टियर 2 और टियर 3 शहर अब आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहे हैं, हमें उन क्षेत्रों में इंडस्ट्री कलस्टर के विकास पर ध्यान देना चाहिए: पीएम मोदी
छोटे विक्रेताओं को डिजिटल पेंमेंट सिस्टम के उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना होगा इसे सुनिश्चित करने के लिए मेयरों को पहल करनी चाहिए: पीएम मोदी
2014 तक हमारे देश में मेट्रो नेटवर्क 250 किमी से भी कम लंबा था। आज देश में मेट्रो नेटवर्क 775 किमी से अधिक है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात की राजधानी गांधीनगर में आयोजित भाजपा शासित महापौर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृतकाल में अगले 25 साल को लेकर भारत के शहरी विकास का रोड मैप बनाने के लिए इस सम्मेलन को अहम बताया। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए जनता-जनार्दन ने भाजपा पर जो विश्वास जताया है उसे सतत बनाए रखना हम सबका दायित्व है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान संघ के समय से लेकर सरदार बल्लवभाई पटेल की नगरपालिका में भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिक का संबंध अगर सरकार नाम की किसी व्यवस्था से सबसे पहले होता है तो वह पंचायत, नगर पंचायत, नगरपालिका और महानगरपालिका ही है। जिसके आप लोग पहले प्रतिनिधि हैं। आप जिस अहमदाबाद शहर में बैठे हैं, कभी बल्लवभाई पटेल अहमदाबाद म्यूनिसिपैलिटी के मेयर के रूप में अहमदाबाद का नेतृत्व किया था। और यहीं से देश के उप प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे थे। म्यूनिसिपैलिटी में किए उनके कार्य आज भी बहुत ही सम्मान के साथ याद किया जाता है। आपको भी अपने शहरों को उसी स्तर पर ले जाना है, ताकि याद किया जा सके कि जब हमारे शहर में भाजपा जीतकर आई थी तब इतने सारे काम एक साथ हुए थे। भाजपा के लोग जब सत्ता में आए थे, तब इतना बड़ा परिवर्तन हुआ था। ये लोगों के मानस में स्थिर होना चाहिए।

पीएम मोदी ने विकास के मॉडल पर चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा ने जो सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की वैचारिक परिपाटी अपनाई है, वही हमारे शासन के गवर्नेंस के मॉडल, डेवलपमेंट के मॉडल हैंं और ये हमारे शहरी विकास में भी झलकते हैं। उन्होंने कहा कि जब विकास, मानव केंद्रित होता है, जब जीवन को आसान बनाना होता, Ease of Living सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है, तो सार्थक परिणाम ज़रूर मिलते हैं। अर्बन ट्रांसपोर्ट की बात करें तो गुजरात ने सबसे पहले B.R.T.S. का प्रयोग प्रारंभ किया। आज App Based Cabs हिंदुस्तान में कॉमन हो गई है। लेकिन गुजरात में बहुत साल पहले इनोवेटिव रिक्शा सर्विस, G-Autos की शुरुआत हुई थी। खास बात यह है कि ये इनोवेशन किसी और ने नहीं, बल्कि हमारे ऑटो ड्राइवर्स की टीम ने ही किया था।

पीएम मोदी ने अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर पर बल देते हुए कहा, “आज़ादी के अमृतकाल में भारत अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। 2014 तक हमारे देश में मेट्रो नेटवर्क ढाई सौ किलोमीटर से भी कम का था। आज देश में मेट्रो नेटवर्क 775 किलोमीटर से भी ज्यादा हो चुका है। एक हजार किलोमीटर के नए मेट्रो रूट पर काम चल रहा है। हमारा प्रयास है कि हमारे शहर होलिस्टिक लाइफ स्टाइल का भी केंद्र बनें। आज सौ से अधिक शहरों में स्मार्ट सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इस अभियान के तहत अभी तक देशभर में 75 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पूरे किए जा चुके हैं। ये वो शहर हैं, जो भविष्य में अर्बन प्लानिंग के लाइटहाउस बनने वाले हैं।“

