"मोदी की गारंटी' की गाड़ी अब देश के सभी हिस्सों में पहुंच रही है”
“विकसित भारत संकल्प यात्रा को हरी झंडी भले ही मोदी ने दिखाई हो, लेकिन सच्‍चाई तो यह है कि आज इसकी कमान देशवासियों ने अपने हाथ में ले ली है”
“उन्‍हें शक्ति दे रहे हैं, देश के सैकड़ों छोटे शहर विकसित भारत की भव्य इमारत को सशक्‍त बनाने वाले हैं।”
“जहां दूसरों से उम्मीदें ख़त्म होती हैं, वहीं से मोदी की गारंटी शुरू होती है”
“सरकार शहरी परिवारों के पैसों की बचत करने के लिए प्रतिबद्ध है”
"पिछले 10 वर्षों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के लिए जो कार्य किया गया है, वह अतुलनीय है”

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की और उन्हें संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विकसित भारत संकल्प यात्रा को हरी झंडी दिखाकर उसका शुभारंभ किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों-राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विकसित भारत संकल्प यात्रा को हरी झंडी दिखाने का अवसर मिलने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि 'मोदी की गारंटी' की गाड़ी अब देश के सभी हिस्सों में पहुंच रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अपनी एक महीने की यात्रा में वीबीएसवाई हजारों गांवों के साथ-साथ 1500 शहरों तक पहुंच चुकी है, जिनमें छोटे शहर और कस्बे भी शामिल हैं। चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण वीबीएसवाई के पहले शुरू नहीं हो पाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों की नवनिर्वाचित सरकारों से अपने-अपने राज्य में विकसित भारत संकल्प यात्रा का तेजी से विस्तार करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत यात्रा संकल्प के जन आंदोलन पहलू को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “विकसित भारत संकल्प यात्रा को हरी झंडी भले ही मोदी ने दिखाई हो, लेकिन सच्‍चाई तो यह है कि आज इसकी कमान देशवासियों ने अपने हाथ में ले ली है।” लाभार्थियों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने 'मोदी की गारंटी की गाड़ी' का स्वागत करने को लेकर उमड़ रहे उत्साह और प्रतिस्पर्धा का उल्‍लेख किया।

वीबीएसवाई की यात्रा से जुड़ने का चौथा अवसर होने की बात पर गौर करते हुए प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख किया, जहां उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि, प्राकृतिक खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पहलुओं और भारत के गांवों को विकसित बनाने के बारे में चर्चा की। आज के कार्यक्रम में शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का फोकस शहरी विकास पर होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “विकसित भारत के संकल्प में हमारे शहरों की बहुत बड़ी भूमिका है। आजादी के बाद लंबे समय तक जो भी विकास हुआ, उसका दायरा देश के कुछ बड़े शहरों तक ही सीमित था। लेकिन आज हम देश में टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्‍हें शक्ति दे रहे हैं, देश के सैकड़ों छोटे शहर विकसित भारत की भव्य इमारत को सशक्‍त बनाने वाले हैं।” इस संबंध में उन्होंने छोटे शहरों में बुनियादी सुविधाओं को उन्नत बनाने वाले अमृत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन का उदाहरण दिया। ये सुधार सीधे तौर पर जीवन की सुगमता, यात्रा की सुगमता और कारोबार करने की सुगमता को प्रभावित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन बढ़ी हुई सुविधाओं का लाभ गरीब, नव-मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग या अमीर सभी लोगों को मिल रहा है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकार परिवार के एक सदस्य की भांति आपकी समस्‍याओं में कमी लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।” कोरोनो महामारी के दौरान सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने 20 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में हजारों करोड़ रुपये का संवितरण करने, निशुल्‍क कोविड वैक्सीन सुनिश्चित करने, गरीब परिवारों के लिए मुफ्त राशन और छोटे व्यवसायों के लिए लाखों करोड़ रुपये की सहायता करने का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “जहां दूसरों से उम्मीदें ख़त्म होती हैं, वहीं से मोदी की गारंटी शुरू होती है।” प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रेहड़ी-पटरी वालों और फेरीवालों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने का भी जिक्र किया जो अब पीएम स्वनिधि योजना के तहत आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। अब तक 50 लाख से अधिक लोगों द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के तहत बैंक की सहायता का लाभ उठाए जाने का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 1.25 लाख लोगों ने वीबीएसवाई के माध्यम से पीएम स्वनिधि के लिए आवेदन किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “पीएम स्वनिधि योजना के 75 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी दलित, पिछड़े और जनजातीय समुदायों के सदस्य हैं, जिनमें लगभग 45 प्रतिशत महिला लाभार्थी शामिल हैं।” उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनके पास बैंक को अपने पास से देने के लिए कोई गारंटी नहीं है।

