कांग्रेस पार्टी केवल तुष्टीकरण की राजनीति, तालाबंदी और ओबीसी समाज, लिंगायत समुदाय और मुझे गालियां देने में लिप्त रही है : पीएम मोदी
कांग्रेस की लूट के सिस्टम को बीजेपी ने आधार, मोबाइल और जनधन अकाउंट की त्रिशक्ति से रोक दिया है : बागलकोट के बादामी में पीएम मोदी
बादामी की संस्कृति और परंपराओं को बढ़ाने में चालुक्य वंश का योगदान अप्रतिम रहा है और हमने हमेशा इसे संरक्षित करने की दिशा में काम किया है: पीएम मोदी
कांग्रेस के लोग आज भी देश-दुनिया में भारत को मदर ऑफ डेमोक्रेसी कहने की हिम्मत नहीं करते, ये सिर्फ भारत की डेमोक्रेसी पर हमला करते हैं: पीएम मोदी
आज हावेरी विकास की नई गाथा लिखने की ओर आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार हावेरी में नए मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज लाई: पीएम मोदी
छह-लेन चित्रदुर्ग-दावणगेरे-हावेरी एक्सप्रेसवे और हुबली-चिकबल्लापुर रेलवे लाइन क्षेत्र के राजमार्गों और रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास की सुविधा प्रदान करेगी: पीएम मोदी
"संयुक्त राष्ट्र बाजरा का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष या 'श्री अन्न' 2023 मना रहा है, इसका श्रेय संत कनकदास जी को भी जाता है": पीएम मोदी
ब्रिटेन को पछाड़कर भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कर्नाटक के बादामी और हावेरी में दो चुनावी रैलियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि पचास साल पहले कांग्रेस ने देश से गरीबी हटाने की सबसे बड़ी गारंटी दी थी। लेकिन ये इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड सिद्ध हुआ। बीजेपी यह जानती है कि गरीबी जात-पात-मत-पंथ नहीं देखती। इसलिए हम गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। गरीब को सशक्त करने के साथ ही वंचितों को वरीयता दे रहे हैं। कांग्रेस के राज में जिन बुनियादी सुविधाओं के लिए SC/ST/OBC समाज के हमारे साथियों को रिश्वत देनी पड़ती थी, उन्हें आज भाजपा की डबल इंजन सरकार घर बैठे ही सारी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मतलब ही करप्शन, कमीशन, घोटाला और तुष्टिकरण है। वो आतंकवाद के सामने घुटने टेकने के अलावा ‘बांटो और राज करो’ के फॉर्मूले पर चलने वाली पार्टी है। कांग्रेस शासन में विकास इसलिए नहीं होता, क्योंकि वो सारा पैसा खुद ही लूट लेती है।

पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन सरकार कर्नाटक में रोड और रेल जैसे कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। इससे राज्य के साथ ही हावेरी भी विकास की नई गाथा लिखने की ओर आगे बढ़ रहा है। हावेरी में नए मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटी, मिल्क प्लांट, सिक्स लेन का चित्रदुर्गा-दावणगेरे-हावेरी हाइवे डबल इंजन सरकार की ही देन हैं। ये कार्य कांग्रेस भी अपने बरसों के शासन में कर सकती थी। लेकिन उसने इसलिए नहीं किया, क्योंकि कांग्रेस का मतलब ही करप्शन है। कांग्रेस की आदत पहले झूठा कमिटमेंट करने और फिर कमेटी का झुनझुना पकड़ाने की रही है। कर्नाटक में ये लोग बहुत सारी झूठी गारंटियां बांट रहे हैं, लेकिन इनकी पोल खुद इनकी राज्य सरकारें खोल रही हैं।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की वादाखिलाफी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव में वादा किया था कि पहली कैबिनेट बैठक में ही एक लाख युवाओं को रोजगार देंगे। कैबिनेट की पहली बैठक होने के बाद जब कांग्रेस से इस बारे में पूछा गया तो उसने कहा- कमेटी बना दी गई है। इसी तरह महिलाओं को 1500 रुपये देने की योजना का वादा कांग्रेस ने किया था। इसके लिए भी बस कमेटी बना दी गई है। कांग्रेस ने 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का झांसा भी दिया था, लेकिन 1 अप्रैल को हिमाचल के लोगों को बिजली का झटका दे दिया। सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिए। अब