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें याद है कि किस प्रकार उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में शहरी निकायों के साथ मिलकर झुग्गी में रहने वाले साथियों के लिए बेहतर आवास बनाने का अभियान शुरू किया था। इसके तहत गुजरात में हजारों घर शहरी गरीबों को, झुग्गी में बसने वाले परिवारों को पक्के मकान देने का बडा अभियान चला था। इसी भाव के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पूरे देश में करीब सवा करोड़ घर स्वीकृत किए गए हैं। पिछले 8 वर्षों में इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मेयर्स कॉन्क्लेव में आप सभी से मेरा आग्रह है कि अपने-अपने शहरों में इस अभियान को गति दें, इससे जुड़े कार्य तेजी से पूरे कराएं और क्वालिटी से कंप्रोमाइज न करें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधियों के काम के प्रति सोच को लेकर कहा कि जनप्रतिनिधियों की सोच सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए। क्योंकि चुनाव केंद्रित सोच से हम शहर का भला नहीं कर सकते। कई बार शहर के लिए फैसला बेहतर होते हुए भी इस डर से नहीं किया जाता कि कहीं चुनावी नुकसान ना हो जाए। उन्होंने कहा, “जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो 2005 में Urban Development Year मनाने का कार्यक्रम बनाया। इसके तहत उसमें सबसे अहम मुद्दा था Encroachment को हटाना। जब Encroachment हटाना शुरू हुआ तो गुजरात के भाजपा नेता मिलने आए। उनका कहना था कि अभी कॉरपोरेशन और पंचायत चुनाव होने वाले हैं और आपने ऐसा कार्यक्रम शुरू कर दिया है, जिससे नुकसान होना तय है। लेकिन मैंने कहा कि इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में बदलाव नहीं होगा। अब हमें लोगों को समझाना होगा, लोगों का विश्वास बढ़ाना होगा। हम सब जानते हैं कि Encroachment को हटाते समय जिसका नुकसान होता है, उसे गुस्सा आता है, नाराजगी भी होती है। लेकिन मेरा अनुभव दूसरा रहा, जब हमने ईमानदारी से प्रयास शुरू किया तो लोग स्वंय आगे आए और खुद अपना अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। रोड खुल गए, रोड चौ़ड़े बनने लग गए, क्योंकि उनको विश्वास हो गया कि यहां पर कोई भाई-भतीजावाद नही है। मेरा-तेरा नहीं है। एक कतार में जो भी है सबका हटाया जा रहा है। तो लोगों ने मदद की, अतिक्रमण हटा। रास्ते चौड़े हो गए। कहने का तात्पर्य ये है कि अगर हम सही काम करते हैं, जनहित में करते हैं तो लोगों का साथ मिलता है। जब जनता को ईमानदारी दिखती है, बिना भेदभाव के अमल दिखता है, तब लोग स्वयं आगे बढ़कर के साथ देते हैं।

प्रधानमंत्री ने अर्बनाइजेशन के प्लानिंग पर जोर देते हुए कहा कि आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण सेंटर्स के रूप में शहरों की प्लानिंग पर हमें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हम चाहें या न चाहें अर्बनाइजेशन होते ही रहने वाला है। शहरों पर दबाव बढ़ने वाला है, शहरों की जनसंख्या बढ़ने वाली है, शहरों की जिम्मेदारी बढ़ने वाली है। और ये भी सच्चाई है कि आर्थिक गतिविधि का केंद्र शहर में बहुत तेज गति से आगे बढ़ता है। इसलिए अगर हम मेयर हैं तो मेरा शहर आर्थिक रूप से समृद्ध हो, किसी विशेष प्रोडक्ट के लिए जाना जाए, टूरिज्म का केंद्र बने और हमारे शहर की अलग पहचान बने। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में अर्बन प्लानिंग पर बहुत अधिक बल दिया गया है। शहरों की प्लानिंग का विकेंद्रीकरण होना चाहिए। अब राज्यों के स्तर पर भी शहरों की प्लानिंग होनी चाहिए। सबकुछ दिल्ली से नहीं हो सकता है। देश में ऐसे अनेक सैटेलाइट टॉउन हैं, जो बड़े शहरों के नजदीक विकसित हो रहे हैं और योजनाबद्ध तरीके से उसे डेवलप करना ही चाहिए, ताकि शहरों पर दबाव कम हो सके।

अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा के मेयर का कार्य भाजपा शासित निकायों का कामकाज अलग से नजर आना चाहिए। ये मेरी अपेक्षा के साथ आपका भी संकल्प होना चाहिए। ग्लोबल वार्मिंग की चर्चाएं बहुत होती है, पर्यावरण की चर्चाएं होती है, कभी नगरपालिका की रेवेन्यू की चर्चा होती है। हमें आर्थिक दृष्टि से भी और समाज हित में भी प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हमारे एजेंडा में होना चाहिए। हमे वेस्टफुल एक्सपेंडिचर के पक्ष में नहीं होना चाहिए। जितना ज्यादा इस प्रकार से काम होगा, आप देखिए बहुत बड़ा बदलाव आएगा।

मुझे विश्वास है कि हमारे सारे मेयर जो यहां पर जुटे हुए हैं, जब यहां से जाएंगे तो एक नई ऊर्जा और ऩया विश्वास लेकर के जाएंगे, बहुत कुछ सीखकर के जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने संपर्क जीवंत बनाने चाहिए। हमें पक्का विश्वास है कि हम सब मिलकर के देश का विकास करेंगे, अपने शहर का विकास करेंगे और जीवन में संतोष की अनुभूति करेंगे।

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Prime Minister condoles loss of lives in a mishap in Surat, Gujarat
June 02, 2026
PM announces ex-gratia from PMNRF

Prime Minister Shri Narendra Modi today expressed deep pain over the tragic mishap in Surat district, Gujarat. He extended his heartfelt condolences to those who have lost their loved ones and prayed for the earliest recovery of the injured. The Prime Minister noted that rescue operations are underway and authorities are providing all possible assistance at the accident site.

The Prime Minister has announced an ex-gratia of Rs. 2 lakh from the Prime Minister’s National Relief Fund (PMNRF) for the next of kin of each deceased. Shri Modi also noted that Rs. 50,000 would be provided to those who sustained injuries in the incident.

The Prime Minister posted on X:

"Deeply pained to hear about a mishap in Surat district, Gujarat. My condolences to those who have lost their loved ones. May the injured recover at the earliest. Rescue operations are underway and authorities are providing all possible assistance at the accident site.

An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM"