखंड सरकार की त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया और लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के उसके प्रयासों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड अपने पूर्ण राज्यत्व की रजत जयंती मनाएगा और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अपनी संस्कृति और पहचान को गौरव के साथ आगे बढ़ाता रहेगा। श्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे अगले 25 वर्षों के लिए उत्तराखंड के अपने दृष्टिकोण को निर्धारित करें और दृढ़ विश्वास के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ें। इस अवसर पर उत्तराखंड के सभी निवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए, प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत सरकार उत्तराखंड सरकार के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है और हर कदम पर उसका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य के प्रत्येक परिवार और नागरिक की सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री श्री अजय टम्टा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड राज्‍य की स्‍थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने 8140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें 930 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और 7210 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। ये परियोजनाएं पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास सहित कई प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 28,000 से अधिक किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में 62 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी जारी की।

प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन की गई परियोजनाओं में अमृत योजना के अंतर्गत 23 क्षेत्रों के लिए देहरादून जलापूर्ति कवरेज, पिथौरागढ़ जिले में विद्युत सबस्टेशन, सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र, नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान आदि शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने जल-क्षेत्र से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया- सोंग बांध पेयजल परियोजना, जो देहरादून को 150 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पेयजल उपलब्ध कराएगी और नैनीताल में जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना, जो पेयजल उपलब्ध कराएगी, सिंचाई और बिजली उत्पादन में सहायक होगी। जिन अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें विद्युत सबस्टेशन, चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय की स्थापना, नैनीताल में अत्याधुनिक डेयरी संयंत्र आदि शामिल हैं।

 

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January 19, 2026
S.NoAgreements / MoUs / LoIsObjectives

1

Letter of Intent on Investment Cooperation between the Government of Gujarat, Republic of India and the Ministry of Investment of the United Arab Emirates for Development of Dholera Special Investment region

To pursue investment cooperation for UAE partnership in development of the Special Investment Region in Dholera, Gujarat. The envisioned partnership would include the development of key strategic infrastructure, including an international airport, a pilot training school, a maintenance, repair and overhaul (MRO) facility, a greenfield port, a smart urban township, railway connectivity, and energy infrastructure.

2

Letter of Intent between the Indian National Space Promotion and Authorisation Centre (IN-SPACe) of India and the Space Agency of the United Arab Emirates for a Joint Initiative to Enable Space Industry Development and Commercial Collaboration

To pursue India-UAE partnership in developing joint infrastructure for space and commercialization, including launch complexes, manufacturing and technology zones, incubation centre and accelerator for space start-ups, training institute and exchange programmes.

3

Letter of Intent between the Republic of India and the United Arab Emirates on the Strategic Defence Partnership

Work together to establish Strategic Defence Partnership Framework Agreement and expand defence cooperation across a number of areas, including defence industrial collaboration, defence innovation and advanced technology, training, education and doctrine, special operations and interoperability, cyber space, counter terrorism.

4

Sales & Purchase Agreement (SPA) between Hindustan Petroleum Corporation Limited, (HPCL) and the Abu Dhabi National Oil Company Gas (ADNOC Gas)

The long-term Agreement provides for purchase of 0.5 MMPTA LNG by HPCL from ADNOC Gas over a period of 10 years starting from 2028.

5

MoU on Food Safety and Technical requirements between Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (APEDA), Ministry of Commerce and Industry of India, and the Ministry of Climate Change and Environment of the United Arab Emirates.

The MoU provides for sanitary and quality parameters to facilitate the trade, exchange, promotion of cooperation in the food sector, and to encourage rice, food products and other agricultural products exports from India to UAE. It will benefit the farmers from India and contribute to food security of the UAE.

S.NoAnnouncementsObjective

6

Establishment of a supercomputing cluster in India.

It has been agreed in principle that C-DAC India and G-42 company of the UAE will collaborate to set up a supercomputing cluster in India. The initiative will be part of the AI India Mission and once established the facility be available to private and public sector for research, application development and commercial use.

7

Double bilateral Trade to US$ 200 billion by 2032

The two sides agreed to double bilateral trade to over US$ 200 billion by 2032. The focus will also be on linking MSME industries on both sides and promote new markets through initiatives like Bharat Mart, Virtual Trade Corridor and Bharat-Africa Setu.

8

Promote bilateral Civil Nuclear Cooperation

To capitalise on the new opportunities created by the Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India (SHANTI) Act 2025, it was agreed to develop a partnership in advance nuclear technologies, including development and deployment of large nuclear reactors and Small Modular Reactors (SMRs) and cooperation in advance reactor systems, nuclear power plant operations and maintenance, and Nuclear Safety.

9

Setting up of offices and operations of UAE companies –First Abu Dhabi Bank (FAB) and DP World in the GIFT City in Gujarat

The First Abu Dhabi Bank will have a branch in GIFT that will promote trade and investment ties. DP World will have operations from the GIFT City, including for leasing of ships for its global operations.

10

Explore Establishment of ‘Digital/ Data Embassies’

It has been agreed that both sides would explore the possibility of setting up Digital Embassies under mutually recognised sovereignty arrangements.

11

Establishment of a ‘House of India’ in Abu Dhabi

It has been agreed in Principle that India and UAE will cooperate on a flagship project to establish a cultural space consisting of, among others, a museum of Indian art, heritage and archaeology in Abu Dhabi.

12

Promotion of Youth Exchanges

It has been agreed in principle to work towards arranging visits of a group of youth delegates from either country to foster deeper understanding, academic and research collaboration, and cultural bonds between the future generations.