प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सूरत एयरपोर्ट पर एक सभा को संबोधित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव पर सूरत में रहने वाले बिहार के मेरे भाई बहनों की भी नजर थी। मैंने देखा है कि बिहार के लोगों को राजनीति समझानी नहीं पड़ती है। वह दुनिया को राजनीति समझाने की ताकत रखते हैं। इस चुनाव में एनडीए गठबंधन को महाविजय मिली है और महागठबंधन पराजित हुआ है। पीएम मोदी ने याद करते हुए कहा कि बिहार के 100 साल का जश्न आन-बान-शान के साथ गुजरात में भी मनाया गया था। इतना ही नहीं, तब हमने बिहार के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में राज्य की विकास यात्रा में योगदान करने वाले 100 लोगों को सूरत में बुलाकर उनका सार्वजनिक सम्मान किया। क्योंकि बिहार की टैलेंट, बिहार के सामर्थ्य और उसकी ताकत को हम भली-भांति पहले से जानते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में एनडीए को ऐतिहासिक विजय मिली है। ऐसे समय में अगर हम सूरत से निकल रहे हों और बिहार के लोगों से मिले बिना जाएं तो लगता है यह यात्रा अधूरी रह गई। इसलिए गुजरात और खासकर सूरत में रहने वाले बिहार के मेरे भाई-बहनों का हक बनता है और मेरी स्वाभाविक जिम्मेवारी भी बनती है कि आप लोगों के बीच आकर इस विजयोत्सव का मैं भी हिस्सा बनूं। पीएम ने कहा कि जब गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में आपने मुझे काम दिया था, तब भी हमारा एक मंत्र था कि भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास। हमारी मूलभूत सोच रही है, हमारा देश यानी नेशन फर्स्ट। इसलिए काम भले गुजरात में करते थे, लेकिन गुजरात का विकास भी भारत के विकास के लिए करते थे। हमारे लिए हिंदुस्तान का हर भाषा-भाषी नागरिक पूजनीय और वंदनीय है।

कोविड के दौर को याद करते हुए पीएम ने कहा कि कोरोनाकाल के समय जब देशभर से हमारे श्रमिक भाई-बहन मुसीबत में थे। लॉकडाउन के चलते पैदल चल-चल के अपने वतन की ओर जा रहे थे। कोरोना फैलने के डर से ट्रेन में लोगों को ले जाना भी चिंता का विषय था। तब मुझे एक बार वीडियो कॉन्फ्रेंस से बिहार के लोगों से बात करने का मौका मिला। उन्होंने मुझे बताया वो मेरे लिए बड़ा सुखद था। वे लंबे समय तक पैदल चले। व्हीकल मिला तो ठीक, नहीं तो फिर पैदल गए। कुछ लोगों ने वहां जाकर इस समय का उपयोग करके कोई न कोई व्यवसाय शुरू किया। जब मेरी उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात हुई तो मैं हैरान था कि इतने कम समय में उन्होंने इतनी प्रगति कर ली। उन्होंने कहा कि कोविड हमारे लिए तो अवसर बन गया। अब हम तो किसी राज्य में वापस नहीं जाएंगे। हम तो यही रहेंगे। यह बिहार के लोगों की ताकत है। वही बिहार आज दुनियाभर में छाया हुआ है।

बिहार की जनता की चुनाव में भूमिका पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि बिहार अब विकास में नई ऊंचाई को प्राप्त करने का मिजाज दिखा रहा है। राज्य की माताएं-बहनें और बिहार के नौजवानों ने मिलकर महिला-युवा एक ऐसा MY (माय) कॉम्बिनेशन बनाया है, जिसने आने वाले अनेक दशकों की राजनीति की नींव मजबूत कर दी है। राजनीति पर विवेचना करने वालों को यह जानने में कई महीने लगने वाले हैं कि बिहार के चुनाव नतीजों का क्या-क्या प्रभाव होने वाला है? पीएम ने कहा कि पिछले दो साल से बिहार में ये जमानती नेता राज्यभर में जा-जाकर जातिवाद का भाषण देते रहे। उनमें जितनी ताकत थी, उन्होंने जातिवाद का जहर फैलाने की कोशिश की। बिहार की जनता ने इस चुनाव में जातिवाद के जहर को पूरी तरह से नकार दिया। यह देश के लिए बहुत ही उज्ज्वल संकेत है।
देश में गैरकानूनी तरीके से जमीनों पर कब्जा करने का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि बिहार के अंदर गैरकानूनी तरीके से जमीन पर कब्जा करके, मकानों पर कब्जा करके वक्फ संपत्ति बना दिया जाता था। हमने देखा कि तमिलनाडु में हजार साल पुराने गांव के गांव वक्फ प्रॉपर्टी बना दिए गए। देशभर में इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए हमने पार्लियामेंट में वक्फ को लेकर कानून पास किया। बिहार के इस चुनाव में ये जमानती नामदार और उनके साथी सार्वजनिक रूप से वक्फ कानून को फाड़ देते थे और कहते थे कि हम जीत करके आएंगे तो वक्फ कानून को लागू नहीं होने देंगे। बिहार के लोगों ने इस सांप्रदायिक जहर को विकास की राह पर चलते हुए पूरी तरह नकार दिया है। यहां तक कि दलित समुदाय के प्रभाव क्षेत्र वाली 38 सीटों में से 34 सीटें एनडीए जीत गया। दलित समाज ने महागठबंधन को ठुकरा दिया।
कांग्रेस पर प्रहार करते हुए पीएम ने कहा कि देश मुस्लिम लीगी-माओवादी कांग्रेस यानी एमएमसी अस्वीकार कर चुका है। कांग्रेस पार्टी में जो राष्ट्रीय विचारों से पले-बढ़े लोग हैं। जिन्होंने इंदिरा-राजीव गांधी के नेतृत्व में काम किया है। इस पार्टी का ऐसा बहुत बड़ा वर्ग कांग्रेस के नामदार की हरकतों से आज दुखी है। वह कहते हैं कि कांग्रेस को कोई बचा नहीं सकता है। एक-दो दशक में 50-60 साल तक एकछत्र राज करने वाले लोग इस प्रकार से खत्म हो जाएं, ये साफ-साफ उनके लिए आत्मनिरीक्षण का विषय है। ये अपनी पार्टी को भी पराजय के कारण समझा नहीं पा रहे हैं और इसलिए सरल रास्ता ढूंढ लिया है। कभी ईवीएम हरा देता है तो कभी इलेक्शन कमीशन को दोष देते हैं। अब कह रहे हैं कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण हरा रहा है। लगातार बहानेबाजी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि ऐसी स्थिति में हमारी जिम्मेवारी और बढ़ जाती है। हमें बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। हमें विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करके रहना है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की प्राथमिकता देश नहीं है। जिनकी सोच ही युवाओं के उत्कर्ष की नहीं है, उनको युवा कभी स्वीकार नहीं कर सकता। इसलिए बिहार चुनाव के नतीजे हिंदुस्तान की राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। लोकसभा के चुनाव के बाद जितने राज्यों में चुनाव हुए हैं, सब जगह पर इंडी गठबंधन की हालत खराब है। पांच-छह राज्यों के चुनाव में कांग्रेस को जो कुल एमएलए मिले हैं, उससे ज्यादा कल हमें अकेले बिहार में एमएलए मिले हैं। हर विजय जिम्मेवारी के साथ-साथ हमें देश के लिए और ज्यादा करने की प्रेरणा देती है। हर विजय जनसामान्य के साथ जुड़ने की हमें प्रेरणा देती है। हमें इसी मंत्र को लेकर चलना है।


