जनता का पैसा आज जनता के हित में इस्तेमाल हो रहा है: दुमका, झारखंड में पीएम मोदी
जेएमएम और कांग्रेस झारखंड को हर तरफ से लूट रहे हैं: दुमका में पीएम मोदी
सरकार बनने के बाद, मैं 3 करोड़ और पक्के घर गरीबों के लिए बनाऊंगा: दुमका, झारखंड में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को झारखंड के दुमका में एक जनसभा को संबोधित किया। संथाल की धरती को क्रांति की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां उमड़े जनसैलाब ने बीजेपी-एनडीए की जीत पक्की कर दी है। अपने सरकार के काम-काज का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार और लूट को बंद कर जनता के पैसे को उनके हित में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि गरीबों को पक्के घर, गरीब माताओं-बहनों को गैस सिलिंडर और बिजली जैसी कई सुविधाएं मिल रही हैं। इसका सबसे ज्यादा लाभ देशभर के गांव-गरीब और दलित-आदिवासी परिवारों को हुआ है।

JMM और कांग्रेस पर हल्ला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि JMM-कांग्रेस-RJD मोदी को हटाना चाहते हैं ताकि, फिर से उनको घोटाले करने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा, ‘यहां इतने खूबसूरत पहाड़ हैं, लेकिन झारखंड की चर्चा नोटों के पहाड़ के लिए हो रही है। JMM-कांग्रेस वालों के यहां से नोटों के पहाड़ पकड़े जा रहे हैं। ये पैसा आ रहा है, शराब घोटाले से! ये पैसा आ रहा है, करोड़ों रुपए के टेंडर घोटाले से! ये पैसा आ रहा है, खान, खनिज, खनन घोटाले से! अकेले साहिबगंज जिले में 1 हजार करोड़ के खनन घोटाले का पता लगा है’।

झारखंड के गरीबों और आदिवासी समाज की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि राज्य में आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। सेना तक की जमीन को इन लोगों ने नहीं छोड़ा है। झारखंड को इन लोगों से मुक्ति दिलानी ही होगी। उन्होंने कहा, ‘ये JMM वाले आपकी थाली का राशन तक लूटने में शर्म नहीं करते। ये लोग जलजीवन मिशन में भी भ्रष्टाचार कर रहे हैं’। पीएम ने कहा कि वे दिल्ली से लोगों के लिए मुफ्त राशन भेजते हैं, लेकिन उसे बाजार में बेच दिया जाता है। सरकारी अनाज से भरा ट्रक पकड़ा जाता है, लेकिन कार्यवाई नहीं होती! क्योंकि JMM खुद इस लूट में शामिल है। पीएम ने कहा कि वे गरीब का अन्न, गरीब का पानी किसी को छीनने नहीं देंगे। 4 जून के बाद भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई और तेज होगी, ये मोदी की गारंटी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी दलित, वंचित, आदिवासियों के लिए काम करती है, उनकी सेवा करती है। आदिवासी कल्याण के लिए बजट में बड़ी बढ़त हो, जनजातीय इलाकों में एकलव्य आवासीय विद्यालय हो या फिर आदिवासी इलाकों में खनिज का पैसा वहां के लोगों के बच्चों के लिए खर्च करने की नीति, ये सभी कदम इस बात का उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाती है। वहीं कांग्रेस ने आदिवासी इतिहास को सामने नहीं आने दिया। इंडी गठबंधन के लिए सिर्फ अपना वोटबैंक जरूरी है। उसे आदिवासी समाज के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। जहां-जहां ये लोग सत्ता में आए, आदिवासी समाज और संस्कृति खतरे में पड़ गई’। पीएम ने कहा कि आदिवासियों के खिलाफ इनके हथियार हैं, नक्सलवाद, घुसपैठ और तुष्टीकरण! जब तक कांग्रेस सत्ता में रही, नक्सलवाद फलता-फूलता रहा। जिसका सबसे बड़ा नुकसान हमारे आदिवासी समाज को हुआ है। लेकिन अब झारखंड में एक बड़ा संकट घुसपैठियों का हो गया है। इससे कई इलाकों में आदिवासियों की संख्या तेजी से कम हो रही है और घुसपैठियों की संख्या बढ़ रही है। हमारी आदिवासी बेटियां घुसपैठियों के निशाने पर आ गई हैं। बेटियों की सुरक्षा खतरे में है, उनका जीवन खतरे में है। लेकिन ऐसे लोगों को कांग्रेस- JMM की सरकार पाल-पोस रही है।

इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी देशविरोधी राजनीति का खतरनाक फॉर्मूला है, घोर सांप्रदायिक राजनीति, घोर तुष्टीकरण की राजनीति, अलगाववादियों को संरक्षण, आतंकवादियों का बचाव और उसका विरोध करने वालों पर हिन्दू-मुसलमान करने का आरोप लगाना। उन्होंने कहा, ‘मोदी इनका नफरती प्रोपेगेंडा फेल करके रहेगा। ये चाहे कुछ भी कर लें, मोदी दलित, आदिवासी और पिछड़ा आरक्षण की लूट नहीं होने देगा! ये मोदी की गारंटी है’।

 

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.