वंचितों और आदिवासियों की सेवा, मेरे लिए परिवार के सदस्य की सेवा के समान है: नंदुरबार में पीएम मोदी
प्रभु श्रीराम भारत के अस्तित्व के आधार और भविष्य के प्रेरणा पुंज हैं: नंदुरबार में पीएम मोदी
कांग्रेस पार्टी देश से हिंदू आस्था को मिटाने का षड्यंत्र कर रही है: नंदुरबार में पीएम मोदी

लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद पिछले कुछ दिनों से लगातार चुनावी सभाओं को संबोधित करने की कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के नंदुरबार में चुनावी सभा को संवोधित किया। अपने संबोधन में अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं देने के साथ उन्होंने कहा कि आज जो आशीर्वाद मिलता है, वो भी अक्षय हो जाता है। इसलिए आज इतनी विशाल संख्या में सभी का मिल रहा आशीर्वाद यह पक्का कर रहा है कि फिर एक बार, मोदी सरकार! अपने कार्यकाल के दौरान देश के गरीबों और वंचितों के लिए किए गए कल्याणकारी कार्यों के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘वंचितों, आदिवासियों की सेवा, मेरे लिए परिवार के सदस्य की सेवा जैसा ही है। नंदुरबार से अपने लगाव के बारे में कहा कि चौधरी चायवाले की कड़क चाय आज भी मुझे याद है। उन्होंने कहा कि चाय का रिश्ता और आपके प्यार का कर्ज मोदी कभी भूल नहीं सकता है। देश में एससी, एसटी और ओबीसी से आरक्षण छीनने को लेकर चल रही राजनीतिक साजिश पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक मोदी जिंदा है उनके आरक्षण को कोई हाथ नहीं लगा सकता, क्योंकि वंचितों का जो अधिकार है मोदी उसका चौकीदार है।

नंदुरबार में गरीबों की पहले की कठिनाइयों और मोदी सरकार की योजनाओं से मिले लाभ की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि पहले की सरकार में यहां के लोगों की तकलीफों के बारे में तो पता है, लेकिन उनका समाधान करने का कोई प्रयास नहीं किया। यहां के आदिवासी भाई-बहन काफी ऊंचाई पर रहते हैं और उन्हें पानी लाने के लिए उतरकर नीचे आना पड़ता था! इनके जीवन में मुश्किलों का पहाड़ था। आदिवासी परिवारों के पास पक्का घर नहीं था। आजादी के 60 साल बाद भी इनके गांवों में बिजली तक नहीं पहुंच पाई थी। लेकिन जबसे केंद्र में बीजेपी की सरकार आई है हर गरीब को घर, हर घर में पानी, हर गांव में बिजली पहुंची है! क्योंकि यही तो मोदी ने संकल्प ले रखा है। पीएम ने कहा कि नंदुरबार के करीब सवा लाख गरीबों को पीएम-आवास मिला है। NDA सरकार ने महाराष्ट्र के 20 हजार से अधिक गांवों में हर घर जल पहुंचाया है। इसमें नंदुरबार के 111 गांव भी शामिल हैं। लेकिन इतना होने के बाद भी अभी तो यह ट्रेलर है, क्योंकि मोदी को अभी तो बहुत कुछ करना है।

पूरे देश के आदिवासियों से साथ कांग्रेस की उपेक्षा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासी भाई-बहनों की कभी परवाह नहीं की। सालों से आदिवासी इलाकों में सिकल सेल एनीमिया एक बड़ा खतरा रहा है। लेकिन कांग्रेस ने इस बीमारी की तरफ कभी ध्यान नहीं दिया। ये तो बीजेपी है जिसने सिकल सेल एनीमिया को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान चलाया है। आज नंदुरबार के 12 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस भलीभांति जानती है कि वो विकास में मोदी का मुक़ाबला नहीं कर सकती, इसलिए झूठ फैलाकर वोट लेना चाहती है। वह कभी आरक्षण को लेकर झूठ बोलती है तो कभी संविधान को लेकर। कांग्रेस ने अपने पूरे इकोसिस्टम को अफवाह फैलाने में लगा रखा है। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर कांग्रेस का हाल ‘चोर मचाए शोर’ वाला है। धर्म के आधार पर आरक्षण बाबासाहेब के संविधान की भावना के खिलाफ है। लेकिन कांग्रेस ने दलित, पिछड़े और आदिवासियों का आरक्षण छीनकर अपने वोट बैंक को देना ही अपना एजेंडा बना लिया है। उसने कर्नाटक में तो धर्म के आधार पर मुसलमानों को OBC कोटे का आरक्षण दे भी दिया। अब उसकी मंशा इसे पूरे देश में लागू करने की है। SC, ST और OBC का आरक्षण खत्म करने के लिए महाअघाढ़ी, महाभक्षण का महाअभियान चला रही है। वहीं मोदी SC, ST, OBC के आरक्षण को बचाने के लिए महाआरक्षण का महायज्ञ कर रहा है।

