आज भारत की छवि एक ऐसे देश की है जो बिना किसी डर या दबाव के अपने हितों के लिए मजबूती से खड़ा है: #SthapnaDiwas पर पीएम मोदी
भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देश के सपनों का प्रतिनिधि है, देश के संकल्पों का प्रतिनिधि है : पीएम मोदी
'परिवारवादी' पार्टियों ने देश के युवाओं को कभी आगे नहीं बढ़ने दिया: #SthapnaDiwas पर पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर करोड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा “आज नवरात्रि की पंचमी तिथि है इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। स्कंदमाता, कमल के आसन पर विराजमान हैं और उनके दोनों हाथों में कमल का फूल है। मेरी प्रार्थना है कि मां स्कंदमाता का आशीर्वाद देशवासियों पर, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कर्मठ कार्यकर्ता पर हमेशा बना रहे।” इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी, राजमाता सिंधिया जी, कुशाभाऊ ठाकरे जी और सुंदर सिंह भंडारी जी जैसी जिन महान विभूतियों ने जनसंघ से लेकर भाजपा तक के निर्माण में खुद को खपा दिया, उन सबको नमन किया।

पार्टी के 42वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार का स्थापना दिवस तीन वजहों से बहुत महत्वपूर्ण है। पहला यह कि हम देश की आजादी के 75वें वर्ष पर अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये प्रेरणा का बहुत बड़ा अवसर है। दूसरा यह कि, तेजी से बदलती हुई वैश्विक परिस्थितियों में भारत के लिए लगातार नई संभावनाएं बन रही हैं। तीसरा कारण भी उतना ही अहम है। कुछ सप्ताह पहले जहां चार राज्यों में भाजपा की डबल इंजन की सरकारें वापस लौटी हैं। वहीं तीन दशकों के बाद राज्यसभा में किसी पार्टी के सदस्यों की संख्या 100 तक पहुंची है। यानि वैश्विक दृष्टिकोण से देखें या राष्ट्रीय दृष्टिकोण से, भाजपा का दायित्व लगातार बढ़ रहा है। इसलिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देश के सपनों और संकल्पों का प्रतिनिधि है। इस अमृतकाल में भारत की सोच आत्मनिर्भरता की है, लोकल को ग्लोबल बनाने की है, सामाजिक न्याय की है, समरसता की है। एक विचार बीज के रूप में इन्हीं संकल्पों को लेकर हमारी पार्टी की स्थापना हुई थी। इसलिए ये अमृतकाल भाजपा के हर एक कार्यकर्ता के लिए ‘कर्तव्यकाल’ है।


पीएम मोदी ने विश्व में देश की बढ़ती अहमियत के बारे में बताते हुए कहा कि आज दुनिया के सामने एक ऐसा भारत है जो बिना किसी डर या दबाव के अपने हितों के लिए अडिग रहता है। जब पूरी दुनिया दो विरोधी ध्रुवों में बंटी हो, तब भारत को एक ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा है जो दृढ़ता के साथ मानवता की बात कर सकता है। आज देश के पास नीतियां भी हैं, नियत भी है, निर्णयशक्ति भी है, और निश्चयशक्ति भी। इसीलिए, आज हम जो लक्ष्य तय कर रहे हैं, उन्हें पूरा भी कर रहे हैं। बीते वर्षों में देश ने ये देखा कि किस तरह अपने नागरिकों का जीवन आसान बनाना भाजपा की डबल इंजन सरकारों की प्राथमिकता रही है। आज़ादी के इस अमृत काल में हमने सैचुरेशन यानि जनकल्याण की हर योजना को शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचाने का जो संकल्प लिया है, ये संकल्प अपने-आप में बहुत विराट है। हमारा ये सेवा भाव अभियान, सोशल जस्टिस, सामाजिक न्याय का बहुत बड़ा माध्यम है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान भाजपा सरकार द्वारा गरीबों और वंचितों के लिए किए जा रहे जनकल्याण के काम के बारे में कहा “आज देश में ऐसी सरकार है जिसकी वैचारिक निष्ठा अंत्योदय में है। गरीबों, दलितों, पिछड़ों, महिलाओं के हितों के लिए, उनके उत्थान के लिए काम करना, ये हमारी पार्टी के मूल संस्कार हैं। इसलिए आज दलितों, पिछड़ों, किसानों, नौजवानों के साथ ही जिस तरह महिलाएं भाजपा के पक्ष में मजबूती से खड़ी हुई हैं, वो अपने-आप में एक नए युग की ताकत का प्रतिबिंब है। पिछले कई चुनावों में हमने लगातार देखा है, भाजपा का विजय तिलक करने के लिए सबसे आगे हमारी माताएं-बहनें आती हैं। ये केवल एक चुनावी घटना भर नहीं है। ये एक ऐसा सामाजिक और राष्ट्रीय जागरण है जिसका इतिहास में विश्लेषण किया जाएगा।”

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीति और राष्ट्रनीति साथ-साथ चलती हैं। लेकिन ये भी सच्चाई है कि अभी भी देश में दो तरह की राजनीति चल रही है। एक राजनीति है परिवारभक्ति की, और दूसरी है राष्ट्रभक्ति की। लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने वाली ये पार्टियां, संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं को भी कुछ नहीं समझतीं। ऐसी पार्टियों के अन्याय, अत्याचार और हिंसा के खिलाफ आज भी हमारे कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लड़ रहे हैं। उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया कि भाजपा, ऐसे राज्यों में लोकतांत्रिक मूल्यों की फिर से स्थापना के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। ये महा-संघर्ष तब तक चलेगा, जब तक लोकतंत्र विरोधी ताकतों को हम परास्त नहीं कर देते।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Cotton duty relief: Textile industry welcomes import tax waiver, sees boost for exports and MSMEs

Media Coverage

Cotton duty relief: Textile industry welcomes import tax waiver, sees boost for exports and MSMEs
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister pays tribute to Lokmata Ahilyabai Holkar on her birth anniversary
May 31, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has paid tributes to Lokmata Ahilyabai Holkar on her birth anniversary.

Shri Modi said that the entire nation remembers Lokmata Ahilyabai Holkar with deep respect and reverence for her wisdom, compassion and unwavering commitment to public welfare.

The Prime Minister noted that her life remains an exemplary model of good governance, patriotism and cultural pride. He said that she always led with courage and a strong sense of duty.

The Prime Minister highlighted her unparalleled contribution to ensuring justice and welfare for all, as well as her efforts towards the reconstruction of sacred temples and pilgrimage sites across the country. He remarked that her work further strengthened India’s cultural consciousness.

The Prime Minister stated that Lokmata Ahilyabai Holkar’s dedication to society, culture and nation-building will continue to inspire every generation of the country.

The Prime Minister wrote on X;

“लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन! बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति अटूट निष्ठा को लेकर पूरा देश उन्हें आदर और सम्मान के साथ स्मरण करता है। उनका जीवन सुशासन, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सदैव साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नेतृत्व किया। देशभर में पावन मंदिरों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण से लेकर सभी के लिए न्याय और कल्याण सुनिश्चित करने में उन्होंने अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक चेतना को और सशक्त बनाया। समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण भाव देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।”