क्रम सं.

समझौते/एमओयू/आशय पत्र

उद्देश्य

1.

भारत सरकार के गुजरात राज्य और संयुक्त अरब अमीरात के निवेश मंत्रालय के बीच धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र के विकास हेतु निवेश सहयोग पर आशय पत्र (एलओई)

 

इसका उद्देश्य गुजरात के धोलेरा में स्थित विशेष निवेश क्षेत्र के विकास के लिए यूएई की साझेदारी के साथ निवेश सहयोग को आगे बढ़ाना है। प्रस्तावित साझेदारी के अंतर्गत प्रमुख रणनीतिक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल होगा, जैसे-अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पायलट प्रशिक्षण विद्यालय, मेंटेनेंस-रिपेयर-ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा, ग्रीनफील्ड बंदरगाह, स्मार्ट शहरी टाउनशिप, रेलवे कनेक्टिविटी और ऊर्जा अवसंरचना।

2.

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) और संयुक्त अरब अमीरात की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच अंतरिक्ष उद्योग विकास एवं वाणिज्यिक सहयोग हेतु संयुक्त पहल पर आशय पत्र

भारत-यूएई साझेदारी के तहत अंतरिक्ष क्षेत्र और उसके व्यावसायीकरण के लिए संयुक्त अवसंरचना विकसित करना, जिसमें लॉन्च कॉम्प्लेक्स, विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र, अंतरिक्ष स्टार्ट-अप्स के लिए इनक्यूबेशन सेंटर और एक्सेलेरेटर, प्रशिक्षण संस्थान तथा विनिमय कार्यक्रम शामिल हैं।

3.

भारत गणराज्य और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर आशय पत्र

रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढांचा समझौता स्थापित करने तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग, रक्षा नवाचार एवं उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण, शिक्षा व सिद्धांत, विशेष अभियान व इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर स्पेस और आतंकवाद-रोधी प्रयासों सहित कई क्षेत्रों में रक्षा सहयोग का विस्तार करना।

4.

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी गैस के बीच बिक्री एवं खरीद समझौता (एसपीए)

इस दीर्घकालिक समझौते के तहत वर्ष 2028 से शुरू होकर 10 वर्षों की अवधि के लिए एचपीसीएल द्वारा एडीएनओसी गैस से 0.5 एमएमटीपीए एलएनजी की खरीद की जाएगी।

5.

भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत एपीडा (APEDA) और यूएई के जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण मंत्रालय के बीच खाद्य सुरक्षा एवं तकनीकी आवश्यकताओं पर समझौता ज्ञापन

यह एमओयू व्यापार को सुगम बनाने, खाद्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने तथा भारत से यूएई को चावल, खाद्य उत्पादों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों को निर्धारित करता है। इससे भारत के किसानों को लाभ होगा और यूएई की खाद्य सुरक्षा में योगदान मिलेगा।

 

घोषणाएं

उद्देश्य

6.

भारत में सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर की स्थापना

सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी है कि भारत की सी -डीएसी और यूएई की G-42 कंपनी भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए सहयोग करेंगी। यह पहल एआई इंडिया मिशन का हिस्सा होगी और इसके स्थापित होने के बाद यह सुविधा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र को अनुसंधान, अनुप्रयोग विकास और व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगी।

7.

2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक दोगुना करना

दोनों पक्षों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक करने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही एमएसएमई उद्योगों को जोड़ने और भारत मार्ट, वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर तथा भारत-अफ्रीका सेतु जैसी पहलों के माध्यम से नए बाज़ारों को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।

8.

द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग को बढ़ावा देना

शांति अधिनियम 2025 (भारत में परमाणु ऊर्जा के सतत उपयोग और उन्नति हेतु) से उत्पन्न नए अवसरों का लाभ उठाते हुए उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों में साझेदारी विकसित करने पर सहमति बनी। इसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) का विकास व तैनाती, उन्नत रिएक्टर प्रणालियाँ, परमाणु बिजली संयंत्रों का संचालन-रखरखाव तथा परमाणु सुरक्षा में सहयोग शामिल है।

9.

गुजरात की गिफ्ट सिटी में यूएई कंपनियों—फर्स्ट अबू धाबी बैंक (एफएबी ) और डीपी वर्ल्ड-के कार्यालय एवं संचालन की स्थापना

फर्स्ट अबू धाबी बैंक गिफ्ट सिटी में अपनी शाखा स्थापित करेगा, जिससे व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। डीपी वर्ल्ड गिफ्ट सिटी से अपने वैश्विक संचालन हेतु जहाजों के लीज़िंग सहित अन्य गतिविधियाँ संचालित करेगा।

10.

‘डिजिटल/डेटा एंबेसी’ की स्थापना की संभावना का पता लगाना

दोनों देशों ने पारस्परिक रूप से मान्यता प्राप्त संप्रभुता व्यवस्थाओं के तहत डिजिटल एंबेसी स्थापित करने की संभावना पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की।

11.

अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ की स्थापना

सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी है कि भारत और यूएई एक प्रमुख परियोजना के तहत अबू धाबी में भारतीय कला, विरासत और पुरातत्व के संग्रहालय सहित एक सांस्कृतिक परिसर स्थापित करने हेतु सहयोग करेंगे।

12.

युवा आदान-प्रदान को बढ़ावा देना

दोनों देशों के युवाओं के बीच गहन समझ, शैक्षणिक व अनुसंधान सहयोग तथा सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए युवा प्रतिनिधिमंडलों के पारस्परिक दौरे आयोजित करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी।

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Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam, highlighting determination, perseverance, and continuous effort in overcoming life's challenges
August 13, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today, highlighting the power of determination, perseverance, and courage in overcoming life's challenges and turning adverse circumstances into favorable ones.

The Prime Minister wrote on X;

"दैवं पुरुषकारेण यः समर्थः प्रबाधितुम्।

न दैवेन विपन्नार्थः पुरुषः सोऽवसीदति॥"

A person who possesses the determination, perseverance and courage to turn adverse circumstances into favorable ones is never defeated by the challenges of life. Instead, through continuous effort and unwavering resolve, he moves forward and ultimately achieves success.