विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने का हमारा संकल्प बहुत स्पष्ट है: प्रधानमंत्री
हम मिलकर एक ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं, जहां किसान समृद्ध और सशक्त बनें : प्रधानमंत्री
हमने कृषि को विकास का पहला इंजन माना है, जिससे किसानों को विशिष्ट स्थान मिला है: प्रधानमंत्री
हम एक साथ दो बड़े लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं - कृषि क्षेत्र का विकास और हमारे गांवों की समृद्धि: प्रधानमंत्री
हमने बजट में 'पीएम धन धान्य कृषि योजना' की घोषणा की है, इसके तहत देश में सबसे कम कृषि उत्पादकता वाले 100 जिलों के विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा: प्रधानमंत्री
हमने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत करोड़ों गरीबों को घर दिए जा रहे हैं, स्वामित्व योजना ने संपत्ति मालिकों को 'रिकॉर्ड ऑफ राइट्स' दिया है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि एवं ग्रामीण समृद्धि पर बजट पश्चात वेबिनार को संबोधित किया। बजट पश्चात वेबिनार में भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया तथा इस बात पर प्रकाश डाला कि इस वर्ष का बजट सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है, जो नीतियों में निरंतरता तथा विकसित भारत के दृष्टिकोण का नया विस्तार दर्शाता है। उन्होंने बजट से पहले सभी हितधारकों से प्राप्त बहुमूल्य जानकारियों और सुझावों को स्वीकार किया, जो बहुत उपयोगी रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बजट को और अधिक प्रभावी बनाने में हितधारकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

श्री मोदी ने कहा, "विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हमारे संकल्प बहुत स्पष्ट हैं और हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बना रहे हैं, जहां किसान समृद्ध और सशक्त हों।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी किसान पीछे न छूटे और हर किसान को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि को विकास का पहला इंजन माना जाता है, जिससे किसानों को प्रतिष्ठित स्थान मिलता है। उन्होंने कहा, "भारत एक साथ दो प्रमुख लक्ष्यों की ओर काम कर रहा है: कृषि क्षेत्र का विकास और गांवों की समृद्धि।"

श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि छह साल पहले लागू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं और यह राशि सीधे 11 करोड़ किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 6,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस योजना का लाभ देश भर के किसानों तक पहुंचाने के लिए किसान-केन्द्रित डिजिटल बुनियादी ढांचा बनाया गया है, जिससे बिचौलियों या लीकेज की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी योजनाओं की सफलता विशेषज्ञों और दूरदर्शी व्यक्तियों के सहयोग से संभव है। उन्होंने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मदद से किसी भी योजना को पूरी ताकत और पारदर्शिता के साथ लागू किया जा सकता है। उन्होंने उनके प्रयासों की सराहना की और कहा कि सरकार अब इस वर्ष के बजट में की गई घोषणाओं को लागू करने के लिए तेजी से काम कर रही है और उनसे निरंतर सहयोग की अपेक्षा कर रही है।

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत का कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, प्रधानमंत्री ने कहा कि 10-11 साल पहले कृषि उत्पादन लगभग 265 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 330 मिलियन टन से अधिक हो गया है। इसी तरह, बागवानी उत्पादन 350 मिलियन टन से अधिक हो गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय बीज से बाजार तक सरकार के दृष्टिकोण, कृषि सुधारों, किसान सशक्तिकरण और एक मजबूत मूल्य श्रृंखला को दिया। श्री मोदी ने देश की कृषि संभावना का पूरा उपयोग करने और इससे भी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में, बजट में पीएम धन धन्य कृषि योजना की घोषणा की गई है, जिसमें 100 सबसे कम उत्पादक कृषि जिलों के विकास पर ध्यान केन्‍द्रित किया गया है। प्रधानमंत्री ने विभिन्न विकास मापदंडों पर आकांक्षी जिलों के कार्यक्रम से प्राप्‍त सकारात्मक परिणामों का उल्लेख किया, जो सहयोग, मेलमिलाप और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने सभी से इन जिलों के परिणामों का अध्ययन करने और पीएम धन धान्य कृषि योजना को आगे बढ़ाने के लिए इससे प्राप्त अनुभव और जानकारी को व्यवहार में लाने का आग्रह किया, जो इन 100 जिलों में किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हाल के वर्षों में किए गए प्रयासों से देश में दालों का उत्पादन बढ़ा है, लेकिन घरेलू खपत का 20 प्रतिशत हिस्सा अभी भी आयात पर निर्भर है, जिससे दालों के उत्पादन में वृद्धि की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने चना और मूंग के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है, लेकिन अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन में तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दालों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उन्नत बीजों की आपूर्ति बनाए रखना और संकर किस्मों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, बाजार की अनिश्चितता और कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों से निपटने पर ध्यान केन्द्रित करने की जरूरत पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले दशक में आईसीएआर ने अपने प्रजनन कार्यक्रम में आधुनिक उपकरणों और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है, और इसके परिणामस्वरूप 2014 से 2024 के बीच अनाज, तिलहन, दलहन, चारा और गन्ना सहित फसलों की 2,900 से अधिक नई किस्में विकसित की गई हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि ये नई किस्में किसानों को सस्ती दरों पर उपलब्ध हों और उनकी उपज मौसम के उतार-चढ़ाव से प्रभावित न हो। उन्होंने इस वर्ष के बजट में उच्च उपज वाले बीजों के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा का उल्लेख किया। उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रतिभागियों से इन बीजों के प्रसार पर ध्यान केन्द्रित करने और बीज श्रृंखला का हिस्सा बनकर छोटे किसानों तक पहुंचने का आग्रह किया।

श्री मोदी ने कहा कि आज लोगों में पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ रही है और इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बागवानी, डेयरी और मत्स्य उत्पादों जैसे क्षेत्रों में काफी निवेश किया गया है। उन्होंने बताया कि फलों और सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं और बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की गई है। उन्होंने सभी हितधारकों से विविध पोषण खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के नए तरीके खोजने का आग्रह किया, ताकि देश के हर कोने और वैश्विक बाजार तक उनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के 2019 में शुभारंभ को याद करते हुए, जिसका उद्देश्य मूल्य श्रृंखला, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन क्षेत्र के आधुनिकीकरण को मजबूत करना है, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल ने मत्स्य पालन क्षेत्र में उत्पादन, मछली पकड़ने के बाद प्रसंस्करण और विपणन के कार्य में सुधार किया है, जबकि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप मछली उत्पादन और निर्यात में दोगुनी वृद्धि हुई है। उन्होंने भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र और खुले समुद्र में मत्स्य पालन को निरंतर बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर किया और इस उद्देश्य के लिए एक योजना तैयार की जाएगी। श्री मोदी ने हितधारकों से इस क्षेत्र में व्यापार में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए विचारों पर मंथन करने और जल्द से जल्द उन पर काम करना शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने परम्परागत मछुआरों के हितों की रक्षा के महत्व पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है", उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत करोड़ों गरीबों को घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और स्वामित्व योजना ने संपत्ति मालिकों को 'रिकॉर्ड ऑफ राइट्स' दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक ताकत बढ़ी है और उन्हें अतिरिक्त सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से छोटे किसानों और व्यवसायों को लाभ हुआ है। 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए, जबकि प्रयासों के परिणामस्वरूप 1.25 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण समृद्धि और विकास कार्यक्रमों के लिए इस बजट में की गई घोषणाओं से रोजगार के अनेक नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि कौशल और प्रौद्योगिकी में निवेश से नए अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सभी से इस बात पर चर्चा करने का आग्रह किया कि वर्तमान योजनाओं को और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके सुझावों और योगदान से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने यह कहते हुए अपनी बात समाप्त की कि सभी की सक्रिय भागीदारी से गाँव सशक्त होंगे और ग्रामीण परिवार समृद्ध होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वेबिनार बजट की योजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा। उन्होंने बजट के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी हितधारकों से एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।

 

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प्रधानमंत्री 5 जून को सूरत और दमन के दौरे पर जाएंगे
June 04, 2026
प्रधानमंत्री सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री 8-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के प्रमुख पैकेज राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री एनएच-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार-लेन बनाने की आधारशिला रखेंगे; यह परियोजना जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाएगी
प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री दमन में नमो हवाई अड्डा का नया टर्मिनल भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए 885 करोड़ रुपये की बंदरगाह परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 5 जून, 2026 को गुजरात और दमन का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2:30 बजे, सूरत जिले के हजीरा में चल रहे औद्योगिक कार्यों और अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग 4:15 बजे, सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री दमन के लिए रवाना होंगे, जहां शाम लगभग 6:15 बजे वे दमन स्थित नामो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दमन में स्थित नामो अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। फिर सायं लगभग 7:15 बजे प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास करेंगे। वे लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

सूरत में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों में फैली 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच उच्च गति परिवहन, लॉजिस्टिक्‍स दक्षता और आर्थिक संपर्क में सुधार होगा। प्रधानमंत्री प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें जनजातीय क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए राष्‍ट्रीय राजमार्ग-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार लेन का बनाना शामिल है।

प्रधानमंत्री सूरत में 200 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो प्रमुख स्‍पेशियलिटिज में आधुनिक माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। साथ ही, यह एक केंद्रीय प्रयोगशाला और आवश्यक सहायक सेवाओं से भी सुसज्जित होगा। इसमें व्यावसायिक चोटों और चिकित्सा आपात स्थितियों के समय पर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए 24/7 आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल की सुविधा भी है। प्रधानमंत्री अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली के तहत बिजली निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए गुजरात में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार सहित महत्वपूर्ण उपयोगिता केन्‍द्रों और औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री गुजरात सरकार की कई महत्वपूर्ण पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें वलसाड में संशोधित सुधार-आधारित वितरण सेक्‍टर स्‍कीम के तहत आधुनिक बिजली वितरण उन्नयन, दहेज पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (पीसीपीआईआर) और सारिगाम गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) में उन्नत अपशिष्ट निपटान और उपचार अवसंरचना एवं जंबूसर बल्क ड्रग पार्क में आवश्यक लेआउट उपयोगिता केन्‍द्र शामिल हैं।

दमन में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवा, नागरिक उड्डयन, पर्यटन, अवसंरचना, कनेक्टिविटी और जन कल्याण सहित विभिन्न सेक्‍टरों से संबंधित हैं। इनसे दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेशों के समग्र विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री दमन में लगभग 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें नामो हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन और नामो अस्पताल शामिल हैं। नया हवाई अड्डा टर्मिनल क्षेत्रीय हवाई संपर्क को अत्‍यधिक सुदृढ़ करेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा। दमन जिले का जिला अस्पताल नामो अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,500 ओपीडी रोगियों की देखभाल के लिए विकसित किया गया है। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

प्रधानमंत्री लगभग 1,630 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रमुख परियोजनाओं में आइकॉनिक ब्रिज, दमन कन्वेंशन सेंटर और दमन स्थित एनआईएफटी परिसर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं में कलपेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय घाटों के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों के लिए साल भर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित एवं कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी। साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ आपूर्ति और नाव मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहल समुद्री कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।