दिल्ली बीजेपी ने संकल्प लिया है, अपने घोषणापत्र में कहा है कि इन कॉलोनियों के तेज विकास के लिए कॉलोनीज़ डेवलपमेंट बोर्ड बनाया जाएगा, यही नहीं, ‘जहां झुग्गी वहां पक्का घर’ भी बनेगा: प्रधानमंत्री मोदी
हमारे लिए देश का हित सबसे बड़ा है, देश के लिए किए गए संकल्प सबसे बड़े हैं, इन संकल्पों को पूरा करने के लिए हम दिन-रात एक कर रहे हैं: पीएम मोदी
भारतीय जनता पार्टी के लिए देश का हित, देश के लोगों का हित सबसे ऊपर है, भाजपा negativity में नहीं, positivity में भरोसा रखती है: प्रधानमंत्री

21वीं सदी का भारत नफरत की राजनीति से नहीं, बल्कि विकास की राष्ट्रनीति से चलेगा : प्रधानमंत्री मोदी

“21वीं सदी का भारत, नफरत की राजनीति से नहीं, विकास की राष्ट्रनीति से चलेगा। विकास की यही राष्ट्रनीति देश को गति भी देती है और देश को नई ऊंचाई पर भी ले जाती है।” यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि ये हमारे हिंदुस्तान की धरोहर है। ये भारत के भिन्न-भिन्न रंगों को एक जगह समेटे हुए एक जीवित परंपरा है। ये दिल्ली सबका स्वागत करती है, सत्कार करती है। ये चुनाव दिल्ली के इसी गौरव को 21वीं सदी की पहचान और शान देने के संकल्प का है। ये चुनाव एक ऐसे दशक का पहला चुनाव है, जो 21वीं सदी के भारत का और भारत की राजधानी का भविष्य तय करने वाला है।"

पीएम मोदी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी, जो अपने हर संकल्प को पूरा करती है, जो कहती है, वो करती है। भाजपा के लिए देश का हित, देश के लोगों का हित सबसे ऊपर है। भाजपा निगेटिविटी में नहीं, बल्कि पॉजिटिविटी में भरोसा रखती है।“

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने संसद से कानून पास कराकर दिल्ली के अनाधिकृत कॉलोनियो में रहने वाले 40 लाख से अधिक लोगों को चिंता मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा ने संकल्प लिया है कि इन कॉलोनियों के तेज विकास के लिए डेवलपमेंट बोर्ड बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां झुग्गी है, वहां पक्का घर भी बनेगा। श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 5 सालों में देशभर में गरीबों के लिए 2 करोड़ घर बनाए हैं, लेकिन दिल्ली में पीएम आवास योजना को लागू नहीं किया गया, जिससे यहां के निवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात की भी झलक दिखाई कि आखिर तेज गति से विकास कैसे होता है और सरकार बड़े फैसले कैसे लेती है। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 370 से मुक्ति 70 साल बाद मिली। रामजन्मभूमि पर फैसला आजादी के 70 साल बाद आया। करतारपुर साहिब कॉरिडोर 70 साल बाद बना। भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद 70 साल बाद हल हुआ। नागरिकता संशोधन कानून से हिंदुओं, सिखों और ईसाईयों को नागरिकता का अधिकार 70 साल बाद मिला। नेशनल वॉर मेमोरियल और नेशनल पुलिस मेमोरियल बनने में 50-60 साल लग गए। 84 के सिख नरसंहार में दोषियों को सजा 34 साल बाद मिली। वायुसेना को नेक्स्ट जनरेशन लड़ाकू विमान 35 साल बाद मिले। बेनामी संपत्ति कानून 28 साल बाद लागू हुआ। शत्रु संपत्ति कानून 50 बाद लागू हुआ। बोडो आंदोलन समझौता 50 साल बाद हुआ। पूर्व सैनिकों को OROP का लाभ 40 साल बाद मिला। श्री मोदी ने कहा कि ये समस्याएं पहले भी सुलझाई जा सकती थीं, लेकिन जब स्वार्थनीति ही राजनीति का आधार हो, तो फैसले टलते भी हैं और अटकते भी हैं।