आदिवासियों के सम्मान देने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हम तो माता शबरी की पूजा करने वाले लोग हैं। कांग्रेस ने तो कभी भी आदिवासियों को समाज मे सम्मान तक नहीं मिलने दिया। आजादी की लड़ाई से लेकर देश के विकास में आदिवासियों के योगदान को कभी श्रेय नहीं दिया। आजादी की लड़ाई का पूरा श्रेय कांग्रेस केवल एक परिवार को ही देती रही है। ये तो भाजपा ही है, जो देशभर में आदिवासी समाज के शहीदों और क्रांतिकारियों की याद में म्यूजियम बनवा रही है। बीजेपी ने एक आदिवासी की बेटी द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति बनाया, जबकि उन्हें चुनाव में हराने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। कांग्रेस के शहजादे ने अभी 2-3 दिन पहले ही अमेरिका में रह रहे अपने गुरू के सानिध्य में देश के लोगों के खिलाफ रंगभेदी टिप्पणी की है। अपने देश के जिन लोगों का रंग भगवान कृष्ण जैसा होता है, कांग्रेस उन्हें अफ्रीकन मानती है। इसलिए तो द्रौपदी मुर्मु जी का राष्ट्रपति बनना उने रास नहीं आया। इतना ही नहीं कांग्रेस का एजेंडा कितना खतरनाक है इसका खुलासा भी शहजादे के गुरु ने ही कर दिया है। सैम पित्रोदा का कहना है कि राममंदिर का निर्माण और रामनवमी उत्सव, ये Idea of India के खिलाफ है...भारत के विचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मेरे मंदिर जाने को भी कांग्रेस भारत-विरोधी बता रही है। ये लोग राम के देश में ही राममंदिर को देशविरोधी बता रहे हैं।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों का अहंकार इतना सिर चढ़कर बोल रहा है कि गरीब इनके लिए कोई मायने ही नहीं रखते। गरीब को दुत्कार और तरसा कर रखना ही इनकी फितरत रही है। इतना ही नहीं ये लोग गरीबों के बारे में सोचने और कुछ करने वालों को भी देखना पसंद नहीं करते हैं। नकली शिवसेना वालों ने फिर जता दिया है कि गरीबों से उन्हे कितनी नफरत है। ये मुझे इसलिए जिंदा गाड़ने की धमकी देते हैं, क्योंकि मैं उनका समर्थन करता हूं। कांग्रेस कहती है कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी। ये लोग मुझे गाली देने में भी तुष्टिकरण का पूरा ध्यान रखते हैं। तभी तो कहते हैं मोदी की कब्र खुदेगी...मोदी को जिंदा गाड़ देंगे। पीएम ने कहा कि ये लोग जनता का साथ और विश्वास खो चुके हैं। इनकी अपनी सियासी जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है। लेकिन ये भूल रहे हैं कि भारत की 140 करोड़ जनता मेरी रक्षक है, ये लोग कितनी ही कोशिशें कर लें मुझे जिंदा नहीं गाड़ पाएंगे।

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पीएम ने 53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की
August 25, 2026
प्रधानमंत्री कार्यालयपीएम ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की छह अहम ढ़ांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की
समीक्षा किए गए प्रोजेक्ट्स 9 राज्यों में फैले हैं और इनमें कुल ₹30,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया गया है
पीएम ने कहा, ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के बजाय एकीकृत प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए
पीएम ने परियोजनाओं को लागू करने के सभी चरणों में लगातार सुधार और मंत्रालयों तथा राज्यों में सक्रियता से काम करने की संस्कृति पर ज़ोर दिया
पीएम ने कहा, रफ्तार के साथ-साथ गुणवत्ता भी ज़रूरी है
एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, पीएम ने कृषि डेटा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए एआई समेत नवीन डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया
साइबर फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले में, पीएम ने प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, साइबर-सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म प्रगति की 53वीं बैठक की आज सेवा तीर्थ में अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। संपर्क को मजबूत करने, औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा करते वक्त समय-सीमा का पालन, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और काम को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ढ़ांचागत परियोजनाओं में देरी से सिर्फ़ लागत ही नहीं बढ़ती, बल्कि नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों, टुकड़ों या पैकेजों के बजाय एक एकीकृत इकाई के तौर पर देखा और उनकी निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पैकेजों में हो रही प्रगति का नतीजा आखिर में संपूर्ण परियोजना के वक्त पर पूरा होने और उसके चालू होने के रूप में निकलना चाहिए। इसलिए मंत्रालयों और राज्यों से कहा गया कि वे काम को शुरू से लेकर अंत तक पूरा करने का नज़रिया अपनाएं और उन अहम कमियों को दूर करें, जिनसे पूरे प्रोजेक्ट के चालू होने और फ़ायदे मिलने में देरी हो सकती है। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने और परियोजनाओं को लागू करने के हर स्तर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बड़े परिवहन और ढ़ांचागत परियोजनाओं की योजना बनाते समय, जहाँ भी संभव हो, ढ़ांचागत सेवाओं के लिए कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर की संभावना तलाशने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मंत्रालयों और राज्यों से कहा कि वे योजना बनाने के चरण में ही ऐसी एकीकृत कार्यप्रणालियों पर विचार करें और उनकी तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काम को तेज़ी से पूरा करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों, राज्यों और काम को लागू करने वाली एजेंसियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और हर चरण पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने व निगरानी को मज़बूत करने का आह्वान किया।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कृषि डेटा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए एआई जैसी नई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इनपुट प्लानिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक, पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में डेटा इकोसिस्टम का असरदार ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर जानकारी के आधार पर कदम उठाए जा सकें, सही लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके और डेटा के आधार पर फ़ैसले लिए जा सकें। उन्होंने एग्रीस्टैक व्यवस्था बनाने में राज्यों और केंद्र सरकार की कोशिशों की तारीफ की और किसानों के लिए बेहतर नतीजे पाने के लिए इसके इस्तेमाल को और मज़बूत करने का आह्वान किया।

साइबर धोखाधड़ी के मामलों, जिनमें डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी शामिल हैं, की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे मामलों की रोकथाम को मज़बूत किया जाना चाहिए। उन्होंने लगातार और खास तौर पर बुज़ुर्गों, युवाओं और कमज़ोर वर्गों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि उन्हें धोखाधड़ी के आम तरीकों, चेतावनी के संकेतों और सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी जा सके। उन्होंने इससे जुड़े कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित ट्रेनिंग की भी बात कही, ताकि साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों की पहचान की जा सके और उन पर तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।