इंडी अघाड़ी में नेतृत्व के नाम पर कलह मची हुई है: सोलापुर में पीएम मोदी
मैं आरक्षण को हर संभव ताकत देने के लिए कमिटेड हूं: सोलापुर में पीएम मोदी
हमने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया, कांग्रेस ने ओबीसी के आरक्षण में डाका डाला: सातारा में पीएम मोदी
एनडीए सरकार ने अंग्रेज़ी निशान हटाकर, नौसेना के झंडे में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतीक को स्थान दिया: पीएम मोदी
महाराष्ट्र को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए काम कर रही बीजेपी-एनडीए सरकार: पुणे में पीएम मोदी
कांग्रेस छोड़ने वाले नेता कह रहे, पार्टी अब माओवादियों के कब्जे में: पुणे में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को महाराष्ट्र के सोलापुर, सातारा और पुणे में आयोजित जनसभाओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में अपनी पहली जनसभा में कहा कि इस चुनाव में देशवासी अगले 5 वर्ष के लिए विकास की गारंटी देने वालों को ही चुनेंगे, क्योंकि दूसरी ओर वे लोग हैं, जिन्होंने 2014 से पहले देश को भ्रष्टाचार, आतंकवाद और कुशासन के गर्त में धकेल दिया था। अपने कलंकित इतिहास के बाद भी कांग्रेस फिर से देश की सत्ता हथियाने का सपना देख रही है। लेकिन उन्हें अंदाजा ही नहीं कि पहले दो चरणों के मतदान में ही इंडी अघाड़ी का डिब्बा गोल हो चुका है।

इंडी गठबंधन के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इंडी गठबंधन में नेता के नाम पर महायुद्ध चल रहा है। क्या आप इतना बड़ा देश किसी ऐसे व्यक्ति को सौंप सकते हैं जिसका नाम तय ना हो, जिसका चेहरा ना मालूम हो? क्या इतना बड़ा देश आप उन्हें दे सकते हैं? ये नकली शिवसेना वाले कह रहे हैं कि उनकी पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए कई लोग हैं। उनके एक नेता का कहना है कि यदि हम एक साल में एक पीएम बनाएं तो क्या जाता है? अब ये लोग 5 साल, 5 पीएम का फॉर्मूला लेकर आए हैं।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन वाले बहुत बौखलाए हुए हैं इसलिए वे लगातार झूठ फैला रहे हैं कि हम संविधान बदल देंगे और आरक्षण खत्म कर देंगे। मैं पहले भी कह चुका हूं कि अगर खुद बाबासाहब चाहें तो भी संविधान और आरक्षण खत्म को नहीं कर सकते। तो मोदी का तो सवाल ही नहीं उठता।”

महाराष्ट्र को सामाजिक न्याय की भूमि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस धरती ने ज्योतिबा फुले, सावित्रि बाई फुले, बाबासाहब आंबेडकर के रूप में ऐसी महान संतानें दी हैं, जिन्होंने समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों को ताकत दी, उन्हें प्रेरणा दी। देश ने कांग्रेस के 60 साल का शासन भी देखा है और मोदी के 10 साल का सेवाकाल भी। पिछले 10 वर्षों में सामाजिक न्याय के लिए जितना काम हुआ, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने 60 वर्षों के शासन में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के हक को रोकने का निरंतर प्रयास किया। उसके पीछे उनकी फिलॉसफी थी कि इन्हें ऐसे ही रहने दो और जब चाहो वोट लेते रहो। लेकिन मोदी का आपसे नाता दिल का है। इसलिए, 10 वर्षों में हमने सच्चे सामाजिक न्याय पर अभूतपूर्व बल दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इतने वर्षों के राज में एससी, एसटी और ओबीसी परिवार ही सबसे खराब स्थिति में जीने के लिए मजबूर थे। जबकि बीजेपी सरकार ने इन परिवारों को ही अपनी प्राथमिकता बनाया। 10 वर्षों में गरीब कल्याण की जितनी भी योजनाएं बनाई गईं, उनके सबसे बड़े लाभार्थी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग ही हैं। मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो, पक्के घर हो, शौचालय हो, बिजली, गैस, पानी, ये सबकुछ सबसे ज्यादा वंचित समाज को ही मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि सामाजिक न्याय का एक और तरीका आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण है। कांग्रेस ने बरसों तक गांवों और शहरों के बीच खाई बनाकर रखी थी, कुछ ही शहरों के विकास पर फोकस किया। एनडीए सरकार देश के हर कोने के विकास के प्रति प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सातारा की अपनी दूसरी जनसभा में कहा कि आज भी विश्व में जब भी नौसेना की चर्चा होती है तो छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लिया जाता है लेकिन इतने सालों तक आजाद भारत के नौसेना के झंडे में अंग्रेजों का निशान था। एनडीए सरकार ने उस निशान को हटाया और उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतीक को स्थान दिया। मोदी ने तय किया कि इस झंडे की ताकत तब बढ़ेगी, जब हमारे नौसेना के झंडे में छत्रपति शिवाजी के प्रतीक को स्थान दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने पुणे में आयोजित तीसरी जनसभा के अपने संबोधन में युवाओं के लिए किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा, “आज का भारत अपने युवाओं के इनोवेशन, युवा टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहा है। स्टार्ट अप इंडिया का कमाल देखिए, सिर्फ 10 सालों में ही भारत के युवाओं ने सवा लाख से ज्यादा स्टार्ट अप्स बना दिए हैं। इसमें से अनेक यहां हमारे पुणे में हैं। हमने मैपिंग, स्पेस, डिफेंस जैसे हर सेक्टर को युवा इनोवेशन, आंत्रप्रन्योरशिप के लिए खोल दिया। देश में पहली बार ऐसी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी लागू हुई है, जो इनोवेशन को बढ़ावा देती है। आज हमारा एक्सपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर है, FDI रिकॉर्ड स्तर पर है, रिकॉर्ड पेटेंट फाइल हो रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “बीजेपी का संकल्प-पत्र नई स्पीड और नई स्केल देने का रास्ता दिखाता है। 10 साल में भारत मोबाइल फोन इंपोर्टर से, दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बन गया। अब मेड इन इंडिया चिप से ही दुनिया की गाड़ी भी चलते देखेंगे। पुणे ऑटोमोबाइल हब है। अब हम भारत को इलेक्ट्रिक वेहिक्ल हब बनते देखेंगे। आज NDA सरकार, हर सेक्टर में भारत के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर दे रही है।”