वहां के गरीब और मिडिल क्लास कांग्रेस से बेहद नाराज है। कांग्रेस यहां भी बिल्कुल ऐसा ही करने वाली है। इसलिए कर्नाटक के लोगों को सतर्क रहना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश दसवें नंबर पर था। लेकिन जब हमारी सरकार आई तो जिस इंग्लैंड ने ढाई सौ साल तक हमें गुलाम बनाकर रखा था, उसको पीछे छोड़ते हुए हम पांचवें नंबर पर आ गए। आज पूरी दुनिया को भारत का सामर्थ्य दिखने लगा है। अब देश को दुनिया की टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल होना है। जब अर्थव्यवस्था बढ़ेगी तो ज्यादा निवेश आएगा। जब अधिक निवेश आएगा, तो उसका लाभ कर्नाटक को भी होगा, हावेरी को भी होगा। जितना अधिक निवेश आएगा, हमारे युवा साथियों के लिए उतने ही ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे। देश को दुनिया की टॉप-3 Economies में शामिल करना हमारा संकल्प है। इसकी सिद्धि के लिए कर्नाटक का एक-एक वोट महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी ने इससे पहले बादामी में भी रैली की। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सुना है कि सिद्धारामैया जी यहां कह रहे हैं कि बीते साढ़े तीन साल में जो विकास हुआ है, वो उन्होंने कराया है। ये अपनेआप में डबल इंजन सरकार के कार्यों और योजनाओं पर मुहर है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड 85 प्रतिशत कमीशन खाने का हो, वो कभी जनता के हित में सेवाभाव से काम कर ही नहीं सकती। खुद कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने माना था कि कांग्रेस सरकार गरीब के लिए सौ अगर पैसे भेजती है, तो सिर्फ 15 पैसे ही लोगों तक पहुंचते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जिन बीमारियां को कांग्रेस ने अपने बरसों के शासन में मजबूत किया, अब बीजेपी उनका परमानेंट इलाज कर रही है। कांग्रेस के लूट के सिस्टम को बीजेपी ने आधार, मोबाइल और जनधन अकाउंट के त्रिशूल से पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इतने दशकों तक कांग्रेस की सरकार रही, उसने बरसों-बरस देश का कितना सारा पैसा लूटा है। यही कांग्रेस के काम करने का तरीका रहा है। कांग्रेस के गलत काम की वजह से ही हमारा देश इतने दशकों तक पिछड़ा रहा। बीते नौ वर्षों में बीजेपी सरकार ने 29 लाख करोड़ रुपये गरीब और मध्यम वर्ग के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किए हैं। अगर यही कांग्रेस सरकार के समय हुआ होता, तो इसमें से 24 लाख करोड़ रुपये कांग्रेस के नेता ही लूट लेते। अब यही पैसे देश के विकास में काम आ रहे हैं। बीजेपी सरकार ना सिर्फ गरीब और मध्यम वर्ग को उनके हक का पैसे दे रही है, बल्कि कई जन कल्याणकारी योजनाओं से उनके पैसे बचाने का भी प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि हमारी विरासत का एक और हिस्सा हमारा शिल्प, हस्तकला और आर्ट एंड क्राफ्ट भी है। ये देश की संपदा है, इसलिए बीजेपी सरकार ने इसके सच्चे साधकों को ईमानदारी से सम्मानित किया है। कर्नाटक के कबीर कहे जाने वाले इब्राहिम सुतार जी हों या फिर बीदरी आर्ट के लिए समर्पित कादरी जी। इनकी साधना को बीजेपी सरकार ने पद्म सम्मान दिया है। हमारे यहां पीढ़ी-दर-पीढ़ी ऐसे कुशल कारीगरों की परंपरा रही है। बागलकोटे तो पारंपरिक बुनकरों का हब है। इल्कल साड़ी और गुलेदगुड्डा खाना साड़ी देश की शान हैं। पीएम मोदी ने कहा कि स्थानीय उत्पाद सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया के बाजारों तक पहुंचे, इसके लिए बीजेपी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम पूरे देश में सात मेगा टेक्सटाइल पार्क्स बना रहे हैं, जिसमें से एक कर्नाटक के कलबुर्गी में भी बनने जा रहा है। इससे पूरे राज्य के कपास किसानों को तो लाभ होगा ही, रोजगार के भी हजारों नए अवसर सृजित होंगे।

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आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।