प्रधानमंत्री ने शहरी निवासियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने शहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए सुरक्षा के दायरे को व्‍यापक बनाने के बारे में विस्तार से बताया। अटल पेंशन योजना में 6 करोड़ ग्राहक हैं जिनके लिए 60 साल की उम्र के बाद 5 हजार रुपये की मासिक पेंशन सुनिश्चित हो रही हैं। पीएम सुरक्षा बीमा योजना और जीवन ज्योति योजना 2 लाख रुपये तक का जीवन कवर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के तहत 17 हजार करोड़ रुपये के दावों का निपटान पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने सभी से इन योजनाओं में पंजीकृत होकर अपना सुरक्षा कवच मजबूत करने का अनुरोध किया।

 

प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकार शहरी परिवारों के पैसों की बचत करने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वह आयकर में छूट हो या कम खर्च वाला इलाज।” आयुष्मान भारत योजना का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने करोड़ों शहरी गरीबों को शामिल किए जाने को रेखांकित किया, जहां आयुष्मान कार्ड ने उन्हें चिकित्सा संबंधी खर्चों पर 1 लाख करोड़ रुपये बचाने में मदद की है। उन्होंने जन औषधि केंद्रों का भी उल्लेख किया जहां दवाएं 80 प्रतिशत छूट पर उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे शहरों में रहने वाले गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होती है। प्रधानमंत्री ने जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25,000 करने के सरकार के फैसले की भी जानकारी दी। श्री मोदी ने उजाला योजना के तहत देश में एलईडी बल्बों की क्रांति का जिक्र किया, जिससे शहरी परिवारों का बिजली बिल काफी कम हो गया है।

प्रधानमंत्री ने इस बात की भी जानकारी दी कि वन नेशन वन राशन कार्ड किस तरह प्रवासी मजदूरों की मदद कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 9 वर्षों में गरीब परिवारों को 4 करोड़ से अधिक मकान दिए गए हैं, जिनमें से एक करोड़ शहरी गरीब लाभार्थियों को प्रदान किए गए हैं। उन्होंने क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना का उल्‍लेख करते हुए कहा, “हमारी सरकार मध्यमवर्गीय परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने में भी हर संभव सहायता कर रही है।” उन्‍होंने जिनके पास अपना मकान नहीं है, उनके लिए उचित किराया सुनिश्चित करने तथा प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष परिसर बनाने जैसे सरकार के प्रयासों का जिक्र किया।

 

प्रधानमंत्री ने कहा, “शहरों में गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों को बेहतर जीवन प्रदान करने का एक और प्रमुख साधन सार्वजनिक परिवहन है। पिछले 10 वर्षों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के लिए जो कार्य किया गया है, वह अतुलनीय है।” उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में 15 नए शहरों को मेट्रो सेवा मिली है, जबकि 27 शहरों में या तो मेट्रो का काम पूरा हो चुका है या अभी चल रहा है। पीएम-ईबस सेवा अभियान के तहत कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया, “अभी दो-तीन दिन पहले ही केंद्र सरकार ने दिल्ली में भी 500 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू कीं। अब दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 1300 से अधिक हो गई है।”

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर युवा शक्ति और नारी शक्ति दोनों को सशक्त बनाने के बहुत बड़े माध्यम हैं । उन्‍होंने कहा, "मोदी की गारंटी' की गाड़ी युवा शक्ति और नारी शक्ति दोनों को सशक्त बना रही है।” उन्होंने सभी से वीबीएसवाई का अधिकतम लाभ उठाने और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

 

पृष्ठभूमि

‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ देश भर में निकाली जा रही है जिसका उद्देश्‍य सरकार की प्रमुख योजनाओं में परिपूर्णता हासिल करना है और इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन योजनाओं का लाभ सभी लक्षित लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

देश भर से हजारों विकसित भारत संकल्प यात्रा लाभार्थी इस कार्यक्रम से जुड़ चुके हैं । इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Indian public relations industry pegged to reach ₹4,500 cr by 2030: Report

Media Coverage

Indian public relations industry pegged to reach ₹4,500 cr by 2030: Report
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा
July 03, 2026

इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी और मई 2018 में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किए जाने के बाद उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। जकार्ता में प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। इन विशेष संबंधों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के एक प्रमुख यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे।

इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई, 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथोनी अल्बानीज़ एमपी के निमंत्रण पर मेलबर्न की यात्रा करेंगे। मेलबर्न में प्रधानमंत्री अल्बानीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल माननीय सुश्री सैम मोस्टिन एसी से भी मुलाकात करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे जहां वे दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक मजबूत स्तंभ है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मेलबर्न से 10-11 जुलाई, 2026 को ऑकलैंड की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में, प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे जिनमें पिछले दो वर्षों में विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री प्रमुख व्यापार और खेल जगत की हस्तियों से भी बातचीत करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत जन-संबंधों को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासी भारतीयों की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे।