मुझे गर्व है कि संकटकाल में भारत, दुनिया और अपने नागरिकों के लिए खड़ा हुआ। उसने कोरोना महामारी के दौरान दुनिया भर में टीके भेजे तथा संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला: पीएम मोदी
आज, यूरिया की पर्याप्त और सुगम आपूर्ति है, जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत है: पीलीभीत रैली में पीएम मोदी
CAA कानून से पीलीभीत के कई परिवारों को फायदा होगा, लेकिन तुष्टीकरण के चलते कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसका विरोध करती हैं: पीएम मोदी
नवरात्रि के शुभारंभ के पहले दिन, जब हम शक्ति की पूजा शुरू करते हैं, हमें भूलना नहीं है कि कैसे इंडी गठबंधन ने पवित्र 'शक्ति' को नष्ट करने का संकल्प लिया है: पीएम मोदी
भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों की समस्याओं को गंभीरता से हल किया है: पीलीभीत रैली में पीएम मोदी

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए देशवासियों को गुडी पडवा, उगाडी, चेटी चंड, नवरेह, ‘साजिबु चेरोबा’ और नव वर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि उन्हें पीलीभीत के साथ ही बरेली की जनता-जनार्दन के दर्शन का सौभाग्य मिला है और सबका संदेश स्पष्ट है- फिर एक बार...मोदी सरकार!

पीएम ने कहा कि सारी दुनिया की मुश्किलों के बीच, भारत ये दिखा रहा है कि उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने भारत की आर्थिक और तकनीकी सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जब देश मजबूत होता है, तो दुनिया उसकी सुनती है। आपके एक वोट से मजबूत सरकार बनी, सशक्त सरकार बनी और बीजेपी सरकार ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत किसी से कम नहीं है’।

पीएम मोदी ने कहा कि जब नीयत सही होती है, हौसले बुलंद होते हैं, तो नतीजे भी सही मिलते हैं। आज हम चारों तरफ विकसित भारत का निर्माण होते हुए देख रहे हैं। कहीं फोर लेन, सिक्स लेन, eight lane के हाईवे बन रहे हैं। कहीं भव्य रेलवे स्टेशन बन रहे हैं। कहीं वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चल रही हैं।

पीएम ने कहा कि नई सुविधाओं के निर्माण से किसानों और नौजवानों दोनों को नए अवसर मिलेंगे। पुरानी सरकारों के दौरान जो उद्योग बंद पड़ गए थे, उनको भी नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘पीलीभीत में एक तरफ बांसुरी की सुरीली आवाज है, तो दूसरी तरफ टाइगर की दहाड़ है। हमारी सरकार पीलीभीत टाइगर रिजर्व की ख्याति को भी देश के कोने-कोने में ले जाने का काम कर रही है। यहां इको-टूरिज्म का नया इकोसिस्टम बन रहा है’।

किसानों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उन्हें सस्ती दरों पर यूरिया उपलब्ध करवा रही है। उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पैसे मिल रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों की परेशानी को कम करने के लिए पूरी ताकत से काम किया है।

नवरात्रि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज शक्ति की पूजा के पहले दिन, मैं देश को ये भी याद दिला रहा हूं कि कैसे इंडी गठबंधन ने शक्ति को खत्म करने की सौगंध खाई है।आज देशभर में जिस शक्ति की पूजा हो रही है, उस शक्ति का कांग्रेस ने घोर अपमान किया है। जिस शक्ति के आगे हम शीश झुकाते हैं, उस शक्ति से ये लड़ने की बात करते हैं। शक्ति का कोई भी उपासक, इंडी गठबंधन को इस अपमान के लिए माफ नहीं करेगा।

अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सपा-कांग्रेस के इंडी-गठबंधन को भारत की विरासत की परवाह नहीं है। 500 साल के इंतज़ार के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना। देश के हर परिवार ने अपनी-अपनी श्रद्धा के हिसाब से योगदान दिया। पीलीभीत वालों ने भी एक विशाल बांसुरी अयोध्या को भेंट की। लेकिन इंडी गठबंधन वालों को राम मंदिर के निर्माण से पहले भी नफरत थी और आज भी नफरत है। मंदिर बन गया लेकिन ये प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं आए। उन्होंने कहा, ‘इनके मन में इतना जहर भरा है कि उनकी पार्टी से जो प्रतिष्ठा में गए उन्हें पार्टी से निकाल दिया। ये पाप करनेवालों को कभी भूलिएगा नहीं भाईयों-बहनों’।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तुष्टिकरण के दलदल में कांग्रेस इतना डूब गई है कि उससे कभी बाहर नहीं निकल सकती। कांग्रेस ने जो घोषणापत्र बनाया है वो कांग्रेस का नहीं बल्कि मुस्लिम लीग का घोषणापत्र लगता है। तुष्टिकरण के दबाव में ही कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, CAA का भी विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘विदेशी धरती पर अत्याचार की वजह से भागे हिंदुओं और सिख भाई बहनों को भारत नहीं नागरिकता देगा तो कौन देगा? CAA का यहां पीलीभीत में रहने वाले अनेक परिवारों को लाभ होगा। लेकिन कांग्रेस-समाजवादी पार्टी इस पर भी ऐतराज जता रही हैं’।

पीएम मोदी ने 1984 के दंगों को याद करते हुए कहा, समाजवादी पार्टी आज जिस कांग्रेस के साथ खड़ी है, उस कांग्रेस ने हमारे सिख साथियों के साथ क्या किया था, वो कोई भूल नहीं सकता। ये भाजपा है जो सिखों के साथ पूरी शक्ति से खड़ी है, उनकी भावनाओं को समझते हुए काम करती है’।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके इंडी गठबंधन को, देश की महान विभूतियों का अपमान करने में भी संकोच नहीं होता। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आज तक कभी स्टैच्यू आफ यूनिटी पर नहीं गए है। ये लोग विदेश घूम आते हैं, लेकिन अपने ही देश में सरदार पटेल की प्रतिमा का दर्शन नहीं करते। जिन सरदार पटेल ने पूरे देश को एक किया, उनका भी ये लोग बहिष्कार करते हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत को बांटने की साजिश में जुटे इंडी गठबंधन से और कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए देश की एकता अखंडता के लिए आपको बीजेपी को विजयी बनाना है’।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
First multilingual Indian speech recognition model trained on 65 languages and dialects released

Media Coverage

First multilingual Indian speech recognition model trained on 65 languages and dialects released
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.