एनडीए का '400 पार' सीटों का संकल्प देश को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए है: पीएम मोदी
बीते दशक में केंद्र की भाजपा सरकार ने ओडिशा में अभूतपूर्व निवेश किया, हमारा लक्ष्य ओडिशा को विकसित भारत का गेट-वे बनाना है: पीएम मोदी
जिस गरीब के पास गारंटी देने के लिए कुछ नहीं था, उसकी गारंटी मोदी ने ली: ओडिशा में पीएम मोदी
इंडी अलायंस के दल भारत की तरक्की में बाधक, उनका ध्येय सिर्फ 'फैमिली फर्स्ट': पीएम मोदी
ओडिशा के सभी लोग मोदी के परिवारजन और उनका सशक्तिकरण मोदी का संकल्प: पीएम मोदी

ओडिशा के जाजपुर में मंगलवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अबकी बार 400 पार का संकल्प भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने वाला है। उन्होंने कहा कि देश के किसान, नौजवान, नारीशक्ति और गरीबों का जीवन बदलने के लिए हमने जो संकल्प लिया है, उसमें ओडिशा की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। 


पीएम मोदी ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि जो सरकार कोयले को लूट कर खा जाती थी वह गरीबों को खाना कैसे दे सकती है? लेकिन जब एक गरीब का बेटा प्रधानमंत्री बना तब उसने कहा कि वो गरीब की सबसे बड़ी गारंटी बनेगा। जिस गरीब के पास गारंटी देने के लिए कुछ नहीं था, उसकी गारंटी मोदी ने ले ली।

ओडिशा की जाजपुर रैली में उमड़ी भीड़ पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी विशाल संख्या में लोगों का यहां आना, पूरब का मूड दिखाता है। ओडिशा का संकल्प क्या है, ये साफ-साफ नजर आ रहा है। और ये संकल्प है- अबकी बार...400 पार ! 


ओडिशा में निवेश की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ओडिशा में अभूतपूर्व निवेश कर रही है जिससे राज्य विकसित भारत का भी गेटवे बने। उन्होंने कहा, 'ओडिशा, विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत को ऊर्जा दे रहा है। पाइप से घरों में सस्ती गैस देना हो, सीएनजी आधारित यातायात हो, गैस आधारित इंडस्ट्री हो, इसके बड़े उद्योग ओडिशा में लग रहे हैं। यहां से गैस पाइपलाइन, पूर्वी भारत के अनेक राज्यों तक पहुंच रही है। ओडिशा पॉलीस्टर का भी एक बड़ा केंद्र बन रहा है। टेक्स्टाइल पार्क्स के लिए रॉ मटीरियल भी यहीं बन रहा है’। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में सिर्फ पेट्रोकेमिकल सेक्टर में ही ओडिशा में 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश हुआ है। ज्यादा निवेश मतलब नौकरी के ज्यादा अवसर। ये विकास कार्य, ओडिशा के नौजवानों का भाग्य बदलने वाले हैं। 


कांग्रेस की लूट संस्कृति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विकास के जो बड़े-बड़े काम हो रहे हैं, ये पहले भी हो सकते थे। लेकिन 2014 से पहले के वर्षों में, कांग्रेस और उसके साथियों का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी तिजोरी में नोट भरने में लगा रहा। 

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने देश में ऐसी व्यवस्थाओं का निर्माण किया, जिसमें गरीब , नौजवान और आदिवासियों पर अविश्वास पैदा हो। आज पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी अनेक योजनाओं की वजह से ही गरीब का आत्मविश्वास बढ़ा है, उसे अहसास हुआ है कि सरकार उसके साथ है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्हें कभी किसी ने नहीं पूछा, उन्हें मोदी ने पूछा है। ओडिशा में अनेक ऐसी जनजातियां हैं, जो सबसे पिछड़ी हुई हैं। इन जनजातियों की सुध किसी ने नहीं ली। मोदी ने पहली बार इन आदिवासी बहन-भाइयों के लिए भी पीएम-जनमन योजना शुरु की है। जब ऐसे काम होते हैं, तभी लोग कहते हैं- जहां दूसरों से उम्मीद खत्म हो जाती है, वहां से मोदी की गारंटी शुरू होती है। 

मुफ्त बिजली योजना की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा भगवान सूर्यदेव की भूमि है। सूर्यदेव की प्रेरणा से ही मोदी ने देश को एक और गारंटी दी है, मुफ्त बिजली यानि जीरो बिल। भाजपा सरकार ने पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना बनाई है। घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। हर परिवार अपनी ज़रूरत पूरी करके, अतिरिक्त बिजली सरकार को बेच भी सकेगा। यही नहीं, किसानों को भी अन्नदाता से ऊर्जादाता बनाया जा रहा है। वे भी खेत की मेढ पर या खाली ज़मीन पर सोलर पैनल लगा सकते हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार के विकास कार्य इंडी गठबंधन के भ्रष्टाचारियों को पसंद नहीं आ रहा। यही वजह है कि इन लोगों ने अब मोदी पर हमले और बढ़ा दिए हैं। ये कह रहे हैं कि मोदी का परिवार नहीं है, इसलिए मोदी को हटाना है। इंडी गठबंधन के परिवारवादी कहते हैं कि इनकी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है। जबकि इंडी गठबंधन की विचारधारा है- फैमिली फर्स्ट, परिवार प्रथम। वहीं मोदी की विचारधारा है- नेशन फर्स्ट, राष्ट्र प्रथम। पीएम मोदी ने कहा, 'ये लोग सिर्फ अपने परिवार के लिए ही जीते हैं और मोदी- भारत के हर परिवार के लिए खटता है, खपता है। ये परिवारवादी, अपने बेटे-बेटियों, नाती-पोतों, भाई-भतीजों के फ्यूचर की ही सोचते हैं। ये इंडी गठबंधन भी इसीलिए बनाया गया है। लेकिन मोदी, देश के करोड़ों बेटे-बेटियों का बेहतर भविष्य बनाने के लिए डटा है। इसलिए, इंडी गठबंधन के परिवारवादी कहते हैं, उनका लक्ष्य एक ही है, मोदी को हटाना है। जबकि मोदी का लक्ष्य भारत को तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाना है, भारत को विकसित बनाना है।'

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।