 

 

 

सोलापुर का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

सातारा का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

पुणे का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
UPI — an eventful journey

Media Coverage

UPI — an eventful journey
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम ने 53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की
August 25, 2026
प्रधानमंत्री कार्यालयपीएम ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की छह अहम ढ़ांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की
समीक्षा किए गए प्रोजेक्ट्स 9 राज्यों में फैले हैं और इनमें कुल ₹30,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया गया है
पीएम ने कहा, ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के बजाय एकीकृत प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए
पीएम ने परियोजनाओं को लागू करने के सभी चरणों में लगातार सुधार और मंत्रालयों तथा राज्यों में सक्रियता से काम करने की संस्कृति पर ज़ोर दिया
पीएम ने कहा, रफ्तार के साथ-साथ गुणवत्ता भी ज़रूरी है
एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, पीएम ने कृषि डेटा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए एआई समेत नवीन डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया
साइबर फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले में, पीएम ने प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, साइबर-सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म प्रगति की 53वीं बैठक की आज सेवा तीर्थ में अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। संपर्क को मजबूत करने, औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा करते वक्त समय-सीमा का पालन, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और काम को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ढ़ांचागत परियोजनाओं में देरी से सिर्फ़ लागत ही नहीं बढ़ती, बल्कि नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों, टुकड़ों या पैकेजों के बजाय एक एकीकृत इकाई के तौर पर देखा और उनकी निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पैकेजों में हो रही प्रगति का नतीजा आखिर में संपूर्ण परियोजना के वक्त पर पूरा होने और उसके चालू होने के रूप में निकलना चाहिए। इसलिए मंत्रालयों और राज्यों से कहा गया कि वे काम को शुरू से लेकर अंत तक पूरा करने का नज़रिया अपनाएं और उन अहम कमियों को दूर करें, जिनसे पूरे प्रोजेक्ट के चालू होने और फ़ायदे मिलने में देरी हो सकती है। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने और परियोजनाओं को लागू करने के हर स्तर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बड़े परिवहन और ढ़ांचागत परियोजनाओं की योजना बनाते समय, जहाँ भी संभव हो, ढ़ांचागत सेवाओं के लिए कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर की संभावना तलाशने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मंत्रालयों और राज्यों से कहा कि वे योजना बनाने के चरण में ही ऐसी एकीकृत कार्यप्रणालियों पर विचार करें और उनकी तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काम को तेज़ी से पूरा करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों, राज्यों और काम को लागू करने वाली एजेंसियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और हर चरण पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने व निगरानी को मज़बूत करने का आह्वान किया।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कृषि डेटा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए एआई जैसी नई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इनपुट प्लानिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक, पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में डेटा इकोसिस्टम का असरदार ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर जानकारी के आधार पर कदम उठाए जा सकें, सही लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके और डेटा के आधार पर फ़ैसले लिए जा सकें। उन्होंने एग्रीस्टैक व्यवस्था बनाने में राज्यों और केंद्र सरकार की कोशिशों की तारीफ की और किसानों के लिए बेहतर नतीजे पाने के लिए इसके इस्तेमाल को और मज़बूत करने का आह्वान किया।

साइबर धोखाधड़ी के मामलों, जिनमें डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी शामिल हैं, की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे मामलों की रोकथाम को मज़बूत किया जाना चाहिए। उन्होंने लगातार और खास तौर पर बुज़ुर्गों, युवाओं और कमज़ोर वर्गों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि उन्हें धोखाधड़ी के आम तरीकों, चेतावनी के संकेतों और सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी जा सके। उन्होंने इससे जुड़े कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित ट्रेनिंग की भी बात कही, ताकि साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों की पहचान की जा सके और उन पर तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।