पीएम मोदी ने ये भी बताया कि किस प्रकार इस सरकार में कई काम पहली बार हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार लाल बत्ती के रौब से देश के लोगों को मुक्ति मिली है। सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का अधिकार मिला। 5 लाख रुपये तक की आय पर इनकम टैक्स जीरो हुआ। पहली बार काले धन की हेरा-फेरी करने वाली 3.5 लाख संदिग्ध कंपनियों पर ताला लगा। पहली बार, देश के हर किसान परिवार के बैंक खाते में सीधी मदद पहुंची। पहली बार किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को पेंशन की सुविधा मिली। पहली बार 50 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिली। पहली बार 10 करोड़ गरीब परिवारों तक टॉयलेट की सुविधा पहुंची। पहली बार 8 करोड़ गरीब बहनों की रसोई में गैस का मुफ्त कनेक्शन पहुंचा।

पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी की वजह से गरीब और मध्यम वर्ग के जरूरत की लगभग 99% चीजों पर पहले ही टैक्स कम हो गया है। पहले औसत GST रेट 14.4% था, अब इसे और कम करते हुए 11.8% पर ले आया गया है। इसकी वजह से गरीबों-मध्यम वर्ग के करीब 2 लाख करोड़ रुपये सालाना बच रहे हैं। साथ ही GST ने व्यापारियों को अनेक तरह के टैक्सों के जाल से बचाया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली और देश के अन्य शहरों में प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए भी केंद्र सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। इस साल के बजट में 4,400 करोड़ रुपए शहरों में प्रदूषण को कम करने के लिए रखे गए हैं।

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सिजिटनशिप अमेंडमेंट बिल के विरोध को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली का सीलमपुर हो, जामिया हो, या फिर शाहीन बाग, हर जगह सिजिटनशिप अमेंडमेंट बिल को लेकर हुए प्रदर्शन संयोग नहीं बल्कि प्रयोग है। इसके पीछे राजनीति का एक ऐसा डिजाइन है, जो राष्ट्र के सौहार्द को खंडित करने वाला है। अगर ये सिर्फ एक कानून का विरोध होता, तो सरकार के तमाम आश्वासनों के बाद समाप्त हो जाता, लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस लोगों को भड़का रही हैं। उन्होंने कहा कि वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण बाटला हाउस एनकाउंटर को फर्जी बताया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में रैली में मौजूद लोगों से भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

 

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प्रधानमंत्री 27 अगस्त को 'खेलो इंडिया डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करेंगे
August 26, 2026
'खेलो इंडिया डायलॉग' एक ऐसा साझा मंच होगा, जहां खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का एक साथ संगम देखने को मिलेगा 
खेलो इंडिया डायलॉग के तहत 'युवा संवाद' में पांच मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशामुक्त युवा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है।

राष्ट्रव्यापी 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभागी, MY भारत के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता खेल में रुचि रखने वाले युवाओं और भारत के अग्रणी एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र 'युवा संवाद' होगा, जहां युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह संवाद पांच थीम पर आधारित होगा:

  • बेहतर सुविधाओं, कोचिंग, खेल विज्ञान और समावेशी भागीदारी के माध्यम से भारत के खेल इकोसिस्टम में सुधार करना;
  • वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करना;
  • गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म और 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) के वॉलंटियरिंग अभियानों के ज़रिए नए युवा लीडर्स तैयार करना;
  • नागरिक कर्तव्य भाव, भविष्य के लिए उपयोगी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा के माध्यम से विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना;
  • 'नशा मुक्त युवा' अभियान को बढ़ावा देने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सके। इस पहल को 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री के 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित साप्ताहिक 'जन भागीदारी' कार्यक्रमों से और अधिक बल मिल रहा है।