बीजेडी और कांग्रेस ने कंधमाल को पिछड़ा जिला घोषित कर दिया था, मोदी ने उसे देश के आकांक्षी जिले में बदला: कंधमाल में पीएम मोदी
जो सीएम अपने राज्य के जिलों के नाम बिना कागज देखे नहीं बोल सकता, वह जनता के दुख-दर्द को कैसे जानेगा: कंधमाल में पीएम मोदी
आज ओडिशा की बेटी देश की तीनों सेनाओं को कमांड करती है: बलांगीर में पीएम मोदी
आपकी जिंदगी में बदलाव लाने की गारंटी मोदी देता है: बलांगीर में पीएम मोदी
बीजेडी सरकार बीते 25 सालों में ओडिशा को गरीबी से बाहर नहीं निकाल पाई: बरगढ़ में पीएम मोदी
यहां किसानों की उपज के समर्थन मूल्य का एक हिस्सा बीजेडी के बिचौलियों की जेब में चला जाता है: बरगढ़ में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के कंधमाल, बलांगीर और बरगढ़ में तीन रैलियों को संबोधित किया। कंधमाल की जनसभा में उन्होंने मातृशक्ति का जिक्र करते हुए कहा, ‘आज मुझे मातृशक्ति के साक्षात दर्शन हुए। माताओं से एक बेटे की तरह मिले आशीर्वाद से मुझे महसूस हो रहा है कि पूरा ओडिशा मेरे साथ है’। पीएम ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि कंधमाल आते ही मुझे ऐसे आशीर्वाद मिले हैं, जिन्हें मैं जीवन भर भूल नहीं सकता।

जनसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक वो दिन था, जब भारत ने दुनिया को अपना सामर्थ्य दिखा दिया था और दूसरी तरफ कांग्रेस की सोच है। कांग्रेस बार-बार, अपने ही देश को डराने की कोशिश करती है कि पाकिस्तान के पास एटम बम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के इसी कमजोर रवैये के कारण जम्मू-कश्मीर के लोगों ने 60 साल तक आतंक भुगता है और देश ने अनगिनत आतंकी हमले झेले हैं। उन्होंने कहा कि देश भूल नहीं सकता कि आतंकियों को सबक सिखाने के बजाय, ये लोग आतंकी संगठनों के साथ बैठकें करते थे। उन्होंने कहा, ‘26-11 के मुंबई हमले के बाद इन लोगों की हिम्मत नहीं पड़ी, कि आतंक के सरपरस्तों पर कार्रवाई करें। क्योंकि कांग्रेस को, इंडी गठबंधन को लगता था कि अगर हम कार्रवाई करेंगे तो हमारा वोटबैंक नाराज हो जाएगा’।

श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रबंधन से जुड़े एक हैरान करने वाले मामले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मंदिर को लेकर एक नियम था कि वहां के सोने-चांदी, कीमती पत्थर, चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मेनटेन किया जाएगा। इसके बाद श्री रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों की एक सूची तैयार की गई थी। इस रत्न भंडार का आखिरी बार मूल्यांकन करीब 45 साल पहले किया था।उस समय आभूषण और रत्न इतने ज्यादा थे कि मूल्यांकन करने वालों ने इस खजाने को अमूल्य बताकर अपने हाथ खड़े कर दिए थे। आधिकारिक रूप से श्रीरत्न भंडार पिछले करीब 40 साल से खुला नहीं है। लेकिन श्री जगन्नाथ मंदिर के श्री रत्न भंडार के गर्भगृह के आंतरिक कक्ष की चाभियां पिछले 6 साल से लापता हैं। क्या आपको ये जानने का अधिकार नहीं है कि ये चाभियां कहां गई?

पीएम ने कहा राज्य सरकार कहती है कि रत्न भंडार की डुप्लीकेट चाभियां मिली हैं। लेकिन सवाल उठता है कि डुप्लीकेट चाभियां क्यों बनाई गई। चाभी खो जाना गंभीर है, लेकिन डुप्लीकेट चाभियों वाला मामला उससे भी गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘मैं आज ओडिशा के लोगों को एक वायदा कर रहा हूं। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद श्रीरत्न भंडार की पारदर्शिता और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया जाएगा। ये मोदी की गारंटी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी उनको पूजता है, जिनको किसी ने नहीं पूछा। उन्होंने कहा कि दोकरा और बांस की कलाकारी से जुड़े साथियों के लिए ही पीएम विश्वकर्मा जैसी योजना बनाई गई है।

ओडिशा के बलांगीर में विशाल संख्या में उमड़े परिवारजनों से पीएम मोदी ने कहा, ‘आपका ये बेटा, ओडिशा की गौरवमयी धरोहर को मां भारती का आभूषण मानता है। इस वर्ष 4 ओडिया कलाकारों को पद्म पुरस्कार दिया गया है। क्योंकि इन्होंने ओडिया कला-संस्कृति की सेवा की है। ओडिशा के महापुरुषों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने ओडिशा के सिद्धांतों और इसकी अस्मिता से समझौता नहीं किया। इसलिए बीजेपी ने ठान लिया है कि वो ओडिशा को संकटों से निकालकर रहेगी। 10 जून को ओडिशा की मिट्टी में जन्मा, पला-बड़ा बेटा-बेटी ही मुख्यमंत्री बनेगा।

बरगढ़ की अपनी तीसरी जनसभा में पीएम मोदी ने ओडिशा के किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि बीते 10 सालों में उनकी सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना शुरु की है। ताकि छोटे किसानों को अपना धान रखने के लिए गोदाम मिले’।

ओडिशा के बुनकर भाई-बहनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे Made in India के भी शिल्पकार हैं। इसलिए केंद्र सरकार हथकरघा के साथ ही textile सेक्टर पर विशेष बल दे रहे हैं। ओडिशा भाजपा ने 3 इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही बुनकरों और हथकरघा श्रमिकों को सम्मान निधि देने की भी घोषणा की गई है।

पीएम ने कहा कि उड़ीसा बर्बाद हो रहा है। इतना महान राज्य कितनी महान संस्कृति इतनी महान परंपरा वाले राज्य के 25 साल बर्बाद हो गए। आज सरकार चलाने के काम को आउटसोर्स कर दिया गया है। लेकिन जून बीजेडी सरकार की एक्सपायरी डेट है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के अपमान पर भी प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को जमकर घेरा और कहा कि ओडिशा की आदिवासी बेटी आज राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ा रही है। लेकिन कांग्रेस उनके अपमान से भी नहीं हिचकती। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी अयोध्या में प्रभु राम लाल के दर्शन करने गई। तो उसके अगले दिन कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता ने घोषणा की राम मंदिर को गंगाजल से धो कर उसका शुद्धिकरण करेंगे’। पीएम मोदी ने कहा कि यह देश, आदिवासी समाज और हमारी माताओं-बहनों का अपमान है। इतना बड़ा पाप करने वाली कांग्रेस को चाहे असेंबली की सीट हो या लोकसभा की, उनकी जमानत जाब्त होनी चाहिए।

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26 साल पहले आज के दिन ही अटल जी की सरकार ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था।

हमने ये दिखा दिया था कि देशभक्ति से ओत-प्रोत सरकार कैसे काम करती है: PM @narendramodi pic.twitter.com/jj9DJCwBuc

— narendramodi_in (@narendramodi_in) May 11, 2024

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प्रधानमंत्री 15 जनवरी को राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की 28वीं कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
January 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर, नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे और इसमें विश्व के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।

यह सम्मेलन समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श करेगा, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव कार्यनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि शामिल हैं।