विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में, मैं अपने साथ 1.4 अरब भारतीयों की सद्भावना और शुभकामनाएं लेकर आया हूं: प्रधानमंत्री
सच्चा लोकतंत्र चर्चा और बहस को बढ़ावा देता है; यह लोगों को जोड़ता है; यह सम्मान का समर्थन करता है और मानवाधिकारों को बढ़ावा देता है: प्रधानमंत्री
हमारे लिए, लोकतंत्र केवल एक प्रणाली भर नहीं; यह हमारे मौलिक मूल्यों का हिस्सा है: प्रधानमंत्री
भारत और घाना के इतिहास में औपनिवेशिक शासन के दाग हैं; लेकिन हमारी आत्माएं हमेशा स्वतंत्र और निडर रही हैं: प्रधानमंत्री
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी विश्व व्यवस्था तेजी से बदल रही है; प्रौद्योगिकी में क्रांति, विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) का उदय और बदलती जनसांख्यिकी इसकी गति और परिमाण में योगदान दे रही हैं: प्रधानमंत्री
बदलती परिस्थितियों के लिए वैश्विक शासन में विश्वसनीय और प्रभावी सुधारों की आवश्यकता: प्रधानमंत्री
विकासशील देशों को आवाज़ दिए बिना प्रगति नहीं आ सकती: प्रधानमंत्री
आज भारत सबसे तेजी से बढ़ती उभरती अर्थव्यवस्था है: प्रधानमंत्री
भारत एक नवोन्मेषण और प्रौद्योगिकी केंद्र है, जहां वैश्विक कंपनियां संयोजित होना चाहती हैं: प्रधानमंत्री
मजबूत भारत अधिक स्थिर और समृद्ध विश्व में योगदान देगा: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज घाना की संसद के विशेष सत्र को संबोधित किया। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। संसद के अध्यक्ष श्री अल्बान किंग्सफोर्ड सुमाना बागबिन द्वारा बुलाए गए इस सत्र में दोनों देशों के संसद सदस्य, सरकारी अधिकारी और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। यह संबोधन भारत-घाना संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था, जो दोनों देशों को एकजुट करने वाले परस्पर सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को दर्शाता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत और घाना के बीच ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया, जो स्वतंत्रता के लिए साझा संघर्षों और लोकतंत्र तथा समावेशी विकास के लिए समान प्रतिबद्धता के माध्यम से बना है। उन्होंने घाना के राष्ट्रपति महामहिम जॉन ड्रामानी महामा और घाना के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे स्थायी मित्रता का प्रतीक बताया। घाना के महान नेता - डॉ. क्वामे नक्रूमा के योगदान को संदर्भित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एकता, शांति और न्याय के आदर्श मजबूत और स्थायी साझेदारी की नींव हैं।

डॉ. नक्रूमा ने एक बार कहा था, "हमें एकजुट करने वाली ताकतें अंतर्निहित हैं और उन आरोपित प्रभावों से कहीं अधिक हैं जो हमें अलग रखते हैं।" डॉ. नक्रूमा, जिन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्माण के दीर्घकालिक प्रभाव पर बहुत जोर दिया था, को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक मूल्यों के पोषण के महत्व को रेखांकित किया। यह देखते हुए कि लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत ने अपनी संस्कृति के हिस्से के रूप में लोकतांत्रिक लोकाचार को अपनाया है, प्रधानमंत्री ने भारत में लोकतंत्र की गहरी और जीवंत जड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की विविधता और लोकतांत्रिक ताकत को विविधता में एकता की शक्ति के प्रमाण के रूप में इंगित किया। यह एक ऐसा मूल्य है जो घाना की अपनी लोकतांत्रिक यात्रा में प्रतिध्वनित होता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, महामारी और साइबर खतरों जैसी दबावपूर्ण वैश्विक चुनौतियों को भी रेखांकित किया और वैश्विक शासन में विकासशील देशों की सामूहिक आवाज का आह्वान किया। इस संदर्भ में, उन्होंने भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने पर प्रकाश डाला।

 

प्रधानमंत्री ने घाना की जीवंत संसदीय प्रणाली की सराहना की और दोनों देशों की विधायिकाओं के बीच बढ़ते आदान-प्रदान पर संतोष व्यक्त किया। इस संदर्भ में उन्होंने घाना-भारत संसदीय मैत्री सोसायटी की स्थापना का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने भारत के लोगों द्वारा 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को व्यक्त करते हुए कहा कि भारत घाना की प्रगति और समृद्धि की दिशा में उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।

 

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प्रधानमंत्री ने कतर राज्‍य के फादर अमीर महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया
July 12, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कतर राज्य के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया, जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के नए शिखर तक पहुंचाया। श्री मोदी ने उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद किया, जिनसे उन्हें फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

प्रधानमंत्री ने कतर के अमीर, महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

‘‘कतर राज्‍य के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर हम गहरा शोक व्यक्त करते हैं। एक दूरदर्शी नेता जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के नए शिखर तक पहुंचाया, हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं जिनसे मुझे फरवरी 2024 में कतर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। मैं कतर के अमीर, महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी और पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

@TamimBinHamad”